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चित्रकूट से लेकर अमरकंटक तक बनेगा 'राम वन गमन पथ', पूरे मार्ग पर लिखी जाएगी रामायण

पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान राम ने 14 साल के वनवास के दौरान मध्य प्रदेश में करीब 11 साल बिताए और इस दौरान वह अपने भाई लक्ष्मण एवं पत्नी सीता के साथ चित्रकूट से लेकर अमरकंटक तक करीब 200 किलोमीटर पैदल चले थे.

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चित्रकूट से लेकर अमरकंटक तक बनेगा 'राम वन गमन पथ',  पूरे मार्ग पर लिखी जाएगी रामायण
मध्य प्रदेश:

मध्य प्रदेश की कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार चित्रकूट से लेकर अमरकंटक तक करीब 200 किलोमीटर का 'राम वन गमन पथ' का निर्माण कराएगी. मध्य प्रदेश के धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री पी सी शर्मा ने अपने विभाग का एक साल का ब्योरा देते हुए मंगलवार को बताया, "हमारी सरकार चित्रकूट से लेकर अमरकंटक तक 'राम वन गमन पथ' का निर्माण करेगी. इसके लिए हमारी सरकार ने 22 करोड़ रूपये स्वीकृत भी कर दिए हैं."

उन्होंने मध्य प्रदेश की भाजपा नीत पूर्व सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि इस 'राम वन गमन पथ' की चर्चा पिछले 15 सालों से चल रही है लेकिन हमारी सरकार इसे बनाएगी. शर्मा ने बताया कि पूरे मार्ग पर रामायण भी चित्रित की जाएगी.

उन्होंने कहा कि इसके अलावा, इस मार्ग पर रामायण श्लोक लिखने के साथ-साथ भगवान राम की गाथा भी वहां चिन्हित की जाएगी.


शर्मा ने बताया कि साथ ही भोपाल में समूचे 'राम वन गमन पथ' की प्रतिकृति भी निर्मित की जाएगी. पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान राम ने 14 साल के वनवास के दौरान मध्य प्रदेश में करीब 11 साल बिताए और इस दौरान वह अपने भाई लक्ष्मण एवं पत्नी सीता के साथ चित्रकूट से लेकर अमरकंटक तक करीब 200 किलोमीटर पैदल चले थे.

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शर्मा ने बताया कि इसके अलावा, हमारी सरकार के अस्तित्व में आते ही हमने मंदिरों में पूजा-अर्चना करने वाले पुजारियों की बेहतरी के लिए नीतियों को नए सिरे से निर्धारित भी किया और करीब 21 हजार पुजारियों के मानदेय को तीन गुना कर दिया गया.

 उन्होंने कहा कि हम इस बात पर विचार कर रहे हैं कि जिस सरकारी जमीन पर मंदिर बने हों, उन्हें उस जमीन का पट्टा दे दिया जाए. शर्मा ने बताया कि हमारी सरकार ने प्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध भगवान महाकाल मंदिर के विकास और विस्तार के लिए 300 करोड़ की योजना भी शुरू की है, जिस पर काम चल रहा है.



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