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तिरुपति में बिजनेसमैन ने चढ़ाए एक करोड़ रुपये, जानिए इस मंदिर की महिमा

तिरुपति वेंकेटेश्वर मंदिर में हर साला लाखों भक्‍त आते हैं. वेंकटेश्वर या बालाजी को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है.

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तिरुपति में बिजनेसमैन ने चढ़ाए एक करोड़ रुपये, जानिए इस मंदिर की महिमा

तिरुमाला तिरुपति में हर साल लाखों भक्‍त दर्शन के लिए आते हैं

खास बातें

  1. तिरुपति मंदिर को भक्‍त ने एक करोड़ रुपये दान दिए हैं
  2. यह भक्‍त हैदराबाद का एक उद्योगपति है
  3. तिरुपति मंदिर की बड़ी मान्‍यता है
तिरुपति: तिरुमाला में भगवान वेंकटेश्वर के प्रसिद्ध मंदिर तिरुपति में हैदराबाद के एक कारोबारी ने एक करोड़ रुपये का दान दिया है. टीटीडी के जनसंपर्क अधिकारी टी रवि कुमार ने बताया कि मीनाक्षी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष के एस राव ने डिमांड ड्राफ्ट के जरिए मंदिर के अधिकारी को दान सौंपा. उन्होंने बताया कि उद्योगपति ने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम से दान का इस्तेमाल 'फ्री मील ट्रस्ट' (श्री वेकंटेशवर अन्नप्रसादम ट्रस्ट) के लिए करने का अनुरोध किया है.

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आपको बता दें कि आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित तिरुपति वेंकेटेश्वर मंदिर में हर साला लाखों भक्‍त आते हैं. वेंकटेश्वर या बालाजी को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है. वैकुंठ एकादशी के मौके पर तो यहां खासी भीड़ होती है. मान्‍यता है कि इस दिन भगवान तिरुपति के दर्शन करने से व्‍यक्ति के सभी पाप धुल जाते हैं और उसे जन्‍म-मृत्‍यु के बंधन से मुक्ति मिल जाती है. 

इस मंदिर को लेकर कई कथाएं प्रचलित हैं. एक मान्‍यता के अनुसार श्री हरि विष्‍णु ने कुछ समय के लिए पुष्‍करणी तालाब के किनारे वास किया था. यह तालाब आज भी तिरुमाला के पास है. तिरुमाला-तिरुपति चारों ओर पहाड़‍ियों से घिरा हुआ है, जिन्‍हें सप्‍तगिरि कहते हैं. मान्‍यता है कि ये सप्‍तगिरि शेषनाग के सात फन हैं. तिरुपति बालाजी का मंदिर सप्‍तगिरि की सातवीं पहाड़ी पर स्थित है. 

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दूसरी मान्‍यता है कि 11वीं शताब्‍दी में संत रामानुज ने तिरुपति की इस सातवीं पहाड़ी पर चढ़ाई की थी. भगवान वेंकेटेश्वर प्रसन्‍न हुए और उन्‍होंने रामानुज को आशीर्वाद दिया. अपने आराध्‍य का आशीर्वाद पाकर संत रामानुज 120 साल तक जीवित रहे और उन्‍होंने जगह-जगह घूमकर वेंकेटेश्वर भगवान के गुणों का गुणगान किया. 

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