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फैक्‍ट फाइल

  • सुप्रीम कोर्ट में कैसे होती है चीफ जस्टिस की नियुक्ति, कौन होता है योग्य, जानें सब कुछ
    प्रधान न्‍यायाधीश दीपक मिश्रा ने जस्टिस रंजन गोगोई का नाम अगले CJI के लिए केंद्र सरकार को भेजा है. जस्टिस गोगोई का देश का अगला चीफ जस्टिस बनना तय है. लॉ मिनिस्ट्री ने CJI दीपक मिश्रा को पत्र लिखकर अगले चीफ जस्टिस के नाम का प्रस्ताव मांगा था. इसके बाद CJI दीपक मिश्रा ने मंत्रालय को अपने बाद बनने वाले चीफ जस्टिस का नाम भेजा है. आइये आपको बताते हैं कि भारत में प्रधान न्यायाधीश या चीफ जस्टिस के चयन की प्रक्रिया क्या होती है और कौन इसके लिए योग्य होता है. 
  • जब जस्टिस दीपक मिश्रा ने की आधी रात को सुनवाई, ये हैं उनके 5 ऐतिहासिक फैसले
    चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा दो अक्टूबर को रिटायर होने जा रहे हैं. उन्होंने जस्टिस रंजन गोगोई का नाम अगले CJI के लिए केंद्र सरकार को भेजा है. जस्टिस दीपक मिश्रा ने 14 फरवरी 1977 को उड़ीसा हाई कोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस शुरू की थी. इसके बाद 1996 में उन्हें उड़ीसा हाई कोर्ट का एडिशनल जज बनाया गया और बाद में उनका ट्रांसफर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट  कर दिया गया. इसके बाद वे दिसंबर 2009 में पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस बने. 24 मई 2010 में दिल्ली हाई कोर्ट में बतौर चीफ जस्टिस उनका ट्रांसफर हुआ और 10 अक्टूबर 2011 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया. पिछले साल 28 अगस्त को उन्होंने बतौर चीफ जस्टिस कार्यभार ग्रहण किया. सुप्रीम कोर्ट में अपने कार्यकाल के दौरान जस्टिस दीपक मिश्रा ने कई ऐतिहासिक फैसले सुनाये. बहुचर्चित निर्भया कांड में दोषियों की सजा को बरकरार रखने का उनका फैसला लैंडमार्क माना गया. तो वहीं आतंकी याकूब मेमन की फांसी से ऐन पहले आधी रात को सुनवाई की और सजा बरकरार रखी. आइये आपको चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के ऐसे ही पांच ऐतिहासिक फैसलों के बारे में बताते हैं. 
  • केरल के बाद अब उत्तर प्रदेश में भारी बारिश ने मचाई तबाही, अब तक 254 की मौत, 10 बड़ी बातें
    उत्तर प्रदेश में जानलेवा बनी बारिश की वजह से पिछले 24 घंटे के दौरान 16 की मौत हो गयी है और 12 जख्मी हो गये हैं. ये जानकारी राहत आयुक्त कार्यालय से प्राप्त रिपोर्ट से मिली है. इनमें शाहजहांपुर में सबसे ज्यादा छह लोगों की मौत हो गयी. इसके अलावा सीतापुर में तीन, अमेठी तथा औरैया में दो-दो और लखीमपुर खीरी, रायबरेली एवं उन्नाव में एक-एक व्यक्ति की वर्षाजनित दुर्घटनाओं में मौत हुई है. पूरे प्रदेश में ऐसे हादसों में 12 लोग जख्मी भी हुए हैं. इसके अलावा कुल 461 मकान अथवा झोपड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुई हैं.  उत्तर प्रदेश में इस साल मानसून की बारिश में 254 लोगों की मौत हो चुकी है. पूरे देश में मानसून के दौरान 1400 से ज्यादा लोगों की गई जान गई है जिसमें सबसे ज्यादा केरल (488) में लोगों की मौत हुई है.
  • गुड़गांव जमीन सौदा मामले में रॉबर्ट वाड्रा और भूपिंदर  सिंह हुड्डा पर क्या हैं आरोप? 10 बड़ी बातें
    हरियाणा के गुरुग्राम में एक जमीन खरीद-फरोख्त के मामले में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है. इस मामले में डीएलएफ का भी नाम दर्ज किया गया है. वहीं रॉबर्ट वाड्रा ने एनडीटीवी से कहा है कि ये चुनावों और तेल के बढ़े दामों से ध्यान हटाने की कोशिश है. मानेसर के पुलिस उपायुक्त राजेश कुमार ने बताया कि हुड्डा, वाड्रा और दो कंपनियों - डीएलएफ तथा ओंकारेश्चर प्रोपर्टीज के खिलाफ गुड़गांव के खेडकी दौला पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है.
  • Jain Muni Tarun Sagar: देश के कई मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखने वाले जैन मुनि तरुण सागर से जुड़ी 8 बातें
    बीते कुछ दिनों से बीमार चल रहे जैन मुनि तरुण सागर (Jain Muni Tarun Sagar) का आज 51 साल की उम्र में निधन हो गया. दरअसल, जैन मुनि तुरुण सागर पिछले कुछ दिनों से पीलिया से पीड़ित थे, जिसकी वजह से उनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा था और उन्होंने दिल्ली के शाहदरा के कृष्णानगर में शनिवार सुबह 3:18 बजे अंतिम सांस ली. दरअसल, मुनि तरुण सागर एक दिगंबर भिक्षु थे. तरुण सागर ने 'कड़वे प्रवचन' के नाम से एक बुक सीरीज स्टार्ट की थी, जिसके लिए वो काफी चर्चित रहे. क्योंकि वह अपने प्रवचन में अंधविश्वासों, मान्यताओं और गलत अभ्यासों की आलोचना किया करते थे.
  • पीएम मोदी ने नेपाल-भारत मैत्री पशुपतिनाथ धर्मशाला को समर्पित कर कहा- अपनेपन की ऐतिहासिक साझेदारी, 10 बड़ी बातें
    नेपाल के प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली द्वारा बिम्स्टेक की अध्यक्षता श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सीरीसेना को सौंपे जाने के साथ ही संगठन का चौथा शिखर सम्मेलन आज समाप्त हो गया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बिम्स्टेक के अन्य सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं ने नेपाल की राजधानी काठमांडो में आयोजित इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया, ‘'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेताओं की बिम्स्टेक प्रक्रिया को पुनर्जीवित करने की प्रतिबद्धता के साथ यह शिखर सम्मेलन सफलतापूर्वक समाप्त हो गया.'' बिम्स्टेक के मौजूदा अध्यक्ष ओली ने काठमांडो घोषणापत्र का मसौदा पेश किया जिसे सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पशुपतिनाथ के दर्शन किये और भारत-नेपाल के रिश्तों को रेखांकित करते हुये वहां भारत के सहयोग से बने एक धर्मशाला को समर्पित किया.
  • राहुल गांधी जिस राफेल सौदे को लेकर मोदी सरकार पर उठाते रहते हैं सवाल, जानिये इस सौदे से जुड़ी हर बात
    राफेल सौदे को लेकर कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला करती रही है. इतना ही नहीं राफेल मुद्दे पर कांग्रेस ने हमला और भी तेज कर दिया है और मोदी सरकार के खिलाफ में जनआंदोलन करने का मूड बनाया है. कांग्रेस के नेता देश भर में राफेल मुद्दे पर मोदी सरकार के खिलाफ हल्ला बोलेंगे. आपको बता दें कि राहुल गांधी संसद में भी इस मामले को उठा चुके हैं और कांग्रेस पार्टी मॉनसून सत्र के दौरान भी संसद परिसर में प्रदर्शन कर चुकी है. कांग्रेस ने राफेल सौदे को नरेंद्र मोदी सरकार का एक घोटाला करार दे चुके है. पर क्‍या है ये राफेल सौदा और जानें इससे जुड़ी हर बात...
  • RBI की रिपोर्ट पर विपक्ष के आरोपों पर BJP का पलटवार, सरकार ने गिनाए नोटबंदी के ये 5 फायदे
    नवंबर 2016 में नोटबंदी लागू होने के बाद बंद किए गए 500 और 1,000 रुपये के नोटों का 99.3 प्रतिशत बैंको के पास वापस आ गया है. रिजर्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. नोटबंदी के समय मूल्य के हिसाब से 500 और 1,000 रुपये के 15.41 लाख करोड़ रुपये के नोट चलन में थे. रिजर्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से 15.31 लाख करोड़ रुपये के नोट बैंकों के पास वापस आ चुके हैं. रिजर्व बैंक की इस रिपोर्ट के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में सवाल किया है, "मेरा पहला सवाल आज यह है कि काला धन कहां गया?..मेरा दूसरा सवाल यह है कि क्या यह योजना इसलिए लाई गई थी कि काला धन रखने वाले अपने काले धन को गुपचुप सफेद धन में परिवर्तित कर लें?" वहीं कांग्रेस ने कहा है कि आरबीआई की रपट ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि नोटबंदी एक भयानक आपदा थी. इसके साथ ही कांग्रेस ने सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर झूठ बोलने के लिए माफी मांगेंगे? इस पर बीजेपी और आर्थिक मामलों के सचिव एस सी गर्ग ने मोर्चा संभाला है और बताया है कि आखिर नोटबंदी से क्‍या फायदे हुए हैं.
  • सुप्रीम कोर्ट का आदेश, सभी गिरफ्तार वाम विचारक 6 सितंबर तक अपने घर में ही नजरबंद रहेंगे, 10 बातें
    सुप्रीम कोर्ट ने भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले के सिलसिले में गिरफ्तार 5 मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को 6 सितंबर तक घर में नजरबंद रखने का आज आदेश दिया. मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि असहमति लोकतंत्र का 'सेफ्टी वाल्व' है. शीर्ष अदालत के इस आदेश के बाद इन पांचों मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को जेल नहीं भेजा जाएगा, परंतु वे पुलिस की निगरानी में घरों में ही बंद रहेंगे. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चंद्रचूड़ की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने भीमा-कोरेगांव घटना के करीब 9 महीने बाद इन व्यक्तियों को गिरफ्तार करने पर महाराष्ट्र पुलिस से सवाल भी किए.
  • गुड़गांव जाने से पहले जरूर पता कर लें हालात, नहीं तो फंस सकते हैं भीषण जाम में, 10 बड़ी बातें
    दिल्ली-एनसीआर में मूसलाधार बारिश के बाद कई जगहों पर पानी भर गया. सबसे बुरा हाल गुड़गांव का है. यहां सड़क पर घुटने तक पानी भर गया. पानी भरने से जहां-तहां गाड़ियां फंस गईं और लंबा जाम लग गया. लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है. अगर रात भर में पानी नहीं निकला या और बारिश हो गई तो सुबह स्कूल और दफ़्तर के लिए निकलना काफ़ी मुश्किल भरा साबित हो सकता है. कई स्कूल आज भी बंद कर दिए गए थे.
  • भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में सिविल राइट्स वक़ील सुधा भारद्वाज हाउस अरेस्ट, 10 बड़ी बातें
    भीमा कोरेगांव हिंसा की जांच कर रही पुणे पुलिस ने मंगलवार की सुबह मुंबई, दिल्ली , हैदराबाद औऱ रांची में एक साथ छपेमारी कर घन्टो तलाशी ली औऱ फिर 5 लोगों को गिरफ्तार किया. पुणे पुलिस के मुताबिक सभी पर प्रतिबंधित माओवादी संगठन से लिंक होने का आरोप है. जबकि मानवाधिकार कार्यकर्ता इसे सरकार के विरोध में उठने वाली आवाज को दबाने की दमनकारी कार्रवाई बता रहे हैं. रांची से फादर स्टेन स्वामी , हैदराबाद से वामपंथी विचारक और कवि वरवरा राव, फरीदाबाद से सुधा भारद्धाज और दिल्ली से सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलाख की भी गिरफ्तारी भी हुई है.
  • केरल में बाढ़ से तबाही : 417 की मौत, 8.69 लाख शिविरों में और 7000 घर नष्ट, 10 बड़ी बातें
    केरल में बारिश व बाढ़ की विभीषिका में अब तक 417 लोग जान गंवा चुके हैं। मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि सैकड़ों लोग राहत शिविरों से घरों को लौट रहे हैं, फिर भी अभी 8.69 लाख लोग 2,787 राहत शिविरों में हैं. विजयन ने मीडिया से कहा कि 29 मई से मानसून की बारिश शुरू होने से मौतें होनी शुरू हो गईं थीं लेकिन आठ अगस्त से 265 लोगों के मौत होने की सूचना है, जब मूसलाधार बारिश की वजह से राज्य में भयावह बाढ़ आ गई. केरल में यह सदी की सबसे भयावह बाढ़ है.
  • विनाशकारी बाढ़ से पीड़ित केरल ने केंद्र से 2600 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मांगा, 10 बातें...
    भारी बारिश और विनाशकारी बाढ़ के बाद अब जिंदगी पटरी पर लाने की जद्दोजेहद में जुटे केरल ने केंद्र सरकार से 2600 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मांगा है. राज्य में बाढ़ की वजह से 350 से ज्यादा लोगों की जान चली गई है और 10 लाख से अधिक लोग बेघर हो गए. मुख्मयंत्री पिनरई विजयन की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल ने अपनी एक बैठक में मनरेगा समेत केंद्र की विभिन्न योजनाओं के तहत उससे एक विशेष पैकेज मांगने का निर्णय लिया. विजयन ने कहा कि इस आपदाकारी बाढ़ से उत्पन्न स्थिति पर चर्चा करने के लिए 30 अगस्त को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है. पिछले सौ साल में पहली बार ऐसी विनाशकारी बाढ़ आई है.
  • केरल में उतर रहा है बाढ़ का पानी, राहत और बचाव के बीच अब संक्रमण और बीमारियों से निपटने की चुनौती, 10 बातें
    केरल में रविवार को बारिश थमने से आखिरकार लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली, मगर इससे पहले भारी बारिश के कारण आई बाढ़ से मची त्रासदी ने लाखों लोगों को बेघर कर दिया और सैकड़ों की जानें ले लीं. प्रदेश में बाढ़ की विभीषिका के कारण 7,24,649 लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है. बाढ़ पीड़ितों के लिए 5,645 राहत शिविर बनाए गए हैं. बाढ़ की त्रासदी ने 370 जिंदगियां लील लीं. मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मीडिया से बातचीत में कहा, "हमारी सबसे बड़ी चिंता लोगों की जान बचाने की थी. लगता है कि इस दिशा में काम हुआ." केरल में आखिरकार बाढ़ के सबसे विनाशकारी दौर समाप्त होने के संकेत मिले और कई शहरों व गांवों में जलस्तर में कमी आई. मुख्यमंत्री ने कहा, "शायद यह अब तक की सबसे बड़ी त्रासदी है, जिससे भारी तबाही मची है. इसलिए हम सभी प्रकार की मदद स्वीकार करेंगे." उन्होंने बताया कि 1924 के बाद प्रदेश में बाढ़ की ऐसी त्रासदी नहीं आई.
  • केरल में हर तरफ़ तबाही, मौत का आंकड़ा 350 के पार, युद्धस्तर पर राहत-बचाव अभियान - 10 बातें
    केरल सदी की सबसे बड़ी तबाही से इस वक्त जूझ रहा है. 100 साल में कभी ऐसी तबाही केरल ने नहीं देखी. 350 से ज़्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. 8 लाख से ज़्यादा लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं. राज्य के 14 में से 11 ज़िलों में रेड अलर्ट जारी किया गया था जिसे अब वापस ले लिया गया है. इडुक्की और एर्नाकुलम राज्य के बाक़ी हिस्सों से पूरी तरह कट गए हैं. बदतर होते हालात के बीच सैकड़ों रेस्कयू टीमें पूरे जी जान से लगी हुई हैं. क्या सेना, क्या नेवी, एयरफोर्स, NDRF, ITBP सभी राहत और बचाव के काम में पूरी तरह मुस्तैद हैं. पानी भरने की वजह से कोच्चि एयरपोर्ट 26 अगस्त तक बंद कर दिया गया है. लेकिन उसकी जगह कोच्ची नेवल एयरबेस सोमवार से कमरशियल फ्लाइट के लिए इसेतमाल किया जा सकेगा.
  • Kerala Floods: सदी की सबसे बड़ी तबाही से जूझ रहा केरल, बारिश के फिर आसार, हजारों को मदद का इंतजार: 10 बातें
    केरल सदी की सबसे बड़ी तबाही से इस वक्त जूझ रहा है. 100 साल में कभी ऐसी तबाही केरल ने नहीं देखी. 350 से ज़्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. 6 लाख से ज़्यादा लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं. राज्य के 14 में से 11 ज़िलों में रेड अलर्ट हैं और सबसे चिंताजनक बात है कि मौसम विभाग ने अभी भी भारी बारिश की आशंका जताई है जिससे आने वाले वक्त में हालात और बिगड़ने के आसार हैं. इडुक्की और एर्नाकुलम राज्य के बाक़ी हिस्सों से पूरी तरह कट गए हैं. बदत्तर होते हालात के बीच सैंकड़ों रेस्कयू टीमें पूरी जी जान से लगी हुई हैं. सेना, नेवी, एयरफोर्स, NDRF, ITBP सभी राहत और बचाव के काम में पूरी तरह मुस्तैद हैं. राज्य में बारिश और बाढ़ के चलते अब तक करीब 20 हज़ार करोड़ का नुकसान होने की बात मुख्यमंत्री विजयन कह रहे हैं. हालांकि, बारिश के अभी भी आसार हैं.
  • अर्थव्यवस्था को धार और युवाओं को रोजगार, पाकिस्तान के नए पीएम इमरान खान को ये 8 काम तुरंत करने होंगे
    पूर्व क्रिकेटर और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (पीटीआई) के नेता इमरान खान आज पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे. वह देश के 22वें प्रधानमंत्री होंगे. इससे पहले शुक्रवार को पाकिस्तानी संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली में हुए एकतरफा चुनाव में इमरान खान को देश का नया प्रधानमंत्री चुना गया था. पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री के रूप में इमरान खान के सामने कई समस्याएं मुंह बाए खड़ी हैं. सबसे विकराल समस्या अर्थव्यवस्था की है. जीडीपी की ग्रोथ धीमी है तो देश पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है. पाकिस्तान की बतौर 'ब्रांड' दुनिया में नकारात्मक छवि बन गई है. कट्टरपंथियों का दखल बढ़ा है. वहीं रोजगार सृजन न होने से युवाओं में असंतोष का माहौल है. ये वो 8 काम हैं जो इमरान खान को तुरंत करने होंगे.
  • केरल में भीषण बाढ़ और बारिश से 324 की मौत, लाखों लोग हुए विस्थापित, 10 बातें...
    केरल में भारी बारिश और बाढ़ से जीवन अस्त-व्यस्त है. भारी बारिश और बाढ़ से बीते 9 दिनों में 324 लोगों की मौत हो चुकी है. केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने कहा कि अब तक दो लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी केरल रवाना हो चुके हैं. वहीं राज्य में अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी और पेट्रोल पंप में ईंधन की कमी से संकट गहराता दिखा. करीब एक सदी में आई इस प्रलयंकारी बाढ़ में 8 अगस्त के बाद से अब तक 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. आपदा ने इस प्राकृतिक छटा वाले राज्य को झकझोर कर रख दिया है. इसके चलते इसका पर्यटन उद्योग बर्बाद हो गया है, हजारों हेक्टेयर भूभाग में उपजी फसलें तबाह हो गई हैं और बुनियादी ढांचे को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है.
  • राजनीति में अपने 'अटल' फैसलों के लिए पहचाने जाने वाले वाजपेयी के बारे में जानें 15 बातें...
    भारत के सर्वाधिक करिश्माई नेताओं में शुमार अटल बिहारी वाजपेयी का देश के राजनीतिक पटल पर एक ऐसे विशाल व्यक्तित्व वाले राजनेता के रूप में सम्मान किया जाता है, जिनकी व्यापक स्तर पर स्वीकार्यता है और जिन्होंने तमाम अवरोधों को तोड़ते हुए 90 के दशक में राजनीति के मुख्य मंच पर भाजपा को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसे वाजपेयी के व्यक्तित्व का ही आकर्षण कहा जाएगा कि नए सहयोगी दल उस भाजपा के साथ जुड़ते गए, जिसे अपने दक्षिणपंथी झुकाव के कारण उस जमाने, खासतौर से बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद राजनीतिक रूप से 'अछूत' माना जाता था. अपनी वाणी के ओज और 'अटल' फैसले लेने के लिए विख्यात वाजपेयी को भारत-पाकिस्तान मतभेदों को दूर करने की दिशा में ठोस कदम उठाने का श्रेय दिया जाता है. अपने इन ठोस कदमों के साथ वह भाजपा के 'राष्ट्रवादी राजनीतिक एजेंडे' से परे जाकर एक व्यापक फलक के राजनेता के रूप में जाने जाते हैं.
  • पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 5 बजकर 5 मिनट में ली अंतिम सांस, उनके जीवन से जुड़ी 10 बड़ीं बातें
    भारतीय राजनीति में अजातशत्रु, भीष्म पितामह, शिखर पुरुष जैसे शब्दों से पुकारे जाने वाले अटल बिहारी वाजपेयी देश के 10 वें प्रधानमंत्री थे. उन्होंने देश की बागडोर तीन बार संभाली. पहली बार उन्होंने साल 1996 में 16 मई से 1 जून तक, साल 1998 से 19 मार्च से 26 अप्रैल 1999 तक, फिर 13 अक्टूबर 1999 से 22 मई से 2004 तक. 16 अगस्त को उन्होंने अंतिम सांस ली. वह दो महीने से एम्स में भर्ती थे. प्रधानमंत्री मोदी ने अटल जी को ट्विवटर पर श्रद्धांजलि देते हुये कहा कि हम सबके श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी नहीं रहे. भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है. वहीं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि अटल जी के विचार, उनकी कविताएं, उनकी दूरदर्शिता और उनकी राजनीतिक कुशलता सदैव हम सबको प्रेरित व मार्गदर्शित करती रहेंगी. भारतीय राजनीति के ऐसे शिखर पुरुष को मैं कोटि-कोटि नमन करता हूँ और ईश्वर से उनकी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूँ
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