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कुछ ऐसा है अजीत डोभाल के जासूस से NSA बनने तक का सफर, जानिए 10 खास बातें

धारा 370 (Article 370) के हटाए जाने के बाद अजित डोभाल (Ajit doval) कश्मीर में हैं. अजीत घाटी में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे.

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कुछ ऐसा है अजीत डोभाल के जासूस से NSA बनने तक का सफर, जानिए 10 खास बातें

Ajit Doval History: अजीत डोभाल ने अपने करियर के ज्यादातर समय में खुफिया विभाग में काम किया है.

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद घाटी की सुरक्षा की समीक्षा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल (Ajit doval) वहां मौजूद हैं. अजित डोभाल श्रीनगर में हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं. अजीत डोभाल के कंधों पर देश की सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारी है. अजीत डोभाल (Ajit doval) सर्जिकल स्‍ट्राइक के मास्‍टर माइंड माने जाते हैं. वह सैन्य सम्मान कीर्ति चक्र पाने वाले पहले पुलिस अफसर हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल (Ajit doval) पर फिल्म निर्देशक नीरज पांडे एक फिल्म बनाने जा रहे हैं जिसमें अक्षय कुमार मुख्य भूमिका निभाते नजर आएंगे. डोभाल को प्रधानमंत्री नरेंद्र का खास माना जाता है. डोभाल की पहचान एक तेज़-तर्रार जासूस की रही है. लोग उन्हें भारत का जेम्स बॉन्ड भी कहते हैं. सर्जिकल स्ट्राइक में अजीत डोभाल की अहम भूमिका रही है. उरी में हुए आंतकी हमले का बदला लेने के लिए भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पार कर पाकिस्तान में आतंकवादियों के लॉच पैड को ध्वस्त किया था. वहीं, इससे पहले मणिपुर में हुए आतंकवादी हमलों का जवाब देने के लिए भारतीय सेना ने म्यांमार सीमा पर करीब दो किलोमीटर घुसकर सैन्य कार्रवाई की थी. देश की सुरक्षा को लेकर अजीत डोभाल ने कई बड़े कदम उठाए और दुश्मनों को ये संदेशा दिया कि भारत अब आक्रामक रक्षा नीति अपना चुका है. अजीत डोभाल से जुडे़ कई किस्से काफी मशहूर हैं. आइए जानते हैं अजीत डोभाल के जीवन और उनसे जुड़े कुछ रोमांचक किस्सों के बारे में: 
अजीत डोभाल से जुड़ी 10 खास बातें
  1. अजीत डोभाल (Ajit doval) का जन्म उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में 20 जनवरी, 1945 को हुआ था. डोभाल के पिता मेजर जी एन डोभाल भारतीय सेना में एक अधिकारी थे.
  2. उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अजमेर मिलिट्री स्कूल (पूर्व में किंग जॉर्ज रॉयल इंडियन मिलिट्री स्कूल) से की. जिसके बाद उन्होंने 1967 में आगरा यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में पोस्ट-ग्रेजुएशन किया. दिसंबर 2017 में आगरा विश्वविद्यालय और मई 2018 में कुमाऊं विश्वविद्यालय ने उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया था.
  3. 1968 केरल बैच के IPS अफसर अजीत डोभाल 1972 में इंटेलीजेंस ब्यूरो से जुड़ गए थे. उन्होंने अपने करियर के ज्यादातर समय में खुफिया विभाग में काम किया है.
  4. अजीत डोभाल (Ajit doval) इंटेलीजेंस ब्यूरो के डायरेक्टर रह चुके हैं. वह जनवरी 2005 में IB के डायरेक्ट पद से रिटायर हुए थे.
  5. डोभाल पाकिस्तान में 7 साल रह चुके हैं. यह बात उन्होंने खुद एक  समारोह में कही थी. डोभाल ने विदर्भ मैनेजमेंट एसोसिएशन के समारोह में भाषण देते हुए एक कहानी सुनाई थी. उन्होंने कहा था, "लाहौर में औलिया की एक मज़ार है, जहां बहुत से लोग आते हैं. मैं एक मुस्लिम शख़्स के साथ रहता था. मैं वहां से गुज़र रहा था तो मैं भी उस मज़ार में चला गया. वहां कोने में एक शख़्स बैठा हुआ था. उसने मुझसे छूटते ही सवाल किया कि क्या तुम हिंदू हो? डोभाल ने कहा नहीं. डोभाल के मुताबिक, "उसने कहा मेरे साथ आओ और फिर वो मुझे पीछे की तरफ़ एक छोटे से कमरे में ले गया. उसने दरवाज़ा बंद कर कहा, देखो तुम हिंदू हो. मैंने कहा आप ऐसा क्यों कह रहे हैं? तो उसने कहा आपके कान छिदे हुए हैं. मैंने कहाँ, हाँ बचपन में मेरे कान छेदे गए थे लेकिन मैं बाद में कनवर्ट हो गया था. उसने कहा तुम बाद में भी कनवर्ट नहीं हुए थे. ख़ैर तुम इसकी प्लास्टिक सर्जरी करवा लो नहीँ तो यहाँ लोगों को शक हो जाएगा." डोभाल कहते हैं, ''उसने मुझसे पूछा कि तुम्हें पता है मैंने तुम्हें कैसे पहचाना. मैंने कहा नहीं तो उसने कहा, क्योंकि मैं भी हिंदू हूं. फिर उसने एक अलमारी खोली जिसमें शिव और दुर्गा की एक प्रतिमा रखी थी. उसने कहा देखो मैं इनकी पूजा करता हूं लेकिन बाहर लोग मुझे एक मुस्लिम धार्मिक शख़्स के रूप में जानते हैं."
  6. साल 1989 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में ऑपरेशन ब्लैक थंडर से पहले अजीत डोभाल ने महत्वपूर्ण ख़ुफ़िया जानकारी हासिल की थी. दरअसल डोभाल एक रिक्शेवाले के भेस में स्वर्ण मंदिर में घुसे और चरमपंथियों की पोजीशन और संख्या की जानकारी लेकर बाहर आए.  बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के एक पूर्व अधिकारी बताते हैं, "इस ऑपरेशन में बहुत बड़ा जोख़िम था लेकिन हमारे सुरक्षा बलों को ख़ालिस्तानियों की योजना का पूरा ख़ाका अजित डोभाल ने ही उपलब्ध कराया था. नक्शे, हथियारों और लड़ाकों की छिपे होने की सटीक जानकारी डोभाल ही बाहर निकाल कर लाए थे.''
  7. मणिपुर में हुए आतंकवादी हमलों का जवाब देने के लिए भारतीय सेना ने म्यांमार सीमा पर करीब दो किलोमीटर घुसकर सैन्य कार्रवाई की थी. इसकी योजना डोभाल ने बनाई थी. 
  8. 1999 में इंडियन एयरलाइंस की उड़ान आईसी-814 को काठमांडू से हाईजैक कर लिया गया था. उस समय डोभाल को भारत की ओर से मुख्य वार्ताकार बनाया गया था. 
  9. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजीत डोभाल को 30 मई, 2014 को देश के 5वें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्त किया.
  10. जून 2014 में, डोभाल ने 46 भारतीय नर्सों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जो इराक के तिकरित के एक अस्पताल में फंसी हुई थीं. 



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