अयोध्या में राम मंदिर का पहला मॉडल पेश, 1008 फुट ऊंचा होगा मंदिर का शिखर

देश की जनता अयोध्या में ऐसा मंदिर चाहती है जो विश्व में अद्वितीय हो. मंदिर वास्तुशास्त्र के सिद्धांतों के साथ ही 21वीं सदी के निर्माण मानकों और मन्दिर निर्मित होने पर भारी संख्या में पहुंचने वाले दर्शनार्थियों की आवश्यकता की दृष्टि से सर्वोत्तम हो.

अयोध्या में राम मंदिर का पहला मॉडल पेश, 1008 फुट ऊंचा होगा मंदिर का शिखर

रामालय न्यास ने अयोध्या में राम मंदिर का पहला मॉडल पेश किया

प्रयागराज:

ज्योतिष पीठ के जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य और अयोध्या श्रीरामजन्मभूमि रामालय न्यास के सचिव स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर का पहला मॉडल मंगलवार को यहां पेश किया.

उन्होंने कहा कि देश की जनता अयोध्या में ऐसा मंदिर चाहती है जो विश्व में अद्वितीय हो. मंदिर वास्तुशास्त्र के सिद्धांतों के साथ ही 21वीं सदी के निर्माण मानकों और मन्दिर निर्मित होने पर भारी संख्या में पहुंचने वाले दर्शनार्थियों की आवश्यकता की दृष्टि से सर्वोत्तम हो.

उन्होंने बताया कि रामालय न्यास अयोध्या में भव्य-दिव्य शास्त्रोक्त मन्दिर निर्माण के लिए कृत संकल्पित है.इसके लिए देश के अनेक वास्तुशास्त्रियों से अनुरोध किया गया है, जिनमें काशी के आदित्य गुप्त द्वारा पहला मॉडल रामालय न्यास को प्राप्त हुआ है, जिसे आज प्रयाग में जनता के सामने रखा गया है.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यह मॉडल पहला और प्रारम्भिक मॉडल है. इसी तरह के और मॉडल आने पर उन्हें आचार्यों और जनता के समक्ष रखा जायेगा. उनमें से सर्वोत्तम को निर्माण के लिये चुना जायेगा.

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मंगलवार को पेश किए गए मॉडल की विशेषता के बारे में उन्होंने बताया कि यह 1008 फुट की ऊंचाई के साथ विश्व के सबसे ऊंचे शिखर वाले मंदिर का मॉडल है, जिसका गर्भगृह 216 वर्गफुट का है. इसमें प्रतिदिन एक लाख आठ हजार लोगों के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था है.

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उन्होंने बताया कि इस मॉडल में 1008 बसों, 10,800 कारों एवं 21,000 मोटरसाइकिलों की एक साथ पार्किंग की जा सकेगी। साथ ही इसमें तीन इनडोर और एक आउटडोर सभागार बनाने की व्यवस्था है। इस मॉडल को वाराणसी की हाईस्पैन इंजीनियरिंग ने तैयार किया है।