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फैक्‍ट फाइल

  • Results 2019: ...तो इस वजह से बिहार में हुई महागठबंधन की दुर्गति
    बिहार में शायद 1991 के बाद इस बार के लोकसभा चुनाव का परिणाम होगा जहां सत्तारूढ़ दल ने विपक्ष को मात्र एक सीट पर समेट दिया. 1991 के चुनाव में सामाजिक न्याय की हवा और लालू यादव के नेतृत्व के कारण कांग्रेस पार्टी एक मात्र बेगूसराय की सीट जीत पायी थी और भाजपा को चार सीटें अब के झारखंड में मिली थीं. लेकिन इस बार भी उसी कांग्रेस पार्टी को किशनगंज सीट से संतोष करना पड़ा. लेकिन इस बार के बाद सब इस पराजय का कारण जानने में लगे हैं लेकिन सरसरी नज़र से देखें तो इस परिणाम के कारण कुछ यूं हैं...
  • Election Results 2019: ''ये विजय एक शौचालय के लिए तड़पती मां की जीत', प्रचंड बहुमत के बाद PM मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) में भाजपा (BJP) नीत राजग की विजय को ‘हिन्दुस्तान, लोकतंत्र और जनता की विजय’ बताया और कहा कि भाजपा देश के संविधान एवं संघवाद के प्रति समर्पित है तथा केंद्र एवं राज्य देश की विकास यात्रा में कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने साथ ही कहा कि सरकार भले ही बहुमत से चलती हो लेकिन देश सर्वमत से चलता है और हम इस विचार के साथ सभी को साथ लेकर चलेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की भाषण की 10 प्रमुख बातें-
  • Lok Sabha Election Results : अमेठी से राहुल गांधी लगातार पीछे, 'प्रचंड बहुमत' की ओर बीजेपी, अब तक की 10 बड़ी बातें
    लोकसभा चुनाव की मतगणना के रुझानों में भाजपा की बढ़त 300 सीट तक पहुंच गई है, कांग्रेस 53 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. निर्वाचन आयोग की ओर से बृहस्पतिवार को जारी मतगणना के रुझानों के अनुसार भाजपा जहां 297 सीटों पर आगे चल रही थी वहीं, कांग्रेस 50 सीटों पर आगे थी. आयोग ने सभी 542 सीटों के रुझान जारी किये हैं. अगर मौजूदा रुझान अंतिम परिणामों में परिवर्तित हुए तो भाजपा 2014 के अपने प्रदर्शन में सुधार कर ज्यादा सीटें जीतती दिख रही है. 2014 में भाजपा ने लोकसभा की 543 सीटों में से 282 सीटें जीती थीं. भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) 2014 की 336 सीटों के मुकाबले 343 सीटों पर काबिज होता दिख रहा है. चुनाव रुझानों का बाजार ने भी स्वागत किया है. बीएसएसी सेंसेक्स ने पहली बार 40 हजार की ऊंचाई को छुआ वहीं एनएसई के निफ्टी ने 12 हजार के स्तर को पार किया. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया भी 14 पैसे मजबूत होकर 69.51 पैसे पर रहा. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी. सुषमा ने ट्वीट किया, ‘‘ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - भारतीय जनता पार्टी को इतनी बड़ी विजय दिलाने के लिए आपका बहुत बहुत अभिनन्दन. मैं देशवासियों के प्रति हृदय से कृतज्ञता व्यक्त करती हूं. ’’ मतगणना के रुझानों के आधार पर चुनाव परिणामों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता, उनकी सरकार के पिछले पांच साल के कार्यों और चुनाव प्रचार अभियान का नतीजा माना जा रहा है. चुनाव प्रचार राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रवाद के इर्द-गिर्द रहा.
  • Election Results 2019: पीएम मोदी ने बीजेपी को दिलाई 2014 से भी बड़ी जीत (बढ़त) - 10 बातें
    पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में भारतीय जनता पार्टी ने अपने 2014 लोकसभा चुनावों की जीत को और बड़ा कर दिया है. पीएम मोदी वहां भी कामयाब होते दिख रहे हैं जहां दिसंबर 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सरकार बनाई थी. मध्‍यप्रदेश, राजस्‍थान और छत्‍तीसगढ़ में कांग्रेस की जीत हुई थी और उम्‍मीद की जा रही थी कि इसका असर लोकसभा चुनाव में भी होगा लेकिन ऐसा दिख नहीं दिख रहा है. मध्‍यप्रदेश में बीजेपी को फायदा दिख रहा है जबकि राजस्‍थान में स्‍थ‍िति बरकरार है. छत्‍तीसगढ़ में भी बीजेपी 2014 वाली अपनी स्‍थि‍ति को बरकरार रखने में कामयाब होती दिख रही है. कांग्रेस को पंजाब और तमिलनाडु में फायदा दिख रहा है. तमिलनाडु में डीएमके के साथ होने का कांग्रेस को फायदा मिला.
  • Delhi Election Results: दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने स्वीकारी हार, जानिए इस शिकस्त के 7 कारण
    Delhi Election Results: लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election 2019) में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आम आदमी पार्टी (Aam Admi Party) की करारी हार हुई है. यहां सभी सात सीटों पर अब तक आए रुझानों में लगातार बीजेपी (BJP) बढ़त बनाए है. आप की यहां हार तय है. आतिशी जैसे दिग्गज उम्मीदवार भी इस चुनाव में आम आदमी पार्टी की लाज नहीं बचा सके. जाहिर है आम आदमी पार्टी ने इतनी बुरी हार इससे पहले नहीं देखी थी. फिलहाल बीजेपी को मिली निर्णायक बढ़त के आधार पर आम आदमी पार्टी ने बीजेपी को बधाई दी है. आप की ओर से कहा गया है कि प्रजातंत्र में जनादेश सबसे पवित्र माना जाता है और पार्टी इसका सम्मान करती है. आप के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने चुनाव परिणाम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा, ‘‘मैं अपनी पार्टी की तरफ से बीजेप को बधाई देता हूं. हम नरेन्द्र मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनने की शुभकामनायें भी देते हैं.’’ लेकिन यहां उन कारणों की पड़ताल करना भी जरूरी है कि आखिर क्यों आम आदमी पार्टी इतनी बुरी तरह से लोकसभा चुनाव हार गई.
  • Election Results : NaMo ने बनाया BJP को 2014 से भी ज्‍यादा मजबूत, दूसरी बार केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार,10 बातें
    India Election Results 2019 : पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा ने चुनाव को बेशक रक्‍तरंजित बना दिया हो लेकिन जो परिणाम आ रहे हैं उससे यह साबित होते जा रहा है कि चुनाव कैसे इससे प्रभावित हुआ. बताया जा रहा है कि इसबार का चुनाव प्रचार अब तक का सबसे ज्यादा ध्रुवीकरण वाला रहा है. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी की अगुवाई में बीजेपी को बहुमत मिला था. 30 साल बाद यह पहला मौका था किसी भी राजनीतिक दल को पूर्ण बहुमत मिला हो. और यह अब दूसरी बार होगा कि कोई गैर कांग्रेसी सरकार अपने दम पर सरकार बनाने जा रही है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में 21 पार्टियां एक साथ हैं. वहीं उत्तर प्रदेश में सपा और बीएसपी मिलकर चुनाव लड़ रही हैं.
  • Election Results: अब से कुछ घंटों बाद साफ हो जाएगा किसकी बनेगी सरकार? जानें, इस बार लोकसभा चुनाव से जुड़ी 10 बड़ी बातें
    Election 2019: लोकसभा चुनाव 2019 के परिणामों का ऐलान अब से कुछ घंटों बाद हो जाएगा. चुनावों की गहमा गहमी भरे माहौल को देखते हुए अंदाजा लगाया जा रहा है कि परिणाम का दिन भी खासा तनाव भरा रहने वाला है. 11 अप्रैल से शुरू हुए लोकसभा चुनाव 7 चरणों में संपन्न हुए. आखिरी चरण के लिए 19 मई को मतदान हुए. मतगणना के दिन न सिर्फ देशवासियों की निगाहें नतीजों पर टिकी रहेंगी बल्कि दुनिया भर की निगाहें भी इन परिणामों पर रहेंगी. चुनाव में शामिल हुए राजनीतिक दल तो तनाव में रहेंगे ही, साथ ही मतगणना की प्रक्रिया में जुटे कर्मचारी और अधिकारियों पर खासा दबाव रहने वाला है. इस बार के चुनावों में रिकॉर्ड संख्या में ईवीएम का इस्तेमाल हुआ है.कुल 543 लोकसभा सीटों में से 542 पर चुनाव हुए हैं. वेल्लोर लोकसभा सीट पर धन बल का अत्यधिक उपयोग किए जाने के आधार पर चुनाव आयोग ने चुनाव रद्द कर दिया था. इस सीट पर चुनाव के लिए नयी तारीख का ऐलान नहीं हुआ है. चुनाव लड़ने वाले प्रमुख नेताओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव शामिल हैं.
  • Lok Sabha Election 2019 : उत्तर प्रदेश में EVM को लेकर कई जगहों पर 'संदेह', अब तक सामने आईं 10 बड़ी बातें
    कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि देश के कई हिस्सों में स्ट्रांगरूम से ईवीएम स्थानांतरित किए जाने की शिकायतों पर चुनाव आयोग को तत्काल प्रभावी कदम उठाना चाहिए. पार्टी के नेता राजीव शुक्ला ने यह भी कहा कि यह सुनिश्चित करना चुनाव आयोग का कर्तव्य है कि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष हो. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ''जगह जगह से ईवीएम स्थानांतरित किए जाने की शिकायतें आ रही हैं. उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और पंजाब सहित कई जगहों पर स्ट्रांग रूम से ईवीएम को ले जाने की शिकायतें आ रही हैं. लोगों का संदेह बढ़ रहा है.'' शुक्ला ने कहा, '' चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चुनाव निष्पक्ष हों. आयोग को तत्काल प्रभावी कदम उठाना चाहिए.'' उन्होंने कहा कि आज विपक्षी दलों के नेता चुनाव आयोग से मिलेंगे और यह मामला उठाएंग. एग्जिट पोल के सवाल पर शुक्ला ने कहा कि यह मनोरंजन की तरह है और इसे पार्टी गंभीरता से नहीं ले रही. ‘‘ये असल नतीजे नहीं हैं.’’ पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के चुनाव आयोग की तारीफ करने संबन्धी बयान को लेकर शुक्ला ने कहा, ''मुखर्जी ने तो यह भी कहा है कि चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया पर विचार होना चाहिए. उनके इस बयान पर बात क्यों नहीं हो रही है?'' आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की करीब 5 जगहों पर ईवीएम को लेकर बवाल मचा हुआ है.
  • Exit Poll Results 2019 : बीजेपी की सरकार बनने के दावों की पड़ताल, पढ़ें 10 बड़ी बातें
    लोकसभा चुनाव के रविवार शाम आए ज्यादातर एग्जिट पोल के मुताबिक नरेन्द्र मोदी एक बार फिर प्रधानमंत्री के रूप में वापसी करने जा रहे हैं. यहां तक कि कुछ एग्जिट पोल ने बीजेपी की अगुवाई एनडीए को बहुमत के लिए जरूरी 272 सीटों से कहीं अधिक 300 प्लस सीट मिलने का अनुमान व्यक्त किया है. हालांकि कई एक्जिट पोल के मुताबिक भाजपा-गठबंधन को उत्तर प्रदेश में खासा नुकसान हो रहा है. 2014 के आम चुनाव में पार्टी को 71 सीटें मिली थीं. एबीपी नीलसन की मानें तो भाजपा-गठबंधन को उत्तर प्रदेश में सिर्फ 22 सीटें मिलने की संभावना है, जबकि न्यूज 18-इपसस और न्यूज24 चाणक्य के अनुसार राजग को 60 से ज्यादा सीटें मिलेंगी. भगवा पार्टी को पश्चिम बंगाल और ओडिशा में इस बार ज्यादा फायदा होता दिख रहा है. न्यूज18 इपसस, इंडिया टुडे-एक्सिस और न्यूज24 चाणक्य के एक्जिट पोल के मुताबिक एनडीए को क्रमश: 336, 339-368 और 336-364 सीटें मिलने जा रही हैं. वहीं, एबीपी न्यूज नीलसन और नेता-न्यूज एक्स के अनुसार सत्तारूढ़ राजग गठबंधन को बहुमत के लिए जरूरी 272 सीटों से कुछ कम सीट मिलेंगी. बहुमत के लिए किसी भी पार्टी या गठबंधन को कम से कम 272 सीटें चाहिए. टाइम्स नाउ चैनल पर प्रसारित दो एक्जिट पोल के मुताबिक एनडीए को 296 से 306 सीटें मिलने की संभावना है जबकि यूपीए को 126 से 132 सीटें मिल सकती हैं. सी-वोटर-रिपब्लिक के एक्जिट पोल के मुताबिक, एनडीए और यूपीए को क्रमश: 287 और 128 सीटें मिलने की संभावना है. हालांकि नेक्सा-न्यूज एक्स के अनुसार, एनडीए को बहुमत से कम 242 सीटें मिलने की संभावना है. इसने यूपीए को 164 सीटें दी हैं.
  • Lok Sabha Election 2019 Phase 7: 10 बड़े चेहरे जिनकी किस्मत आज EVM में हो जाएगी कैद
    रविवार यानी आज लोकसभा चुनावों के आखिरी चरण के लिए मतदान शुरू हो गया है. कुल 59 सीटों पर आज मतदान हो रहा है. वोटों की गिनती 23 मई को होगी. खास बात ये है कि आज पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी वोट डाले जा रहे हैं, जहां से पीएम दोबारा उम्मीदवार हैं. आज के मतदान से कई बड़े नेताओं की किस्मत का चुनाव होगा जिनमें पीएम मोदी, शत्रुघ्न सिन्हा, सुखबीर सिंह बादल, मनीष तिवारी, किरण खेर अभिषेक बनर्जी, सनी देओल, मीसा भारती, रविशंकर प्रसाद और रवि किशन प्रमुख हैं. सातवें चरण में पंजाब में 13, उत्तर प्रदेश में 13, पश्चिम बंगाल में नौ, बिहार और मध्य प्रदेश में आठ-आठ, हिमाचल प्रदेश में चार, झारखंड में तीन और चंडीगढ़ की एकमात्र लोकसभा सीट पर मतदान हो रहा है. इस चरण में 918 उम्मीदवार अपने किस्मत आजमा रहे हैं. रविवार को ही पणजी विधानसभा सीट के लिए वोट डाले जा रहे हैं, जो पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद रिक्त हो गई थी. इसके साथ ही तमिलनाडु की चार विधानसभा सीटों-सुलूर, अरवाकुरुचि, ओत्तापिदरम (सुरक्षित) और तिरुपरंकुंद्रम पर भी रविवार को उपचुनाव होगा. यूपी में वाराणसी के अलावा गाजीपुर, मिर्जापुर, महराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव, घोसी, सलेमपुर, बलिया, चंदौली और रॉबर्ट्सगंज सीटों के लिये मतदान शुरू हो चुका है.
  • Lok Sabha Election 2019 Phase 7: 10 करोड़ से ज्यादा वोटर करेंगे 918 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला, जानिए 11 बड़ी बातें
    19 मई यानी आज लोकसभा चुनावों के आखिरी चरण के लिए मतदान शुरू हो गया है. आज का चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आज पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी वोट डाले जा रहे हैं, जहां से पीएम दोबारा उम्मीदवार हैं. कुल 59 सीटों पर आज मतदान हो रहा है. वोटों की गिनती 23 मई को होगी. सातवें चरण में पंजाब में 13, उत्तर प्रदेश में 13, पश्चिम बंगाल में 9, बिहार और मध्य प्रदेश में 8-8, हिमाचल प्रदेश में 4, झारखंड में 3 और चंडीगढ़ की एक मात्र लोकसभा सीट पर मतदान हो रहा है. रविवार को ही पणजी विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव है जो पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद खाली हो गई थी. आज के मतदान से कई बड़े नेताओं की किस्मत का चुनाव होगा जिनमें केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा, यूपी भाजपा के मुखिया महेंद्र नाथ पांडेय, सुखबीर सिंह बादल, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, हरदीप सिंह पुरी, किरण खेर, पवन सिंह बंसल, सनी देओल, शत्रुघ्न सिन्हा और भगवंत मान समेत कई प्रमुख नाम हैं.
  • लोकसभा चुनाव 2019 : आखिरी रैली में एक बात का नहीं किया जिक्र, PM मोदी के प्रचार अभियान 10 बड़ी बातें
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए 50 दिन चले अपने चुनाव प्रचार अभियान के तहत मध्यप्रदेश के खरगोन में आखिरी रैली की. मोदी ने अपने प्रचार अभियान की शुरुआत मेरठ से की थी. मोदी ने अपने पूरे प्रचार अभियान के दौरान कांग्रेस पर राष्ट्रवाद, सशस्त्र बलों, सीमापार हमले जैसे भावनात्मक मुद्दों को लेकर हमले किये और अपनी सरकार को ‘‘निर्णायक सरकार’’ तौर पर पेश किया. चुनावी कार्यक्रम की घोषणा के बाद 28 मार्च को मेरठ में आयोजित अपनी पहली रैली में मोदी ने कहा था, ‘‘इसी चौकीदार की सरकार थी जिसमें जमीन, आसमान और अंतरिक्ष में सर्जिकल स्ट्राइक करने की ताकत है. भारत को विकसित होना चाहिए, भारत को दुश्मनों से सुरक्षित होना चाहिए.’’    
  • लोकसभा चुनाव 2019: बंगाल में अमित शाह के रोड शो में हिंसा से लेकर EC के सख्त कदम उठाने तक की 11 बड़ी बातें
    पश्चिम बंगाल में हिंसा होना नई बात नहीं है बल्कि ये राज्य पहले भी चुनावी हिंसा का शिकार हो चुका है. मंगलवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान जो हिंसा हुई, उसके लिए बीजेपी और तृणमूल ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं. तृणमूल का कहना है कि बीजेपी ने बाहर से भीड़ लाकर हिंसा फैलाई. वहीं बीजेपी इस हिंसा के लिए तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहरा रही है. शाह के रोड शो में दोनों पक्षों में जमकर पत्थरबाजी हुई थी और प्रसिद्ध दार्शनिक ईश्वरचंद विद्यासागर की मूर्ति तोड़ दी गई. जिसके बाद पुलिस ने 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया और बीजेपी इस मामले को लेकर चुनाव आयोग के पास गई. जिसके बाद पश्चिम बंगाल में रैली और सभाओं पर चुनाव आयोग (Election Commission) की तरफ से रोक लगा दी गई. चुनाव आयोग की तरफ से जारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी गई कि रोक का फैसला 16 मई की रात 10 बजे से प्रभावी होगा. बंगाल की सभी 9 लोकसभा क्षेत्र में आज रात 10 बजे के बाद से चुनाव प्रचार (Election Campaigning) पर रोक लग जाएगी. 
  • Elections 2019: अमित शाह के कोलकाता रोड शो में हिंसा: TMC ने मांगा EC से समय तो BJP बोली- ममता के प्रचार पर लगे बैन, 10 बड़ी बातें
    भाजपा अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) के मंगलवार को कोलकाता में हुए विशाल रोड शो के दौरान भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (TMC) समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हुईं. हालांकि शाह को किसी तरह की चोट नहीं आई और पुलिस उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले गई. अधिकारियों ने बताया कि शहर के कुछ हिस्सों में हिंसा भड़क उठी जब विद्यासागर कॉलेज के भीतर से टीएमसी के कथित समर्थकों ने शाह के काफिले पर पथराव किया, जिससे दोनों पार्टियों के समर्थकों के बीच झड़प हुई. गुस्साए भाजपा (BJP) समर्थकों ने भी उसी तरह प्रतिक्रिया दी और कॉलेज के प्रवेशद्वार के बाहर टीएमसी प्रतिद्वंद्वियों के साथ मारपीट करते नजर आए. बाहर खड़ी कई मोटरसाइकलों को आग के हवाले कर दिया गया. ईश्वर चंद्र विद्यासागर की आवक्ष प्रतिमा भी झड़प के दौरान तोड़ दी गई. पुलिसकर्मी पानी भरी बाल्टियों से आग बुझाने की कोशिश करते देखे गए. रोडशो के लिए तैनात किए गए कोलकाता पुलिस (Kolkata Police) के दस्ते ने तुरंत हरकत में आते हुए इन समूहों का पीछा किया.
  • लोकसभा चुनाव 2019 :  क्या तस्वीर हुई साफ? छठे चरण के मतदान की 11 बड़ी बातें
    लोकसभा चुनाव के छठे चरण में रविवार को पश्चिम बंगाल में भाजपा उम्मीदवार भारती घोष पर हमला किया गया और उत्तरप्रदेश में भगवा दल के एक विधायक ने एक चुनाव अधिकारी की कथित तौर पर पिटाई की. इस चरण में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और छह राज्यों की 59 सीटों पर 63 फीसदी से अधिक वोट पड़े. इस चरण में उत्तरप्रदेश में 14 सीटों, हरियाणा की दस सीटों, बिहार, मध्यप्रदेश और पश्चिम बंगाल में आठ - आठ सीटों, झारखंड में चार सीटों और दिल्ली में सात सीटों पर वोट डाले गए. दिल्ली में वोट डालने वाली प्रमुख हस्तियों में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज शामिल हैं. आज के मतदान के साथ ही 543 लोकसभा क्षेत्रों में से करीब 89 फीसदी सीटों पर चुनाव संपन्न हो गए जबकि शेष 59 सीटों पर 19 मई को चुनाव होंगे. चुनाव आयोग ने विभिन्न राज्यों और दिल्ली में 63.48 फीसदी मतदान की घोषणा की, वहीं पश्चिम बंगाल में 80 फीसदी से अधिक वोट पड़े जबकि राष्ट्रीय राजधानी में महज 60.21 फीसदी मतदान हुआ. 2014 में यह 63.37 प्रतिशत था. चुनाव आयोग ने कहा कि मतदान प्रतिशत रात नौ बजे दर्ज किया गया. यह आंकड़ा अंतिम नहीं है और इसमें वृद्धि हो सकती है क्योंकि कुछ स्थानों पर मतदान चल रहा है. खास बात यह है कि अब सिर्फ अंतिम चरण का चुनाव ही बचा है लेकिन अभी तक कोई भी दावे से नहीं कह सकता है कि केंद्र में किसकी सरकार बनने वाली है. हालांकि नेताओं को अपने-अपने दावे जरूर हैं.
  • 6th Phase Election: छठे चरण में क्या BJP मार पाएगी 'छक्का'? 2014 में 59 में से जीती थी 45 सीटें
    Lok Sabha Election 6th Phase: छह राज्यों और दिल्ली की 59 लोकसभा सीटों पर छठे चरण का मतदान जारी है. इस चरण के साथ ही केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन (Harshvardhan), राधामोहन सिंह और मेनका गांधी (Maneka Gandhi), सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेताओं दिग्विजय सिंह तथा ज्योतिरादित्य सिंधिया की किस्मत का फैसला हो जाएगा. छठे दौर के इस चुनाव में उत्तर प्रदेश की 14, हरियाणा की 10, बिहार और मध्य प्रदेश की 8-8, दिल्ली की सात और झारखंड की चार सीटों पर मतदान होना है. इस चरण में कुल 10.17 करोड़ मतदाता मतदान के योग्य हैं जो 979 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे. लोकसभा चुनाव के इस चरण को भाजपा के लिये कड़ी परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि 2014 के चुनाव में भाजपा (BJP) ने इनमें से 45 सीटें जीतीं थीं जबकि तृणमूल कांग्रेस को आठ, कांग्रेस को दो और समाजवादी पार्टी और लोजपा को एक-एक सीट पर जीत मिली थी.
  • नरेंद्र मोदी 18 घंटे काम करते हैं, आप छुट्टी पर चले जाते हैं? रवीश कुमार के इस सवाल पर क्या बोले राहुल गांधी, इंटरव्यू की 6 बड़ी बातें
    लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election 2019) की सरगर्मियों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एनडीटीवी को इंटरव्यू दिया. एनडीटीवी के रवीश कुमार से बातचीत के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जो विचारधारा देश में नफरत फैला रही है और संविधान पर आक्रमण कर रही है उससे लड़ाई है. मेरी लड़ाई बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा से है. इनकी विचारधारा संविधान को खत्म करना चाहती है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने नोटबंदी, पीएम पद की दावेदारी, राफेल से लेकर मायावती और किसानों के मुद्दे पर रवीश कुमार के हर सवाल का जवाब दिया.
  • मतदान के दिन राहुल गांधी का अमेठी न पहुंचना बना चर्चा का विषय, पांचवें चरण के चुनाव की 10 बड़ी बातें
    लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में 63.5 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो अब तक के सभी चरणों में सबसे कम है. चुनाव आयोग ने यह आंकड़ा जारी किया है. आयोग के मतदाता एंड्रॉयड एप्लिकेशन के अनुसार, सोमवार को रात के 9 बजे तक मतदान 63.5 प्रतिशत रहा. इस चुनाव में अब तक मतदाताओं की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है. पहले चरण में 69.50 फीसदी मतदान हुआ था, जो अब तक के पांच चरण में सबसे अधिक है. दूसरे चरण में मतदान 69.44 प्रतिशत हुआ था, तीसरे चरण में 68.40 और चौथे चरण में 65.51 प्रतिशत मतदान हुआ था. वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त संदीप सक्सेना ने यहां संवाददाताओं से कहा कि 2014 की तुलना में पहले चार चरणों (सोमवार के पांचवें चरण को छोड़कर) में 7.85 करोड़ अधिक मतदाता हैं. उन्होंने यह भी कहा कि 2014 के लोकसभा चुनावों के पहले चार चरणों की तुलना में इसके पहले चार चरणों में छह करोड़ अधिक मतदाताओं ने मतदान में भाग लिया. सक्सेना ने बताया कि झारखंड, राजस्थान, जम्मू कश्मीर और पश्चिम बंगाल में मतदान बाधित करने की छिटपुट घटनाओं को छोड़कर सभी जगह मतदान शांतिपूर्ण रहा. उन्होंने बताया कि पांचवें चरण में उत्तर प्रदेश और बिहार में मतदान का स्तर पिछले चुनाव की तुलना में बढ़ा है.
  • Phase 5 Voting: क्या BJP दोहरा पाएगी 2014 जैसा प्रदर्शन, 51 में से जीती थी 39 सीटें, 2 पर सिमटी थी कांग्रेस, 10 बड़ी बातें
    केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh), यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी (Sonia Gandhi), कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) सहित 674 उम्मीदवारों के भविष्य का फैसला आज सात राज्यों में 51 सीटों पर होने वाले चुनावों में करीब नौ करोड़ मतदाता करेंगे. सत्तारूढ़ भाजपा (BJP) और इसके सहयोगियों के लिए काफी कुछ दांव पर लगा हुआ है क्योंकि 2014 के चुनावों में इसने इनमें से 40 सीटों पर जीत दर्ज की थी और दो सीटों पर कांग्रेस (Congress) ने जीत हासिल की थी जबकि शेष पर अन्य विपक्षी दलों ने जीत हासिल की. उत्तरप्रदेश में 14 सीटों, राजस्थान में 12 सीटों, पश्चिम बंगाल और मध्यप्रदेश में सात- सात सीटों पर चुनाव होंगे जबकि बिहार में पांच और झारखंड में चार सीटों के लिए चुनाव होना है. जम्मू-कश्मीर के लद्दाख सीट और अनंतनाग सीट के लिए पुलवामा और शोपियां जिलों में चुनाव होना है. चुनाव आयोग (Election Commission) ने 94 हजार मतदान केंद्रों का निर्माण किया है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गए हैं. पांचवें और सबसे छोटे चरण में 8.75 करोड़ मतदाता 674 उम्मीदवारों के भविष्य तय करेंगे. इस चरण के साथ ही 424 सीटों पर चुनाव खत्म हो जाएंगे और शेष 118 सीटों पर 12 मई और 19 मई को चुनाव होंगे.
  • भोपाल लोकसभा सीट पर प्रज्ञा ठाकुर की राह नहीं है आसान, 8 बड़ी बातें
    मध्य प्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह और बीजेपी की प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर के बीच हो रहे मुकाबले पर अब पूरे देश की नजर है. शुरुआत में ऐसा लग रहा था कि प्रज्ञा ठाकुर के उतरने से दिग्विजय सिंह बैकफुट पर आ गए हैं और उन्होंने मीडिया के सामने पूरी तरह से चुप्पी साध ली थी. लेकिन मुंबई हमले में शहीद पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे पर बयान देकर प्रज्ञा ठाकुर ने एक तरह से खुद ही अपना नुकसान कर लिया. जेल में हुए कथित अत्याचार की कहानी बताते-बताते उन्होंने कह दिया कि उन्हीं के श्राप की वजह से हेमंत करकरे की मौत हुई है. उनके उस बयान की लोगों ने कड़ी निंदा करनी शुरू कर दी और बीजेपी बैकफुट में आ गई. नतीजा यह हुआ कि पार्टी के बड़े नेताओं ने जाकर प्रज्ञा ठाकुर को समझाया कि क्या बोलना है और क्या नहीं. हालांकि बीजेपी की ओर से उन्हें इस बात की पूरी छूट दी गई कि वह उनके साथ हुए जेल में कथित अत्याचार की कहानी खूब सुनाएं. आपको बता दें कि भोपाल सीट बीजेपी का गढ़ माना जाता है आखिरी चुनाव कांग्रेस ने यहां पर 1984 में जीता था. लेकिन इस बार प्रज्ञा ठाकुर की राह आसान नहीं है और इसकी सिर्फ एक नहीं कई वजहे हैं.
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