भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा की तर्ज पर कांवड़ यात्रा निकालने जाने की मांग

बीस जून को एक सरकारी बयान में बताया गया था कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल तथा उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के साथ वार्ता हुई. 

भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा की तर्ज पर कांवड़ यात्रा निकालने जाने की मांग

इस साल कोविड-19 के कारण नहीं स्थगित की गई है कांवड़ यात्रा. (फाइल फोटो)

गोरखपुर:

बस्ती जिले के समाजवादी पार्टी के नेता सिद्धार्थ सिंह ने मंगलवार को मांग की है कि जगन्नाथ रथ यात्रा की तर्ज पर प्रदेश में कांवड़ यात्रा भी निकाली जाये. सिंह ने इस संबंध में मंगलवार को एक ज्ञापन बस्ती के जिलाधिकारी को सौंपा. उन्होंने पत्रकारों से कहा, ''मैंने 50 हजार मास्क और 100 लीटर सैनेटाइजर का इंतजाम किया है. इसे अधिकारियों की मौजूदगी में शिव भक्तों को सौंपा जायेगा. जब मंदिरों को खोल दिया गया है तो इस साल कांवड़ यात्रा को रद्द करना सैकड़ों साल पुरानी परपंरा और धार्मिक मान्यताओं के विरुद्ध है. शिव भक्त इस फैसले से बहुत निराश हैं.'' 

बीस जून को उप्र सरकार ने जानकारी दी थी कि कोराना वायरस संक्रमण के कारण पवित्र श्रावण माह में होने वाली कांवड़ यात्रा स्थगित रहेगी. बीस जून को एक सरकारी बयान में बताया गया था कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल तथा उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के साथ वार्ता हुई. 

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तीनों मुख्यमंत्रियों ने संवाद करते हुए कहा कि उनके-उनके राज्य में धर्मगुरुओं तथा कांवड़ संघों ने कोविड-19 के संक्रमण के दृष्टिगत इस वर्ष श्रावण मास में कांवड़ यात्रा को स्थगित रखने का प्रस्ताव किया है. इन प्रस्तावों पर सम्यक विचार करते हुए तीनों मुख्यमंत्रियों द्वारा व्यापक जनहित में इस वर्ष कांवड़ यात्रा को स्थगित रखे जाने का निर्णय लिया गया है.

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हरियाणा एवं उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्रियों के साथ वार्ता के पश्चात् मुख्यमंत्री योगी ने सभी अपर पुलिस महानिदेशक जोन तथा मण्डलायुक्तों से संवाद स्थापित किया था. उन्होंने कहा था कि धर्मगुरुओं और कांवड़ संघों से वार्ता के बाद उनकी अपील को जनता तक पहुंचाने व प्रचारित-प्रसारित करने के भी कार्य किए जाएं. उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर शिवालयों में जलाभिषेक के लिए 05 या उससे कम की संख्या में जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सावधानी के लिए व्यवस्था की जाए.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)