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बहुत खुशी से रेपिस्ट को गोली मार दूं या फांसी चढ़ा दूं, लेकिन संविधान इजाज़त नहीं देता : बस्सी

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बहुत खुशी से रेपिस्ट को गोली मार दूं या फांसी चढ़ा दूं, लेकिन संविधान इजाज़त नहीं देता : बस्सी
नई दिल्ली: लगता है, दिल्ली पुलिस आयुक्त विवादों से दूर रहने की कोई भी कोशिश कतई नहीं करते। सोमवार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी ने ऐलान किया, "अगर भारत का संविधान हमें इजाज़त दे, तो महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को गोली मारकर या फांसी पर लटकाकर हमें बेहद खुशी होगी..."

एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान 59-वर्षीय पुलिस चीफ ने उत्तेजित स्वर में कहा, "कुछ 150-200 मर्द ऐसे होते हैं, जो महिलाओं को सिर्फ उसी नज़रिये से देखते हैं, जैसे वे उन्हें किसी ब्लू फिल्म (पोर्न फिल्म) में देख रहे हों... इसी वजह से वे एक दो महीने की बच्ची या 80 साल की वृद्धा को भी अपने शिकार के तौर पर देखते हैं..."

इसके अलावा दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के साथ लगातार विवादों में घिरे रहने वाले पुलिस कमिश्नर ने एक और विवाद को हवा देते हुए कहा, "यह दिल्ली पुलिस की खुशकिस्मती है कि वह दिल्ली सरकार के तहत काम नहीं करती..."

इस बयान के बारे में विस्तार से समझाते हुए बीएस बस्सी ने कहा, "क्योंकि एक प्रधानमंत्री का दिल्ली में कोई हित नहीं होता, एक गृहमंत्री का भी दिल्ली में कोई हित नहीं होता, लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री के स्थानीय हित ज़रूर होते हैं... इसी कारण अच्छा है कि दिल्ली पुलिस राजनैतिक जबाव में नहीं आती, जबकि बाकी जगहों पर ऐसा मुमकिन है... सो, दिल्ली के लोग शत प्रतिशत भाग्यशाली हैं कि दिल्ली पुलिस दबाव में काम नहीं करती..."

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करती है, और राज्य की पुलिस पर नियंत्रण के मसले को लेकर केंद्र तथा राज्य सरकार के बीच लंबे अरसे से विवाद चले आ रहे हैं। मौजूदा व्यवस्था के हिमायती दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी का कई बार दिल्ली के मौजूदा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से अलग-अलग मुद्दों को लेकर टकराव हुआ है, जिनके प्रशासन का आरोप है कि दिल्ली पुलिस बार-बार सिर्फ केंद्र सरकार को खुश करने के लिए उनकी सरकार को नीचा दिखाने की कोशिश करती है।

अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने बार-बार दिल्ली पुलिस पर कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है, जिसके बाद एक बार तो बीएस बस्सी ने मुख्यमंत्री को सार्वजनिक बहस की चुनौती तक दे डाली थी।

सोमवार को बीएस बस्सी ने कहा कि उनके विभाग ने ट्रैफिक पुलिस के 1,000 सिपाहियों को हथियारबंद करने का फैसला किया है, लेकिन उन्होंने इस फैसले के पीछे के कारणों का खुलासा नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि कर्मियों की कमी की समस्या से जूझ रही ट्रैफिक पुलिस के पास अगले साल से हेलीकॉप्टर भी होंगे, ताकि दिल्ली की सड़कों पर व्यवस्था बनाए रखने में सहायता मिल सके।


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