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केरल में उतर रहा है बाढ़ का पानी, राहत और बचाव के बीच अब संक्रमण और बीमारियों से निपटने की चुनौती, 10 बातें

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मीडिया से बातचीत में कहा, "हमारी सबसे बड़ी चिंता लोगों की जान बचाने की थी. लगता है कि इस दिशा में काम हुआ."

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केरल में उतर रहा है बाढ़ का पानी, राहत और बचाव के बीच अब संक्रमण और बीमारियों से निपटने की चुनौती, 10 बातें

मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि अगले 5 दिन तक केरल में बारिश नहीं होगी.

तिरुवनंतपुरम: केरल में रविवार को बारिश थमने से आखिरकार लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली, मगर इससे पहले भारी बारिश के कारण आई बाढ़ से मची त्रासदी ने लाखों लोगों को बेघर कर दिया और सैकड़ों की जानें ले लीं. प्रदेश में बाढ़ की विभीषिका के कारण 7,24,649 लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है. बाढ़ पीड़ितों के लिए 5,645 राहत शिविर बनाए गए हैं. बाढ़ की त्रासदी ने 370 जिंदगियां लील लीं. मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मीडिया से बातचीत में कहा, "हमारी सबसे बड़ी चिंता लोगों की जान बचाने की थी. लगता है कि इस दिशा में काम हुआ." केरल में आखिरकार बाढ़ के सबसे विनाशकारी दौर समाप्त होने के संकेत मिले और कई शहरों व गांवों में जलस्तर में कमी आई. मुख्यमंत्री ने कहा, "शायद यह अब तक की सबसे बड़ी त्रासदी है, जिससे भारी तबाही मची है. इसलिए हम सभी प्रकार की मदद स्वीकार करेंगे." उन्होंने बताया कि 1924 के बाद प्रदेश में बाढ़ की ऐसी त्रासदी नहीं आई.
10 बड़ी बातें
  1. बाढ़ की तबाही से गुज़र रहे केरल को थोड़ी राहत मिलती दिख रही है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले 5 दिनों तक बारिश की आशंका ना के बराबर है ऐसे में राहत और बचाव के काम में तेज़ी आ सकती है. बारिश की आशंका न होने के चलते सारे ज़िलों से रेड अलर्ट हटा लिया गया है. 
  2. धीरे-धीरे प्रभावित इलाक़ों से पानी उतर रहा है. पानी उतरने के साथ ही संक्रमण और बीमारियों का ख़तरा बढ़ गया है. अलुवा के राहत कैंप में 3 लोगों को चिकन पॉक्स होने की ख़बर है. ऐसे हालात में अब प्रभावित और फंसे हुए लोगों तक खाना और दवाइयां पहुंचाने की चुनौती होगी. 
  3. इसके साथ ही अब कोशिश रोज़मर्रा की ज़िंदगी को वापस पटरी पर लाने की है. आज से कोच्चि नेवल बेस से यात्री उड़ानें शुरू हो जाएंगी. वहीं त्रिवेंद्रम और एर्नाकुलम से कोलकाता के लिए दो स्पेशल ट्रेनें भी आज चलेंगी. सभी रूट पर रेल सेवा को बहाल करने की कोशिश की जा रही है. 
  4. गौरतलब है कि बारिश-बाढ़ ने केरल में भारी तबाही मचाई है. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 350 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है. 
  5. 8 से 10 लाख लोगों ने राहत शिविरों में शरण ली है. इडुक्की और एर्नाकुलम ज़िले का संपर्क केरल के बाक़ी इलाकों से पूरी तरह कट गया है. करीब 20 हज़ार करोड़ के नुकसान का आकलन किया गया है.  
  6. बीते सौ साल में केरल ने ऐसी तबाही कभी नहीं देखी. कई दिनों की लगातार बारिश की वजह से राज्य की सभी नदियां उफ़ान पर हैं और बांध लबालब भर गए हैं जिसकी वजह से उनके सभी गेट खोलने पड़ गए हैं. कई गांव, कई घर बाढ़ के पानी में डूब गए.
  7. अब भी हज़ारों लोग बाढ़ प्रभावित इलाक़ों में फंसे हुए हैं. सेना, नौसेना, वायुसेना, NDRF, कोस्टगार्ड, ITBP की टीमें ऐसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश में हैं. 67 हेलीकॉप्टर, 24 एयरक्राफ़्ट, कोस्टगार्ड के तीन जहाज, 548 मोटरबोट दिन-राहत रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हैं. अलग-अलग इलाकों में सेना ने 13 अस्थाई पुल बनाए हैं जिनसे दूर दराज़ के इलाकों को जोड़ा गया है. 
  8. पलक्कड ज़िले के एक गांव में स्थानीय लोग बारिश के चलते बह गई एक रोड को खुद बनवा रहे हैं. स्थानीय लोगों ने ही इस रोड के लिए पैसे इकट्ठे किए हैं. वहीं अधिकारियों का कहना है कि पक्की सड़क बनाने के कागजी काम में ही 6-7 महीने लग जाएंगे.
  9. सरकारी संगठनों के अलावा कई ग़ैर सरकारी संगठन भी लोगों को राहत पहुंचाने में लगे हैं. उदय फ़ाउंडेशन, गूंज, खालसा एड जैसी संस्थाएं राहत शिविरों में लोगों को खाना खिला रही हैं. केरल की मदद के लिए देश भर के लोग साथ आ रहे हैं. कई राज्य सरकारों ने बाढ़ पीड़ितों के लिए केरल सरकार को मदद भेजी है.
  10. बॉलीवुड सितारे भी केरल की मदद को आगे आए हैं. आम लोग भी केरल की मदद के लिए अपने-अपने स्तर से मदद कर रहे हैं. देश के अलावा विदेशों से भी केरल के लिए मदद के हाथ उठ रहे हैं.  यूएई यानी संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय मूल के चार कारोबारियों ने साढे 12 करोड़ रूपये की मदद देने का ऐलान किया है. साथ ही केरल के लोगों के लिए मेडिकल टीम भी भेजने की पेशकश की है. 



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