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  • गोवा का CM बनने के बाद क्या बोले प्रमोद सावंत? देर रात दो बजे ली शपथ, 10 बड़ी बातें
    सीएम मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद गोवा में जारी सियासी उठापटक पर विराम लग गया है. प्रमोद सावंत (Pramod Sawant) गोवा के नए मुख्यमंत्री (Chief Minister of Goa) बन गए हैं. प्रमोद सावंत ने (Pramod Sawant) रात 2 बजे राजभवन में आयोजित समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ ली. प्रमोद सावंत (Pramod Sawant News) को गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. प्रमोद सावंत (Pramod Sawant News) के साथ-साथ दो डिप्टी सीएम ने भी शपथ ली. MGP के सुदिन धवलिकर और गोवा फॉरवर्ड पार्टी (GFP) के विजय सरदेसाई डिप्टी सीएम बनाए गए हैं. सोमवार देर रात आयोजित समारोह में प्रमोद सावंत और दो डिप्टी सीएम के अलावा 9 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली. शपथ समारोह से पहले प्रमोद सावंत ने कहा कि पार्टी ने जो जिम्मेदारी मुझे दी है उसे निभाने की मेरी पूरी कोशिश रहेगी. मैं जो भी कुछ हूं मनोहर पर्रिकर की वजह से ही हूं. उन्होंने ही मुझे राजनीति में लाया और उन्हीं के बदौलत मैं गोवा विधानसभा का स्पीकर बना.
  • किसकी होगी गोवा में सरकार? सहयोगियों को मनाने में जुटी BJP, कांग्रेस MLAs ने की राज्यपाल से मुलाकात, 10 बड़ी बातें
    गोवा (Goa) के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर (Manohar Parrikar) के निधन के बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों ही सरकार बनाने में लगी हैं. भाजपा (BJP) जहां अपने सहयोगियों को मनाने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर सबसे ज्यादा विधायकों वाली कांग्रेस (Congress) पार्टी के विधायकों ने राज्यपाल मृदुला सिन्हा से मुलाकात करके सरकार बनाने का दावा पेश किया है. कांग्रेस ने सरकार बनाने के 48 घंटे में दो बार राज्यपाल के सामने दावा पेश किया. मनोहर पर्रिकर की तबीयत ज्यादा खराब होने के बाद शनिवार को कांग्रेस ने पहली बार सरकार बनाने का दावा पेश किया. इसके बाद पर्रिकर के निधन के बाद सोमवार को दावा पेश किया गया. सोमवार दोपहर कांग्रेस के 14 विधायकों ने राज्यपाल से मुलाकात करके सरकार बनाने का दावा पेश किया था. इस के बाद गोवा के भाजपा प्रमुख विनय तेंदुलकर का बयान आया कि दोपहर दो बजे तक सीएम के नाम का फैसला हो जाएगा और चार बजे तक मुख्यमंत्री पद का शपथ ग्रहण समारोह हो जाएगा.
  • कांग्रेस ये 'दांव' खेलकर क्या BJP के हाथ से छीन सकती है गोवा की सत्ता, 10 प्वाइंट्स में समझें
    गोवा (GOA) में भाजपा नीत गठबंधन अगले मुख्यमंत्री को लेकर अभी किसी सहमति पर नहीं पहुंच पाया है. मनोहर पर्रिकर (Manohar Parrikar) के निधन के बाद राज्य में नए मुख्यमंत्री की तलाश शुरू हो गई है. भाजपा (BJP) विधायक माइकल लोबो ने बताया कि देर रात पहुंचे केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी राज्य में भगवा पार्टी और गठबंधन सहयोगी दलों के बीच कोई आम सहमति हासिल नहीं कर सके. वहीं दूसरी ओर कांग्रेस (Congress) ने मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद सरकार बनाने के लिए फिर से दावा पेश किया है. कांग्रेस ने पहले मनोहर पर्रिकर के तबीयत ज्यादा खराब होने पर शनिवार को राज्यपाल के सामने दावा पेश किया था. हालांकि, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्यपाल ने न तो उनके पत्र का जवाब दिया और न ही उन्होंने मिलने का समय दिया. ऐसे में यह समझाना जरूरी है कि गोवा के सियासी समीकरण क्या कहते हैं. हम आपको बता रहे हैं कि गोवा में किन परिस्थितियों में भाजपा के साथ से सत्ता जा सकती है.
  • गोवा में कांग्रेस के दावे के बाद भी क्या 'सेफ' है BJP की सरकार? 10 प्वाइंट्स में समझें सियासी समीकरण
    Manohar Parrikar Death: गोवा के CM का रविवार शाम निधन होने के बाद विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों की संख्या 13 से 12 हो गई. लेकिन साथी दलों को मिलाकर BJP के पास अब भी 20 विधायक हैं, और सरकार बनाने के लिए 19 विधायकों की जरूरत है. पर्रिकर के निधन से एक दिन पहले कांग्रेस (Congress) ने एक बार फिर सरकार बनाने का दावा पेश किया था. कांग्रेस ने राज्यपाल मृदुला सिन्हा (Mridula Sinha) से कहा था कि उन्हें सरकार बनाने के लिए बुलाया जाए. कांग्रेस ने कहा था कि BJP विधायकों की संख्या कम हो गई है और कांग्रेस राज्य में सबसे बड़ी पार्टी है. वहीं दूसरी ओर ख़बरें हैं कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिगंबर कामत BJP ज्वाइन कर सकते हैं. हालांकि, कामत ने इन खबरों का खंडन किया है.
  • बिहार एनडीए में सीटों का बंटवारा - नीतीश ने क्या ज़्यादा राजनीतिक रिस्क लिया है?
    लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) के लिए बिहार में एनडीए (NDA) के बीच सीटों का बंटवारा हो गया है. विधिवत रूप से एनडीए के कौन से घटक किस सीट पर लड़ेंगे उसकी घोषणा रविवार को पटना में एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में की गयी. जनता दल यूनाइटेड (JDU) नेता वशिष्ठ नारायण सिंह ने एनडीए में सीटों के बंटवारे की घोषणा की. सीटों के बंटवारे के लिहाज से देखें तो सीमांचल की ज्यादातर सीटों पर JDU चुनाव लड़ेगी. जिसमें किशनगंज और भागलपुर भी शामिल हैं. छह सीटें रामविलास पासवान की राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) को मिली हैं. बिहार की कुल 40 लोकसभा सीटों में से इस बार बीजेपी और जेडीयू 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं, जबकि 6 सीट सहयोगी दल लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) को मिली है.
  • Mumbai Bridge Collapse: मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस के पास फुटओवर ब्रिज गिरा, 6 की मौत, 30 से अधिक घायल, जानें हादसे से जुड़ी 10 बातें
    मुंबई (Mumbai) के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (Chhatrapati Shivaji Terminus) के पास फुटओवर ब्रिज (Bridge Collapse) हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई और 30 से अधिक लोग घायल हो गए. घायलों को सेंट जॉर्ज अस्पताल और जीटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जिन लोगों ने हादसा करीब से देखा, वह बताते हैं कि पहले कुछ कंपन हुआ और फिर ज़ोर की आवाज़ के साथ पुल का हिस्सा गिर पड़ा. मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने बताया कि यह ब्रिज (Mumbai Foot Overbridge Collapse) 'टाइम्‍स ऑफ इंडिया बिल्डिंग (Times Of India Building) और सीएसटी (CST) स्टेशन के प्‍लेटफॉर्म संख्‍या एक को बीटी लेन से जोड़ता है. सीएम देवेंद्र फडणवीस ने मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है. घायलों के इलाज का खर्च भी राज्‍य सरकार ही वहन करेगी.
  • कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पहले भाषण में क्या रहे मुद्दे, कौन रहा निशाने पर, जानिए 10 बातें
    कांग्रेस (Congress) राष्ट्रीय महासचिव बनने के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने पहला आधिकारिक भाषण (Priyanka Gandhi Speech) दिया. मौका था गुजरात के गांधीनगर में मंगलवार को आयोजित कांग्रेस की रैली का. पहले ही भाषण के जरिए प्रियंका गांधी ने जनता का नब्ज छूने की कोशिश की. काफी हद तक वह मकसद में सफल रहीं. उनके भाषण की कांग्रेस नेताओं में चर्चा रही. नेताओं और कार्यकर्ताओं के मुताबिक भाषण प्रभावी रहा. उन्होंने जनता से जागरूकता की अपील की. साथ ही बीजेपी और मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए देश की तमाम समस्याओं का जिम्मेदार ठहराया. पार्टी की बड़ी रैली में इस डेब्यू स्पीच के बाद अब लोगों की नजरें उनकी चुनावी कैंपेनिंग पर टिकी हैं. यूपी में प्रभारी बनीं प्रियंका गांधी किस तरह से पार्टी को मजबूत करती हैं और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को कितनी सीटों का वह फायदा दिला पाती हैं, इसको लेकर पार्टी नेता अपने-अपने स्तर से आंकलन करने में जुटे हैं. आइए जानते हैं प्रियंका गांधी के भाषण की 10 बड़ी बातें. 
  • Lok Sabha Election 2019 : वो 10 सवाल, जिनका 23 मई को लोकसभा चुनाव नतीजों के साथ मिल जाएगा जवाब
    लोकसभा चुनाव की रणभेरी बज चुकी है. चुनाव आयोग ने 17वें लोकसभा (Lok Sabha Election 2019) के लिए आम चुनाव की तरीखों का ऐलान कर दिया है. रविवार को मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने तारीखों की घोषणा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की. 11 अप्रैल से शुरु होने वाला चुनावी समर एक महीने से अधिक समय तक चलेगा. जिसमें एक ओर भाजपा फिर से सत्तारूढ़ होने का हरसंभव प्रयास करेगी, वहीं विपक्षी दल एकजुट होकर मोदी सरकार को सत्ता से बेदखल करने की भरसक कोशिश करेंगे. इस बार लोकसभा चुनाव के नतीजे 23 मई को आएंगे. इसके साथ उन तमाम सवालों के जवाब भी मिल जाएंगे जिनको लेकर विपक्ष सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार पर निशाना साधता रहा है. इस बार लोकसभा चुनाव में विपक्ष एकता का लिटमस टेस्ट भी हो रहा है और 23 मई को आने वाले नतीजों से यह साफ हो जाएगा कि यह टेस्ट सफल रहा है या नही. फिलहाल आइये उन 10 सवालों पर नजर डालते हैं, जिनका जवाब 23 मई को लोकसभा चुनाव नतीजों के साथ ही मिल जाएगा.
  • Lok Sabha Election 2019: एक महीने से ज्यादा चलेगा चुनावी समर, पहली बार लागू होंगे ये नियम, 10 बड़ी बातें
    चुनाव आयोग (Election Commision) द्वारा रविवार को बहुप्रतीक्षित 17वीं लोकसभा के चुनाव (Lok Sabha Election) कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही देश में 11 अप्रैल से शुरु होने वाला चुनावी समर एक महीने से अधिक समय तक चलेगा. जिसमें एक ओर भाजपा फिर से सत्तारूढ़ होने का हरसंभव प्रयास करेगी, वहीं विपक्षी दल एकजुट होकर मोदी सरकार को सत्ता से बेदखल करने की भरसक कोशिश करेंगे. आयोग ने लोकसभा और चार राज्यों- आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम में विधानसभा के चुनाव का कार्यक्रम घोषित दिया है. इसके तहत सात चरणों में 11 अप्रैल से 19 मई तक होने वाले मतदान के बाद 23 मई को मतगणना होगी. बता दें, साल 2014 में 16वीं लोकसभा का चुनाव नौ चरण में कराया गया था. 2019 के लोकसभा चुनाव में आपको कई नियम और प्रावधान पहली बार देखने को मिलेंगे. इस बार उम्मीदवारों को विज्ञापन देकर अपना आपराधिक रिकॉर्ड बताना होगा. इसके साथ ही उन्हें सोशल मीडिया अकांउट की जानकारी देना होगी.
  • Lok Sabha Election 2019: लोकसभा चुनाव का 'शंखनाद', हर बूथ में इस बार वोट डालने के बाद मिलेगी पर्ची, 10 बड़ी बातें
    लोकसभा चुनाव आगामी 11 अप्रैल से कुल सात चरणों में संपन्न होगा. यह जानकारी मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में दी. अरोड़ा ने कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए मतदान 11, 18, 23 अप्रैल और छह, 12, 19 मई को होंगे. उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम की घोषणा 23 मई को की जाएगी. मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने रविवार को कहा कि इस बार लोकसभा चुनाव में मतदान करनेवालों की संख्या लगभग 90 करोड़ होगी. उन्होंने आगामी चुनाव को लोकतंत्र का सबसे बड़ा त्योहार बताया। उन्होंने कहा कि इस बार लगभग 10 लाख मतदान केंद्र होंगे, जो 2014 के आम चुनाव में रहे नौ लाख से अधिक है. कुल मतदाताओं में 1.50 करोड़ मतदाता 18-19 साल उम्र के होंगे. उन्होंने कहा, "निर्वाचन आयोग ने चुनाव के लिए एक बहुत ही व्यापक तैयारी की है."मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने चुनाव आयुक्तों अशोक लवासा और सुशील चंद्रा के साथ संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पहली बार सोशल मीडिया को लेकर भी आचार संहिता लागू की गई है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के अधिकारियों को इस पर आयोग को रिपोर्ट देने के लिए भी कहा गया है. आम चुनाव का कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही देश में चुनाव आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गयी है. 
  • पहले: राफेल की फाइल चोरी हो गई, अब: फोटोकॉपी हुई; सुप्रीम कोर्ट में मोदी सरकार के यूटर्न पर 20 बातें
    राफेल सौदे (Rafale Deal) के दस्तावेजों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार (Modi Govt) ने महज तीन दिन के भीतर दो तरह के बयान दिए हैं. दो दिन पहले राफेल सौदे की पुनर्विचार याचिकाओं की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सरकार ने कहा था की राफेल के कुछ सीक्रेट दस्तावेज चोरी हो गए, वहीं अब सरकार ने यूटर्न लेते हुए यह कहा है कि राफेल के दस्तावेज चोरी नहीं हुए हैं. सरकार का अब कहना है कि राफेल की सीक्रेट फाइल चोरी नहीं, बल्कि फोटोकॉपी हुए हैं. दरअसल, बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में यह कहने के बाद कि राफेल डील से जुड़े कुछ दस्तावेज चोरी हो गए, अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सफाई देते हुए कहा कि राफेल दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चुराए नहीं गये और सुप्रीम कोर्ट में उनकी बात का मतलब यह था कि याचिकाकर्ताओं ने आवेदन में उन ‘मूल कागजात की फोटोकॉपियों' का इस्तेमाल किया जिसे सरकार ने गोपनीय माना है. सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को वेणुगोपाल की इस टिप्पणी ने राजनीतिक भूचाल ला दिया था कि राफेल लड़ाकू विमान के सौदे के दस्तावेज चुरा लिये गये हैं. सुप्रीम कोर्ट में दिए गए इस बयान के बाद न सिर्फ सरकार की आलोचना हो रही थी, बल्कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इतने संवेदनशील कागजात के चोरी होने पर सरकार पर निशाना साधा और जांच की मांग की थी. बहरहाल, पीठ पुनर्विचार याचिकाओं पर अगली सुनवाई 14 मार्च को करेगी.  
  • अयोध्या विवाद का पूरा इतिहास, जानें अब तक क्या-क्या हुआ, 25 बड़ी बातें
    अयोध्या में मंदिर मस्जिद के लिए मुकदमा लड़ते सवा सौ साल हो गया है. इस एक मुद्दे ने बड़े बड़े नेता बना दिए. सरकारें बना दीं और सरकारें गिरा दीं. सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद का सर्वमान्य समाधान खोजने के लिये शुक्रवार को शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश एफएमआई कलीफुल्ला की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय मध्यस्थता समिति गठित कर दी. इस समिति को आठ सप्ताह के भीतर मध्यस्थता की कार्यवाही पूरी करनी है. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अपने आदेश में कहा कि मध्यस्थता के लिये गठित समिति के अन्य सदस्यों में आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर और वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीराम पांचू शामिल हैं. पीठ ने कहा कि समिति, आवश्यकता हो तो, इसमें और सदस्य शामिल कर सकती है. संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर शामिल हैं.
  • अयोध्या : मंदिर-मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की 5 बड़ी बातें
    सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए मध्यस्थता के जरिए इस मसले को सुलझाने का आदेश दिया है. माना जा रहा है कि बातचीत से सालों से चले रहे इस विवाद का निपटारा किया जा सकता है. हालांकि कोर्ट से इतर भी कई बार बातचीत की कोशिश हो चुकी है. लेकिन इस मुद्दे को लेकर सभी पक्षों को मनाना आसान नहीं काम नहीं था. हालांकि इस फैसले के पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता की बात कई बार कह चुका है. आज आया फैसला कई मायनों में अहम है क्योंकि इस बातचीत कोर्ट की निगरानी में होगी. बातचीत के लिए एक समिति का गठन किया गया है. जिससे अध्यक्ष मोहम्मद इब्राहिम खलीफुल्ला हैं. वह 22 जुलाई को 2016 को सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर रिटायर हुए थे. इसके अलावा धार्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर और वरिष्ठ वकील श्रीराम पंचू मध्यस्थता समिति में शामिल हैं.
  • राफेल की सीक्रेट फाइलें चोरी हो गईं: मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, जानें 15 अहम बातें
    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में केंद्र सरकार ने कहा कि राफेल डील (Rafale Deal) से जुड़े कागजात चोरी हो गए हैं और याचिकाकर्ता उनका इस्तेमाल करके आधिकारिक गोपनीयता कानून का उल्लंघन कर रहे हैं. यह बात केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में राफेल डील मामले में दाखिल पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान एक न्यूज पेपर की रिपोर्ट का जिक्र करने के दौरान कही. केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए एजी वेणुगोपाल ने कहा, 'ये कागजात रक्षा मंत्रालय से पूर्व या वर्तमान कर्मचारी द्वारा चोरी किए गए हैं. ये गोपनीय दस्तावेज हैं और इन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा सकता.' इस पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने उनसे पूछा कि सरकार ने इस मामले में अभी तक क्या कार्रवाई की है. इसके बाद केंद्र सरकार ने जवाब देते हुए कहा कि हम लोग जांच कर रहे हैं कि कागजातों की चोरी कैसे हुई? साथ ही राफेल विमान सौदे से जुड़े केस में अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, "यदि अब CBI जांच के निर्देश दिए जाते हैं, तो देश को भारी नुकसान होगा..." पुनर्विचार याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि शीर्ष अदालत में जब राफेल सौदे के खिलाफ जनहित याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाया तो केन्द्र ने महत्वपूर्ण तथ्यों को उससे छुपाया था. प्रशांत भूषण ने जब वरिष्ठ पत्रकार एन राम के एक लेख का हवाला दिया तो अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने इसका विरोध किया और कहा कि यह लेख चोरी किये गये दस्तावेजों पर आधारित हैं और इस मामले की जांच जारी है.
  • जो बाबर ने किया, वह अब बदल नहीं सकते: पढ़ें अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या-क्या कहा
    अयोध्या मामले (Ayodhya Case) में मध्यस्थता पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (CJI Ranjan Gogoi) की अगुवाई में पांच जजों की संविधान पीठ ने इस मामले की बुधवार को सुनवाई की. हालांकि, अभी सुप्रीम कोर्ट ने यह नहीं बताया कि वह इस पर फैसला कब सुनाएगी. सुनवाई के दौरान जहां मुस्लिम पक्ष मध्यस्थता के लिए तैयार दिखा, वहीं हिंदू महासभा और रामलला पक्ष ने इस पर सवाल उठाए. हिंदू महासभा ने कहा कि जनता मध्यस्थता के फैसले को नहीं मानेगी. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पिछली सुनवाई के दौरान सुझाव दिया था कि दोनों पक्षकार बातचीत का रास्ता निकालने पर विचार करें. अगर एक फीसदी भी बातचीत की संभावना हो तो उसके लिए कोशिश होनी चाहिए.
  • लोकसभा चुनाव में 'ऑपरेशन बालाकोट' कहीं BJP पर भारी न पड़ जाए, पिछले 72 घंटों में हुई हैं 12 बड़ी बातें
    लोकसभा चुनाव को लेकर जहां अभी तक विपक्षी एकता पर उहापोह के हालात थे वहीं ऐसा लग रहा है कि 'ऑपरेशन बालाकोट' के बाद बदल रहे समीकरणों के बीच कांग्रेस, सपा, बसपा, आम आदमी पार्टी एक ही पाले में आते दिखाई दे रहे हैं. बिहार में पहले से ही आरजेडी कांग्रेस के साथ थी. बीते 24 घंटों में लोकसभा चुनाव को लेकर दिल्ली और राज्यों में कई बड़ी बातें हुई हैं. गौरतलब है कि 26 फरवरी को एयर स्ट्राइक के बाद से बीजेपी के कार्यकर्ताओं का उत्साह दोगुना हो गया है. बीजेपी की पूरी कोशिश है कि इस हवा को लोकसभा चुनाव तक बनाए रखा जाए. यही वजह है कि आतंकियों के मारे जाने की संख्या को लेकर बीजेपी नेता रोज नया बयान देते हैं और विपक्ष के नेता उनके दावों पर सवाल खड़ा करते हैं. दरअसल बीजेपी की रणनीति है कि ऑपरेशन बालाकोट पर इसी बहाने चर्चा होती रहे. बीजेपी कुछ हद तक कामयाब होती भी दिख रही है क्योंकि मिल रही जानकारी के मुताबिक लोकसभा चुनाव में गीतकार प्रसून जोशी बीजेपी के लिए जो गाना लिख रहे हैं उसमें 'देश नहीं झुकने दूंगा' शामिल है. यह कविता पीएम मोदी ने एयर स्ट्राइक के दूसरे दिन राजस्थान के चुरू में हुई रैली में कही थी. इन सब बातों के बीच विपक्ष लोकसभा चुनाव मे ऑपरेशन बालाकोट की काट ढूंढ रहा है. साथ ही समीकरणों के देखते हुए अब एक दूसरे साथ में आने भी कोई कोई दिक्कत नहीं महसूस हो रही है. ध्यान देने वाली बात यह है कि इन पार्टियों का वोट शेयर मिलकर बीजेपी के लिए बड़ी दिक्कत खड़ी कर सकता है. गोरखपुर और फूलपुर में हुए लोकसभा उपचुनाव के नतीजे इसका सबसे बड़ा उदाहरण रहे हैं. हालांकि कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी से गठबंधन से इनकार कर दिया है.
  • अभिनंदन वर्धमान फाइटर प्लेन उड़ाएंगे या नहीं, एयर फोर्स चीफ ने कहीं 10 बड़ी बातें
    भारतीय वायुसेना (IAF) के ऑपरेशन बालाकोट के बाद यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि इस पूरी कार्रवाई में कितने आतंकी मारे गए हैं. एयर फोर्स चीफ बीएस धनोआ ने साफ कहा है कि वायुसेना का मकसद सिर्फ लक्ष्य पर निशाना साधना होता है, वह मरने वालों की संख्या गिनने का काम नहीं करती है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर वायुसेना के हमले से नुकसान नहीं हुआ तो वे (पाकिस्तान) हमला नहीं करने नहीं आते. उनके इस बयान के बाद से यह जरूर साफ हो गया है कि खबरों में मरने वाले आतंकियों की संख्या जो बताई जा रही है उसका कोई पुख्ता आंकड़ा नहीं है. दूसरी ओर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के दावे पर भी सवाल खड़ा हो गया है. उन्होंने कहा था कि कम से कम 250 आतंकी मारे गए हैं. उनके इस बयान पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने पूछा है कि जब सेना ऐसे आंकड़ों की पुष्टि नहीं कर रही है तो क्या यह बयान सेना को झूठा साबित करने के लिए है. वहीं कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल, दिग्विजय सिंह और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी एयर स्ट्राइक पर सरकार से सबूत मांगा है.
  • 10 साल बाद राजनीतिक मंच पर पीएम मोदी और नीतीश कुमार एक साथ
    बिहार (Bihar) की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) रविवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की 'संकल्प रैली' (Patna Sankalp Rally) को संबोधित किया. कई सफल रैलियों के गवाह रहे गांधी मैदान में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) बिहार में किसी चुनावी रैली को एक साथ किया. इस रैली में इन दोनों नेताओं के अलावा राजग में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के प्रमुख रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) भी मौजूद थे. राजग के तीनों प्रमुख नेता राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस राज्य में लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) का बिगुल फूंक दिया. जहां लोकसभा की 40 सीटें हैं.
  • एनडीए की पटना की रैली पर क्यों टिकी हैं सबकी निगाहें
    रविवार को पटना के गांधी मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी NDA के चुनावी अभियान का बिहार में श्रीगणेश करेंगे. पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस मंच से उन्हें एक बार फिर प्रधानमंत्री बनाने के लिए अपील करेंगे. इस रैली पर सबकी निगाहें टिकी हैं. हालांकि तेजस्‍वी यादव ने रैली की पूर्व संध्‍या पर नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी के गठबंधन को लेकर कई सवाल भी उठाए हैं. आइए जानते हैं कि आख़िर वो कौन से कारण हैं जिसके कारण रविवार की यह रैली इतनी महत्वपूर्ण है.
  • ऑपरेशन बालाकोट :  पिछले 72 घंटों में देश ने क्या देखा, 25 बड़ी बातें
    विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान (IAF pilot Abhinandan Varthaman) आज देश वापस लौटेंगे. वाघा बॉर्डर के रास्ते वो पाकिस्तान से भारत आएंगे. सूत्रों के मुताबिक विंग कमांडर अभिनंदन को रावलपिंडी से विमान के ज़रिए लाहौर लाया जाएगा. इसके बाद वाघा पर भारतीय उच्चायोग को सौंपा जाएगा जो उन्हें लेकर बॉर्डर क्रॉस करेंगे. भारत और अंतरराष्ट्रीय जगत के दबाव के बाद कल पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने पाक संसद में विंग कमांडर को रिहा करने का एलान किया था. पाकिस्तान पीएम के एलान से पहले भारत ने साफ़ कर दिया था कि उसे अपने पायलट की रिहाई से कम कुछ भी मंज़ूर नहीं है और किसी भी डील से भारत ने साफ इनकार किया था. विंग कमांडर अभिनंदन बुधवार को उस वक़्त पाकिस्तानी सेना के क़ब्ज़े में आ गए थे. जब मिग-21 जेट पर पाक के हमले के बाद उन्होंने पैराशूट से छलांग लगाई थी. अभिनंदन पाकिस्तान के क़ब्ज़े वाले कश्मीर में जा गिरे थे. पाक सेना ने तुरंत उन्हें अपने क़ब्ज़े में लेकर उनका वीडियो जारी किया था. पकड़े जाने से पहले उन्होंने पाक का F-16 फ़ाइटर जेट मार गिराया था. इसके एक दिन पहले भारतीय वायुसेना के मिराज विमानों ने पाकिस्तान में घुसकर जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था. यह ऑपरेशन इतना सटीक था कि पाकिस्तान के राडार भारतीय वायुसेना के विमानों को पकड़ ही नहीं पाए.
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