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  • Kartik Purnima 2020: कोविड-19 के चलते इस बार नहीं लगेगा बहराइच में कार्तिक पूर्णिमा का मेला
    कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते बहराइच में सरयू नदी के तट पर 100 वर्षों से लगने वाला कार्तिक पूर्णिमा का मेला इस साल नहीं लगेगा. शहर स्थित त्रिमुहानी घाट पर दशकों से कार्तिक पूर्णिमा मेले का आयोजन स्वर्ग धाम सेवा समिति करती आई है. कार्तिक पूर्णिमा के इस मेले में बड़ी संख्‍या में श्रद्धालु आते हैं और सरयू नदी में डुबकी लगाकर पूजा अर्चना करते हैं.
  • Guru Nanak Jayanti 2020: गुरु नानक देव की 551वीं जयंती पर 600 से ज्यादा भारतीय सिख श्रद्धालु पाकिस्तान पहुंचे
    गुरु नानक देव की 551वीं जयंती पर ननकाना साहिब में होने वाले उत्सव में हिस्सा लेने के लिए शुक्रवार को वाघा बॉर्डर के जरिए 600 से ज्यादा भारतीय सिख श्रद्धालु यहां पहुंचे. ननकाना साहिब सिख धर्म के संस्थापक की जन्म स्थली है. इससे संबंधित मुख्य कार्यक्रम पंजाब प्रांत के गुरुद्वारा जन्मस्थान ननकाना साहिब में 30 नवंबर को आयोजित किया जाएगा.
  • Guru Nanak Jayanti 2020: बाबा नानक और नानक शाह के नाम से भी जाने जाते हैं गुरु नानक, जानें इनसे जुड़ी 10 बातें
    Guru Nanak Jayanti 2020: गुरु नानक जयंती 30 नवंबर (November 30) को है. इस बार गुरु नानक की 551वीं जयंती मनाई जा रही है. नानक देव जी (Guru Nanak Dev Ji) की जयंती (Guru Nanak Jayanti) कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima) के दिन मनाई जाती है. गुरु नानक देव जी सिखों के प्रथम गुरु थे. गुरु नानक देव जी ने ही श्री करतारपुर साहिब गुरुद्वारे (Kartarpur Sahib Gurudwara) की नींव रखी थी. गुरु नानक के अनुयायी उन्हें नानक, नानक देव जी, बाबा नानक और नानकशाह नामों से संबोधित करते हैं.  गुरु नानक जी के जन्म दिवस (Guru Nanak Dev Birthday) के दिन गुरु पर्व या प्रकाश पर्व (Guru Parv or Prakash Parv) मनाया जाता है. गुरु नानक देव जी का जन्म राय भोई की तलवंडी (राय भोई दी तलवंडी) नाम की जगह पर हुआ था, जो अब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित ननकाना साहिब (Nankana Sahib) में है. आइये जानते हैं गुरु नानक के जीवन से जुड़ी 10 बातें...
  • कोविड-19 की वजह से अयोध्या में इस साल नहीं निकलेगी राम बारात
    हर साल अयोध्या में निकलने वाली मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की बारात कार्यक्रम को इस साल कोविड-19 महामारी की वजह से रद्द करने का फैसला किया गया है. इस साल अयोध्या में श्री राम बारात यात्रा नहीं निकाली जाएगी. श्रद्धालुओं से घर में ही रहकर पर्व मनाने का अनुरोध किया गया है. बता दें कि हर साल राम बारात यात्रा कारसेवकपुरम से जनकपुर के लिए निकाली जाती है.
  • Dev Deepawali 2020: कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाते हैं देवों की दीवाली, जानें, देव दीपावली की पूजा विधि, महत्व और कथा
    Dev deepawali 2020: कार्तिक पूर्णिमा के दिन गुरु पर्व के साथ-साथ देव दीपावली भी मनाई जाती है. इस दिन मंदिरों में भगवानों की प्रतिमा के आगे दीपक जलाए जाते हैं. खासकर, उत्तर प्रदेश के शहर वाराणसी के दिन देव दिवाली के लिए भव्य आयोजन किया जाता है. लोग वाराणसी जाकर गंगा में डुबकी लगाते हैं और दीपदान करते हैं.
  • Kartik Purnima 2020: 30 नवंबर को है कार्तिक पूर्णिमा, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व और व्रत कथा
    Kartik Purnima 2020: 30 नवंबर को कार्तिक मास की पूर्णिमा है और इस तिथि पर देव दीपावली का पर्व मनाया जाता है. हिंदू धर्म में कार्तिक मास की पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है. शास्त्रों में सभी 12 महीनों में कार्तिक महीने को आध्यात्मिक एवं शारीरिक ऊर्जा संचय के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है. आइए जानते हैं कार्तिक माह की पूर्णिमा का इतना महत्व क्यों है.
  • Guru Nanak Jayanti 2020: कार्तिक पूर्णिमा के दिन जन्‍मे थे गुरु नानक देव, जानें कब है गुरु नानक जयंती ?
    Guru Nanak Dev Jayanti 2020: सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक जी के जन्म दिवस के दिन गुरु पर्व या प्रकाश पर्व मनाया जाता है. गुरु नानक जयंती के दिन सिख समुदाय के लोग 'वाहे गुरु, वाहे गुरु' जपते हुए सुबह-सुबह प्रभात फेरी निकालते हैं. गुरुद्वारे में शबद-कीर्तन करते हैं, रुमाला चढ़ाते हैं, शाम के वक्त लोगों को लंगर खिलाते हैं.
  • 26 साल बाद आज पुरी जगन्नाथ मंदिर में होगा ‘नागार्जुन बेशा’ अनुष्ठान
    ओडिशा के पुरी जगन्नाथ मंदिर (Puri Jagannath Temple) में आज भगवान जगन्नाथ (Lord Jagannath) और भाई-बहनों का ‘नागार्जुन बेशा’ (Nagarjuna Besha) होगा. यह अनुष्ठान 26 वर्षों के बाद हो रहा है और कोविड-19 (Covid-19) महामारी के कारण यह समारोह केवल सेवक और मंदिर के अधिकारियों की उपस्थिति में किया जाएगा.
  • हरिद्वार में कार्तिक पूर्णिमा का स्नान पर्व स्थगित
    हरिद्वार जिला प्रशासन ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर इस बार 30 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर होने वाला गंगा स्नान पर्व स्थगित कर दिया है. इस पर्व पर हर साल देश के विभिन्न भागों से यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं तथा गंगा नदी में स्नान करते हैं.
  • Dev Uthani Ekadashi 2020: क्यों 4 महीने सोते हैं भगवान विष्णु, जानें देव उठनी एकादशी की पूरी कहानी
    Devothan Ekadashi 2020: इस बार देव उठनी एकादशी (Dev Uthani Ekadashi) 25 नवंबर को यानि आज है. इस दिन हिंदु धर्म में भगवान विष्णु जी (Vishnu) के लिए व्रत रखा जाता है. क्योंकि वो चार महीने की नींद के बाद जागते हैं. देवोत्थान एकादशी के साथ-साथ इसी दिन भगवान विष्णु के पत्थर रूप शालिग्राम का तुलसी से विवाह किया जाता है.
  • Tulsi Vivah 2020: घर पर इस तरह करें तुलसी विवाह, जानें पूजा विधि, महत्व और कथा
    Tulsi Vivah 2020: देवउठनी एकादशी (Dev Uthani Ekadashi) के दिन तुलसी विवाह का भी प्रावधान है. देवउठनी एकादशी को देवुत्‍थान एकादशी, हरिप्रबोधिनी एकादशी या प्रबोधिनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. हिन्‍दू मान्‍यताओं के अनुसार इसी एकादशी के दिन सृष्टि के पालनहार श्री हरि विष्‍णु चार महीने की योग निद्रा के बाद जाग्रत होते हैं.
  • Dev Uthani Ekadashi 2020: देव उत्थान एकादशी के मौके पर श्रद्धालुओं ने किया गंगा स्नान, देखें तस्वीरें
    आज देवोत्थान एकादशी है. इस मौके पर यूपी के वाराणसी में श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया. एक स्थानीय पंडित ने बताया, "आज विष्णु विवाह व तुलसी विवाह से लोगों के घरों में शादी-विवाह जैसे विशेष आयोजन शुरू होते हैं. चार महीनों के बाद आज भगवान विष्णु योगनिद्रा से उठते हैं."
  • दिसंबर के तीसरे सप्ताह से श्रद्धालुओं के लिए खुल सकता है पुरी का जगन्नाथ मंदिर: मंदिर प्रशासन
    पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर (Puri's Jagannath temple) श्रद्धालुओं के लिए दिसंबर के तीसरे हफ्ते से खोला जा सकता है. 12वीं सदी में निर्मित यह मंदिर कोविड-19 के कारण मार्च से ही बंद है. श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक कृष्ण कुमार द्वारा इस आशय की घोषणा किए जाने से महज एक घंटा पहले विपक्षी दलों कांग्रेस और भाजपा के विधायकों ने विधानसभा में मंदिर को खोलने का अनुरोध किया था.
  • Dev Uthani Ekadashi 2020: आज है देवोत्थान एकादशी और तुलसी विवाह, जानें शुभ मुहुर्त, पूजा विधि और महत्व
    Dev Uthani Ekadashi 2020: देवोत्थान एकादशी कार्तिक, शुक्ल पक्ष की एकादशी को कहते हैं. दीपावली के बाद आने वाली एकादशी को ही देवोत्थान एकादशी अथवा देवउठान एकादशी या 'प्रबोधिनी एकादशी' कहा जाता है. आषाढ़, शुक्ल पक्ष की एकादशी की तिथि को देव शयन करते हैं और इस कार्तिक, शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन उठते हैं. इसीलिए इसे देवोत्थान (देव-उठनी) एकादशी कहा जाता है.
  • Guru Tegh Bahadur Martyrdom Day 2020: सिखों के नौवें गुरू तेग बहादुर ने धर्म की रक्षा के लिए दिया था अपना बलिदान
    Guru Tegh Bahadur Martyrdom Day 2020: सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर ने अपने समुदाय के लोगों के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया. गुरु तेग बहादुर को अक्सर हिंद की चादर कहा जाता है, जिसका अर्थ है भारत का ढाल. उन्हें सबसे निस्वार्थ शहीद माना जाता है और उनकी शहादत को हर साल 24 नवंबर को गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस के रूप में मनाया जाता है.
  • Dev Uthani Ekadashi 2020: कल है देवोत्थान एकादशी और तुलसी विवाह, जानें शुभ मुहुर्त, पूजा विधि और महत्व
    Dev Uthani Ekadashi 2020: देवोत्थान एकादशी कार्तिक, शुक्ल पक्ष की एकादशी को कहते हैं. दीपावली के बाद आने वाली एकादशी को ही देवोत्थान एकादशी अथवा देवउठान एकादशी या 'प्रबोधिनी एकादशी' कहा जाता है. आषाढ़, शुक्ल पक्ष की एकादशी की तिथि को देव शयन करते हैं और इस कार्तिक, शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन उठते हैं. इसीलिए इसे देवोत्थान (देव-उठनी) एकादशी कहा जाता है.
  • Chandra Grahan 2020: 30 नवंबर को होगा साल का आखिरी चंद्रग्रहण, जानें- क्यों है महत्वपूर्ण, क्या पड़ेगा प्रभाव
    इस बार ये चंद्रग्रहण बेहद खास माना जा रहा है. दरअसल इसी दिन कार्तिक पूर्णिमा भी है. इसी दिन कार्तिक स्नान खत्म होगा. इसके अलावा इसी दिन सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक जी का 551वां जन्मदिन भी मनाया जाएगा. बता दें, 30 नवंबर को चंद्र ग्रहण लगेगा। इसी दिन कार्तिक पूर्णिमा भी है और सोमवार का दिन है.
  • सबरीमाला मंदिर में हुई मंडला पूजा, दूरी बनाए दिखे श्रद्धालू
    केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में श्रद्धालू कोरोना से सावधानी के साथ पूजा करते नज़र आए. भक्त  एक दूसरे से दूरी बनाए हुआ नज़र आए. वहीं, मंदिर के पुजारी भी पीपीई किट पहने नज़र आए. बता दें कि आज से सबरीमाला मंदिर की सालाना पूजा आरंभ हुई है. कोरोना को ध्यान में रखते हुए मंदिर में तमामा एहतियात बरते जा रहे हैं. समाजिक दूरी का पूरा ध्यान रखा जा रहा है.
  • धमतरी में संतान प्राप्ति के लिए अनोखी प्रथा, पेट के बल लेटी महिलाओं के ऊपर से गुजरते हैं लोग
    छत्तीसगढ़ के धमतरी में दीपावली के बाद हर साल मड़ई मेले का आयोजन होता है, जहां मां अंगारमोती के मंदिर में संतान प्राप्ति के लिये एक प्रथा लंबे समय से चली आ रही है, जिसमें महिलाएं पेट के बल लेटती हैं और बैगा जनजाति के लोग उनके ऊपर से होकर गुजरते हैं. इसे परण कहा जाता है. मान्यता है कि ऐसा करने से महिलाओं को संतान की प्राप्ति होती है.
  • Chhath Puja 2020: छठ पूजा का आखिरी अर्घ्य 21 नवंबर को सुबह, जानें, छठी मइया को अर्घ्य देने का शुभ मुहूर्त
    Chhath Puja 2020: छठी मइया (Chhathi Maiya) को ऊषा अर्घ्य या भोरवा घाट या फिर बिहनिया अर्घ्य 21 नवंबर सुबह दिया जाएगा. छठ पूजा का ये दूसरा और आखिरी अर्घ्य होगा. इसके साथ साल 2020 के छठ पर्व (Chhath Parv) का समापन हो जाएगा. इस अर्घ्य के बाद छठी मइया (Chhathi Maiya) के लिए बनाए गए खास ठेकुए और प्रसाद को लोगों में बांटा जाएगा.
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