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24 करोड़ श्रद्धालुओं के शाही स्नान के साथ Kumbh 2019 का हुआ समापन

भगवान शिव की अराधना का पर्व महाशिवरात्रि सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी समेत देशभर में धार्मिक उल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस दिन मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ रही.

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24 करोड़ श्रद्धालुओं के शाही स्नान के साथ Kumbh 2019 का हुआ समापन
प्रयागराज:

महाशिवरात्रि पर 4 मार्च को कुंभ मेले में एक करोड़ से अधिक लोगों ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई. यह संख्या मेला प्रशासन के अनुमान से कहीं अधिक है. मेला प्रशासन ने 50-60 लाख श्रद्धालुओं के गंगा और संगम में स्नान करने की संभावना जताई थी. अब तक कुंभ मेले में 24 करोड़ से अधिक लोग स्नान कर चुके हैं.

सूचना विभाग ने मेला अधिकारी विजय किरण आनंद का हवाला देते हुए बताया कि महाशिवरात्रि पर्व पर शाम 6 बजे तक 1.15 करोड़ लोगों ने गंगा और संगम में स्नान किया. 15 जनवरी से तीन मार्च तक कुंभ मेले में स्नान करने वाले लोगों की संख्या 22 करोड़ 95 लाख रही. इस तरह से अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि तक यह संख्या 24 करोड़ से अधिक पहुंच गई.

रविवार को कुंभ मेला अधिकारी ने कहा था कि मेले के अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर मेला प्रशासन संगम क्षेत्र पर खास ध्यान दे रहा है क्योंकि महाशिवरात्रि सोमवार को पड़ने से ज्यादा से ज्यादा लोग संगम की ओर आएंगे. मेला डीआईजी केपी सिंह के मुताबिक, महाशिवरात्रि का मुहूर्त रविवार की रात्रि एक बजकर 26 मिनट पर लगा और इसे देखते हुए श्रद्धालुओं ने तड़के सुबह से ही स्नान करना आरंभ कर दिया.


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महाशिवरात्रि पर मेला प्रशासन ने शिव मंदिरों में भीड़ नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए. हालांकि मंदिरों में लोगों का भारी रेला लगा रहा. महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक भी किया जा रहा है. इस बार खास संयोग बना है कि महाशिवरात्रि सोमवार को पड़ी है. उन्होंने कहा कि रविवार की शाम तेज बारिश होने से प्रयागराज में ठंड बढ़ गई. इसके बावजूद मेले में आने वाले लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है और कल से ही भारी संख्या में श्रद्धालुओं का आना जारी है.

महाशिवरात्रि के स्नान के साथ कुम्भ मेला समाप्त हो जाएगा और 5 मार्च को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुंभ नगरी में इसकी औपचारिक घोषणा करेंगे. राजस्थान में सोमवार को महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा, उमंग और उल्लास के साथ मनाया गया. राज्य भर के शिवालयों में महादेव की पूजा अर्चना करने के लिये सुबह से ही श्रृद्धालुओं की लंबी कतारें लग गयीं थीं. राजधानी जयपुर के ताड़केश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही श्रृद्धालुओं की भीड़ पूजा अर्चना के लिये कतार में लग गयी. वहीं, क्वींस रोड वैशालीनगर स्थित झारखंड महादेव, बनीपार्क के जंगलेश्वर महादेव, छोटी चौपड़ स्थित रोजगारेश्वर महादेव, सहित सभी शिवालयों में मेले सा माहौल रहा. शिवालयों में श्रद्धालुओं ने दूध मिश्रित जल से भोलेनाथ का अभिषेक किया और उन्हें बेर, धतूरा, बिल्व पत्र अर्पित कर पूजा अर्चना की.

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वहीं, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की बंगाल ईकाई के कार्यकर्ताओं ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए राज्यभर में महाशिवरात्रि समारोहों में भाग लिया. विहिप के राज्य सचिव सच्चिंद्रानाथ सिंह ने दावा किया, ‘‘इस कार्यक्रम को आयोजित करने का उद्देश्य अयोध्या में राम मंदिर के बारे में जनता के बीच जागरूकता पैदा करना था. जनता से अच्छी प्रतिक्रिया मिली.'' विहिप की युवा ईकाई बजरंग दल और महिला ईकाई दुर्गा वाहिनी ने रैलियां आयोजित करने में सक्रियता से भाग लिया और इस अवसर पर राज्य के विभिन्न हिस्सों में रैलियां निकाली गई. विहिप की बंगाल ईकाई ने इस अवसर पर ‘जलाभिषेक-एक लोटा पानी राम के नाम' से कार्यक्रम राज्य के कई हिस्सों में आयोजित किए. इसी तरह देश के अन्य राज्यों में भी महा शिवरात्रि का पर्व श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया.

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