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दाल की बढ़ती कीमतों को काबू कर पाएगी मोदी सरकार? राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, 38 फीसदी ज्यादा हुआ उत्पादन

अब देश में भी दालों के उत्पादन में 38 फीसदी के उछाल की बात राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कही है.

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दाल की बढ़ती कीमतों को काबू कर पाएगी मोदी सरकार? राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, 38 फीसदी ज्यादा हुआ उत्पादन

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: देश में बढ़ती महंगाई नरेंद्र मोदी सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है. मोदी सरकार के सत्ता में आते ही सबसे पहले दाल की बढ़ती कीमतों ने एक चुनौती पेश की. नरेंद्र मोदी सरकार ने इस दिशा में कई कदम उठाए. आयात से लेकर देश में उत्पादन बढ़ाने के साथ विदेशी धरती पर सरकारों की मदद भी इस में शामिल है. अब देश में भी दालों के उत्पादन में 38 फीसदी के उछाल की बात राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कही है.
आइए जानें आज राष्ट्रपति कोविंद ने किसानों से जुड़ी कौन से 7 अहम बातें कहीं -
  1. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि किसानों की मुश्किलों का समाधान करना और उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाना, मेरी सरकार की उच्च प्राथमिकता है. मेरी सरकार की योजनाएं न केवल किसानों की चिंता कम कर रही हैं बल्कि खेती पर होने वाले उनके खर्च को भी घटा रही हैं.
  2. उन्होंने सरकार की नीतियों और किसानों की कड़ी मेहनत का ही परिणाम है कि देश में 275 मिलियन टन से ज्यादा खाद्यान्न और लगभग 300 मिलियन टन फलों-सब्जियों का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है.
  3. उन्होंने कहा, मेरी सरकार किसानों की आय को 2022 तक दोगुना करने के लिए प्रतिबद्ध है. किसानों को उनकी पैदावार की उचित कीमत मिल सके, इसके लिए देश की कृषि मंडियों को ऑनलाइन जोड़ने का कार्य जारी है, eNAM पर अब तक 36,000 करोड़ रुपए से अधिक की कृषि वस्तुओं का व्यापार किया जा चुका है,
  4. दशकों से लंबित 99 सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने का काम भी प्रगति पर है. दालों के लिए बनाई गई नई नीति की वजह से पिछले वर्ष की तुलना में दाल के उत्पादन में 38 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है, जो एक रिकॉर्ड है .
  5. उन्होंने कहा, किसानों की आय बढ़ाने के लिए डेयरी सेक्टर में 11,000 करोड़ रुपए की ‘डेयरी प्रसंस्करण और अवसंरचना विकास निधि’ के द्वारा एक महत्त्वाकांक्षी योजना प्रारंभ की गई है.
  6. उन्होंने कहा, मेरी सरकार की नीतियों की वजह से जहां एक तरफ यूरिया का उत्पादन बढ़ा है, वहीं 100% नीम कोटिंग के बाद यूरिया की कालाबाजारी भी रुकी है. गोरखपुर, बरौनी, सिंदरी, तालचेर और रामागुंडम में उर्वरक कारखानों को फिर से शुरू कराने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है.
  7. ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के तहत किसानों को सस्ती और सरल बीमा सेवा उपलब्ध कराई जा रही हैं. वर्ष 2017 के दौरान, रबी और खरीफ की फसलों के लिए, 5 करोड़ 71 लाख किसानों को इस योजना के तहत सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है.



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