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फैक्‍ट फाइल

  • 1528 से लेकर 5 अगस्त 2020 तक अयोध्या को लेकर क्या-क्या हुआ, पढ़ें पूरी टाइमलाइन
    अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए आज भूमिपूजन सहित कई कार्यक्रम हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा तमाम बडे राजनेता और साधु संतों सहित 175 आमंत्रित लोग इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनेंगे. पीएम मोदी सुबह 11:30 बजे से लेकर करीब 3 घंटे तक अयोध्या में रहेंगे. स्थानीय लोगों का कहना है कि जो अयोध्या शहर पता नहीं कितने सालों तक विवाद का केंद्र बना रहा आज उसे पहली बार इतनी खूबसूरती सजाया गया है. अयोध्या सालों तक विवाद का केंद्र रही है. करीब 100 साल से ज्यादा तक कानूनी और राजनीतिक लड़ाई के बाद आखिरकार रामलला के लिए आज राम मंदिर निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा. बीते साल 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट की 5 सदस्यीय संवैधानिक पीठ ने इसका फैसला सुनाया था. सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा था कि सुन्नी वक्फ बोर्ड इस विवादित जमीन पर अपना मालिकान हक साबित नहीं कर पाया है. वहीं पुरातत्व विभाग की ओर से दी गई रिपोर्ट में भी वहां मंदिर होने के प्रमाण पेश किए गए हैं. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने भी यह कहा कि पुरातत्व विभाग ये बात नहीं बता पाया है कि क्या वहां पर किसी मंदिर को गिराकर मस्जिद बनाई गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा मुस्लिम पक्ष को विवादित स्थल से दूर 5 एकड़ जमीन मस्जिद बनाने के लिए देने का भी आदेश दिया.
  • राम मंदिर भूमि पूजन के लिए 29 साल बाद अयोध्या लौट रहे हैं PM नरेंद्र मोदी, पढ़ें 10 बड़ी बातें
    अयोध्या में आज राम मंदिर भूमि पूजन (Ram mandir bhumi pujan in Ayodhya) का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, पीएम मोदी (PM Modi) के आगमन से पहले सभी तैयारियों को पूरा किया जा चुका है. प्रधानमंत्री 9 बजकर 35 मिनट पर अयोध्या के लिए रवाना होंगे और 11.30 अयोध्या पहुंचेंगे. राम मंदिर के शिलान्यास समारोह (Ram Mandir Bhoomi Pujan) से पहले राम जन्मभूमि स्थल पर रामार्चन पूजा (Ramarchan Puja) शुरू हुई. रामार्चन पूजा, भगवान (Lord Ram) राम के आगमन से पहले सभी प्रमुख देवी-देवताओं को आमंत्रित करने के लिए एक प्रार्थना है. भूमि पूजन कार्यक्रम की गेस्ट लिस्ट के अनुसार अयोध्या में भूमि पूजन में करीब पौने दो सौ लोग आ रहे है. इनमें कुछ खास हैं तो कुछ आम. मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी की गवर्नर आनंदी बेन पटेल, अध्यक्ष श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्रमहंत नृत्य गोपाल दास, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ही मौजूद रहेंगे. इससे पहले भूमि पूजन की पूर्व संध्या पर राम नगरी अयोध्या जगमग रोशनी से नहा उठी.
  • राम मंदिर भूमि पूजन प्रशासन ने जारी किए निर्देश, इन बड़ी बातों का रखा जाएगा विशेष ख्याल
    अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के पहले बुधवार को हो रहे भूमि पूजन के लिए तैयारियां लगभग पूरी हैं. पूरी व्यवस्था चाक-चौबंद है और आधिकारियों को भी दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं. यहां मंदिर परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों को खास निर्देश दिए गए हैं कि वो नेताओं के साथ सेल्फी न लें. वहीं परिसर से बंदरों और गायों को दूर रखने के लिए उन्हें कहीं और फल और चना खिलाने का निर्देश दिया गया है.
  • बिहार सरकार ने की सुशांत सिंह केस की CBI जांच की सिफारिश, पढ़ें- मामले के अब तक के बड़े अपडेट्स
    सुशांत सिंह राजपूत की मौत के सिलसिले में लगातार सीबीआई जांच की मांग उठ रही हैं, अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीबीआई जांच के लिए सिफारिश भेजा है. इस मामले में बिहार सरकार पर लगातार दबाव बन रहा है. वहीं सुशांत के परिवार की ओर से भी सीधे मुख्यमंत्री से बात की गई और उनसे मामले में सीबीआई जांच को लेकर अनुरोध किया गया, जिसके बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बोला कि परिवार की सहमति है, ऐसे में वो सीबीआई जांच के लिए अनुशंसा भेज रहे हैं. देखना है कि बिहार सरकार की अनुशंसा के बाद अब क्या मामला सीबीआई के पास जाता है या नहीं.
  • सुशांत सिंह राजपूत के मामले की जांच में क्यों हो रही है खींचतान? अब तक की 10 बड़ी बातें
    सुशांत सिंह राजपूत की बहन ने सुशांत सिंह राजपूत की बहन ने पीएम को लिखी अपनी चिट्ठी में लिखा, "मेरा दिल कहता है कि आप हमेशा सच के लिए और सच के साथ खड़े होंगे. हम बहुत साधारण परिवार से आते हैं, मेरा भाई जब बॉलीवुड में गए थे तब उनका कोई गॉडफादर नहीं था और ना अभी तक कोई है. मेरी आपसे प्रार्थना है कि आप इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें और यह सुनिश्चित करें कि जांच निष्पक्ष हो और सबूतों के साथ कोई छेड़छाड़ ना होने पाए. न्याय की उम्मीद है" प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने शुक्रवार को रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार के खिलाफ बिहार पुलिस की प्राथमिकी के आधार पर धनशोधन (Money Laundering) का एक मामला दर्ज कर लिया है. बिहार पुलिस की इस प्राथमिकी में राजपूत के पिता ने रिया और उनके परिवार के सदस्यों पर अपने बेटे को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है.
  • सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस में जांच एजेंसी की 15 करोड़ के संदिग्‍ध ट्रांजेक्‍शन पर नजर, 10 बातें
    सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बिहार पुलिस को पत्र लिखकर दर्ज हुई एफआईआर की प्रति मांगी है. एक अधिकारी ने बताया कि ऐसे में अब मामला पीएमएलए के तहत दर्ज किया जा सकता है. सुशांत के पिता ने एफआईआर में रिया चक्रवर्ती पर आरोप लगाया है कि उनके बेटे के बैंक खाते से कम से कम 15 करोड़ रुपये अज्ञात खाते में ट्रांसफर किए गए हैं. अब इस लेनेदेन की जांच ईडी कर सकती है. बीते महीने की 14 तारीख को सुशांत सिंह राजपूत अपने आवास पर मृत पाए गए थे.
  • राजस्थान विधानसभा सत्र बुलाने को लेकर गवर्नर-CM के बीच कैसे सुलझा गतिरोध
    राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार को आखिरकार राज्यपाल कलराज मिश्र ने 14 अगस्त को विधानसभा सत्र बुलाने की मंजूरी दे दी है. राज्यपाल की ओर से बुधवार की देर शाम गहलोत सरकार को सत्र बुलाने की मंजूरी दे दी गई. सीएम गहलोत सत्र बुलाने की अपनी मांग के साथ पिछले दो हफ्तों के दौरान गवर्नर से चार बार मुलाकात कर चुके थे, वहीं उनकी कैबिनेट की ओर से सत्र को लेकर तीन प्रस्ताव भी भेजे गए, जिन्हें गवर्नर ने वापस लौटा दिया था. आखिरकार बुधवार को सरकार की ओर से भेजे गए चौथे प्रस्ताव पर हामी भरी गई. राज्यपाल ने गहलोत सरकार को सत्र के दौरान कोविड-19 गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने को लेकर मौखिक निर्देश भी दिए हैं. बता दें कि गवर्नर सदन बुलाने से पहले गहलोत से 21 दिनों का नोटिस देने की मांग कर रहे थे. उनका सवाल था कि 'क्या गहलोत सदन में विश्वास प्रस्ताव लाना चाहते हैं? अगर ऐसा होता है तो तुरंत सत्र बुलाया जा सकता है लेकिन अगर ऐसा नहीं है तो उन्हें 21 दिनों का नोटिस देना होगा.' इसके बाद गहलोत सरकार ने पहले प्रस्ताव से 21 दिन गिनकर 14 अगस्त से सत्र बुलाने का प्रस्ताव भेजा, जिसे स्वीकार कर लिया.
  • राजस्थान :  गवर्नर-CM खींचतान खत्म, 3 बार फाइल लौटाने के बाद दी विधानसभा सत्र बुलाने की मंजूरी
    आखिरकार राजस्थान के गवर्नर कलराज मिश्र ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की विधानसभा सत्र बुलाने की मांग मान ली है. बुधवार की देर शाम गवर्नर ने गहलोत को 14 अगस्त से विधानसभा का सत्र बुलाने की इजाज़त दे दी है. हालांकि, राजभवन से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्यपाल कलराज मिश्र ने राजस्थान विधानसभा के सत्र के दौरान कोविड-19 से बचाव के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाने के निर्देश मौखिक रूप से दिए हैं. बता दें कि अशोक गहलोत लगभग पिछले दो हफ्तों से विधानसभा सत्र बुलाने की मांग कर रहे थे, लेकिन गवर्नर बार-बार उन्हें लौटा दे रहे थे.
  • पांचवी कक्षा तक मातृ भाषा में होगी पढ़ाई:  नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के 10 प्रमुख पॉइंट
    केंद्र सरकार ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy) को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने कहा कि कैबिनेट बैठक में आज नई शिक्षा नीति को मंजूरी दी गई है. उन्होंने बताया कि 34 साल से शिक्षा नीति में परिवर्तन नहीं हुआ था, इसलिए ये बेहद महत्वपूर्ण है. नई शिक्षा नीति में स्कूल एजुकेशन से लेकर हायर एजुकेशन तक कई बड़े बदलाव किए गए हैं. अब पांचवी कक्षा तक की शिक्षा मातृ भाषा में होगी. हायर एजुकेशन के लिए सिंगल रेगुलेटर रहेगा (लॉ और मेडिकल एजुकेशन को छोड़कर). उच्च शिक्षा में 2035 तक 50 फीसदी GER पहुंचने का लक्ष्य है.
  • भारत में प्रवेश करते ही राफेल को मिला सुखोई का साथ, 'Golden Arrows' का बनेंगे हिस्‍सा, 10 बातें..
    फ्रांस के साथ हुई 36 राफेल फाइटर जेट्स (Rafale Fighter Jets) की डील के तहत बुधवार को पहले पांच राफेल विमान आखिरकार भारत आ गए हैं. ये पांच विमान बुधवार की दोपहर 3 बजे के आस-पास हरियाणा के अंबाला के एयरफोर्स स्टेशन पर उतरे. इन विमानों ने मंगलवार को फ्रांस के बोर्डू के मैरिंग्या एयरफोर्स बेस से भारत के लिए उड़ान भरी थी, जिसके लिए उन्हें 7,000 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ी. इस बीच में ये विमान बस संयुक्त अरब अमीरात के अल धाफरा के फ्रेंच एयरबेस पर रुके थे. इन विमानों को अगले महीने औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना में शामिल किया जाना है.
  • रेलवे ने यात्रियों के लिए जारी की गाइडलाइन, इन 9 'नियमों' का करना होगा पालन..
    Coronavirus Pandemic: कोरोना वायरस की महामारी के दौर में भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने ट्रेन से यात्रा करने वाले लोगों के लिए जरूरी गाइडलाइंस (Important guidelines)जारी की है.रेलवे ने किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए इन गाइडलाइंस का पालन करने का आग्रह यात्रियों से किया है. रेलवे के इन गाइडलाइंस में मास्‍क पहनने और आरोग्‍य सेतु एप डाउनलोड करने जैसी अहम सलाहें दी गई हैं.
  • कितना ताकतवर है हमारा Rafale? जानें, दुनिया के 'सबसे ताकतवर' लड़ाकू विमान की खूबियां
    भारतीय एयरफोर्स में अगले महीने शामिल हो रहे बहुचर्चित राफेल फाइटर जेट (Rafale Fighter Jets) का पहला बैच बुधवार को भारत पहुंच रहा है. दुनिया का सबसे ताकतवर फाइटर जेट (Powerful Jets in the World) माना जाने वाला राफेल विमान भारतीय वायुसेना की क्षमता को अगले स्तर पर ले जा सकता है. राफेल अपनी मारक क्षमता के लिए जाना जाता है, ऐसे में वायुसेना में इस विमान के बेड़े को शामिल किया जाना बहुत अहम है. लेकिन आम उत्सुकता का विषय है कि आखिर राफेल कितना ताकतवर है और वायुसेना की क्षमता को किस स्तर तक बढ़ाएगा.
  • राजस्‍थान: विधानसभा सत्र के लिए राज्‍यपाल ने दी 'रजामंदी' लेकिन रखीं खास शर्तें, 10 बातें
    Rajasthan Political Crisis: राजस्‍थान के सियासी संकट के मामले में हर रोज नए ट्विस्‍ट आ रहे हैं. सोमवार को यह सवाल सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना कि क्‍या राज्यपाल कलराज मिश्र ने विधानसभा का सत्र बुलाने को हरी झंडी दिखा दी है? राजभवन की ओर से जारी एक बयान के बाद यह सवाल उठ रहा है, जिसमें कहा गया है कि राज्यपाल की मंशा यह कतई नहीं है कि विधानसभा का सत्र न बुलाया जाए. राजभवन की ओर से जारी बयान में राज्य सरकार से कहा गया है कि वो सत्र बुलाने की कार्यवाही शुरू करें, लेकिन तीन शर्तों का खास ध्‍यान रखें.
  • गहलोत vs पायलट : राजस्थान की सियासी जंग में SC में कौन मारेगा बाजी? 10 प्वाइंट में समझें, क्या हैं संभावनाएं
    Sachin Pilot vs Ashok Gehlot: राजस्थान की सियासी बिसात पर शह और मात का खेल जारी है. अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच की तकरार कई पड़ावों से होते हुए आज सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुकी है. जहां आज स्पीकर सीपी जोशी (Speaker CP Joshi) की याचिका पर सुनवाई होनी है. यह सियासी संग्राम बाहर से सिर्फ अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच नजर आ रहा है लेकिन अलग अलग नजरिए से देखा जाए तो यह कांग्रेस बनाम बीजेपी और गहलोत बनाम गर्वनर भी है. गहलोत ने रविवार को राज्यपाल कलराज मिश्र (Kalraj Mishra) को नया प्रस्ताव भेज कर विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की है. उन्होंने अपने इस नए प्रस्ताव में विश्वास मत का जिक्र ही नहीं किया है बल्कि इसका एजेंडा कोरोना वायरस (Coronavirus) और आर्थिक संकट को बताया है. गहलोत हर मोर्चे पर लड़ने की तैयारी के साथ उतरे हैं. दूसरी तरफ वह बीजेपी पर लगातार आक्रामक रवैया भी अख्तियार किए हुए हैं. इन 10 प्वाइंट्स से समझिए अब तक क्या क्या हुआ.
  • मन की बात : PM मोदी ने कारगिल से कोरोना तक पर की बात, बोले- खतरा अभी टला नहीं; जानें 10 बड़ी बातें
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने आज मन की बात (Mann Ki Baat) कार्यक्रम के जरिये देश को संबोधित किया. उन्होंने 'मन की बात' कार्यक्रम की शुरुआत कारगिल विजय दिवस (Kargil Vijay Diwas) से की और कोरोना महामारी का भी जिक्र किया. प्रधानमंत्री ने कहा, "आज ‘कारगिल विजय दिवस’ है. 21 साल पहले आज के ही दिन कारगिल के युद्ध में हमारी सेना ने भारत की जीत का झंडा फहराया था. साथियों, कारगिल का युद्ध जिन परिस्थितियों में हुआ था, वो, भारत कभी नहीं भूल सकता." पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने बड़े-बड़े मनसूबे पालकर भारत की भूमि हथियाने और अपने यहां चल रहे आन्तरिक कलह से ध्यान भटकाने को लेकर दुस्साहस किया था. 
  • अशोक गहलोत ने विधायकों से कहा,
    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को कांग्रेस विधायकों से कहा कि भाजपा की साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा, चाहे इसके लिए उन्हें राष्ट्रपति भवन तक क्यों ना जाना पड़े, राष्ट्रपति से गुहार क्यों ना लगानी पड़े.  आज शाम होने वाली कैबिनेट बैठक से पहले गहलोत ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक ली. वहीं आज सीएम गहलोत और राज्यपाल कलराज मिश्र की भी मुलाकात होनी है जिसमें उम्मीद की जा रही है कि गहलोत सोमवार से  विधानसभा सत्र आहूत करने के लिए नए पत्र के साथ राजभवन जाएंगे. इससे पहले शुक्रवार राजभवन में गहलोत और उनके समर्थक विधायकों ने प्रदर्शन किया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि राज्यपाल किसी के दवाब में सदन आहूत करने की अनुमति नहीं दे रहे हैं. राजभवन में घंटों चले इस ड्रामे के बाद गहलोत ने देर रात कैबिनेट की बैठक ली. काफी लंबे समय तक चली बैठक में कैबिनेट ने विधानसभा सत्र के आह्वान के संबंध में राज्यपाल द्वारा उठाए गए छह बिंदुओं पर चर्चा की. आज सुबह राज्यपाल को एक प्रस्ताव भेजा गया, जिसमें यह बताया गया कि विधानसभा सत्र का फोकस, कोरोनावायरस का प्रकोप और परिणामी आर्थिक संकट होगा.
  • राजस्थान में जारी है शह और मात का खेल, 10 बातों से जानिए अब तक क्या-क्या हुआ?
    राजस्थान (Rajasthan Politics) में सियासी उठापटक का खेल जारी है. प्रदेश के तत्कालीन उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) को भेजे गए SOG के एक नोटिस के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई. पायलट ने बगावती तेवर दिखाते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. वह मुख्यमंत्री को हटाने की मांग को लेकर दिल्ली पहुंच गए लेकिन बात नहीं बनी. दूसरी ओर गहलोत ने आरोप लगाया कि पायलट पिछले 6 महीनों से उनकी सरकार को गिराने की कोशिश कर रहे थे. इस सियासी जंग के पहले राउंड में गहलोत ने बाजी मारी और कांग्रेस ने तत्काल प्रभाव से सचिन पायलट को डिप्टी सीएम व प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटा दिया. फिलहाल उन्हें कांग्रेस पार्टी से निष्कासित नहीं किया गया है. पायलट समेत 19 कांग्रेसी विधायक अपनी विधायकी बचाने के लिए हाईकोर्ट की शरण में पहुंचे हैं.
  • राजस्थान में सचिन पायलट मामले का फैसला इन 5 बड़े मुद्दों को करेगा तय...
    अपनी ही पार्टी के खिलाफ मामले में सचिन पायलट और 18 अन्य विधायकों ने विधानसभा सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की गहलोत सरकार की कोशिशों को रद्द करने की मांग की है. राजस्थान हाइकोर्ट ने आज सचिन पायलट और 18 विधायकों के खिलाफ किसी भी कार्रवाई पर रोक लगा दी. हालांकि कोर्ट ने यह संकेत नहीं दिया है कि वह मामले की सुनवाई कब करेगा. कांग्रेस ने पहले ही सुप्रीम कोर्ट को अपनी याचिका पर विचार करने के लिए कहा है. पार्टी का कहना है कि स्पीकर द्वारा निर्णय लेने से पहले कोई भी अदालत मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकती है. इस मामले में, कांग्रेस का तर्क है, स्पीकर ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि वह टीम पायलट को अयोग्य ठहराने के लिए कदम उठाएंगे या नहीं. उन्होंने केवल उन्हें यह बताने के लिए कहा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बैठक में भाग लेने के पार्टी के आदेशों की अवहेलना क्यों की ? जो हाल ही में पायलट के भी नेता थे.
  • सचिन पायलट क्या घिरते नजर आ रहे हैं? आसान शब्दों में समझें दल-बदल कानून सिर्फ 7 प्वाइंट में
    जब भी राज्य सरकारों पर कोई संकट आता है तो हमेशा दल-बदल कानून की चर्चा जरूर होती है. इससे पहले जब मध्य प्रदेश सरकार पर संकट आया था तो भी इस कानून की बहुत चर्चा हुई थी. अब जब राजस्थान में राज्य सरकार पर संकट आया है तो भी यह कानून चर्चा में है. राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष ने सचिन पायलट और उनके साथ 18 बागी विधायको को इस कानून के तहत नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए. इस पर सचिन पायलट की ओर से अदालत में दलील दी गई है कि उनके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई या नोटिस नहीं दिया जा सकता है क्योंकि नियम के मुताबिक पार्टी व्हिप का उल्लंघन तभी माना जा सकता है जब विधानसभा चल चल रही हो. लेकिन सवाल इस बात का है कि दल-बदल कानून आखिर कहता क्या है. क्या सचिन पायलट इस कानून के दायरे में फंसते नजर आ रहे हैं?
  • राजस्थान का सियासी संग्राम:  इन 10 प्वाइंट्स से समझिए HC के फैसले से क्या होगा और क्या नहीं?
    Rajasthan Crisis: राजस्थान का सियासी संग्राम (Sachin Pilot vs Ashok Gehlot) कई पड़ावों से होते हुए हाईकोर्ट (Rajasthan HC) की चौखट पर पहुंचा है. बुधवार को हुई पिछली सुनवाई में राजस्थान हाईकोर्ट ने बागियों को फौरी राहत देते हुए पर स्पीकर द्वारा किसी तरह का एक्शन पर रोक लगा दी थी. रोक लगने के स्पीकर ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया लेकिन उच्चतम न्यायलय ने भी हाईकोर्ट के फैसले को टालने से इनकार कर दिया. ऐसे में अब सबकी निगाहें आज के फैसले पर टिकी हुई हैं. आज के फैसला कई मायनों में अहम है. जिसे समझने के लिए इन बातों को समझना जरूरी है.
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