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कभी महाभारत काल में इंटरनेट का दावा तो कभी माता सीता को बताया टेस्ट ट्यूब बेबी, भाजपा नेताओं के 10 विवादित बयान

भाजपा नेताओं ने कभी महाभारत काल में इंटरनेट और सैटेलाइट होने का दावा किया तो कभी माता सीता को टेस्ट ट्यूब बेबी बता दिया.नेताओं के 10 विवादित बयान, जो हाल के दिनों में चर्चा में रहे. 

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कभी महाभारत काल में इंटरनेट का दावा तो कभी माता सीता को बताया टेस्ट ट्यूब बेबी, भाजपा नेताओं के 10 विवादित बयान

यूपी के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा का एक बयान काफी चर्चा में रहा.उन्होंने सीता माता के जन्म की तुलना टेस्ट ट्यूब बेबी की अवधारणा से की.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार भाजपा नेताओं को विवादित बयान से बचने की नसीहत देते रहे हैं.अप्रैल में उन्होंने पार्टी के सांसदों और विधायकों से बातचीत के दौरान विवादित बयान देने से बचने की नसीहत दी थी और कहा था कि बोलते समय संयम रखें. पीएम ने कहा कि हमारे नेता अक्सर ऐसे बयान देते हैं जो कई बार विवाद को जन्म दे देते हैं या विवाद को बढ़ा देते हैं.उन्होंने अपनी पार्टी को ऐसे विवादित बयान देने से बचने की सख्त हिदायत दी थी, लेकिन पीएम की इन नसीहतों के बावजूद पार्टी के तमाम नेता अक्सर विवादित बयान देकर किरकिरी कराते रहते हैं.चाहे त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब हों या फिर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा.भाजपा नेताओं ने कभी महाभारत काल में इंटरनेट और सैटेलाइट होने का दावा किया तो कभी माता सीता को टेस्ट ट्यूब बेबी बता दिया.आइये आपको बताते हैं भाजपा नेताओं के 10 विवादित बयान, जो हाल के दिनों में चर्चा में रहे. 
भाजपा नेताओं के 10 विवादित बयान
  1. हाल ही में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और भाजपा नेता दिनेश शर्मा का एक विवादित बयान काफी चर्चा में रहा.दरअसल, उन्होंने सीता माता के जन्म की तुलना टेस्ट ट्यूब बेबी की अवधारणा से की. उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं कि सीता जी का जन्म धरती के अंदर से निकले घड़े में हुआ, इसका मतलब है कि रामायण काल में भी टेस्ट ट्यूब बेबी की अवधारणा जरूर रही होगी.उनके इस बयान का सोशल मीडिया पर काफी मजाक उड़ा.
  2. पिछले दिनों उत्तर-प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने हिंदी पत्रकारिता दिवस पर आयोजित एक समारोह में महाभारत काल से पत्रकारिता की शुरुआत की बात कहकर नया विवाद खड़ा कर दिया.उन्होंने कहा कि पौराणिक पात्रों ‘संजय’ और ‘नारद’ को वर्तमान समय में सीधे प्रसारण और गूगल से जोड़कर देखा जा सकता है. दिनेश शर्मा यहीं नहीं रुके.उन्होंने कहा कि मोतियाबिंद का ऑपरेशन, प्लास्टिक सर्जरी, गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत, परमाणु परीक्षण और इंटरनेट जैसी तमाम आधुनिक प्रक्रियाएं पौराणिक काल में ही शुरू हुई थीं.
  3. त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब अपने कई विवादित बयानों की वजह से चर्चा में रहे. 18 अप्रैल को उन्होंने राजधानी अगरतला में आयोजित कार्यक्रम में कहा था कि देश में महाभारत युग में भी तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध थीं, जिनमें इंटरनेट और सैटेलाइट भी शामिल थे. फिर 27 अप्रैल को कहा कि डायना हेडन इंडियन ब्यूटी नहीं हैं. डायना हेडन की जीत फिक्स थी.बिप्लब देब ने सिविल सर्विसेज की परीक्षा को लेकर भी विवादित बयान दिया.कहा कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले लोगों को सिविल सेवाओं का चयन नहीं करना चाहिये.उन्होंने युवाओं को पान की दुकान खोलने और गाय पालने की सलाह भी दे डाली.
  4. इन दिनों किसान आंदोलित हैं, लेकिन कृषि मंत्री को उनका आंदोलन पब्लिसिटी स्टंट लगता है.तभी तो केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने देश में चल रहे किसान आंदोलन को पब्लिसिटी स्टंट करार दिया.उन्होंने कहा कि, 'देखिए एक बात तो है कि मीडिया में आने के लिए कुछ अनोखे काम करने पड़ते हैं. तो निश्चित रूप से कुछ लोग अनोखे काम कर रहे होंगे. 
  5. मार्च में अररिया लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी की हार के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विवादित बयान दिया. उन्होंने कहा कि इस सीट पर आरजेडी की जीत से अब यह जिला 'आतंकवादियों का गढ़' बन जाएगा. वह इतने पर ही नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि अररिया जिला न सिर्फ नेपाल व बांग्लादेश से सटा सीमावर्ती इलाका है, बल्कि इसने 'कट्टरपंथी सोच' को जन्म दिया है. इस तरह की सोच न केवल बिहार के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ा खतरा है. सिंह ने कहा कि इस चुनाव में बीजेपी की हार का मतलब है कि अब यह जिला आतंक का गढ़ बन जाएगा.
  6. पिछले दिनों जब रेप को लेकर देशभर में चौतरफा आक्रोश था तभी केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता संतोष गंगवार ने रेप की घटनाओं पर एक विवादित बयान दिया. उन्होंने कहा, 'ये दुर्भाग्यपूर्ण हैं लेकिन इनको रोका नहीं जा सकता है. सरकार सक्रिय है सब जगह, कार्रवाई हो रही हैं. इतने बड़े देश में एक दो घटनाएं हो जाएं तो बात का बतंगड़ नहीं बनाना चाहिए.'
  7. मध्य प्रदेश की गुना विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक पन्नालाल ने पिछले दिनों विवादित बयान दिया.उन्होंने कहा कि लड़कियां अगर ब्वॉयफ्रेड बनना बंद कर देंगी तो उनपर अत्याचार होना बंद हो जाएगा. पन्नालाल शाक्या ने इससे पहले विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की शादी पर भी विवादित बयान दिया था और कहा था कि विराट ने भारत से बाहर जाकर शादी की है, जिससे ये पता चलता है कि भारत के लिए उनके दिल में मान नहीं है और वो राष्ट्र भक्त नहीं है.
  8. भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने महिलाओं को लेकर विवादित बयान दिया था.उन्होंने कहा था कि औरतें अपनी सीमाएं लांघ देती हैं तो उन्हें दंड मिलना तय है.विजयवर्गीय ने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि 'एक ही शब्द है- मर्यादा. मर्यादा का उल्लंघन होता है, तो सीता-हरण हो जाता है. लक्ष्मण रेखा हर व्यक्ति की खींची गई है. उस लक्ष्मण रेखा को कोई भी पार करेगा, तो रावण सामने बैठा है, वह सीता हरण करके ले जाएगा.
  9. भाजपा सांसद साक्षी महाराज अक्सर अपने बयान की वजह से चर्चा में रहते हैं.कुछ दिनों पहले मेरठ में एक रैली को संबोधित करते हुए साक्षी महाराज ने कहा था, 'हिंदुत्व की रक्षा के लिए हर हिंदू महिला को कम से कम चार बच्चे पैदा करने चाहिए'.हालांकि बाद में विवाद बढ़ने पर साक्षी महाराज अपने बयान से पलट गए.
  10. अपने बयानों से हमेशा विवादों को जन्म देने वाले हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने पिछले दिनों एक बयान देकर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तुलना निपाह वायरस से की है. विज ने कहा कि राहुल गांधी निपाह वायरस की तरह हैं और वे जिस भी पार्टी के संपर्क में आएंगे वह खत्‍म हो जाएगी. वे (राजनीतिक दल) साथ आने (गठबंधन) की कोशिश कर रहे हैं लेकिन वे खत्‍म हो जाएंगे.



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