कैलाश मानसरोवर यात्रा का पंजीकरण 9 अप्रैल से शुरू, जानिए यात्रा से जुड़ी सभी खास बातें

लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड) के रास्ते प्रति व्यक्ति लगभग 1.8 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसमें कुछ दुर्गम पद यात्रा शामिल है. यह तीर्थयात्रा 18 समूहों में आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रत्येक समूह में 60 तीर्थयात्री होंगे.

कैलाश मानसरोवर यात्रा का पंजीकरण 9 अप्रैल से शुरू, जानिए यात्रा से जुड़ी सभी खास बातें

कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए पंजीकरण शुरू

नई दिल्ली:

सरकार ने इस साल की कैलाश मानसरोवर यात्रा (Kailash Mansarovar Yatra) के लिए तीर्थयात्रियों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है. यह यात्रा 8 जून से 8 सितंबर तक दो मार्गों के जरिए होगी.

विदेश मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में कहा गया कि यात्रा के लिए पंजीकरण 9 अप्रैल से शुरू हो गया है और इसकी अंतिम तिथि 9 मई है.

आवेदक की आयु कम से कम 18 साल व एक जनवरी को 70 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.

विज्ञप्ति में कहा गया है कि लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड) के रास्ते प्रति व्यक्ति लगभग 1.8 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसमें कुछ दुर्गम पद यात्रा शामिल है. यह तीर्थयात्रा 18 समूहों में आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रत्येक समूह में 60 तीर्थयात्री होंगे. यात्रा की अवधि प्रत्येक समूह के लिए 24 दिनों की होगी, जिसमें दिल्ली में तीन दिन की तैयारी भी शामिल है.

इसमें कहा गया कि रास्ता प्रमुख स्थलों जैसे नारायण आश्रम व पाताल भुवनेश्वर से होकर गुजरती है. तीर्थयात्री चियालेख घाटी या ओम पर्वत की प्राकृतिक सुंदरता को देख सकते हैं जहां प्राकृतिक रूप से 'ओम' आकार में बर्फ दिखती है.

विज्ञप्ति में दूसरे रूट के बारे में कहा गया है कि नाथू ला दर्रे (सिक्किम) से होकर जाने वाला मार्ग वाहन से जाए जाने योग्य है और बुजुर्गों के लिए ठीक है जो कठिन ट्रैकिंग नहीं कर सकते. इसमें प्रति व्यक्ति खर्च ढाई लाख रुपये का आएगा.

इनपुट - आईएएनएस

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