Navratri 2019: चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन पूजी जाती हैं मां ब्रह्मचारिणी, जानिए उनके बारे में 5 खास बातें

नवरात्रि के पहले दिन शैलपुत्री, दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी,  तीसरे दिन चंद्रघंटा, चौथे दिन कूष्माण्डा, पांचवे दिन स्कंदमाता, छठवें दिन कात्यायनी, सातवें दिन कालरात्रि, आठवें दिन महागौरी और नौवें दिन सिद्धिदात्री को पूजा जाता है. इसी के साथ नौवें दिन राम जी की पूजा भी करते हैं.

Navratri 2019: चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन पूजी जाती हैं मां ब्रह्मचारिणी, जानिए उनके बारे में 5 खास बातें

चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन पूजी जाती हैं मां ब्रह्मचारिणी

नई दिल्ली:

चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) के दूसरे दिन पूजी जाती हैं मां ब्रह्मचारिणी. यह नवरात्रि (Navrati 2019) में पूजी जाने वाली मां दुर्गा का दूसरा स्वरुप हैं. आपको बता दें चैत्र नवरात्रि चल रहे हैं, जो 6 अप्रैल से लेकर 14 अप्रैल तक चलने वाले हैं. यह हिंदुओं का प्रमुख त्यौहार है, इसीलिए यह पूरे भारत वर्ष और कुछ जगह विदेशों में यह बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. माता की पूजा के अलावा चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन को राम जी के जन्मदिन के तौर पर मनाया जाता है. इसे राम नवमी भी बोलते हैं. चैत्र नवरात्रि को राम नवरात्रि के नाम से भी जाना जाता है. यहां जानिए मां ब्रह्मचारिणी के बारे में कुछ खास बातें.

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1. ब्रह्मचारिणी नाम ब्रह्म ने बना है. ब्रह्म का अर्थ होता है तपस्या और चारिणी का मतलब होता है आचरण करने वाली. इस प्रकार ब्रह्मचारिणी का अर्थ हुआ तप का आचरण करने वाली.

2. ब्रह्मचारिणी मां के दाहिने हाथ में जप करने वाली माला होती है और बाएं हाथ में कमंडल. 

3. पौराणिक कथाओं के अनुसार माता ब्रह्मचारिणी ने भगवान शंकर को पति के रूप में पाने के लिए बहुत तपस्या की थी. इसी वजह से उन्हें तपश्चारिणी भी कहते हैं. 

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4. ब्रह्मचारिणी की पूजा करते वक्त ये मंत्र पढ़ा जाता है. 
या देवी सर्वभू‍तेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

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5. मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी देवी का पूजन करने से सिद्धि और विजय की प्राप्ति होती है.

बता दें, नवरात्रि के पहले दिन शैलपुत्री, दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी,  तीसरे दिन चंद्रघंटा, चौथे दिन कूष्माण्डा, पांचवे दिन स्कंदमाता, छठवें दिन कात्यायनी, सातवें दिन कालरात्रि, आठवें दिन महागौरी और नौवें दिन सिद्धिदात्री को पूजा जाता है. इसी के साथ नौवें दिन राम जी की पूजा भी करते हैं.