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आज थम जाएगा घमासान, इन 15 बातों के लिए हमेशा याद किया जाएगा गुजरात विधानसभा चुनाव प्रचार

गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का आज आखिरी दिन है. आज शाम 5 बजे चुनाव प्रचार थम जाएगा.

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आज थम जाएगा घमासान, इन 15 बातों के लिए हमेशा याद किया जाएगा गुजरात विधानसभा चुनाव प्रचार

आज दूसरे चरण के लिए चुनाव प्रचार थम जाएगा

अहमदाबाद: गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का आज आखिरी दिन है. आज शाम 5 बजे चुनाव प्रचार थम जाएगा. एक ओर जहां पीएम मोदी सी प्लेन में बैठकर अंबाजी के दर्शन किए तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अहमदाबाद के जगन्नाथ मंदिर में पूजा-पाठ किया. इसके बाद राहुल गांधी ने प्रेस कांन्फ्रेंस की और पीएम मोदी सहित बीजेपी सरकार पर कई आरोप लगा दिए. ये वही आरोप थे जो उन्होंने प्रचार अभियान के दौरान लगाए थे. कुल मिलाकर यह गुजरात विधानसभा चुनाव अपने कड़वे बयान के लिए हमेशा याद किया जाएगा. इस चुनाव की खास बात यह रही कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी प्रचार अभियान से दूरी बना रखी थी. दूसरे चरण के लिए मतदान 14 दिसंबर को होगा और नतीजे 18 दिसंबर को आएंगे.
गुजरात विधानसभा चुनाव से जुड़ीं 15 बातें
  1. गुजरात विधानसभा चुनाव प्रचार के आखिरी दिन भी 'मंदिर राजनीति' चरम पर रही. पूरे चुनाव प्रचार अभियान के दौरान एक दिन शायद ही ऐसा रहा हो जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात में किसी मंदिर न गए हो. आज भी उन्होंने जगन्नाथ मंदिर के दर्शन किए. पीएम मोदी भी आज सी प्लेन पर बैठकर अंबाजी के दर्शन किए.
  2. राहुल गांधी सोमनाथ मंदिरमें दर्शन के दौरान एक विवाद में फंस गए जब उनके दर्शन गैर हिंदू रजिस्टर में देखे गए. इसके बाद समूची कांग्रेस बैकफुट पर आ गई. कांग्रेस को राहुल गांधी की जनेऊ वाली तस्वीरें जारी करनी पड़ गईं.
  3. राहुल गांधी ने पूरे प्रचार अभियान के दौरानहर रोज गुजरात से जुड़े मुद्दों पर एक सवालपूछा. आज उन्होंने 14वां सवाल पूछा.
  4. गुजरात विधानसभा चुनाव वैसे तो विकास के मुद्दे पर लड़ा जाना था, लेकिन फिर 'विकास पागल हो गया' से जातिगत राजनीति, हिंदू- गैर हिंदू और फिर 'जनेऊजाल' में फंसते हुए 'नीच' वाले बयान तक पहुंच गया. यहां तक कि गुजरात चुनाव की गर्मी पाकिस्तान तक भी महसूस की गई.
  5. इस पूरे चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी का नया रूप देखने को मिला और वह पिछले 13 सालों के राजनीतिक करियर में पहली बार सबसे ज्यादा परिपक्व दिखाई दिए. सरकार से उन्होंने तीखे सवाल भी पूछे और इसी बीच उनको कांग्रेस का अध्यक्ष भी बना दिया गया.
  6. पिछले 22 सालों में पहली बार ऐसा हुआ जब बीजेपी को कांग्रेस से टक्कर मिलती दिखाई दे रही है. इसकी वजह पीएम मोदी का गुजरात से बाहर होना भी है. इस बीच आरक्षण के लिए शुरू हुए आंदोलनों ने भी गुजरात में बीजेपी के लिए परेशानी का सबब बने.
  7. गुजरात चुनाव कड़वाहट भरे प्रचार अभियान के लिए भी जाना जाएगा एक ओर जहां पीएम मोदीको लेकर 'नीच' जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर बवाल हुआ तो बीजेपी नेताओं की ओर से किए गए पलटवार भी चर्चा में थे. 
  8. पीएम मोदी ने मणिशंकर अय्यर के नीच वाले बयान को मुद्दा बना दिया तो गुजरात चुनाव में पाकिस्तान के हस्तक्षेप की बात प्रधानमंत्री ने खुले मंच पर कह दी. देश के इतिहास में शायद ऐसा पहली बार हुआ था. पाकिस्तान ने भी इसमें खुद को घसीटने जाने पर आपत्ति जताई.
  9. पाकिस्तान की ओर से इस बयान पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पाकिस्तान को नसीहत दी कि वह भारतीयों के बारे में लोकतंत्र की सीख न दे.
  10.  यह पूरा चुनाव शुरू से ही विवादों में घिरा रहा. पहले तो इसकी तारीखों की घोषणा न होने पर कांग्रेस ने चुनाव आयोग के बीजेपी से मिले होने के आरोप लगा दिया. इसके बाद चुनाव आयोग ने बीजेपी को नसीहत दी कि हाल ही में कम की गई जीएसटी की दरों को कम करने को फैसले को चुनाव प्रचार का हिस्सा न बनाए.
  11.  कई सालों को बाद ऐसा देखा गया कि कांग्रेस चुनाव प्रचार के दौरान 'नरम हिंदुत्व' की ओर झुकती नजर आई. राहुल गांधी का मंदिर जाना इसी का हिस्सा था. इस बात को कांग्रेस के नेता भी स्वीकारने में हिचकिचाए नहीं. इसकी वजह एंटनी समिति की वह रिपोर्ट थी जिसमेें 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार की वजह उसकी तुष्टिकरण की छवि भी रही है.
  12. पूरे चुनाव प्रचार के अभियान पीएम मोदी सहित पूरी केंद्र सरकार गुजरात में प्रचार करते नजर आई.
  13. राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार अभियान से पहले ही सबको नसीहत दे दी थी कि कोई भी पीएम मोदी पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करेगा. अब देखने वाली बात यह होगी कि मणिशंकर अय्यर का 'नीच' वाला बयान कितना क्या असर डालता है.
  14. पूरे प्रचार के अभियान कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम पहली बार बीजेपी को कड़ी टक्कर देती दिखाई दी. इस बीच राहुल का पिद्दी वाला बयान भी चर्चा में रहा.
  15. पाटीदारों को आरक्षण का वादा करके उनका समर्थन पाने वाली कांग्रेस के घोषणापत्र में इस मुद्दे पर कुछ भी साफ नहीं है. बीजेपी ने पहले चरण के चुनाव प्रचार के खत्म होने से एक दिन पहले विजन डॉक्यूमेंट जारी किया . राहुल गांधी ने इसको भी चुनावी मुद्दा बनाया था. 



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