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तिरुपति बालाजी की हुंडी में श्रद्धालु ने काट कर डाल दी अंगुली, टीटीडी ने किया इससे इंकार

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तिरुपति बालाजी की हुंडी में श्रद्धालु ने काट कर डाल दी अंगुली, टीटीडी ने किया इससे इंकार

फाईल फोटो

तिरुपति: तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने इन खबरों का खंडन किया कि कर्नाटक के एक श्रद्धालु ने नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी को जमानत मिलने के बाद तिरुपति बालाजी (भगवान वेंकटेश्वर) के मंदिर में अपनी अंगुली काटकर दान पात्र में डाल दी थी।
 
टीटीडी के उप कार्यकारी अधिकारी चिन्नमगरी रमन ने कहा कि पुरातनकालीन पर्वतीय मंदिर के इतिहास में इस तरह से अंगुली चढ़ाने का कोई मामला नहीं रहा है।

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पूरी तरह निराधार है खबर : टीटीडी
उन्होंने कहा, ‘‘बेंगलूर के पास रामनगरम के एक व्यक्ति द्वारा हाल ही में देश के सबसे संपन्न और 2000 साल से अधिक पुराने मंदिर की पवित्र हुंडी में कटी हुई अंगुली डालने की खबरें पूरी तरह निराधार हैं।’’ उन्होंने कहा कि इस तरह के कृत्यों की धारणा और इस तरह की खबरें सही नहीं हैं। इससे दुनियाभर में लाखों लोगों की भावनाएं आहत होंगी।
 
रमन ने कहा कि तिरुपति बालाजी की सात फुट उंची हुंडी को जब श्रद्धालुओं द्वारा दान में दी गयी नगद राशि और सोने के आभूषणों समेत अन्य दान को गिनने और दर्ज करने के लिए दिन में कम से कम तीन बार खाली किया जाता है तो पूरी प्रक्रिया कई कैमरों में रिकार्ड की जाती है।

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आभार जताने के लिए किया ऐसा
सुरेश नामक व्यक्ति ने कल बेंगलूरू में दावा किया था कि वह 25 दिसंबर को तिरुपति गया था और उसने अपनी कनिष्ठिका (सबसे छोटी अंगुली) को काटकर हुंडी में डाल दिया। उसके मुताबिक उसने 19 दिसंबर को सोनिया, राहुल को जमानत मिलने के बाद भगवान का आभार जताने के लिए ऐसा किया।
 
सुरेश ने दावा किया कि जैसे ही यह खबर कांग्रेस नेता और कर्नाटक के आवास मंत्री एम एच अंबरीश के संज्ञान में आई, उसे तत्काल शनिवार को उनके घर बुलाया गया और ‘कांग्रेस एकलव्य’ की उपाधि से सम्मानित किया गया। उसने कहा कि अंगुली काटने के बाद फौरन मंदिर के पास के एक अस्पताल में उसने इलाज कराया।


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