यह ख़बर 16 मई, 2014 को प्रकाशित हुई थी

सबका साथ, सबका विकास : जीत के बाद पहली रैली में बोले नरेंद्र मोदी

वडोदरा:

ऐतिहासिक फतह हासिल करने के बाद नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश के संचालन में सभी राजनीतिक दलों और नेताओं का समर्थन हासिल करने के लिए विपक्ष की ओर सहयोग का हाथ बढ़ाया और खुद को हर नागरिक की सेवा में समान रूप से समर्पित करने की प्रतिबद्धता जतायी।

मोदी ने यहां अपने 45 मिनट के गरिमामयी भाषण में कहा कि सरकार किसी एक विशेष पार्टी की नहीं होती बल्कि देश के सभी लोगों की होती है।

5.70 लाख मतों के भारी अंतर से जीत दिलाने वाले अपने समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए मोदी ने समर्थकों की तालियों की गूंजती गड़गड़ाहट के बीच कहा, 'एक सरकार के लिए कोई खास नहीं है और न ही कोई पराया है।' संविधान की सर्वश्रेष्ठ भावना के साथ देश को चलाने की अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए मोदी ने कहा, 'मेरी जिम्मेदारी देश को चलाने में सभी को साथ लेकर चलने की है।'

उन्होंने कहा, 'एक लोकतंत्र में, कोई दुश्मन नहीं होता बल्कि केवल प्रतिस्पर्धी होता है। यह प्रतिस्पर्धा चुनावों के साथ समाप्त हो जाती है।'

उन्होंने इसके साथ ही कहा कि उनका लक्ष्य, 'सबका साथ, सबका विकास' है।

लोकसभा चुनाव और कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव के विजेताओं को बधाई देते हुए मोदी ने कहा, 'मैं सभी दलों के सांसदों और विधायकों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। मुझे उम्मीद है कि देश को आगे ले जाने में मुझे उनका समर्थन मिलेगा।'

चुनाव प्रचार के दौरान चले आरोप-प्रत्यारोप का परोक्ष जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह उनके विरोधियों द्वारा 'दिखाए गए प्यार' को 'शुद्ध प्यार' में बदल देंगे।

उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र में कोई दुश्मन नहीं होता केवल प्रतिस्पर्धी होते हैं। यही प्रतिस्पर्धा हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती है।' उन्होंने इसके साथ ही कहा कि प्रचार के साथ ही 'कड़वाहट' समाप्त हो गई है।

उन्होंने कहा, 'मैं देश की जनता को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारे लिए हर एक को साथ लेकर चलना हमारा लक्ष्य है, चाहे वे हमारा कितना भी विरोध करें। हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि इस मोर्चे पर कोई कसर बाकी नहीं रहे।'

मोदी ने अपनी जीत के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि आजादी के बाद यह पहली बार है जब एक गैर-कांग्रेस पार्टी को अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल हुआ है। 63 वर्षीय नेता ने यह भी कहा कि पहली बार सत्ता की कमान आजादी के बाद पैदा हुए लोगों के हाथों में आई है।

'मोदी, मोदी, मोदी' के नारों के बीच उन्होंने कहा, 'जीत की ऊंचाई जितनी भी हो, सरकार में सभी को साथ लेकर चलना हमारी जिम्मेदारी है। इस लक्ष्य को विनम्रता से हासिल करने के लिए मुझे आपके आशीर्वाद की जरूरत है।'

खुद को 'मजदूर नंबर वन' बताते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी, यहां तक कि उनके प्रतिद्वंद्वी भी उनके द्वारा की गई मेहनत पर सवाल नहीं उठा सकते।' प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार ने कहा, 'अगले 60 महीनों के लिए, आपको एक बेहतर मजदूर मिलेगा।  बातचीत के लहजे में चार बार गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके मोदी ने भीड़ को बताया कि अभी तक वे उनके थे, लेकिन उन्होंने अब उनको 'राष्ट्रीय' बना दिया है।'  

उन्होंने कहा, 'आपने मुझे भरोसा जताया, मैं आपमें भरोसा जताता हूं....जब मैं एक कदम उठाता हूं तो, मैं विश्वास करता हूं कि 125 करोड़ लोग मेरे साथ चलेंगे।' 5.70 लाख से अधिक मतों की ऐतिहासिक जीत का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि वे इस संसदीय क्षेत्र के मतदाताओं के प्रति आभार जताते हैं।

मोदी ने कहा, 'नामांकन दाखिल करने के बाद, मैंने आपके साथ केवल 50 मिनट बिताए, लेकिन आपने मुझे 5.70 लाख मतों से जीत दिलाई। मैंने जांचा और पाया कि केवल पीवी नरसिंह राव ही इतने बड़े अंतर से जीते थे और वह भी उपचुनाव में। मेरा रिकॉर्ड आम चुनाव का है।'

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उन्होंने विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का वादा करते हुए निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं को उनके प्रति दर्शाए गए प्यार को विकास के रूप में लौटाने की बात की।

उत्तर प्रदेश की वाराणसी सीट से भी जीत दर्ज करने वाले मोदी ने मंदिरों के शहर में अपनी चुनावी रैली की अनुमति नहीं दिए जाने का परोक्ष जिक्र करते हुए कहा, 'बनारस के लोगों ने मेरे मौन पर अपनी मंजूरी की मोहर लगा दी है।'