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CBI vs CBI: आलोक वर्मा की याचिका पर बोले CJI-सीबीआई के अंतरिम चीफ नहीं लेंगे कोई नीतिगत फैसला, 10 बातें

सीबीआई (CBI vs CBI) में छिड़ी जंग के बीच आज यानी शुक्रवार को सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा (Alok Verma) की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई हुई.

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CBI vs CBI: आलोक वर्मा की याचिका पर बोले CJI-सीबीआई के अंतरिम चीफ नहीं लेंगे कोई नीतिगत फैसला, 10 बातें

CBI vs CBI LIVE: CBI के चीफ Alok Verma

नई दिल्ली: सीबीआई (CBI vs CBI) में छिड़ी जंग के बीच आज यानी शुक्रवार को सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा (Alok Verma) की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई हुई. सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जब सार्वजनिक हो गया, तब केंद्र सरकार ने दोनों को छुट्टी पर भेज दिया. मगर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के निदेशक आलोक कुमार वर्मा को अधिकार वापस लेकर उन्हें छुट्टी पर भेजे जाने के खिलाफ उनकी याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की और सीवीसी जांच के लिए महज दो सप्ताह का वक्त दिया. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने आलोक वर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि दो सप्ताह के भीतर सीवीसी जांच पूरी हो जानी चाहिए. साथ ही इसकी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में केंद्र को देना होगा. दरअसल, आलोक वर्मा ने अपनी याचिका में केंद्र की ओर से उन्हें छुट्टी पर भेजे जाने तथा अंतरिम प्रभार 1986 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के ओडिशा कैडर के अधिकारी तथा एजेंसी के संयुक्त निदेशक एम नागेश्वर राव को सौंपे जाने के फैसले पर रोक लगाने की मांग की है.
सीबीआई मामले से जुड़ी 10 अहम बातें
  1. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने आलोक वर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि दो सप्ताह के भीतर सीवीसी जांच पूरी हो जानी चाहिए. साथ ही इसकी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में केंद्र को देना होगा. साथ ही सीजेआई ने कहा कि इस मामले की अब अगली सुनवाई 12 नवंबर को होगी. 
  2. आलोक वर्मा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में दोनों पक्षों की ओर से बहस कानून के दिग्गजों ने की. आलोक वर्मा की ओर से जहां वरिष्ठ वकील और प्रख्यात कानूनविद फली एस नरीमन पेश हुए, वहीं DoPT केंद्र की ओर से AG के के वेणुगोपाल. इसके अलावा, CVC की ओर से रहेंगे SG तुषार मेहता. 
  3.  चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि CBI के अंतरिम प्रमुख कोई नीतिगत फैसले नहीं लेंगे. इस दौरान वह सिर्फ रूटिन के काम काज को ही देखेंगे. सीजेआई ने पहले दस दिन के भीतर जांच पूरी करने की बात कही थी. मगर केंद्र की मांग के बाद दो सप्ताह का समय दे दिया गया. सीजेआई ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज एके पटनायक की निगरानी में यह जांच होगी.  
  4. जांच एजेंसी सीबीआई के निदेशक ने आलोक वर्मा  ने अपनी याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए कहा कि एजेंसी के प्रमुख और विशेष निदेशक को छुट्टी पर भेजने के अलावा संवेदनशील मामलों की जांच कर रहे अधिकारियों को भी बदल दिया गया है. 
  5. न्यायालय में आलोक वर्मा का पक्ष रखने वाले अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने बुधवार को तत्काल सुनवाई की मांग की और उल्लेख किया कि केंद्रीय सतर्कता आयोग ने कल सुबह छह बजे वर्मा के अधिकार वापस लेने का फैसला किया. 
  6. सीबीआई (CBI) ने इस मामले पर सफ़ाई देते हुए कहा कि आलोक वर्मा (Alok Verma) अभी भी सीबीआई डायरेक्टर हैं, जबकि राकेश अस्थाना (Rakesh Asthana) स्पेशल डायरेक्टर. इन अफ़सरों को हटाया नहीं गया है. इन्हें सिर्फ जांच से अलग करके छुट्टी पर भेजा गया है. दरअसल, दोनों अधिकारियों से सारे अधिकार वापस ले लिए गए हैं.
  7. सीबीआई प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने कहा कि केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) द्वारा इन दोनों अधिकारियों से जुड़े मामले की जांच पर फैसला किए जाने तक एम नागेश्वर राव सिर्फ एक अंतरिम व्यवस्था हैं. आलोक वर्मा ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और उन्होंने 23 अक्टूबर की रात आए सरकार के उस आदेश को रद्द करने की मांग की है, जिसके जरिए उनका और अस्थाना के सारे अधिकार वापस ले लिए गए और राव को निदेशक पद की जिम्मेदारियां सौंप दी गई.
  8. सरकार ने आलोक वर्मा और अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया है. सीबीआई के 55 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है. केंद्र ने भ्रष्टाचार रोधी संस्था सीवीसी से मिली एक सिफारिश के बाद यह फैसला लिया. दरअसल, सीवीसी ने यह महसूस किया कि वर्मा आयोग के कामकाज में जानबूझ कर बाधा डाल रहे हैं, जो सीबीआई निदेशक के खिलाफ अस्थाना की शिकायतों की जांच कर रहा है. सारे अधिकारों से वंचित किए जाने के बाद वर्मा ने शीर्ष न्यायालय का रुख कर दलील दी कि रातों रात उनके सारे अधिकार वापस ले लिया जाना सीबीआई की स्वतंत्रता में दखलंदाजी के समान है.
  9. दरअसल, CBI ने अपने स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के ख़िलाफ़ एक FIR दर्ज कराई है. इस FIR में अस्थाना पर मीट कारोबारी मोइन क़ुरैशी के मामले में जांच के घेरे में चल रहे एक कारोबारी सतीश सना से दो करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का आरोप है. सीबीआई में नंबर दो की हैसियत रखने वाले. राकेश अस्थाना इस जांच के लिए बनाई गई एसआईटी के प्रमुख हैं. कारोबारी सतीश सना का आरोप है कि सीबीआई जांच से बचने के लिए उन्होंने दिसंबर 2017 से अगले दस महीने तक क़रीब दो करोड़ रुपए रिश्वत ली.
  10. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक को छुट्टी पर भेजने के केंद्र सरकार के आदेश के खिलाफ कांग्रेस शुक्रवार को दिल्ली में सीबीआई मुख्यालय तथा राज्यों की राजधानियों में सीबीआई के कार्यालयों के सामने धरना- प्रदर्शन करेगी. राजधानी दिल्ली में इस प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के भी शामिल होने की संभावना है. कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि पार्टी सीबीआई निदेशक वर्मा के खिलाफ आदेश को तुरंत वापस लेने की मांग के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पूरे प्रकरण पर देश से माफी मांगने की मांग करेगी.



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