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Buddha Purnima के दिन पढ़ें जीवन में शांति और सफलता लाने वाले महात्मा बुद्ध के 10 विचार

महात्मा बुद्ध (Gautama Buddha) को बिहार में स्थित महाबोधि मंदिर के महाबोधि वृक्ष या पीपल वृक्ष (Mahabodhi Tree) के नीचे कठिन तपस्या के बाद ज्ञान प्राप्त हुआ था. पढ़ें भगवान बुद्ध के खास 10 वचन...

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Buddha Purnima के दिन पढ़ें जीवन में शांति और सफलता लाने वाले महात्मा बुद्ध के 10 विचार

गौतम बुद्ध के 10 विचार (Gautam Buddha Vichar)

नई दिल्ली:

आज पूरे देश में महात्मा बुद्ध का जन्मदिवस (Buddha's Birthday) मनाया जा रहा है. बौद्ध धर्म के साथ-साथ हिंदुओं के लिए भी ये दिन बहुत खास होता है. बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) को बुद्ध जयंती (Buddha Jayanti) और 'वेसाक' (Vesak) उत्सव के रूप में भी मनाया जाता है. मान्‍यता है कि इसी दिन महात्मा बुद्ध (Mahatma Buddha) को बोधि वृक्ष (Bodhi Tree) के नीचे ज्ञान की प्राप्‍ति हुई थी और यही उनका निर्वाण (Nirvana) दिवस भी है. बता दें, सुख सुविधा से संपन्न जीवन को छोड़कर राजकुमार सिद्धार्थ गौतम (Siddhārtha Gautama) ज्ञान की खोज में जंगल की ओर निकल पड़े थे. महात्मा बुद्ध (Gautama Buddha) को बिहार में स्थित महाबोधि मंदिर के महाबोधि वृक्ष या पीपल वृक्ष (Mahabodhi Tree) के नीचे कठिन तपस्या के बाद ज्ञान प्राप्त हुआ था. बाद में उनकी शिक्षा और ज्ञान को उनके अनुयायियों ने पूरी दुनियां में फैलाया. 

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यहां आप भी पढ़ें भगवान बुद्ध के वो 10 वचन जिन्हें अपनाने से आपको जीवन में सफलता और शांति मिलेगी...

1. किसी जंगली जानवर की अपेक्षा एक कपटी और दुष्ट मित्र से ज्यादा डरना चाहिए, जानवर तो बस आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है, पर एक बुरा मित्र आपकी बुद्धि को नुकसान पहुंचा सकता है.

2. स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है, संतोष सबसे बड़ा धन है, वफ़ादारी सबसे बड़ा सम्बन्ध है.

3. घृणा, घृणा करने से कम नहीं होती, बल्कि प्रेम से घटती है, यही शाश्वत नियम है.    

4. तुम अपने क्रोध के लिए दंड नहीं पाओगे, तुम अपने क्रोध द्वारा दंड पाओगे.

5. हजारों खोखले शब्दों से अच्छा वह एक शब्द है जो शांति लाये.

6. सभी गलत कार्य मन से ही उपजाते हैं. अगर मन परिवर्तित हो जाय तो क्या गलत कार्य रह सकता है.

7. अतीत पर ध्यान केन्द्रित मत करो, भविष्य का सपना भी मत देखो, वर्तमान क्षण पर ध्यान केंद्रित करो.

8. वह व्यक्ति जो 50 लोगों को प्यार करता है, 50 दुखों से घिरा होता है, जो किसी से भी प्यार नहीं करता है उसे कोई संकट नहीं है.

9. क्रोधित रहना, किसी और पर फेंकने के इरादे से एक गर्म कोयला अपने हाथ में रखने की तरह है, जो तुम्हीं को जलती है.

टिप्पणियां

10. अपने शरीर को स्वस्थ रखना भी एक कर्तव्य है, अन्यथा आप अपनी मन और सोच को अच्छा और साफ़ नहीं रख पाएंगे.



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