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JNU छात्र की गुमशुदगी : वीसी ने कहा, छात्रों ने हमारी पत्नियों को भी मिलने नहीं दिया- 10 अपडेट

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JNU छात्र की गुमशुदगी : वीसी ने कहा, छात्रों ने हमारी पत्नियों को भी मिलने नहीं दिया- 10 अपडेट

जेएनयू का छात्र नजीब जंग शनिवार को कैंपस में हुए झगड़े के बाद से ही लापता है

नई दिल्ली: दिल्ली के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र नजीब अहमद की गुमशुदगी के मामले में आंदोलनकारी छात्रों ने वीसी और अन्‍य अधिकारियों का घेराव करीब 24 घंटे बाद खत्म कर दिया है. छात्रों ने बुधवार शाम से ही उन्हें प्रशासनिक ब्लॉक में बंधक बनाए रखा था. वहीं पुलिस ने नजीब की सूचना के लिए 50,000 रुपये के इनाम की घोषणा की है.
10 ताजा अपडेट
  1. स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी का छात्र नजीब अहमद शनिवार से ही कथित तौर पर लापता है. उसके लापता होने से एक रात पहले कैंपस में उसका झगड़ा हुआ था.
  2. नजीब यूपी के बदायूं का रहने वाला है. छात्र के अभिभावकों से मिली शिकायत के बाद वसंत कुंज उत्तर थाना में एक व्यक्ति के अपहरण और गलत तरीके से कैद कर रखने को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई.
  3. वहीं गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस पूरे मामले को लेकर दिल्‍ली पुलिस कमिश्‍नर आलोक वर्मा से भी बात की है. उन्होंने दिल्ली पुलिस को लापता छात्र का पता लगाने के लिए विशेष टीम गठित करने का निर्देश दिया.
  4. नजीब अहमद के बारे में पुलिस को जानकारी देने वालों के लिए दिल्ली पुलिस ने 50 हजार के इनाम की घोषणा की है. साउथ डिस्ट्रिक्ट की एडिशनल डीसीपी नूपुर प्रसाद ने इसकी पुष्टि की.
  5. इस मामले को लेकर आंदोलनकारी छात्रों ने अपना प्रदर्शन तेज करते हुए कुलपति और दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों को बुधवार दोपहर से ही प्रशासनिक ब्लॉक में बंधक बनाए रखा था.
  6. वहीं जेएनयू के कुलपति एम जगदीश कुमार ने एनडीटीवी से फोन पर बातचीत में कहा, 'अवैध रूप से हमें बंधक बनाया जाना अत्यंत दुखद है.' कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें और अन्य अधिकारियों को कार्यालय में बंधक बनाने वाले छात्रों ने उनकी पत्नियों को भी उनसे नहीं मिलने दिया. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नजीब अहमद को ढूंढ़ने के लिए जितना हो सकता है, हम कदम उठा रहे हैं... हम उम्मीद है कि वह यूनिवर्सिटी वापस आ जाएंगे.
  7. इस बीच गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने कहा,  'अधिकारियों को इस तरह बंधक बनाया जाना ठीक नहीं है. ऐसा लगता है कि जेएनयू में कुछ छात्र पढ़ने नहीं, बस राजनीति करने आए हैं.'
  8. इस मामले को लेकर वाम समर्थित जेएनयूएसयू और एबीवीपी एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं. जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष मोहित पांडेय ने कहा, 'नजीब अहमद के मामले से असंवेदनशील तरीके से निपटने की वजह से नाकेबंदी की गई है. एबीवीपी द्वारा नजीब अहमद के खिलाफ हिंसा जिसकी वजह से वह पांच दिन पहले परिसर से लापता हुआ और जेएनयू प्रशासन के प्राथमिकी दर्ज कराने से इनकार कर अपराधियों को बचाने का प्रयास करने की वजह से नाकेबंदी की गई है'.
  9. वहीं जेएनयू प्रशासन ने छात्र के लापता होने से संबंधित मामले में 12 छात्रों को प्रॉक्टर स्तरीय जांच समिति के समक्ष उपस्थित होने को कहा था. एक वक्तव्य में कहा गया, 'जेएनयू प्रशासन ने प्रॉक्टर स्तरीय जांच समिति के समक्ष गवाही के लिए 12 छात्रों को तलब किया था, जिनके नाम माही-मांडवी हॉस्टल में 14 अक्टूबर को हुई हिंसा की घटना से जुड़े हैं'.
  10. इस दौरान छात्रों और कुलपति के बीच दो दौर की बातचीत विफल रही. इस दौरान बीच-बीच में 'हम सब नजीब' के नारे सुने जाते रहे. जेएनयू में इस मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन की वजह से पिछले तीन दिनों से कक्षाएं बाधित हैं.



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