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  • कर्नाटक का सियासी ड्रामा जारी, अब तक नहीं हो पाया विश्वास मत, विधानसभा सोमवार तक के लिए स्‍थगित - 10 बातें
    राज्यपाल के दो-दो बार समय और तारीख़ तय कर देने के बावजूद कर्नाटक विधानसभा में अब तक विश्वास मत नहीं हो पाया है. दोनों पक्ष एक-दूसरे पर विधायकों की ख़रीद-फ़रोख़्त का आरोप लगा रहे हैं. अब जेडीएस कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंची हैं. मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के बड़े भाई किसी ज्योतिषी के कहने पर इन दिनों ख़ाली पांव विधानसभा आते हैं- इस उम्मीद में कि इससे उनके भाई की सरकार बच जाएगी. उधर सरकार बचाने में जुटे कुमारस्वामी ने राज्यपाल वजूभाई वाला की दी हुई दूसरी तारीख भी नाकाम कर दी. राजयपाल वजू भाई वाला ने पहले कहा था कि गुरुवार डेढ़ बजे तक विश्वास मत हो जाए, फिर शुक्रवार का समय दिया. ये भी बताया कि उनके पास विधायकों की ख़रीद-फ़रोख़्त की शिकायत पहुंच रही है. उधर जेडीएस ने सदन में बीजेपी पर 2 गंभीर आरोप लगाए. जेडीएस विधायक श्रीनिवास गौड़ा ने आरोप लगाया कि बीजेपी के 2 विधायकों ने उन्हें पाला बदलने के लिए 5 करोड़ रुपये उनके घर पहुंचाए. पर्यटन मंत्री सारा महेश ने कहा कि जेडीएस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ ने उन्हें 30 करोड़ के ऑफर की बात कही. इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देश गुण्डु राव और मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है. गुण्डु राव की अपील व्हिप पर लगी शर्तिया रोक पर है और कुमारस्वामी ने राज्यपाल के हस्तक्षेप पर सवाल उठाए हैं. कर्नाटक के राज्यपाल वाजु भाईवाला पर बीजेपी नेता फ्लोर टेस्ट के लिए दबाव बनाते रहे और राज्यपाल नई नई समय सीमा तय करते रहे. सवाल एक बार फिर नए सिरे से उठ खड़ा हुआ है कि राज्यपाल का ऐसे मामलों में हस्तछेप का अधिकार है या नहीं. कर्नाटक सरकार की तरफ से दलील दी गई कि 1999 में वाजपेयी जी सरकार को लेकर बहस और वोटिंग 10 दिन चली जबकि कर्नाटक समेत दूसरे कई राज्यों में 4 दिनों से ज्‍यादा. ऐसे में इस बार जल्दबाजी किस बात की. फिलहाल विधानसभा सोमवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है.
  • कर्नाटक का सियासी 'नाटक': JDS-कांग्रेस क्या मानेंगी राज्यपाल की बात? 12 प्वाइंट्स में पढ़ें अब तक क्या-क्या हुआ
    कर्नाटक विधानसभा में मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली 14 महीने पुरानी गठबंधन सरकार का भविष्य तय करने वाले विश्वास प्रस्ताव पर गुरुवार को विधानसभा में मतदान नहीं हो सका क्योंकि सत्ताधारी गठबंधन और विपक्षी भाजपा सदस्यों के बीच आरोप-प्रत्यारोप व हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को शुक्रवार तक के लिये स्थगित कर दिया गया. वहीं भाजपा के सदस्यों ने सदन के अंदर ही पूरी रात गुजारी. प्रदेश के राज्यपाल वजुभाई वाला ने मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी को शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे से पहले विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिये कहा है. सदन के अंदर और बाहर दिन भर चले तमाम उतार-चढ़ाव भरे घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सदन में विश्वास प्रस्ताव पेश किया. 16 बागी विधायकों के इस्तीफे के कारण प्रदेश सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने एक वाक्य का प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि सदन उनके नेतृत्व वाली 14 महीने पुरानी सरकार में विश्वास व्यक्त करता है. सरगर्मी भरे माहौल में गुरुवार को शुरू हुई सदन की कार्यवाही में 20 विधायक नहीं पहुंचे. इनमें 17 सत्तारूढ़ गठबंधन के हैं. बागी विधायकों में से 12 फिलहाल मुंबई के एक होटल में ठहरे हुए हैं.
  • क्या खत्म हो जाएगा कर्नाटक का सियासी 'नाटक', क्‍या कुमारस्वामी बहुमत साबित कर पाएंगे, 12 बड़ी बातें
    कर्नाटक में 18 जुलाई को विधानसभा में विश्वासमत से पहले बुधवार को कांग्रेस-जदएस सरकार का भविष्य अधर में लटकता दिखा क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले, कि सत्ताधारी गठबंधन के भविष्य के फैसले के लिए बागी विधायकों को विधानसभा सत्र में हिस्सा लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, के बाद बागी विधायकों के सुर नरम नहीं पड़े. ऐसे में जबकि गठबंधन सरकार जरूरी संख्याबल हासिल करने के प्रयास में थी सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाया कि कांग्रेस-जदएस के बागी 15 विधायकों को जारी विधानसभा सत्र की कार्यवाही में भाग लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता. अदालत के फैसले को राजनीतिक हलकों में बागी विधायकों के लिए राहत माना गया क्योंकि इसमें स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि उन्हें एक विकल्प दिया जाना चाहिए कि वे विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेना चाहते हैं या उससे दूर रहना चाहते हैं.
  • कुलभूषण जाधव मामले में आया ICJ का फैसला, जानिए मामले से जुड़ी 9 बड़ी बातें
    भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव से जुड़े मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस(आईसीजे) बुधवार को अपना फैसला सुना दिया. अदालत ने जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगाते हुए पाकिस्‍तान को उसकी सजा की समीक्षा करने का निर्देश दिया है. अदालत ने जाधव को काउंसिलर एक्‍सेस मुहैया कराने को भी कहा है. पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत द्वारा जाधव को मौत की सजा सुनाने जाने के मामले को भारत ने आईसीजे में चुनौती दी थी. पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में बंद कमरे में सुनवाई के बाद जासूसी और आतंकवाद के आरोपों में भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव (49) को मौत की सजा सुनाई थी. उनकी सजा पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी.
  • कर्नाटक संकट: आज तय होगी 14 महीने पुरानी कुमारस्वामी सरकार की किस्मत, SC सुनाएगा फैसला, पढ़ें 15 बड़ी बातें
    कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष को कांग्रेस-जद(एस) के 15 बागी विधायकों के इस्तीफे स्वीकार करने का निर्देश देने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को अपना अहम फैसला सुनायेगा. इस फैसले से कर्नाटक में 14 माह पुरानी कुमारस्वामी सरकार की किस्मत तय हो सकती है. शीर्ष अदालत ने मंगलवार को इस मामले में सभी पक्षों की ओर से जोरदार दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. कुमारस्वामी और विधानसभा अध्यक्ष ने बागी विधायकों की याचिका पर विचार करने के न्यायालय के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाया. वहीं, बागी विधायकों ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष के आर रमेश कुमार बहुमत खो चुकी गठबंधन सरकार को सहारा देने की कोशिश कर रहे हैं. विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि संवैधानिक पदाधिकारी होने के नाते उन्हें इन विधायकों के इस्तीफे पर पहले फैसला करने और बाद में उन्हें अयोग्य ठहराने की मांग पर फैसला करने का निर्देश नहीं दिया जा सकता. मुख्यमंत्री कुमारस्वामी गुरुवार को विधानसभा में विश्वासमत का प्रस्ताव पेश करेंगे और अगर विधानसभा अध्यक्ष इन बागी विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लेते हैं तो उनकी सरकार उससे पहले ही गिर सकती है. हालांकि, प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा कि वह विधानसभा अध्यक्ष को अयोग्यता पर फैसला करने से नहीं रोक रही है, बल्कि उनसे सिर्फ यह तय करने को कह रही है क्या इन विधायकों ने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है.
  • इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) कैसे फाइल करें - स्टेप बाई स्टेप गाइड
    इनकम टैक्स रिटर्न, यानी आयकर रिटर्न (Income Tax Return) दाखिल करने, यानी फाइल करने के लिए अब कुछ ही दिन बचे हैं. हर साल की तरह इस साल भी वित्तवर्ष 2018-19 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है. समय रहते इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने से सबसे बड़ा लाभ यह होता है कि अंतिम दिनों में जल्दबाज़ी में रिटर्न फाइल करते समय हो सकने वाली गड़बड़ियों और गलतियों की गुंजाइश खत्म हो जाती है. इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने का सबसे आसान तरीका है, ई-फाइलिंग, यानी इनकम टैक्स रिटर्न को ऑनलाइन फाइल करना, सो आइए, जानते हैं ई-फाइलिंग का तरीका.
  • आतंकवाद की जांच करने वाली एजेंसी  NIA संशोधन बिल में ऐसा क्या है जिस पर अमित शाह और ओवैसी में हुई तीखी नोंकझोंक, 10 बातें
    सोमवार को लोकसभा में एनआईए (NIA)यानी राष्ट्रीय जांच एजेंसी संशोधन बिल पास हो गया है. इस विधेयक में दिए गए प्रावधानों के मुताबिक अब आतंकवाद मामलों की जांच करने वाली देश की सबसे बड़ी एजेंसी एनआईए भारत के बाहर किसी भी गंभीर अपराध के मामले में केस रजिस्टर और जांच का निर्देश दे सकती है. अब इस बिल को राज्यसभा में लाया जाएगा जहां इसको पास करना सरकार के सामने चुनौती होगी.इस बिल पर चर्चा के दौरान एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी और गृहमंत्री अमित शाह के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई. पहले विधेयक को विचार करने के लिए सदन में रखे जाने के मुद्दे पर एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी ने मत-विभाजन की मांग की. गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि इस पर मत-विभाजन जरूर होना चाहिए. इसकी हम भी मांग करते हैं ताकि पता चल जाए कि कौन आतंकवाद के साथ है और कौन नहीं. मत विभाजन में सदन ने 6 के मुकाबले 278 मतों से विधेयक को पारित किये जाने के लिये विचार करने के वास्ते रखने की अनुमति दे दी.
  • असम में बाढ़ से 43 लाख लोग हुए प्रभावित, काजीरंगा नेशनल पार्क में भी बुरे हालात, 10 बातें...
    असम सरकार ने सोमवार को राज्य में बाढ़ के बिगड़ते हालात को देखते हुए रेड अलर्ट जारी कर दिया.राज्य सरकार के अनुसार बाढ़ की वजह से अभी तक राज्य के 4,157 गांव और 30 जिलों में पानी भर गया है. जिन जिलों में बाढ़ से हालात सबसे ज्यादा खराब है उनमें धेमाजी, लखीमपुर, बिश्वानाथ, सोनितपुर, उदलगुरी, बकसा, बरपेटा, नालबारी और चिरांग मुख्य रूप से शामिल हैं. राज्य सरकार के अनुसार बाढ़ की वजह से राज्य में कुल 15 लोगों की मौत हो गई है. सोमवार को भी कुल चार लोगों की मौत की खबर है. 
  • Chandrayaan 2: बस कुछ समय बाद भारत लॉन्च करेगा 'चंद्रयान-2', पढ़ें- इस मिशन से जुड़ी 10 खास बातें
    Chandrayaan 2 Launch: दुनिया के सामने अपना लोहा मनवाने और अंतरिक्ष में लंबी छलांग लगाने के मकसद से भारत सोमवार को दूसरे चंद्र मिशन 'चंद्रयान-2' का प्रक्षेपण करने जा रहा है. इसे बाहुबली नाम के सबसे ताकतवर रॉकेट जीएसएलवी-एमके तृतीय यान से भेजा जाएगा. 'चंद्रयान-2' चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में उतरेगा जहां अभी तक कोई देश नहीं पहुंच पाया है. इससे चांद के बारे में समझ सुधारने में मदद मिलेगी जिससे ऐसी नयी खोज होंगी जिनका भारत और पूरी मानवता को लाभ मिलेगा. तीन चरणों का 3,850 किलोग्राम वजनी यह अंतरिक्ष यान ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर के साथ यहां सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) से सुबह दो बजकर 51 मिनट पर आकाश की ओर उड़ान भरेगा. 
  • कर्नाटक : एचडी कुमारस्वामी के दांव पर बीजेपी का जबाव, कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार अब बचेगी या जाएगी, 10 बातें
    कर्नाटक में जारी राजनीतिक संकट के बीच गठबंधन नेताओं ने अपने बागी विधायकों को मनाने की कोशिश शनिवार को तेज कर दी, वहीं उसकी मुश्किलें बढ़ाते हुए पांच और विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष द्वारा इस्तीफा स्वीकार नहीं किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. वहीं बीजेपी ने कहा है कि वह मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी से सोमवार को शक्ति परीक्षण कराने को कहेगी. पूरे दिन चली बातचीत में कांग्रेस के संकटमोचक कहे जाने वाले डी के शिवकुमार, उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वर, सीएलपी नेता सिद्धरमैया और कुमारस्वामी शामिल थे. बातचीत के बाद ऐसा लगता है कि कांग्रेस अपने एक बागी विधायक एमटीबी नागराज को मनाने में सफल रही है. उन्होंने संकेत दिया है कि वह अपना इस्तीफा वापस लेने पर विचार कर सकते हैं लेकिन देर शाम तक इस संबंध में कोई घोषणा नहीं हुई. इस बीच भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह कुमारस्वामी से सोमवार को विधानसभा में शक्ति परीक्षण कराने की मांग करेगी. आपको बता दें कि सत्तारूढ़ गठबंधन में विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) को छोड़कर कुल 116 विधायक (कांग्रेस के 78, जद(एस) के 37 और बसपा के 1) हैं. दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन के साथ 224 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के विधायकों की संख्या अब 107 है. अगर गठबंधन के 16 विधायकों के इस्तीफे मंजूर किए जाते हैं, तो सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों की संख्या घट कर 100 रह जाएगी.
  • कर्नाटक : CM कुमारस्वामी ने फेंका ऐसा पासा कि बीजेपी को भी भेजने पड़े अपने विधायक होटल के अंदर, 10 बड़ी बातें
    सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक विधानसभा के स्पीकर को मंगलवार तक बाग़ी विधायकों के इस्तीफ़े या उनके निलंबन पर किसी भी तरह का फ़ैसला लेने पर रोक लगा दी है. लेकिन इसी बीच मुख्यमंत्री कुमारास्वामी ने सदन में ये कहकर सबको चौंका दिया कि वो विश्वासमत हासिल करने को तैयार हैं. उनके इतना कहते ही बीजेपी ने अपने विधायकों को होटल में भेजने का फ़ैसला किया ताकि उन्हें खरीद फ़रोख्त से बचाया जा सके. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक विधान सभा के स्पीकर को मंगलवार तक बागी विधयकों के इस्तीफे या उनके निलंबन पर किसी भी तरह का फैसला लेने पर रोक लगा दी है.
  • कर्नाटक : बागी विधायकों का आरोप, अध्यक्ष ने कहा- 'गो टू हेल' पढ़ें सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की 10 बड़ी बातें
    कर्नाटक बागी विधायकों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि मंगलवार तक न ही इस्तीफे पर कोई फैसला होगा और न ही विधायकों की अयोग्यता पर यानी स्पीकर तब तक कोई फैसला नही करेंगे जब तक कोर्ट आदेश नहीं देता. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि हमने सभी पक्षों को सुना है. मामले की सुनवाई के दौरान एक सवाल ये उठा कि क्या स्पीकर को निश्चित समय सीमा में मामले का निपटारा करने के लिए कहा जा सकता है क्योंकि बागी विधायकों की अयोग्यता और इस्तीफे दोनों का ही मामला स्पीकर के सामने लंबित है, ऐसे में स्पीकर किस पर पहले करवाई करें? आपको बता दें कि प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरूद्ध बोस की पीठ मामले की सुनवाई कर रही है.
  • चांद पर पहुंचने वाला चौथा देश बनेगा भारत - 'चंद्रयान 2' से जुड़ी 10 खास बातें
    अंतरिक्ष के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय होड़ सोमवार को उस समय और तेज़ हो जाएगी, जब भारत अपने कम-खर्च वाले मिशन को लॉन्च करेगा, औऱ दुनिया का चौथा ऐसा देश बन जाएगा, जिन्होंने चंद्रमा पर खोजी यान उतारा है. किसी मानव के पहली बार चांद पर उतरने की 50वीं वर्षगांठ से सिर्फ पांच दिन पहले 'चंद्रयान 2' पूरे दशक तक की गईं तैयारियों के बाद आंध्र प्रदेश से सटे एक द्वीप से उड़ान भरेगा. इस मिशन से यह भी सामने आएगा कि अपोलो 11 मिशन के ज़रिये नील आर्मस्ट्रॉन्ग द्वारा मानव सभ्यता के लिए उठाए गए अहम कदम के बाद से अंतरिक्ष विज्ञान कितना आगे निकल चुका है. भारत ने 3,84,400 किलोमीटर (2,40,000 मील) की यात्रा के लिए 'चंद्रयान 2' को तैयार करने में 960 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, और यह सतीश धवन स्पेस सेंटर से सोमवार को उड़ान भर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर 6 सितंबर को उतरेगा.
  • कर्नाटक : बागी विधायक अब ले जाया जा रहा है मुंबई से गोवा, कांग्रेस-जेडीएस कर रही सरकार बचाने की हर कोशिश
    कर्नाटक में जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार का संकट गहराता जा रहा है. निर्दलीय विधायक एच नागेश ने भी गठबंधन का साथ छोड़ दिया है, जिन्हें हाल में मंत्री बनाया गया था. बीजेपी नेता येदियुरप्पा के निजी सचिव पहले दिन से बाग़ी विधायकों के साथ देख रहे हैं और सोमवार को कांग्रेस के नेता डीके शिवकुमार ने आरोप लगाया कि नागेश को बीजेपी के लोग ज़बरदस्ती उठा ले गए. इस बीच कांग्रेस और जेडीएस के सभी मंत्रियों से इस्तीफ़ा लिया गया ताकि विद्रोहियों को जगह दी जा सके. वहीं असंतुष्ट विधायक मुंबई से गोवा के लिए निकल गए.
  • Karnataka : क्या बदला जाएगा मुख्यमंत्री? जाने कर्नाटक संकट से जुड़ीं 12 बड़ी बातें
    कर्नाटक में सत्तारूढ़ जनता दल (एस)-कांग्रेस गठबंधन के एक दर्जन से अधिक विधायकों के इस्तीफे से उत्पन्न संकट के एक दिन बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव गुलाम नबी आजाद ने आरोप लगाया कि भाजपा कर्नाटक में हमारी सरकार गिराने के लिए हमारे विधायकों को मुंबई ले गई है. कर्नाटक में हुई राजनीतिक संकट के बारे में पूछे गये एक सवाल के जवाब में आजाद ने यहां मीडिया को बताया, 'प्रधानमंत्री जी (नरेन्द्र मोदी) कहते हैं - सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास. ये तो टेलीविजन पर बहुत अच्छी चीजें लगती हैं. लेकिन जमीन पर नहीं है.' उन्होंने आगे कहा, 'माननीय प्रधानमंत्री की मौजूदगी में मैंने कहा था कि आपने (बीजेपी) हमारी सरकार हिमाचल प्रदेश में तोड़ दी. मणिपुर एवं गोवा में हमारे विधायकों को (सदन में) वोट नहीं देने दिया. बंगाल के विधायक ले जा रहे हो, आंध्रप्रदेश के विधायक ले जा रहे हो, गुजरात के विधायक ले जा रहे हो और अब आप कर्नाटक के विधायक ले जा रहे हो.' आजाद ने सवाल किया, 'इन सबका विश्वास कहां चला गया? और कहां है लोकतंत्र?' उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र पर तो हमारा विश्वास होता है, भरोसा होता है. पार्टी के चुनाव चिन्ह के आधार पर जनता अपना प्रतिनिधि चुनकर देती है और अगर उसमें कोई भी बाहुबली ताकत वाला इस तरह से करे, तो क्या होगा.’’
  • खतरे में कर्नाटक की कांग्रेस-JDS सरकार? इन 10 प्वाइंट्स में समझे, अब तक क्या-क्या हुआ
    कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन के 13 विधायकों द्वारा विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंपने से राज्य में मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली महज साल भर पुरानी सरकार खतरे में पड़ गई है. यदि इन विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाता है तो सत्तारूढ़ गठबंधन (जिसके 118 विधायक हैं) 224 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत खो देगा. वहीं, भाजपा के 105 विधायक हैं. कांग्रेस और जद (एस) के विधायकों के समूह के अपना इस्तीफा सौंपने के लिए विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) के कार्यालय पहुंचने और बाद में राजभवन में राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात करने के बाद गठबंधन सरकार की स्थिरता का संकट गहरा गया है. दरअसल, हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में राज्य में भाजपा के शानदार प्रदर्शन के बाद से गठबंधन सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे थे.
  • विधायक मुंबई में, CM विदेश में : क्या बीजेपी कर्नाटक में सरकार बनाने जा रही है, 10 बड़ी बातें
    कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं.. कर्नाटक विधानसभा से अब तक 11 विधायक इस्तीफ़ा दे चुके हैं. इस्तीफ़ा देने वालों में 8 विधायक कांग्रेस के जबकि तीन विधायक जेडीएस के हैं. ये सभी विधायक मुंबई पहुंच चुके हैं जहां उन्हें सोफिटेल होटल में ठहराया गया है. इधर, अपनी सरकार को बचाने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री न्यूयॉर्क से भारत के लिए निकल पड़े हैं.. कांग्रेस ने भी दिल्ली में कर्नाटक के संकट से निपटने के लिए आपात बैठक की. जहां बीजेपी पर विधायकों की ख़रीद फरोख़्त का आरोप लगाया. यदि इन विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाता है तो सत्तारूढ़ गठबंधन (जिसके 118 विधायक हैं) 224 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत खो देगा. वहीं, भाजपा के 105 विधायक हैं. कांग्रेस और जद (एस) के विधायकों के समूह के अपना इस्तीफा सौंपने के लिए विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) के कार्यालय पहुंचने और बाद में राजभवन में राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात करने के बाद गठबंधन सरकार की स्थिरता का संकट गहरा गया है.
  • देश के विकास का 'पावरहाउस' बनेगा गरीब... PM मोदी ने बजट पर कही ये 10 खास बातें
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय बजट को देश को समृद्ध और जन-जन को समर्थ बनाने वाला करार दिया और कहा कि इस बजट में आर्थिक सुधार, नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के साथ गांव एवं गरीब का कल्याण भी है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शुक्रवार को लोकसभा में आम बजट प्रस्ताव पेश किये जाने के बाद प्रधानमंत्री ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी.
  • बजट 2019 :  प्रचंड बहुमत पाने वाली मोदी सरकार ने आपको क्या दिया, 10 प्वाइंट्स में जानें
    'गांव, गरीब और किसान' तथा प्रत्येक नागरिक के जीवन को ‘‘अधिक सरल’’ बनाने के लक्ष्य के साथ पेश किए गये नरेन्द्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले आम बजट में अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए मीडिया, विमानन, बीमा और एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों को उदार करने का प्रस्ताव किया गया है. बजट में बुनियादी आर्थिक और सामाजिक ढांच के विस्तार, पेंशन और वीमा योजाओं को आम लोगों की पहुंच के दायरे में ले जाने के विभिन्न प्रस्ताव किए गए है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शुक्रवार को लोकसभा में पेश किए गए वित्त वर्ष 2019-20 के अपने बजट भाषण में कहा कि हालिया चुनाव में एक आकर्षक और मजबूत भारत की उम्मीदें लहरा रही थीं और लोगों ने एक ऐसी सरकार को चुना जिसने काम कर के दिखाया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपने पहले कार्यकाल में ‘न्यू इंडिया’ के लिए काम शुरू कर दिया था. अब इन कार्यों की रफ्तार बढ़ाई जाएगी और आगे चलकर लालफीताशाही को और कम किया जाएगा. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पहले कार्यकाल में काम को पूरा कर के दिखाया. आम चुनाव में मतदाताओं ने काम करने वाली सरकार के पक्ष में मत दिया.
  • बजट 2019: बैंक, स्वास्थ्य, किसान, शिक्षा से जुड़े हुए बड़े ऐलान, पढ़ें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के भाषण की 12 खास बातें
    सरकार के प्रत्येक कार्य एवं योजना के केन्द्र में ‘‘गांव, गरीब और किसान’’ होने का दावा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि 2022 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार में बिजली का कनेक्शन और स्वच्छ ईधन आधारित रसोई सुविधा होगी. वित्त मंत्री ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2019-20 का आम बजट पेश करते हुए यह बात कही. उन्होंने कहा, ‘‘हम जो भी करते हैं, सरकार के प्रत्येक कार्य एवं प्रत्येक योजना के केन्द्र में गांव, गरीब और किसान होता है.’’ उन्होंने कहा कि जो लोग कनेक्शन नहीं लेना चाहते, उन्हें छोड़कर 2022 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार में बिजली कनेक्शन और स्वच्छ ईधन आधारित रसोई सुविधा होगी. सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण में 80,250 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत से 1,25000 किलोमीटर सड़कें बनाई जाएंगी. वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 2019-20 से 2021-22 तक पात्रता रखने वाले लाभार्थियों को 1.95 करोड़ मकान मुहैया कराये जाएंगे. इनमें रसोई गैस, बिजली एवं शौचालयों जैसी सुविधा होगी.
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