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फैक्‍ट फाइल

  • क्या उद्धव ठाकरे बनने जा रहे हैं महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री? अब तक की 8 बड़ी बातें
    शिवसेना संजय राउत ने कहा है कि कांग्रेस और एनसीपी के साथ सहमति बन गई है और महाराष्ट्र में अब पूरे पांच साल तक शिवसेना का ही सीएम होगा. उन्होंने साथ में यह भी जोड़ा कि शिवसैनिक चाहते हैं कि उद्धव ठाकरे ही सीएम बनें. उनके इस बयान के बाद कयास लगने शुरू हो गए हैं कि क्या ठाकरे परिवार से इस बार कोई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कोई बैठेगा. हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि आने वाले 2 दिनों में मुख्यमंत्री पद के लिए नाम तय कर लिया जाएगा. आपको बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव मे बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं. बीजेपी और शिवसेना ने मिलकर बहुमत का 145 का आंकड़ा पार कर लिया था. लेकिन शिवसेना ने 50-50 फॉर्मूले की मांग रख दी जिसके मुताबिक ढाई-ढाई साल सरकार चलाने का मॉडल था. शिवसेना का कहना है कि बीजेपी के साथ समझौता इसी फॉर्मूले पर हुआ था लेकिन बीजेपी का दावा है कि ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ. इसी लेकर मतभेद इतना बढ़ा कि दोनों पार्टियों की 30 साल पुरानी दोस्ती टूट गई.
  • C V Raman: सीवी रमन को 'रमन प्रभाव' के लिए मिला था नोबेल पुरस्कार, जानिए 5 बातें
    वैज्ञानिक सीवी रमन की आज पुण्यतिथि (C.V. Raman Death Anniversary) है. भौतिक-शास्त्री सीवी रमन (C.V. Raman) को प्रकाश के क्षेत्र में अपने उत्कृष्ट कार्य के लिए नोबेल पुरस्कार दिया गया था. वह एक मात्र भारतीय हैं जिन्हें विज्ञान का नोबेल पुरस्कार प्राप्त है. विज्ञान के क्षेत्र में भारत को ऊंचाइयों तक ले जाने में उनका काफी बड़ा योगदान रहा है. अपनी खोज 'रमन प्रभाव' के लिए सीवी रमन (CV Raman) को दुनिया भर में जाना जाता है. इस खोज के लिए उन्हें विश्व प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. आज रमन प्रभाव के सहारे वैज्ञानिक कई तरह के प्रयोग कर रहे हैं. सीवी रमन को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था. उन्हें वर्ष 1929 में नाइटहुड, वर्ष 1954 में भारत रत्न और वर्ष 1957 में लेनिन शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. आइये जानते हैं सीवी रमन से जुड़ी 5 बातें...
  • Justice Bobde: कौन हैं 47वें चीफ जस्टिस शरद अरविंद बोबड़े? जानिए उनसे जुड़ी 10 बातें
    जस्टिस शरद अरविंद बोबड़े (Justice Sharad Arvind Bobde) ने भारत के 47वें चीफ जस्टिस (47th Chief Justice Of India) के रूप में शपथ ले ली है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें शपथ दिलवाई. जस्टिस बोबड़े (Justice Arvind Bobde) लगभग 18 महीने तक चीफ जस्टिस के रूप में काम करेंगे और 23 अप्रैल, 2021 को सेवानिवृत्त होंगे. भारत के 46वें मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गोगोई ने अपने उत्तराधिकारी के रूप में शीर्ष अदालत के दूसरे वरिष्ठतम न्यायाधीश जस्टिस बोबड़े (Justice Bobde) की सिफारिश की थी. बता दें कि जस्टिस अरविंद बोबड़े की कई अहम फैसलों में भूमिका रही हैं. इनमें अयोध्या रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीनी विवाद मामला शामिल है. जस्टिस बोबड़े पूर्व में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं. आइये जानते हैं जस्टिस शरद अरविंद बोबड़े से जुड़ी 5 खास बातें...
  • संसद का शीतकालीन सत्र आज से, अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरेगा विपक्ष, 10 बड़ी बातें
    संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार यानि आज से शुरू हो रहा है, जो 13 दिसंबर तक चलेगा. इस दौरान सुस्त होती अर्थव्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी, किसानों के संकट और जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक नेताओं की हिरासत को लेकर बात हो सकती है.  महाराष्ट्र की अस्थिर राजनीतिक स्थिति की पृष्ठभूमि को लेकर भी चर्चा होगी. जहां सत्तारूढ़ बीजेपी लंबे समय से सहयोगी रही शिवसेना से अलग हो गई है. अब यहां सरकार गठन के लिए शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन द्वारा एकजुट होने के लिए तैयार है.  इस सत्र में जिन प्रमुख विधेयकों पर चर्चा होनी है उनमें नागरिकता संशोधन विधेयक शामिल है, जिसे सरकार अपने पिछले कार्यकाल में पारित नहीं करा पाई थी. यह एक ऐतिहासिक सत्र होगा क्योंकि इस बार राज्यसभा की  250 वीं बैठक होगी. रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उम्मीद जताई कि आगामी सत्र में देश के विकास और लोगों के सशक्तिकरण पर चर्चा हो पाएगी. 
  • श्रद्धालुओं के लिए खुले सबरीमला मंदिर के कपाट, सूत्रों ने कहा - 10 महिलाओं को वापस भेजा गया, 10 बातें
    सबरीमला मंदिर को शनिवार को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया. मंदिर के तंत्री (मुख्य पुरोहित) कंडरारू महेश मोहनरारू ने सुबह पांच बजे मंदिर के गर्भगृह के कपाट खोले और पूजा अर्चना की. केरल के पथनमथिट्टा जिले में पश्चिमी घाट के आरक्षित वन क्षेत्र में स्थित मंदिर में केरल, तमिलनाडु और अन्य पड़ोसी राज्यों के सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे. इससे पहले सूत्रों के हवाले से ख़बर आई कि 10 महिलाओं को पंबा शहर से वापस भेज दिया गया. इससे पहले केरल सरकार ने मंदिर में दर्शन करने आ रही महिलाओं को सुरक्षा देने में असमर्थता जताई थी. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सबरीमला में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश के मामले में दायर पुनर्विचार याचिका को बड़ी बेंच को सौंप दिया है. केरल के पथनमथिट्टा जिले में पश्चिमी घाट के आरक्षित वन क्षेत्र में स्थित मंदिर में केरल, तमिलनाडु और अन्य पड़ोसी राज्यों के सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे. तंत्री के ‘पदी पूजा’ करने के बाद श्रद्धालु, जिन्हें दो बजे दोपहर को पहाड़ी पर चढ़ने की अनुमति दी गई, वे इरुमुडीकेट्टू (प्रसाद की पवित्र पोटली) के साथ मंदिर के पवित्र 18 सोपन पर चढ़ कर भगवान अयप्पा के दर्शन कर सकेंगे. नए तंत्री एके सुधीर नम्बूदिरी (सबरीमाल) और एमएस परमेश्वरन नम्बूदिरी (मलिकापुरम) ने बाद में पूजापाठ की जिम्मेदारी ली.
  • राफेल, राहुल और सबरीमाला पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, पढ़ें- 10 खास बातें
    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को तीन अहम मामलों पर सुनवाई की और फैसला सुनाया. एक तरफ कोर्ट ने सबरीमाला में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे (Sabarimala Case) को लेकर दाखिल की गई पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई की और इस मामले को 7 जजों की संविधान पीठ के पास भेज दिया. कोर्ट ने यह फैसला 3-2 के बहुमत किया. तो, दूसरी तरफ कोर्ट ने केंद्र सरकार को राफेल मामले में बड़ी राहत दी. कोर्ट ने राफेल डील पर सरकार को क्लीन चिट देने के अपने निर्णय पर पुनर्विचार की मांग कर रही सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया. ये याचिकाएं पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी तथा कार्यकर्ता-वकील प्रशांत भूषण समेत कुछ अन्य लोगों ने दाखिल की थी. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी बड़ी राहत दी और उनके खिलाफ चल रहे अवमानना मामले को बंद कर दिया. हालांकि SC ने राहुल को सख़्त लहजे में चेतावनी भी दी और कहा कि कोर्ट को किसी भी राजनीतिक बयानबाजी में शामिल न करें. आइये आपको बताते हैं सबरीमाला, राफेल और राहुल गांधी पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जुड़ी 10 खास बातें....
  • अयोग्य घोषित किए गए कर्नाटक के विधायकों पर आज सुप्रीम कोर्ट सुनाएगा फैसला, 10 बड़ी बातें
    सुप्रीम कोर्ट आज कर्नाटक के उन 17 विधायकों की किस्मत का फैसला कर सकता है जिन्हें पहले अयोग्य घोषित कर दिया गया था. बता दें कि इन विधायकों के विद्रोह की वजह से उस समय जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन की सरकार गिर गई थी. और बाद में बीजेपी ने बीएस येदियुरप्पा की अगुवाई में राज्य में सरकार बनाई थी.  कोर्ट आज की सुनवाई में यह फैसला करेगा कि क्या स्पीकर द्वारा इन विधायकों को अयोग्य घोषित करना सही है या नहीं. और क्या इन्हें आगे चुनाव लड़ने से रोकना उचित है या नहीं. 
  • सरकार बनाने के लिए उधेड़बुन में फंसी रही Congress-NCP, राज्यपाल ने राष्ट्रपति शासन लगाने की घोषणा की, 10 बड़ी बातें
    महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट गहरा गया है. शिवसेना सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है. शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट में राज्यपाल द्वारा महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश करने के फैसले को चुनौती दी है. शिवसेना ने कहा है कि उसने NCP और कांग्रेस से समर्थन पत्र हासिल करने के लिए तीन दिन का समय मांगा था, लेकिन राज्यपाल ने खारिज कर दिया. शिवसेना का कहना है कि राज्यपाल ने बीजेपी को यह बताने के लिए 48 घंटे का समय दिया कि क्या वह सरकार बना सकती है, लेकिन  समर्थन पत्र हासिल करने के लिए शिवसेना को सिर्फ 24 घंटे का समय दिया.
  • महाराष्ट्र में शिवसेना को समर्थन देने पर Congress-NCP में बैठकों का दौर जारी, आज हो सकती स्थिति साफ, 10 बड़ी बातें 
    महाराष्ट्र में सरकार गठन की गहमा गहमी समय के साथ बढ़ती ही जा रही है. शिवसेना के 24 घंटे पूरे होने के बाद राज्यपाल ने एनसीपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रण भेजा. जानकारी के मुताबिक आमंत्रण मिलने के बाद एनसीपी के नेता राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की. एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि राज्यपाल द्वारा पत्र मिला है, हम अपने गठबंधन के साथी कांग्रेस से चर्चा कर अंतिम फैसला लेंगे. उन्होंने कहा कि हम कोशिश करेंगे कि राज्य में स्थिर सरकार बनाने के लिए उचित कदम उठाया जाएगा. बता दें कि इससे पहले राज्यपाल से मुलाकात के दौरान शिवसेना के आदित्य ठाकरे ने राज्यपाल को भरोसा दिलाया था कि वह राज्य में सरकार बनाने की स्थिति है और उसे 48 घंटे की मोहलत दी जाए. 
  • कांग्रेस की बैठक खत्म, शिवसेना को समर्थन देने पर कुछ भी साफ नहीं, NCP भी अकेले नहीं लेना चाहती रिस्क, 10 बड़ी बातें
    बीजेपी-शिवसेना का क़रीब 30 साल पुराना रिश्ता टूट गया है और वह एनडीए से बाहर आ गई है. शिवसेना के इकलौते केंद्रीय मंत्री अरविंद सावंत ने मोदी मंत्रिमंडल से इस्तीफ़े का ऐलान कर दिया. शिवसेना नेता संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा कि बीजेपी अपने वादे से मुकर गई और विपक्ष में बैठने का फ़ैसला जनता के अपमान जैसा है. इधर राज्य में बदले समीकरण के एनसीपी कोर कमेटी की बैठक भी है. वहीं दिल्ली में सोनिया गांधी के घर कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक शुरू हो गई है. इधर सरकार गठन की कवायद को लेकर उद्धव ठाकरे आज शरद पवार से मिल सकते हैं. वहीं शिवसेना नेता संजय राउत दिल्ली आकर कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी से मिल सकते हैं.
  • महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर Congress और NCP की बैठक, Shiv Sena-BJP की 30 साल पुरानी दोस्ती टूटी, पढ़ें 10 बड़ी बातें
    केंद्र की मोदी सरकार में शामिल शिवसेना के इकलौते मंत्री अरविंद सावंत ने इस्तीफे का ऐलान किया है. ट्विटर पर इस्तीफे के फैसले की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि शिवसेना का पक्ष सच्चा है. झूठे माहौल के साथ नहीं रहा सकता है. यह फैसला ऐसे में उन्होंने किया है जब महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी की सरकार बनाने की खबरें हैं. अरविंद सावंत के इस्तीफे के ऐलान के साथ ही तय हो गया है कि शिवसेना एनडीए से बाहर हो गई है. शिवसेना और बीजेपी की दोस्ती 30 साल पुरानी थी. महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर कांग्रेस और एनसीपी ने भी सोमवार को बैठक बुलाई है. इस बैठक के बाद ही तय हो पाएगा कि क्या कांग्रेस और एनसीपी शिवसेना को अपना समर्थन देगी या नहीं. 
  • करतारपुर कॉरिडोर में सहयोग के लिए पाकिस्तान के PM का शुक्रिया: PM नरेंद्र मोदी
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करतारपुर गलियारे के रास्ते पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब जाने वाले 500 से अधिक भारतीय तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को जाने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों को संबोधित किया. डेरा बाबा नानक में PM मोदी ने कहा, ''ये मेरा सौभाग्य है कि मैं आज देश को करतारपुर साहिब कॉरिडोर समर्पित कर रहा हूं. जैसी अनुभूति आप सभी को ‘कार सेवा’ के समय होती है, वही मुझे इस वक्त हो रही है. मैं आप सभी को, पूरे देश को, दुनिया भर में बसे सिख भाई-बहनों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं. करतारपुर कॉरिडोर में सहयोग के लिए पाकिस्तान के PM का शुक्रिया.''
  • अयोध्या : रामलला विराजमान को विवादित जमीन का मालिकाना हक, मस्जिद ढहाना और मूर्तियां रखना गैर-कानूनी था , फैसले की 10 बड़ी बातें
    सुप्रीम कोर्ट (SC) ने अयोध्या केस पर फैसला सुनाते हुए कहा है कि विवादित ढांचे की जमीन हिंदुओं को दी जाएगी और मुसलमानों को मस्जिद बनाने के लिए दूसरी जगह मिलेगी. कोर्ट ने शुरू में ही शिया वक्फ बोर्ड और निर्मोही अखाड़ा की याचिकाएं खारिज कर दी हैं. इसके साथ ही कहा है कि मुसलमानों को मस्जिद के लिए दूसरी जगह दी जाएगी. यह फैसला सभी जजों की सहमति से हुआ है. सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा कि पुरात्व विभाग ने मंदिर (Ayodhya Case) होने के सबूत पेश किए हैं. सैकड़ों पन्नों का जजमेंट पढ़ते हुए पीठ ने कहा कि हिंदू अयोध्या (Ayodhya Verdict) को राम जन्मस्थल मानते हैं और रंजन गोगोई ने कहा कि कोर्ट के लिए थिओलॉजी में जाना उचित नहीं है. लेकिन पुरातत्व विभाग यह भी नहीं बता पाया कि मंदिर गिराकर मस्जिद बनाई गई थी.
  • Ayodhya Case : जमीन के मालिकाना हक पर सुप्रीम कोर्ट सुनाएगा फैसला
    Ayodhya Case: अयोध्या में सारी बहस और तथ्यों के बीच आज सिर्फ इस बात का जवाब मिलेगा कि विवादित जमीन पर मालिकाना हक किसका है. अदालत में फैसला सिर्फ इसी बात का होना है. कोर्ट में बहस के दौरान दलीलें भी इसी बात को लेकर दोनों पक्षों की ओर से दी गई हैं. संविधान सभा का आज का फैसला सिर्फ इसी बात पर टिका हुआ है और इस सवाल का जवाब आते ही इस 100 साल से ज्यादा पुराने इस विवाद से जुड़े सभी सवालों के जवाब मिल जाएंगे. हालांकि यह फैसला इस मामले पर अंतिम फैसला नहीं होगा, इसके बाद रिव्यू पिटीशन दाखिल की जा सकेगी. रिव्यू पिटीशन यानी कि पुनर्विचार याचिका उसी बेंच के पास आती है जो बेंच फैसला सुनाती है. जस्टिस रंजन गोगोई की इस बेंच में उनके अलावा जस्टिस शरद अरविंद बोबडे, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एस अब्दुल नजीर शामिल हैं. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं. यदि 17 नवंबर के पहले पुनर्विचार याचिका आती है तो इसे चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की बेंच ही सुनेगी. लेकिन यदि यह पिटीशन इसके बाद आई तो अगले चीफ जस्टिस तय करेंगे कि रिव्यू पिटीशन पर सुनवाई के लिए मौजूदा पीठ में जस्टिस गोगोई की जगह पांचवा जज कौन होगा. सुप्रीम कोर्ट यह भी तय करेगा कि रिव्यू पिटीशन पर सुनवाई की जाए या नहीं की जाए.
  • जिस अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सुनाएगा फैसला, जानें उसका इतिहास, अब तक क्या-क्या हुआ?
    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील अयोध्या विवाद (Ayodhya Case) मामले में शनिवार को फैसला सुनायेगा. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई (CJI Ranjan Gogoi), जस्टिस एस ए बोबडे, जस्टिस धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ , जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की 5 सदस्यीय बेंच शनिवार की सुबह साढ़े दस बजे यह फैसला सुनाएगी.
  • सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों की खैर नहीं, अयोध्या मुद्दे पर सीएम योगी ने दिए हैं 10 निर्देश
    अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला कुछ ही दिनों में आने की उम्मीद है. इसको लेकर केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से सुरक्षा लेकर समीक्षा की जा रही है. सबसे ज्यादा सतर्कता उत्तर प्रदेश में बरती जा रही है. कई जिलों में पुलिस कप्तानों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया हैं. वहीं सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी से भी मुलाकात करेंगे. इसके साथ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भी कई तरह के दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. पुलिस की ओर से सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों के आला अफसरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की और हर जिले में 24 घंटे एक विशेष कंट्रोल रूम खोलने का आदेश दिया.उन्होंने कहा कि लखनऊ और अयोध्या दोनों जगह एक एक हेलीकॉप्टर किसी भी इमरजेंसी हालात से निपटने के लिए तैयार रखे जाएं.
  • तीस हजारी हिंसा मामला: वकीलों ने कोर्ट रखा बंद, दिल्ली पुलिस के जवानों की गिरफ्तारी की रखी मांग, पढ़ें 10 बड़ी बातें
    दिल्ली पुलिस और वकीलों के बीच हुई झड़प बड़ा रूप लेते दिख रही है. मंगलवार को दिल्ली पुलिस के जवानों के विरोध प्रदर्शन के बाद अब बुधवार को वकीलों ने कोर्ट परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और कोर्ट को बंद रखा. विरोध प्रदर्शन कर रहे वकीलों की मांग है कि उन तमाम दिल्ली पुलिस जवानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए जो प्रदर्शन कर रहे थे. एक वकील ने दिल्ली पुलिस को उनके द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन को लेकर नोटिस भी भेजा है. इन सब के बीच दिल्ली पुलिस की मांग है कि उन्हें वकीलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का अधिकार दिया जाए. दिल्ली पुलिस ने कहा है कि अगर समय रहते हालात को काबू में नहीं किया गया तो वह जजों में तैनात अपने जवानों को भी वापस बुला सकते हैं. 
  • पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे दिल्ली पुलिस के जवानों ने खत्म किया अपना धरना, पढ़ें 10 बड़ी बातें...
    दिल्ली पुलिस और वकीलों के बीच हुए झड़प को लेकर दिल्ली पुलिस के जवानों ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. पुलिसकर्मियों ने अपने ऊपर हुए हमले को लेकर न्याय देने की मांग की. दिल्ली पुलिस के जवानों में इस घटना को लेकर कितना गुस्सा हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अपने आला अधिकारियों के अनुरोध के बाद भी ड्यूटी पर लौटने से इनकार कर दिया. राजधानी में दिल्ली पुलिस के जवानों के धरने के बीच दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल  ने दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों के साथ बैठक की. इस पूरे मामले को लेकर गृहमंत्रालय ने भी एक रिपोर्ट मांगी है. उधर, दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिसकर्मियों के साथ हुई मारपीट को लेकर बार काउंसिल को नोटिस जारी किया है. 
  • केंद्र ने की दिल्‍ली में प्रदूषण की स्थिति की समीक्षा, NCR में स्‍कूल बंद, विमानों पर भी असर, 10 बातें
    दिल्ली-एनसीआर में रविवार का दिन भी हवा में फैले धुआंसे यानी स्मॉग के नाम रहा. हालत ये रही कि घरों से बाहर निकलने पर अधिकतर लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत होने लगी. दिल्ली के कई इलाकों में एयर क्वॉलिटी इंडेक्स दिन में एक हज़ार और नोएडा, ग़ाज़ियाबाद में डेढ़ हज़ार तक पहुंच गया. हालांकि शाम होते होते थोड़ी हवा चलने से इसमें गिरावट आई लेकिन हवा का स्तर ख़तरनाक बना ही रहा. ये एक तरह की एयर इमरजेंसी है. हालात को देखते हुए दिल्ली के अलावा नोएडा, ग़ाज़ियाबाद, गुड़गांव और फरीदाबाद के स्कूलों को पांच नवंबर तक बंद करने का आदेश दिया गया. इस बीच दिल्ली में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा की अगुवाई में दिल्ली और एनसीआर से जुड़े राज्यों के मुख्य सचिवों की वीडियो कांफ्रेंसिंग से बैठक हुई जिसमें निर्देश दिया गया कि कैबिनेट सेक्रेटरी और इन राज्यों के मुख्य सचिव लगातार वायु प्रदूषण पर निगाह बनाए रखें और उसे कम करने के उपायों पर अमल करते रहें. इस बैठक में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन और मौसम विभाग के निदेशक भी मौजूद रहे. जानकारी के मुताबिक दिल्ली में क़रीब 300 टीमों को प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए तैनात किया गया है. इन टीमों का मुख्य ध्यान सात औद्योगिक इलाकों, दिल्ली एनसीआर के मुख्य मार्गों, निर्माण से जुड़ी जगहों और कूड़ा-कचरा जलने से जुड़ी जगहों पर है. कई इलाकों में धूल को नीचे बैठाने के लिए पानी का भी छिड़काव किया जा रहा है लेकिन ये सब उपाय नाकाफ़ी ही लग रहे हैं.
  • बीजेपी-शिवसेना की आज गुप्त जगह पर बैठक, सूत्रों का दावा 'मलाईदार पोस्ट' की हो सकती है मांग, पढ़ें 5 बड़ी बातें
    महाराष्ट्र में ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान के बीच अब बात कुछ बनती दिख रही है. सरकार गठन पर चर्चा को लेकर आज बीजेपी और शिवसेना नेताओं की बैठक होनी है. हालांकि ये बैठक किसी गुप्त जगह पर होगी. इस बीच 12 बजे सेना भवन में शिवसेना के विधायक दल की भी बैठक होनी है, जहां विधायक दल का नेता चुना जाएगा. इस बात की पूरी उम्मीद है कि आदित्य ठाकरे के नाम पर मुहर लग जाएगी. इस बीच बीजेपी के सूत्र दावा कर रहे हैं कि महाराष्ट्र सरकार का ब्लू प्रिंट तैयार हो गया है. वहीं शिवसेना ने नरम पड़ने की खबरों पर संजय राउत ने कहा कि शिवसेना नरम पड़ गई है, पीछे हट गई है, पदों को समान रूप से बांटा जाए इस मांग को छोड़ दिया है, इस तरह की पूड़ी छोड़ी जा रही है, यह पब्लिक है सब जानती है, जो तय हुआ है उसी के अनुसार होगा.
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