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कमलनाथ के सहयोगियों पर छापा : दुबई में प्रॉपर्टी, कई राजनेता शक के घेरे में, पर्दे के पीछे की 10 बड़ी बातें

वहीं चुनाव आयोग ने राजस्व सचिव को एक चिट्ठी लिख कर कहा है कि जितनी भी इंर्फ़ोसमेंट एजेंसी वित्त मंत्रालय के तहत, राजस्व विभाग के आदेश पर काम करतीं हैं वो चुनाव से पहले लागू मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के दौरान किसी भी प्रकार के कदम उठाते वक्त इस बात का ख्याल रखें कि वो कदम पूरी तरह से निष्पक्ष हो.

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कमलनाथ के सहयोगियों पर छापा : दुबई में प्रॉपर्टी, कई राजनेता शक के घेरे में, पर्दे के पीछे की 10 बड़ी बातें

इनकम टैक्स की टीम सीआरपीएफ को लेकर छापा मारने गई थी

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के पूर्व ओएसडी प्रवीण कक्कड़, सलाहकार राजेंद्र मिगलानी समेत कुछ और क़रीबियों पर आयकर विभाग का शिकंजा कस गया है. दिल्ली में राजेन्द्र मिगलानी के घर के अब भी चल रही है. कई जगहों पर आयकर विभाग की छापेमारी 30 घंटे से ज्यादा समय से चल रही है. छापे के दौरान आयकर विभाग को इलेक्शन बांड खरीदे जाने के दस्तावेज मिले हैं. दस्तावेज में लिखा है इलेक्शन बांड-200 छापे में अनेक डायरियां और कंम्प्यूटर पर पिछले कुछ महीनों का हिसाब भी मिला है.  इन  दस्तावेजों में दुबई में भी एक प्राप्रर्टी खरीदे जाने का जिक्र  है. फर्जी शेल कंपनियो के जरिए 250 करोड़ रुपये से ज्यादा काला धन सफेद किए जाने का शक जताया जा रहा है. माना जा रहा है कि जांच में कई बड़े नेता फंस सकते हैं.  भोपाल में छापेमारी के दौरान दौरान आयकर विभाग की टीम के साथ गए सीआरपीएफ जवानों की पुलिस से नोक-झोंक हो गई. छापेमारी वाली जगह के बाहर सीआरपीएफ जवानों के साथ पुलिस की गरमा-गरमी हो गई. काफ़ी देर तक ये हंगामा चलता रहा. वहीं इंदौर में एसएसपी रुचि वर्धन मिश्र को आयकर विभाग के छापे के दौरान नहीं जाने दिया गया. वहीं चुनाव आयोग ने राजस्व सचिव को एक चिट्ठी लिख कर कहा है कि जितनी भी इंर्फ़ोसमेंट एजेंसी वित्त मंत्रालय के तहत, राजस्व विभाग के आदेश पर काम करतीं हैं वो चुनाव से पहले लागू मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के दौरान किसी भी प्रकार के कदम उठाते वक्त इस बात का ख्याल रखें कि वो कदम पूरी तरह से निष्पक्ष हो. ये भी कहा गया है कि अगर इन एजेंसियों की कार्रवाई चुनाव के लिए अवैध पैसे के इस्तेमाल से जुड़ी हों तो इसकी पूरी जानकारी मुख्य चुनाव आयुक्त को भी दी जाए.
पर्दे के पीछे की 10 बड़ी बातें
  1. आयकर विभाग ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी सहयोगियों और अन्य के खिलाफ दिल्ली और मध्य प्रदेश समेत 52 ठिकानों पर रविवार तड़के छापेमारी की. अधिकारियों ने बताया कि कर चोरी एवं हवाला लेन-देन के आरोपों में यह छापेमारी की गई.
  2. आयकर विभाग के करीब 200 अधिकारियों की टीम ने रविवार तड़के तीन बजे इन परिसरों पर छापेमारी शुरू की और 10 से 14 करोड़ रुपये की बेहिसाबी नकदी बरामद की. सूत्रों ने बताया कि की “पूरी आशंका” है कि इस नकदी का दिल्ली और मध्य प्रदेश में राजनीतिक अभियानों की फंडिंग और मतदाताओं को रिश्वत देने जैसे चुनावी प्रलोभन में इस्तेमाल किया जाना था.
  3. छापेमारी की प्रारंभिक रिपोर्ट दिल्ली में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड और चुनाव आयोग के साथ साझा की गई है. उन्होंने बताया कि बरामद हुई नकदी बढ़ती जा रही है तथा भोपाल में गिनती के लिए और मशीनों की व्यवस्था की गई है. सूत्रों ने बताया कि तलाश अभियान दिल्ली की जांच शाखा और भोपाल एवं रायपुर की उसकी इकाइयों की मदद से चलाया जा रहा है. 
  4. अधिकारियों ने राज्य में प्रवेश के लिए बसों, ऑटोरिक्शा और टैक्सी का इस्तेमाल किया ताकि किसी को भी इसकी भनक न लगे. उन्होंने बताया कि यह छापेमारी मौजूदा चुनावी सीजन में संदिग्ध हवाला धन की संदिग्ध आवाजाही और कर चोरी के मामले में की गई है. 
  5. अधिकारियों ने बताया कि आयकर अधिकारियों ने इंदौर, भोपाल, गोवा और दिल्ली (ग्रीन पार्क) में छापेमारी की. जिन लोगों पर छापेमारी की गई, उनमें कमलनाथ के पूर्व ओएसडी प्रवीण कक्कड़, पूर्व सलाहकार राजेंद्र मिगलानी और उनके रिश्तेदार की कंपनी मोजर बेयर तथा उनके भांजे रातुल पुरी की कंपनी से जुड़े अधिकारी शामिल हैं.    
  6. जिन 52 स्थानों पर छापेमारी की गई, उनमें अहमदाबाद की कुछ जगह भी शामिल हैं. कक्कड़ से कथित तौर पर जुड़े़ अश्विन शर्मा की भोपाल के प्लेटिनम प्लाजा रेजिडेंसी में भी अभियान के तहत तलाशी ली गई. अधिकारियों ने बताया कि लोकसभा चुनाव की घोषणा होने से पहले ही कक्कड़ और मिगलानी ने इस्तीफा दे दिया था.    
  7. इंदौर में कक्कड़ के विजय नगर क्षेत्र स्थित आवास और उनसे जुड़े अन्य परिसरों पर छापोमरी की गई. इसके अलावा भोपाल की नादिर कॉलोनी में स्थित उनके घर और कई अन्य स्थानों पर भी छापेमारी की गई. अधिकारियों ने बताया कि 281 करोड़ रुपये के बेहिसाब लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है और उनमें से कई को जब्त कर लिया गया है. 
  8. अधिकारियों की मानें तो छापेमारी वाली कुछ जगहों से महंगी शराब की बोतलें, हथियार भी बरामद किए गए. सूत्रों ने बताया कि कोलकाता के कारोबारी पारसमल लोढ़ा के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई. लोढ़ा को प्रवर्तन निदेशालय ने नोटबंदी के बाद मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया था.  
  9. दावा है कि विभाग के पास इस बार लोढ़ा से जुड़े लोगों के हवाला लेनदेन में शामिल होने की सूचना है. यह लेनदेन कमलनाथ के रिश्तेदार दीपक पुरी के खिलाफ चल रहे मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ा हुआ है. 
  10. मध्य प्रदेश पुलिस के पूर्व अधिकारी कक्कड़ को राज्य में कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार के पिछले साल सत्ता में आने के बाद कमलनाथ का ओएसडी नियुक्त किया गया था. इससे पहले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के समय वह पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया के ओएसडी थे.    



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