यह ख़बर 22 मई, 2014 को प्रकाशित हुई थी

मिलिंद देवड़ा, प्रिया दत्त ने 'टीम राहुल' के खिलाफ बुलंद किए आलोचना के सुर!

मिलिंद देवड़ा, प्रिया दत्त ने 'टीम राहुल' के खिलाफ बुलंद किए आलोचना के सुर!

नई दिल्ली:

लोकसभा चुनाव 2014 में कांग्रेस को मिली भारी पराजय के मद्देनजर 'टीम राहुल' पर परोक्ष हमले में कांग्रेस नेताओं ने गुरुवार को कहा कि पार्टी को कठोरता से 'आत्मनिरीक्षण' करना चाहिए, और सिर्फ उन्हीं लोगों को नेतृत्व वाली भूमिका सौंपी जानी चाहिए, जिन्हें जमीनी कार्यों का अनुभव हो।

कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा ने बुधवार को एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में हार के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के सलाहकारों पर निशाना साधते हुए कहा था कि राहुल गांधी के सलाहकारों को ज़मीनी हकीकत का ज्ञान नहीं और न चुनावों का अनुभव है।

दक्षिण मुंबई से पूर्व सांसद और केंद्र में मंत्री रहे मिलिंद देवड़ा ने कहा कि उनकी यह टिप्पणी पार्टी के प्रति गहरी निष्ठा और चुनावों में उसके खराब प्रदर्शन से हुई पीड़ा से उपजी है। देवड़ा ने ट्विटर पर कहा, ''मेरी टिप्पणी पार्टी के प्रति गहरी निष्ठा की भावनाओं, चुनावों में हमारे प्रदर्शन को लेकर पीड़ा और पार्टी की पुनर्वापसी देखने की एक ईमानदार इच्छा से उपजी है... इससे अधिक कुछ नहीं...''

उन्होंने ट्विटर पर एक अन्य टिप्पणी में कहा, ''ज़मीनी पार्टी कार्य और चुनावी संघर्ष ज़मीनी वास्तविकताओं को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं... यह कांग्रेस में नेतृत्व के पदों के लिए आधार बनना चाहिए...'' मिलिंद देवड़ा की ये टिप्पणियां काफी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि पार्टी में इस बात को लेकर पहले से ही फुसफुसाहट चल रही है कि ऐसे अनेक लोगों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं, जिन्हें न चुनावों का कोई अनुभव था, न राजनीति की बारीकियों की समझ थी।

इस बीच, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सचिव प्रिया दत्त ने भी गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की, जिसके बाद प्रिया ने भी जनता के साथ पार्टी नेताओं की बनी दूरी की बात की। उनका यह भी कहना था कि पिछले 10 वर्षों में हमसे कहां गलती हुई, उस पर हमें गौर करना होगा।

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हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में मिलिंद देवड़ा दक्षिण मुंबई सीट पर शिवसेना के अरविंद सावंत से पराजित हुए हैं, जबकि प्रिया दत्त को भाजपा की पूनम महाजन के हाथों मात खानी पड़ी है।

वैसे, पार्टी के वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी भी मिलिंद देवड़ा द्वारा व्यक्त किए गए विचारों से सुर मिलाते दिखे। उन्होंने भी उम्मीद जताई कि समस्याओं को दूर करने के लिए ईमानदार और कठोर आत्मनिरीक्षण किया जाएगा।