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ऐसे करें निर्जला एकादशी व्रत, मिलेगा 24 एकादशी व्रत करने का फल

निर्जला एकादशी का बहुत महत्व है क्योंकि इस एक एकादशी के व्रत से व्यक्ति को पूरे साल की 23 एकादशियों के पुण्य जितने फल की प्राप्ति होती है.

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ऐसे करें निर्जला एकादशी व्रत, मिलेगा 24 एकादशी व्रत करने का फल

निर्जला एकादशी को पांडव एकादशी या भीमसेन एकादशी के नाम से जाना जाता हैं.

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत महत्वपूर्ण स्थान रखता है और इस भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. एक साल में 24 एकादशी होती हैं, लेकिन जब अधिकमास या मलमास आता है तब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है. ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहते है इस व्रत मे पानी का पीना वर्जित होता है. इसिलिये इस निर्जला एकादशी भी कहते है.

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निर्जला एकादशी का बहुत महत्व है क्योंकि इस एक एकादशी के व्रत से व्यक्ति को पूरे साल की 23 एकादशियों के पुण्य जितने फल की प्राप्ति होती है. इस बार निर्जला एकादशी 5 जून यानि सोमवार को है. निर्जला एकादशी को पांडव एकादशी या भीमसेन एकादशी के नाम से जाना जाता हैं. इस व्रत से व्यक्ति को दीर्घायु और मोक्ष की भी प्राप्ति होती है.
 


कैसे करें निर्जला एकादशी पर पूजा
इस दिन सुबह शीघ्र उठकर स्नानादि कार्यों से निवृत्त होकर भगवान विष्‍णु का ध्यान लगाकर व्रत का संकल्प लें और मंदिर जाएं. भगवान विष्‍णु की आराधना करें और पूजा अर्चना करें. इस दिन गरीबों को दान दक्षिणा देना न भूलें. अगले दिन मंगलवार को सुबह स्नानादि के बाद पूजा करने के उपरांत व्रत को खोलें.


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