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  • Pausha Putrada Ekadashi 2021: कब है पौष पुत्रदा एकादशी, जानिए महत्व और व्रत की विधि
    Pausha Putrada Ekadashi 2021: हिन्‍दू धर्म में पौष पुत्रदा एकादशी (Pausha Putrada Ekadashi) का विशेष महत्‍व है. हिन्‍दू पंचांग के अनुसार, साल में 24 एकादशियां पड़ती हैं, जिनमें से दो को पुत्रदा एकादशी (Putrada Ekadashi) के नाम से जाना  जाता है. पुत्रदा एकादशी श्रावण और पौष शुक्‍ल पक्ष में पड़ती हैं. दोनों ही एकादशियों का विशेष महत्‍व है.
  • Masik Durga Asthami 2021: मासिक दुर्गाष्टमी आज, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजन विधि
    Masik Durga Asthami 2021: आज मासिक दुर्गा अष्टमी है. दुर्गा अष्टमी पौष मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथी को हर महीने मनाई जाती है. दुर्गा अष्टमी के दिन भक्त मां दुर्गा की उपासना करते हैं. कई लोग इस दिन व्रत भी रखते हैं और मां की आरती और भजन करते हैं. ऐसी मान्यता है कि इस दिन दुर्गा मंत्रों का जाप करने से घर में सुख- समृद्धि आती है. इसे दुर्गाष्टमी, मासिक दुर्गाष्टमी, मास दुर्गाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है.
  • Guru Gobind Singh Jayanti 2021: गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती पर ये खास मैसेज भेजकर अपनों को दें लख-लख बधाई
    Guru Gobind Singh Jayanti 2021: गुरु गोबिंद सिंह (Guru Gobind Singh) सिख धर्म के 10वें गुरु, दार्शनिक और कवि हैं. उन्‍होंने खालसा वाणी - "वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह" दी. बैसाखी के दिन 1699 में उन्‍होंने खालसा पंथ (Khalsa Panth) की स्‍थापना की थी. उन्‍होंने सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब (Guru Granth Sahib) को भी पूरा किया था. गुरु गोबिंद सिंह की गिनती महान लेखकों और रचनाकारों में होती है.
  • Guru Gobind Singh Jayanti 2021: PM मोदी ने गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती पर उन्हें नमन किया
    Guru Gobind Singh Jayanti 2021: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिखों के 10वें गुरु, गुरु गोविंद सिंह की जयंती (Guru Gobind Singh Jayanti) पर बुधवार को उन्हें नमन किया और कहा कि उनका जीवन न्यायसंगत और समावेशी समाज के निर्माण के लिए समर्पित था. पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘प्रकाश पर्व के पवित्र मौके पर मैं श्री गुरु गोविंद सिंह को नमन करता हूं. उनका जीवन न्यायसंगत और समावेशी समाज के निर्माण के लिए समर्पित था. अपने सिद्धांतों के प्रति वे सदैव अटल रहे. हम उनके साहस और बलिदान को भी याद करते हैं.''
  • Guru Gobind Singh Jayanti 2021: गुरु गोबिंद सिंह ने की सिखों के लिए ये 5 चीजें ज़रूरी, जानिए उनके 10 अनमोल विचार
    Guru Gobind Singh Jayanti 2021: गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती (Guru Gobind Singh Jayanti) 20 जनवरी 2021 को है.  गुरु गोबिंद सिंह (Guru Gobind Singh) जी सिखों के 10वें गुरु (Tenth Nanak) थे.  सिख समुदाय के लोग  गुरु गोबिंद सिंह की जयंती को प्रकाश पर्व के रूप में बड़े ही उमंग और उत्साह के साथ मनाते हैं. उनका जन्म पटना में हुआ था. हिंदू कैलेंडर के अनुसार गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्म पौष महीने की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को हुआ था. इन्होंने ही सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब (Guru Granth Sahib) को पूरा किया. साथ ही गोबिंद सिंह जी ने खालसा वाणी - "वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह" भी दी. 
  • PM मोदी ने देशवासियों को दी मकर संक्रांति, पोंगल और माघ बिहू की बधाई
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने बृहस्पतिवार को मकर संक्रांति (Makar Sankranti 2021), पोंगल (Pongal 2021) और माघ बिहू के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कामना की कि ये पर्व हर किसी के जीवन में सुख एवं समृद्धि के साथ नयी ऊर्जा और उत्साह का संचार करें. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘देशवासियों को मकर संक्रांति की बहुत-बहुत बधाई. मेरी कामना है कि उत्तरायण सूर्यदेव सभी के जीवन में नई ऊर्जा और नए उत्साह का संचार करें.''
  • Makar Sankranti 2021: मकर संक्रांति पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगासागर में किया स्नान
    Makar Sankranti 2021: मकर संक्रांति के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने बृहस्पतिवार को गंगा और बंगाल की खाड़ी के संगम में स्नान किया और यहां कपिल मुनि मंदिर में पूजा-अर्चना की. अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान कोविड-19 को लेकर स्वास्थ्य संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है. दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए तीर्थस्थल पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं एवं पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.
  • Makar Sankranti 2021: आज है मकर संक्रांति, जानिए इस पर्व का महत्व और पूजा विधि
    Makar Sankranti 2021: मकर संक्रांति (Makar Sankranti 2021) हिन्‍दुओं का प्रमुख त्‍योहार है. मकर संक्रांति के दिन सूर्य उत्तरायण होता है. पंरपराओं के मुताबिक, इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है और इसी के साथ सभी शुभ काम शुरू हो जाते हैं. शादी से लेकर पूजा-पाठ तक सभी मंगल कार्य मकर संक्रांति (Makar Sankranti) से शुरू कर दिए जाते हैं. इस दिन स्नान और दान-पुण्य जैसे कार्यों का विशेष महत्व माना जाता है. इस बार मकर संक्रांति का त्योहार 14 जनवरी को मनाया जा रहा है. 
  • Haridwar Maha Kumbh Mela: आज है महाकुंभ का पहला शाही स्नान, पहुंची श्रद्धालुओं की भीड़
    Haridwar Maha Kumbh Mela: हरिद्वार में महाकुंभ में 14 जनवरी को मकर संक्रांति (Makar Sankranti) पर पहला शाही स्नान शुरू हुआ. आपको बता दें, इस साल कोरोनावायरस को देखते हुए कुंभ का भव्य आयोजन नहीं किया जा रहा है.
  • Pongal 2021: सूर्य उपासना का त्योहार है पोंगल, 4 दिनों तक ऐसे मनाया जाता है पोंगल का पर्व
    Pongal 2021: पोंगल (Pongal) दक्षिण भारत का प्रमुख त्‍योहार है. उत्तर भारत में जहां, मकर संक्रांति (Makar Sankranti) मनाई जाती है, वहीं दक्षिण भारत में विशेषकर तमिलनाडु में हिंदू परिवार धूमधाम से पोंगल का त्‍योहार मनाते हैं. यह त्योहार 4 दिन तक मनाया जाता है. पोंगल मुख्‍य रूप से कृषि पर्व है, जिसमें सूर्य की उपासना की जाती है. पोंगल सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण होने का प्रतीक है. इस बार पोंगल का त्‍योहार 14 जनवरी से शुरू हो रहा है और यह 17 जनवरी तक मनाया जाएगा.
  • Makar Sankranti 2021: मकर संक्रांति को क्यों कहा जाता है 'ख‍िचड़ी' का पर्व? जानिए किस राज्य में कैसे मनाया जाता है यह त्योहार
    Happy Makar Sankranti 2021:  देशभर में मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के पर्व का व‍िशेष महत्‍व है. इस त्योहार को हर साल जनवरी के महीने में धूमधाम से मनाया जाता है. इस द‍िन सूर्य उत्तरायण होता है यानी कि पृथ्‍वी का उत्तरी गोलार्द्ध सूर्य की ओर मुड़ जाता है. मान्यता है कि इस द‍िन सूर्य मकर राश‍ि में प्रवेश करता है. देश के व‍िभिन्‍न राज्‍यों में इस पर्व को अलग-अलग नामों से जाना जाता है. उत्तर प्रदेश में इसे खिचड़ी (Khichdi), उत्तराखंड में घुघुतिया (Ghughutiya) या काले कौवा (Kale Kauva), असम में बिहू  (Bihu) और दक्षिण भारत में इसे पोंगल (Pongal) के रूप में मनाया जाता है.  हालांकि प्रत्‍येक राज्‍य में इसे मनाने का तरीका अलग होता है, लेकिन सब जगह सूर्य की उपासना जरूर की जाती है. 
  • Makar Sankranti 2021: जानें, क्यों ज्यादा शुभ है इस बार की मकर संक्रांति ?  बन रहा 5 ग्रहों का विशेष योग
    Makar Sankranti 2021: जब सूर्य एक राशि को छोड़कर दूसरी राशि में प्रवेश करता है, तो इसे संक्रान्ति कहते हैं. इस नियम के अनुसार सूर्य जब धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करता है तो मकर संक्रांति (Makar Sankranti ) होती है.
  • Lohri 2021: आज है लोहड़ी, जानिए- क्यों और कैसे मनाया जाता है यह पर्व
    Lohri 2021 Date: भारत में हर साल मकर संक्रांति (Makar Sankranti) से एक दिन पहले लोहड़ी (Lohri 2021) का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. इस साल लोहड़ी का पर्व 13 जनवरी को मनाया जा रहा है. यह पर्व पंजाब और हरियाणा के प्रमुख त्‍योहारों में से एक है, लेकिन इस पर्व को देश व दुनिया में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है, क्योंकि पंजाब के लोग भारत में ही नहीं बल्‍कि विदेशों में भी बसे हुए हैं. यही वजह है कि दुनिया के कई हिस्‍सों में विशेषकर कनाडा में भी लोहड़ी धूमधाम और हर्षोल्‍लास के साथ मनाई जाती है.  
  • Lohri 2021: कहां से आया 'लोहड़ी' शब्द? जानिए- इस पर्व पर 'आग' जलाने का क्या है महत्व
    Happy Lohri 2021: लोहड़ी उत्तर भारत का सबसे लोकप्रिय त्योहार है. लेकिन खासतौर पर पंजाब में यह त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. इस साल लोहड़ी (Lohri 2021) का पर्व 13 जनवरी को मनाया जा रहा है. इस दिन सभी अपने घरों और चौराहों के बाहर लोहड़ी जलाते हैं. आग का घेरा बनाकर दुल्ला भट्टी की कहानी सुनाते हुए रेवड़ी, मूंगफली और लावा खाते हैं. लोहड़ी (Lohri) का त्योहार शरद ऋतु के अंत में मनाया जाता है. ऐसी मान्‍यता है कि लोहड़ी के दिन साल की सबसे लंबी अंतिम रात होती है और अगले दिन से धीरे-धीरे दिन बढ़ने लगता है. कहा जाता है कि लोहड़ी के समय किसानों के खेत लहलहाने लगते हैं और रबी की फसल कटकर आती है. नई फसल के आने की खुशी और अगली बुवाई की तैयारी से पहले लोहड़ी का जश्‍न मनाया जाता है.
  • शिरडी साई मंदिर में दर्शन के लिए ऑनलाइन पास की होगी जरूरत, यह है वजह
    महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में शिरडी के प्रख्यात साई बाबा मंदिर के प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से दर्शन और आरती के लिए ऑनलाइन पास प्राप्त करने को कहा है, ताकि कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर भीड़ से बचा जा सके. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट के एक बयान के अनुसार ऑनलाइन पास के फैसले को 14 जनवरी से लागू किया जाएगा.
  • Saphala Ekadashi 2021: 9 जनवरी को है सफला एकादशी, ये है शुभ मुहूर्त और पूजन विधि
    Saphala Ekadashi 2021: सफला एकादशी (Saphala Ekadashi) का हिन्‍दू धर्म में विशेष महत्‍व है. इस दिन सृष्टि के रचयिता भगवान व‍िष्‍णु की पूजा का विधान है. मान्‍यता है कि इस दिन व्रत करने से समस्‍त कार्यों में सफलता मिलती है. माना जाता है कि इस उपवास को रखने से आयु और स्वास्थ्य की रक्षा होती है. पौराणिक मान्‍यताओं के अनुसार जो कोई भक्‍त सच्‍चे मन और श्रद्धा से इस एकादशी (Ekadashi) का व्रत करता है उसके सारे पाप नष्‍ट हो जाते हैं और उसे जीवन के सभी कार्यों में सफलता मिलती है.
  • Makar Sankranti 2021: 14 या 15 इस साल कब है मकर संक्रां‍ति? जानिए इस पर्व का महत्व और पूजा विधि
    Makar Sankranti: मकर संक्रांति (Makar Sankranti 2021) हिन्‍दुओं का प्रमुख त्‍योहार है. मकर संक्रांति के दिन सूर्य उत्तरायण होता है. पंरपराओं के मुताबिक, इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है और इसी के साथ सभी शुभ काम शुरू हो जाते हैं. शादी से लेकर पूजा-पाठ तक सभी मंगल कार्य मकर संक्रांति (Makar Sankranti) से शुरू कर दिए जाते हैं. इस दिन स्नान और दान-पुण्य जैसे कार्यों का विशेष महत्व माना जाता है. इस बार मकर संक्रांति का त्योहार 14 जनवरी को मनाया जाएगा.
  • तमिलनाडु सरकार का फैसला,‘थाई पूषम’ त्योहार पर की सार्वजनिक अवकाश की घोषणा
    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने मंगलवार को कहा कि भगवान मुरूगन की पूजा के लिए समर्पित त्योहार ‘थाई पूषम' के लिए उन्होंने सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का आदेश दिया है. पलानीस्वामी ने कहा कि कई जिलों की उनकी यात्रा के दौरान लोगों ने उनसे थाई पूषम को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का अनुरोध किया था. साथ ही, लोगों ने यह भी कहा था कि श्रीलंका और मॉरीशस में इस अवसर पर अवकाश रहता है.'
  • Margashirsha Purnima 2020: मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर भगवान कृष्ण की पूजा करने से होती हैं कई बाधाएं दूर
    Margashirsha Purnima 2020: वर्ष 2020 की अंतिम पूर्णिमा को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति देखने को मिल रही है. कुछ लोगों के अनुसार, आज पूर्णिमा तिथि है तो कुछ कह रहे हैं कि कल. यहां सवाल यह उठ रहा है कि आखिर साल की अंतिम पूर्णिमा यानी मार्गशीर्ष पूर्णिमा (Margashirsha Purnima 2020) कब है, कब स्नान-दान किया जाएगा और कब रखा जाएगा व्रत.
  • बांके बिहारी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भीड़ से बचने को ऑनलाइन समय लेने की सलाह
    मथुरा स्थित बांके बिहारी मंदिर (Banke Bihari temple)  में दर्शन करने के अभिलाषी श्रद्धालुओं को कोविड-19 (Covid 19) के प्रसार को रोकने के ऐहतियाती उपाय के तौर पर ऑनलाइन समय लेने की सलाह दी गई है. यह जानकारी मंदिर के एक पदाधिकारी ने सोमवार को दी.
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