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हजरत अली कौन हैं? कैसे बने वो मुसलमानों के खलीफा, जानें 5 खास बातें
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हजरत अली का आज जन्मदिन है. आज के दिन सभी मुसलमान एक-दूसरे हजरत अली के जन्मदिन की बधाई देते हैं और उनके द्वारा कहे गए वचनों को याद करते हैं.

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हजरत अली कौन हैं? कैसे बने वो मुसलमानों के खलीफा, जानें 5 खास बातें

हजरत अली कौन हैं?

खास बातें

  1. हजरत अली का आज जन्मदिन
  2. हजरत अली को पहला मुस्लिम वैज्ञानिक माना जाता है
  3. वह मक्का मदीना में पैदा हुए एकलौते व्यक्ति
नई दिल्ली: मुसलमानों के चौथे खलीफा के रूप में जाने जाते हैं हजरत अली, इनका असली नाम है अली इंबे अबी तालिब. आज हजरत अली का जन्मदिन है. आज के दिन सभी मुसलमान एक-दूसरे हजरत अली के जन्मदिन की बधाई देते हैं और उनके द्वारा कहे गए वचनों को याद करते हैं. हजरत अली लोगों को शांति और अमन का पैगाम दिया करते थे. वह आवाम तक अपने शद्बों से बताया करते थे कि इस्लाम कत्ल और भेदभाव करने के पक्ष में नहीं, अपने शत्रु से प्रेम करो इससे वो एक दिन मित्र बन जाएगा. उनका कहना है कि अत्याचार करने वाला ही नहीं उसमें सहायता करने वाला और अत्याचार से खुश होने वाला सभी अत्याचारी ही हैं. 

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हजरत अली के जन्मदिन के दिन इस्लाम धर्म से जुड़े लोग अपने घरों को सजाते हैं, सभी दोस्तों और परिवार वालों के साथ मिलकर दावत खाते हैं. साथ ही हजरत अली के किस्सों को एक-दूसरों को सुनाते हैं. इनका जन्मदिन सिर्फ भारत या पाकिस्तान में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में मनाया जाता है. यहां जानें हजरत अली से जुड़ी कुछ बेहद ही खास बातें. 

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1. हजरत अली का जन्म सउदी अरब में स्थित मक्का शहर में हुआ. उनके पिता का नाम अबु तालिक और माता का नाम फातिमा बिंत असद था. और, वह मक्का मदीना में पैदा हुए एकलौते व्यक्ति हैं. 
2. हजरत अली को पहला मुस्लिम वैज्ञानिक भी माना जाता है, क्योंकि वह आम लोगों पर विज्ञान से जुड़ी जानकारियों को बहुत ही रोचक ढंग से पहुंचाया करते थे. 
3. हजरत अली सुन्नी समुदाय के आखिरी राशिदून और शिया समुदाय के पहले इमाम थे.
4. वह खाने में हमेशा जौ की रोटी और नमक या फिर दूध खाते थे. 
5. नमाज़ के दौरान हजरत अली की हत्या की गई थी, बावजूद उसके उन्होंने अपने कातिल को माफ करने की बात कही. यहां पढ़ें उनके द्वारा कहे गए 15 अलमोल वचन...

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