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बेटी की गवाही पर मां और उसके लिव-इन पाटर्नर को आजीवन कारावास की सजा

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बेटी की गवाही पर मां और उसके लिव-इन पाटर्नर को आजीवन कारावास की सजा

2008 में पुलिस ने बवाना में एक घर से एक बक्से में सतिंदर का शव बरामद किया था, उसी मामले की सुनवाई थी (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने एक व्यक्ति की हत्या करने के मामले में एक महिला और उसके लिव-इन पार्टनर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. महिला और पीड़ित व्यक्ति के बीच पहले संबंध था.

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीके बंसल ने दिल्ली के निवासी मधु और वीरेन्द्र दोनों को जेल की सजा सुनाते हुए कहा कि व्यक्ति की हत्या करने के लिए उनके पास पर्याप्त मकसद था. अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष की गवाह कोई और नहीं बल्कि आरोपी महिला की बेटी है और यह तथ्य भी है कि मधु और मृतक सतिंदर के बीच दुश्मनी थी क्योंकि वह उसकी बेटी को बुरी नजर से देखता था ऐसे में उसके और वीरेन्द्र के पास उसे रास्ते से हटाने का मजबूत मकसद था.

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, सितंबर 2008 में पुलिस ने उत्तर पूवी दिल्ली के बवाना में एक घर से एक बक्से में 35 वर्षीय सतिंदर का शव बरामद किया था. जांच के दौरान यह पाया गया कि यह घर 42 वर्षीय मधु और 38 वर्षीय वीरेन्द्र का था. सतिंदर वहां पर एक रात पहले आया था और कहासुनी के बाद उसने उसका गला दबा दिया गया.

पुलिस ने बताया कि मधु शादीशुदा थी लेकिन वह अपनी बेटी को लेकर सतिंदर के साथ रहने लगी थी. लेकिन जब सतिंदर ने उसकी बेटी का उत्पीड़न करने की कोशिश की तो मधु ने उसे छोड़ दिया. पुलिस ने बताया कि इसके बाद महिला वीरेन्द्र के साथ रहने लगी लेकिन सतीन्द्र उसके पास आता-जाता था. 10-11 सितंबर 2008 के दरम्यानी रात सतिंदर ने एक बार फिर लड़की के साथ छेड़छाड़ का प्रयास किया जिसके बाद दोनो आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी. सुनवाई के दौरान दोनों ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का खडंन किया और खुद को निर्दोष बताया.

(इनपुट भाषा से)

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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