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फैक्‍ट फाइल

  • क्या मां ने ही की है उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति के बेटे अभिजीत की हत्या, 12 अहम बातें
    उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति रमेश यादव के बेटे अभिजीत यादव की गला घोटकर हत्या कर देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. हत्या के मामले में उसकी मां को गिरफ़्तार कर लिया गया है. पुलिस के मुताबिक़ आरोपी मां ने अपना जुर्म क़बूल कर लिया है. आज उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा. लखनऊ के हज़रतगंज में अपने घर पर ही अभिजीत का शव मिला था. घरवालों ने बताया कि मौत स्वाभाविक हुई है. इसलिए कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला घोटकर हत्या की बात सामने आई. जिसके बाद पुलिस ने मां मीरा यादव को गिरफ़्तार कर लिया. पूछताछ में मां ने बताया कि बेटा नशे की हालत में अभद्र व्यवहार कर रहा था इसलिए उसका गला दबा दिया.
  • अमृतसर ट्रेन हादसे में खुलासा: पुलिस ने दी थी 'रावण दहन' कार्यक्रम के लिए NOC, जानें घटना से जुड़ी 10 बातें
    पंजाब के अमृतसर शहर (Amritsar train accident) में एक ट्रेन हादसे ने खुशी के पल को पूरी तरह से मातम में बदल दिया. ट्रेन हादसा भले ही अमृतसर में हुआ, मगर इसके शोक पूरा देश डूब गया. दरअसल, अमृतसर शहर (Amritsar train accident) के जोड़ा फाटक इलाके में दशहरे (Dussehra 2018) के दौरान हुए अमृतसर ट्रेन हादसे (Train accident in Amritsar) में एक नया खुलासा सामने आया है. ट्रेन हादसे में आरोप-प्रत्यारोप के दौर के बीच पुलिस ने स्वीकार किया कि उसने आयोजकों को अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया था लेकिन कहा कि कार्यक्रम के लिये नगर निगम की भी मंजूरी की जरूरत थी. इस बीच सामने आए एक खत से संकेत मिले हैं कि आयोजकों - स्थानीय कांग्रेस पार्षद के परिवार ने कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा इंतजाम की भी मांग की थी जहां पंजाब के मंत्री नवजोत सिद्धु और उनकी पूर्व विधायक पत्नी नवजोत कौर सिद्धु के आने की उम्मीद थी. प्रत्यक्षदर्शियों ने हालांकि शिकायत की कि जोड़ा फाटक के पास पटरियों के साथ लगे मैदान में लोगों की सुरक्षा के लिये इंतजाम पर्याप्त नहीं थे. दरअसल, दशहरा के दिन रावण देखने आए लोग ट्रैक पर खड़े होकर रावण दहन देख रहे थे, तभी ट्रेन से कटकर करीब 61 लोगों की मौत हो गई और पचास से अधिक घायल हो गये. हालांकि, इस घटना की न्यायिक जांच के आदेश दे दिये गए हैं.
  • Amritsar Train Accident: पटरी पर रेलवे के इतिहास का सबसे बड़ा हादसा, जानिये कब और कहां कितने लोगों ने गंवाई जान...
    पंजाब के अमृतसर (Amritsar train accident) में दशहरे के दिन रावण दहन देखने आए लोगों के लिए किसी खौफनाक दिन से कम नहीं रहा. शुक्रवार की शाम रावन दहन के दौरान ट्रेन की चपेट में आने से अब तक 61 लोगों की मौत हो गई है और 100 से अधिक लोग घायल हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है. दरअसल, अमृतसर के जोड़ा फाटक के पास शुक्रवार की शाम दशहरा (dussehra 2018) के मौके पर रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी थी. लोग रेल की पटरियों पर खड़े होकर रावण दहन देख रहे थे, तभी अचानक तेज रफ्तार में ट्रेन आई और सैकड़ों लोगों को कुचलती हुई चली गई. ट्रेन जालंधर से अमृतसर आ रही थी तभी जोड़ा फाटक पर यह हादसा हुआ. बता दें कि रेल पटरी पर होने वाला यह हादसा रेलवे के इतिहास की सबसे भीषण दुर्घटनाओं में शामिल हो गई है.  
  • साढ़े चार साल और 2 रेल मंत्री, लेकिन नहीं सुधरा सिस्टम और विभाग, 10 बड़े हादसे
    पंजाब के अमृतसर (Train accident in Amritsar) में शुक्रवार की शाम दर्दनाक रेल हादसा हुआ. अमृतसर के जोड़ा फाटक के पास शुक्रवार शाम दशहरा (dussehra 2018) के मौके पर रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी थी. लोग रेल की पटरियों पर खड़े होकर रावण दहन देख रहे थे, तभी अचानक तेज रफ्तार में ट्रेन आई और सैकड़ों लोगों को कुचलती हुई चली गई. रेल पटरियों पर खड़े लोगों के ट्रेन की चपेट में आने से कम से कम 59 लोगों की मौत हो गई, जबकि 72 अन्य घायल हो गए. यह पहला मौका नहीं है जब रेल दुर्घटना में लोगों को जान गंवानी पड़ी है. अकेले मोदी सरकार के कार्यकाल में ही आधा दर्जन से ज्यादा रेल दुर्घटनाओं में सैकड़ों लोग असमय काल के गाल में समा गए. रेल दुर्घटना के चलते ही सुरेश प्रभु की कुर्सी गई और उनकी जगह पीयूष गोयल को लाया गया, लेकिन सिस्टम और रेलवे की लापरवाही से दुर्घटनाओं पर लगाम नहीं लग सकी.
  • अमृतसर रेल हादसा: ट्रेन से कटकर 61 की मौत, पंजाब में आज राजकीय शोक, बंद रहेंगे स्कूल-दफ्तर, 10 बातें
    Amritsar train accident: पंजाब के अमृतसर (Train accident in Amritsar) में शुक्रवार की शाम मौत की ऐसी रेल आई, जिसने करीब 60 से अधिक लोगों को काल के गाल में पहुंचा दिया. दरअसल, अमृतसर के जोड़ा फाटक के पास शुक्रवार शाम दशहरा (dussehra 2018) के मौके पर रावण दहन देखने के लिए बबड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी थी. लोग रेल की पटरियों पर खड़े होकर रावण दहन देख रहे थे, तभी अचानक तेज रफ्तार में ट्रेन आई और सैकड़ों लोगों को कुचलती हुई चली गई. रेल पटरियों पर खड़े लोगों के ट्रेन की चपेट में आने से कम से कम 61 लोगों की मौत हो गई जबकि 72 अन्य घायल हो गए. ट्रेन जालंधर से अमृतसर आ रही थी तभी जोड़ा फाटक पर यह हादसा हुआ. इस भयावह हादसे को देखते हुए पंजाब में एक दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया गया है. पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने ट्वीट किया, ‘अमृतसर रेल दुर्घटना के मद्देनजर प्रदेश में कल शोक रहेगा. सभी दफ्तर और शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे.’ बता दें कि मौके पर कम से कम 300 लोग मौजूद थे जो पटरियों के निकट एक मैदान में रावण दहन देख रहे थे.
  • अमृतसर में कैसे हुआ ट्रेन हादसा जिसने ले ली 61 लोगों की जान - 10 बातें
    पंजाब में अमृतसर के निकट शुक्रवार शाम रावण दहन देखने के लिए रेल की पटरी पर खड़े लोगों के ऊपर ट्रेन चढ़ने से कम से कम 60 लोगों की मौत हो गई. ट्रेन जालंधर से अमृतसर आ रही थी तभी जोड़ा फाटक पर यह हादसा हुआ. मौके पर कम से कम 300 लोग मौजूद थे जो पटरियों के निकट एक मैदान में रावण दहन देख रहे थे. अमृतसर के प्रथम उपमंडलीय मजिस्ट्रेट राजेश शर्मा ने बताया कि 50 शवों को बरामद किया गया है और कम से कम 50 घायलों को एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. तो आखिर कैसे हुआ ये हादसा?
  • क्या सच में देश में '2014 जैसी मोदी लहर' नहीं? 'राम मंदिर' पर क्या है NDA के सहयोगी दलों की राय, 10 बातें
    लोकसभा चुनाव 2019 की परोक्ष रुप से सभी पार्टियां अपने-अपने स्तर से तैयारियां कर रही हैं. 2019 के सियासी समर में एनडीए की राह भी आसान नहीं दिख रही है. एनडीए में ऐसे कई मुद्दे हैं, जिन्हें लेकर सहयोगी पार्टी अपना एक अलग स्टैंड रखते हैं. चाहे राम मंदिर का मुद्दा हो या फिर अच्छे दिन का वादा. शिवसेना से लेकर जनता दल यूनाइटेड तक बीजेपी से अपनी अलग राय रखते हैं. शिवसेना जहां राम मंदिर के निर्माण न होने पर मोदी सरकार को कोस रही है, वहीं राम मंदिर पर जदयू सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करने की सलाह दे रही है. गुरुवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई में पार्टी की वार्षिक दशहरा रैली को संबोधित किया और मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. शिवसेना का मानना है कि अब देश में 2014 जैसी मोदी लहर नहीं है. तो चलिए जानते हैं कि शिवसेना ने मोदी सरकार को लेकर क्या-क्या कहा है?
  • मोहन भागवत के 'राम मंदिर राग' पर नीतीश की पार्टी को ऐतराज, जानिये किसने क्या कहा...  
    आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने फिर से राम मंदिर राग (Ram Mandir) छेड़ा है. उनकी मांग है कि अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए सरकार कानून बनाए. जानकारों का कहना है कि चुनावों से पहले अक्सर संध परिवार को मंदिर याद आता है. जबकि जो क़ानूनी स्थिति है, उसमें सरकार के लिए राम मंदिर पर क़ानून बनाना आसान नहीं है. उधर, बिहार में बीजेपी की सहयोगी दल जेडीयू संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान से इत्तेफाक नहीं रखता. जेडीयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि राम मंदिर के मुद्दे पर पार्टी का स्टैंड पूरी तरह साफ है. इस मसले का हल या तो हिन्दू-मुस्लिम समाजों के प्रतिनिधि निकालें या फिर सुप्रीम कोर्ट का फैसला मान्य हो, क्योंकि यह मामला अभी तक सुप्रीम कोर्ट के अधीन है. हमारा मानना है कि हमें उसके फैसले तक इंतजार करना चाहिए. इस मुद्दे को बेवजह तूल देने की जरूरत नहीं है. एक बार फैसला आ जाए फिर सभी पार्टी को इसका सम्मान करना चाहिए.
  • ND Tiwari Dies: दो राज्यों के मुख्यमंत्री बनने वाले इकलौते शख्स थे एनडी तिवारी, जानिये उनसे जुड़ी 10 बातें...
    उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी (ND Tiwari Dies) का निधन हो गया. नारायण दत्त तिवारी (ND Tiwari) का निधन दिल्ली के मैक्स अस्पताल में उनके जन्मदिन के दिन ही हुआ. वह 93 साल के थे. एनडी तिवारी बीते एक साल से बीमार चल रहे थे. वह इकलौते ऐसे शख्स थे, जो दो राज्यों के मुख्यमंत्री पद पर रह चुके हैं. वह तीन बार उत्तरप्रदेश और एक बार उत्तराखंड के सीएम रह चुके हैं. एनडी तिवारी आंध्र  प्रदेश के राज्यपाल भी रह चुके हैं. इसके अलावा वह केंद्र में वित्त और विदेश मंत्री भी रह चुके हैं. एनडी तिवारी ने दोपहर दो बजकर 50 मिनट पर मैक्स में आखिरी सांस ली. उन्हें 26 अक्टूबर को अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था. वह बुखार और निमोनिया से पीड़ित थे.
  • 'राम मंदिर पर कानून लाए मोदी सरकार': पढ़ें सबरीमाला और अर्बन नक्सल पर मोहन भागवत की 7 बातें
    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के विजयादशमी कार्यक्रम के मौके पर प्रमुख मोहन भागवत ने गुरूवार को सबरीमाला, एससी-एसटी समुदाय, शहरी माओवाद, पाकिस्तान और रक्षा मुद्दे से लेकर राम मंदिर पर अपनी बेबाक राय रखी. संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि देश के रक्षा बलों को सशक्त बनाने और पड़ोसियों के साथ शांति स्थापित करने के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता है. उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर यह भी कहा कि वहां नई सरकार आ जाने के बावजूद सीमा पर हमले बंद नहीं हुए हैं. वहीं संघ प्रमुख मोहन भागवत ने राम मंदिर को लेकर कहा कि राम मंदिर का बनना गौरव की दृष्टि से आवश्यक है, मंदिर बनने से देश में सद्भावना व एकात्मता का वातावरण बनेगा. गौरतलब है कि आज आरएसएस का स्थापना दिवस कार्यक्रम है, जिसमें नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी भी शामिल हुए. तो चलिए पढ़ते हैं कि किन-किन बड़े मुद्दों पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपनी बेबाक राय रखी है.
  • #MeToo के आरोपों से घिरे एमजे अकबर ने दिया इस्तीफा, मानहानि केस में आज सुनवाई, मामले से जुड़ी 10 बड़ी बातें
    केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने भारत में चल रहे #MeToo कैंपेन के तहत अपने ऊपर लगे सेक्सुअल हैरासमेंट (यौन शोषण) के आरोपों के बाद अपने पद से बुधवार को इस्तीफा दे दिया. हालांकि, एमजे अकबर ने यह इस्तीफा आरोप लगने के तुरंत बाद नहीं दिया है, बल्कि पहले तो उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों के खिलाफ पत्रकार रमानी पर मानहानि का मुकदमा किया, उसके बाद बात को आगे बढ़ता देख उन्होंने इस्तीफे का फैसला किया. यही वजह है कि आज यानी गुरुवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ एम जे अकबर के आपराधिक मानहानि मामले पर सुनवाई होगी. रमानी ने अकबर पर यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगाये हैं. MeToo कैंपेन के तहत यौन उत्पीड़न के आरोपों के चलते उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय को अपना इस्तीफा भेज दिया है. दरअसल, अकबर पर 20 महिलाओं ने यौन शोषण का आरोप लगाया है. इससे पहले एजमे अकबर ने इस्तीफा देने के बाद कहा कि वह न्याय के लिए व्यक्तिगत लड़ाई लड़ते रहेंगे. उन्होंने कहा कि अब वह निजी तौर पर केस लड़ेंगे. उनहोंने पीएम मोदी और सुषमा स्वराज का शुक्रिया अदा भी किया.
  • कांग्रेस ने एमजे अकबर के इस्तीफे को 'सच की जीत' बताया, AAP ने दिया यह बयान, जानिये किसने क्या कहा...
    एमजे अकबर (MJ Akbar) ने विदेश राज्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है. #MeToo अभियान में यौन शोषण का आरोप लगने के बाद एमजे अकबर ने यह कदम उठाया है. इस्तीफे के बाद उन्होंने कहा कि, 'चूंकि मैंने निजी तौर पर कानून की अदालत में न्याय पाने का फैसला किया है, इसलिए मुझे यह उचित लगा कि मैं अपने पद से इस्तीफा दे दूं.' मुझे यह उचित लगा कि पद छोड़ दूं और अपने ऊपर लगे झूठे इल्ज़ामों का निजी स्तर पर ही जवाब दूं. इसलिए मैंने विदेश राज्य मंत्री के पद से अपना इस्तीफ़ा दे दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एमजे अकबर का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. बता दें कि अकबर पर 20 महिला पत्रकारों ने यौन शोषण का आरोप लगाया है. अकबर के इस्तीफे के बाद कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि अकबर को पहले ही इस्तीफा देना चाहिए था. 
  • दिल्ली के फाइव स्टार होटल में गुंडागर्दी, आरोपी आशीष पांडेय और घटना से जुड़ीं 10 बातें
    दिल्ली के पांच सितारा हयात होटल में 13 अक्टूबर की रात एक शख्स ने गुंडागर्दी की. लेडीज टॉयलेट में घुसने को लेकर हुए विवाद के बाद युवक ने पिस्टल निकालकर लड़की और उसके दोस्त को धमकाया. सरेआम पिस्टल लेकर प्रदर्शन किया. दो दिन बाद वीडियो वायरल होने पर मामले का खुलासा हुआ. जिसके बाद आरोपी पर केस दर्ज हुआ. उसकी पहचान आशीष पांडेय के रूप में हुई. आशीष का नाता यूपी के राजनीतिक रसूखदार और बाहुबली परिवार से बताया जाता है. जानिए इस पूरी घटना से जुड़ीं 10 बातें.
  • गोवा को मिल सकता है नया CM, इस नेता का नाम आया सामने, जानें- 10 खास बातें
    गोवा में कांग्रेस के दो विधायक मंगलवार को बीजेपी में शामिल हो गए. इसके साथ ही राज्य का सियासी माहौल गर्मा गया है. मनोहर पर्रिकर की जगह विश्वजीत प्रताप सिंह राणे की CM पद पर ताजपोशी की चर्चाएं तेज हो गई हैं. हालांकि अभी बीजेपी का इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. आपको बता दें कि गोवा के मुख्यमंत्री लंबे समय से बीमार चल रहे हैं. उन्हें इलाज के लिए दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था और पिछले सप्ताह ही डिस्चार्ज किया गया है. उन्हें फिलहाल गोवा ही ले जाया गया है. गौरतलब है कि पिछले दिनों मनोहर पर्रिकर की तबीयत ज्यादा बिगड़ने के बाद भी राज्य में दूसरे नेता को कमान देने की चर्चाएं चल रही थीं, लेकिन तब बीजेपी ने इसे सिरे से नकार दिया था. अब फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं. जानें- 10 खास बातें.
  • सबरीमाला मंदिर के आज खुलेंगे द्वार, क्या हो पाएगी महिलाओं की एंट्री? सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 10 बातें
    सबरीमाला मंदिर (Sabarimla Temple) के दरवाजे बुधवार को सभी उम्र की महिलाओं के लिए खुलने वाले हैं. सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फ़ैसले के बाद केरल का सबरीमाला मंदिर आज पहली बार खुल रहा है. ये पहली बार होगा जब सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में जाने की इजाज़त होगी. महिलाओं के प्रवेश के विरोध को देखते हुए जगह-जगह कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए हैं. दरअसल, सबरीमाला मंदिर (Sabarimla Temple Portal) में सभी महिलाओं के प्रवेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी लोग इसका विरोध कर रहे हैं और मंदिर के द्वारा खोले जाने के विरोध में आत्महत्या तक की धमकी दे चुके हैं.  सरकार ने किसी अनहोनी के मद्देनजर सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था की है. चप्पे-चप्पे पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है.
  • #Me Too : 'आरोपों में कहा गया कि मैं स्वीमिंग पूल में पार्टी कर रहा था, मैं तो तैरना भी नहीं जानता,' एमजे अकबर ने कहीं ये 7 बातें
    9 महिलाओं की ओर से लगाए यौन शोषण के आरोपों को केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा है कि ये आरोप मनगढ़ंत हैं और दुर्भावना के तहत लगाए गए हैं. उन्होंने कहा कि लगाए जा रहे इन आरोपों पर इसलिए पहले जवाब नहीं दिया क्योंकि वह देश से बाहर थे. एमजे अकबर ने कहा है कि वह इन आरोपों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे. एमजे अकबर की ओर जारी एक बयान में यह बातें कही गई हैं. वह आज ही विदेश यात्रा से आएं और जब सुबह उनसे पत्रकारों ने इस पूरे घटनाक्रम के बारे में पूछा तो वह सवालों को टाल गए और कहा कि बाद में जवाब देंगे. अब उन्होंने इस पर जवाब जारी किया है. वहीं सरकारी सूत्रों से मिल रही खबर के मुताबिक एमजे अकबर अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे.
  • कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए, अब यौन शोषण के आरोपों में घिरे एमजे अकबर, 8 खास बातें
    #MeToo के तहत यौन उत्पीड़न के आरोपों से घिरे केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर (MJ Akbar) विदेश दौरे से भारत लौट आए हैं. नाइजीरिया के दौरे पर गये केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर रविवार की सुबह दिल्ली लौटे. दिल्ली लौटते ही केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पत्रकारों के सवालों से कन्नी काटते नजर आए और इस पूरे मामले पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया. हालांकि, पत्रकारों के बार-बार सवाल दोहराने पर उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि वे बाद में बयान देंगे और फिर चलते बने. गौरतलब है कि #MeToo के तहत करीब 10 महिला पत्रकारों ने एमजे अकबर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. इन महिला पत्रकारों में एक विदेश महिला पत्रकार भी शामिल हैं. 
  • राफेल डील पर विवाद : नागपुर में प्लांट, नए सीईओ संपथकुमारन एसटी और 10 बड़ी बातें
    कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को राफेल सौदे में भूमिका पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जांच की मांग की और आरोप लगाया कि वह एक ‘‘भ्रष्ट व्यक्ति’’ हैं. जिन्होंने 36 लड़ाकू विमानों की खरीद में अनिल अंबानी को 30,000 करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाया. कांग्रेस अध्यक्ष ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की फ्रांस की तीन दिन की वर्तमान यात्रा को सरकार द्वारा राफेल सौदे पर 'पर्दा डालने की कोशिश' का हिस्सा बताया. भाजपा ने राहुल पर जोरदार पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वह 'सरासर झूठ बोल रहे हैं' और अपना राजनीतिक करियर चमकाने के लिए 'दुष्प्रचार की राजनीति' कर रहे हैं. भाजपा ने राहुल गांधी को 'मसखरा शहजादा' करार देते हुए आरोप लगाया कि वह 'स्वयं एक बिचौलिये के परिवार से आते हैं' और उनके पिता एवं पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी एक रक्षा सौदे में 'आधिकारिक रूप से बिचौलिया' थे. पिछले महीने फ्रांसीसी ऑनलाइन जर्नल 'मीडियापार्ट' ने फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के हवाले से कहा था कि फ्रांस के पास दसॉल्ट के लिए भारतीय सहयोगी कंपनी के चयन को लेकर कोई विकल्प' नहीं था और भारत सरकार ने फ्रांसीसी विमानन कंपनी के सहयोगी के रूप में भारतीय कंपनी के नाम का प्रस्ताव रखा था
  • सुशील मोदी की 'लालू लीला' का विमोचन, कहा- लालू जी का नारा है, तुम मुझे जमीन दो, मैं तुम्हारा काम करूंगा
    बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद पर अपनी पुस्तक "लालू लीला" का विमोचन करते हुए आरोप लगाया कि "लालू परिवार आज भी 141 भूखंड, 30 फ्लैट और आधा दर्जन से ज्यादा मकानों का मालिक है." वहीं राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा ने कहा, 'सुशील जी की पूरी राजनीति कैसे षडयंत्र किया जाए, इस पर चल रही है. जब राजनीति का रिचार्ज खत्म होने लगता है तो उसे चार्ज करने के लिए कभी लालू लीला और कभी कुछ और का सहारा लेते हैं.' प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित लगभग 200 पृष्ठों की "लालू लीला" में लालू और उनके परिवार के सदस्यों के कथित बेनामी भूखंड और लेनदेन का ब्योरा शामिल है.
  • 'तितली' तूफान हुआ बेहद विकराल, ओडिशा में स्कूल-कॉलेज बंद, आंध्रप्रदेश में भी अलर्ट, 10 बातें...
    बेहद खतरनाक रूप ले चुके चक्रवाती तूफान 'तितली' (Cyclone Titli) के गुरुवार को बंगाल की खाड़ी पार करने की आशंका को देखते हुए आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटीय जिलों में हाईअलर्ट जारी किया गया. तूफान (Cyclone) की रफ्तार 165 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ रही है और उसके कारण भारी बारिश और तबाही आने की आशंका है. तूफ़ान ओडिशा और आंध्रप्रदेश के समुद्र तटीय इलाक़ों की ओर बढ़ रहा है. जिसकी वजह से इस पूरे क्षेत्र में भारी बारिश की भी आशंका है. तितली के ख़तरे के मद्देनज़र ओडिशा और आंध्रप्रदेश सरकार ख़ास एहतियात बरत रही है. ओडिशा में चार ज़िलों के सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का आदेश दिया गया है. ख़तरे की जगहों पर मौजूद लोगों को हटाया जा रहा है. ओडिशा से लगभग 3 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. साथ ही मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की हिदायत दी गई है. ओडिशा में इस तूफान के गुरुवार सुबह साढ़े पांच बजे दस्तक देने की आशंका है. ओडिशा सरकार ने पांच तटीय जिलों में लोगों से घरों को खाली कराना शुरू कर दिया है. मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने हालात का जायजा लिया. उन्होंने गंजम, पुरी, खुर्दा, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों के कलेक्टरों से तटीय क्षेत्र में निचले इलाकों में रह रहे लोगों से तुरंत घर खाली कराने के लिए कहा है.
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