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फैक्‍ट फाइल

  • राफेल, राहुल, वाजपेयी, फैक्स मशीन, पद्मावत, साल 2018 की कई बातें हमेशा आपको आएंगी याद
    साल 2018 का आज आखिरी दिन है. यह साल अपने साथ कई ऐसी बातें समेटकर जा रहा है जिनका असर पूरे देश में दिखाई दिया. बात चाहे सुप्रीम कोर्ट के जजों की प्रेंस कॉन्फ्रेंस की करें या फिर साल जाते-जाते राफेल पर जस्टिस तरुण गोगोई के फैसले की. राम मंदिर का मुद्दा भी इस साल गरमाया रहा लेकिन अदालत ने इस मुद्दे को ज्यादा तवज्जो नहीं दी. पूर्व राष्ट्रपति और कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे डॉ. प्रणब मुखर्जी का आरएसएस के कार्यक्रम में हिस्सा लेना भी अपने आप में जहां एक अद्भूत राजनीतिक घटना थी तो दूसरी ओर साल भर उपचुनावों में बीजेपी के हारने की खभरें भी आती रहीं. हालांकि गुजरात विधानसभा चुनाव में उसकी जीत हुई और कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी बनने के बाद भी वह सरकार न बना सकी. वहीं 11 दिसंबर को आए राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में वह अपनी सरकार भी गंवा बैठी. इस साल एक और मुद्दा चर्चा का केंद्र में रहा, वह था 'स्टेच्यू ऑफ यूनिटी'. गुजरात में बनी सरदार वल्लभ भाई पटेल की यह मूर्ति दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा बताई जा रही है. इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया.
  • साल 2018 में 'विपक्षी एकता' की तस्वीरें तो खूब खिंची, लेकिन अभी तक नहीं बन पाई कोई आम राय, 10 बातें
    उत्तर प्रदेश के कैराना, फूलपुर और गोरखपुर में इस साल हुए संसदीय उपचुनावों में समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के एकजुट होने से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को मिली हार से भाजपा विरोधी मोर्चे को अहम बढ़त हासिल हुई और 2018 के खत्म होते होते विपक्षी दल अब आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ मैदान में उतरने के लिए जुटने लगे हैं. हिंदी भाषी राज्यों के हालिया विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत ने हालांकि कुछ महत्वाकांक्षी क्षेत्रीय दलों को हतोत्साहित कर दिया है, जो यह कहना चाहते हैं कि अगली सरकार का गठन कैसे होगा. इस संदर्भ में किसी भाजपा विरोधी मोर्चे पर ध्यान केंद्रित करने के बजाए विश्लेषकों को लगता है कि अब हालात भगवा दल को हराने के लिए राज्य स्तर के गठबंधन के लिए तैयार हैं और लोकसभा चुनाव के बाद अंतिम संख्या के सामने आने पर संघीय मोर्चा निर्भर करता है. लेकिन सवाल इस बात का है कि लोकसभा चुनाव से पहले गठबंधन नहीं हो पाया तो क्या एनडीए को हराना आसान होगा क्योंकि 'मोदी लहर' भले ही थम रही हो लेकिन उसके खिलाफ 'कांग्रेस लहर' जैसी भी बात नहीं है.
  • सिख दंगा मामले में दोषी सज्जन कुमार सलाखों के पीछे, जानें कैसे बने थे कांग्रेस नेता, 10 बातें
    सिख विरोधी दंगों से संबंधित एक मामले में उम्र कैद की सजा पाने वाले कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार आज अदालत में समर्पण कर दिया है.दिल्ली हाईकोर्ट ने समय सीमा बढ़ाने का उनका अनुरोध अस्वीकार कर दिया था. सज्जन कुमार के वकील अनिल कुमार शर्मा ने पीटीआई भाषा से कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत में दायर अपील पर शीतकालीन अवकाश के दौरान 31 दिसंबर से पहले सुनवाई की संभावना नहीं है. सुप्रीम कोर्ट एक जनवरी तक बंद है और दो जनवरी से वहां सामान्य कामकाज शुरू होगा. उन्होंने कहा, 'हम हाईकोर्ट के फैसले का अनुपालन करेंगे.' आपको बता दें कि हाईकोर्ट ने 1984 के दंगों से संबंधित एक मामले में 17 दिसंबर को 73 वर्षीय पूर्व सांसद सज्जन कुमार को शेष सामान्य जीवन के लिये उम्र कैद और पांच अन्य दोषियों को अलग अलग अवधि की सजा सुनायी थी और उन्हें 31 दिसंबर तक समर्पण करने का आदेश दिया था. अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि 1984 के दंगों में दिल्ली में 2700 से अधिक सिख मारे गये थे जो निश्चित ही 'अकल्पनीय पैमाने का नरसंहार' था. अदालत ने कहा था कि यह मानवता के खिलाफ उन लोगों द्वारा किया गया अपराध था जिन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था और जिनकी कानून लागू करने वाली एजेन्सियां मदद कर रही थीं.
  • राज्यसभा में पेश किया जाएगा तीन तलाक बिल, विपक्षी एकता का इम्तिहान, जानें 10 बड़ी बातें
    मुस्लिमों में एक बार में तीन तलाक की प्रथा को अपराध की श्रेणी में लाने वाला तीन तलाक विधेयक आज राज्यसभा में पेश होगा. उधर, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इसे प्रवर समिति के पास भेजने की कोशिश में हैं. सत्तारूढ़ बीजेपी और कांग्रेस ने व्हिप जारी करके अपने-अपने सदस्यों से सोमवार को ऊपरी सदन में उपस्थित रहने को कहा है. अन्य दलों ने भी अपने सांसदों से यह विधेयक सदन में पेश करने के दौरान उपस्थित रहने को कहा है.कांग्रेस ने अपने सांसदों की बैठक बुलाई है. कई विपक्षी दल भी सोमवार की सुबह विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के चैंबर में मुलाकात करके इस मुद्दे पर सदन की अपनी रणनीति बनाएंगे.लोकसभा में विपक्ष ने इस विधेयक पर और गौर करने के लिए इसे संसद की ज्वाइंट सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग की थी.
  • मेघालय: मजदूरों को बचाने आए गोताखोर भी नहीं उतर पा रहे हैं खदान में, जानें 10 बड़ी बातें
    एनडीआरएफ के कर्मी हादसे के एक दिन बाद 14 दिसंबर से खदान में बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं. पहाड़ी के शीर्ष पर स्थित इस खदान में 13 दिसंबर को पानी भर गया था जब पास की लितेन नदी का पानी इसमें घुस गया था जिससे 15 खनिक अंदर ही फंसे रह गए. राहत और बचाव कार्य में कई संस्थाओं ने आगे हाथ बढ़ाया लेकिन समय बीतने के साथ श्रामिकों को बचाने की चुनौती बढ़ती जा रही है.
  • अगस्ता वेस्टलैंड मामला: 'मिसेज गांधी' का जिक्र आने पर शुरू हुआ सियासी घमासान, 10 प्वाइंट में जानें कोर्ट में क्या कुछ हुआ
    अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाला मामले में शनिवार का दिन महत्वपूर्ण रहा. ईडी ने जहां दावा किया कि कथित बिचौलिया क्रिस्चन मिशेल ने 'श्रीमती गांधी' और 'इटैलियन महिला के बेटे' का नाम लिया था, वहीं कोर्ट ने मिशेल और उसके वकील के बीच मुलाकात को लेकर कुछ पाबंदियां और शर्तें तय कर दी. वहीं इस मामले पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच घमासान शुरू हो गया है. बीजेपी जहां इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेर रही है तो वहीं कांग्रेस, बीजेपी पर मुद्दों से भटकाने का आरोप लगाया है. इस पूरी घटना के मद्देनजर यहां 10 बिंदुओं में जानिए कि कोर्ट में क्या कुछ हुआ.
  • 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' के ट्रेलर से ही मचा सियासी घमासान, 10 प्वाइंट में जानें हंगामा है क्यों बरपा...
    पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रहे संजय बारू की किताब पर बनी फ़िल्म 'द ऐक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टिर' पर बनी फ़िल्म पर हंगामा बरपा है. इस फिल्म को एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी अपना सियासी हथियार बनाना चाहती है, वहीं काग्रेस इस फिल्म को बनाने की मंशा पर सवाल खड़े कर रही है. द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर फिल्म को कांग्रेस ने बीजेपी की साज़िश बताते हुए पार्टी को फ़िल्म दिखाए जाने की मांग की है. हालांकि, ऐसी खबर है कि इस मांग को कांग्रेस ने वापस ले लिया है. वहीं अनुपम कहते हैं कांग्रेस फ़िल्म का जितना विरोध करेगी उतना ही प्रचार होगा. बीजेपी इस फिल्म के ट्रेलर को अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर जगह देकर सियासी पारे को बढ़ा दिया. इसके बाद द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर पर विवाद गहरा गया. दरअसल, गुरुवार को 'द ऐक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टिर' का ट्रेलर जारी हुआ और इसके बाद से इस पर हंगामा की परत चढ़ती गई. तो चलिए जानते हैं कि ट्रेलर लॉन्च के बाद की अब तक की 10 बड़ी बातें...
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी और गाजीपुर के दौरे पर, सियासी समीकरणों पर रहेगी नजर, जानें 10 बड़ी बातें
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी का दौरा किया, इस दौरान उन्होंने गाजीपुर में एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया. पिछले दो महीने में अपने निर्वाचन क्षेत्र में उनकी यह दूसरी यात्रा थी. अपने पूरे कार्यकाल में पीएम मोदी ने कुल 16 बार वाराणसी का दौरा किया है. वैसे तो इस दौरे में पीएम मोदी गाजीपुर में कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया लेकिन राजनीतिक जानकार उनके इस दौरे के सियासी मायने निकाल रहे हैं. 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने पूर्वांचल में बड़ी जीत हासिल की थी. लिहाजा उस जीत को बरकरार रखने के इरादे से आज एक बार फिर वाराणसी और गाजीपुर में थे.
  • आखिर डॉ. मनमोहन सिंह क्यों नहीं थे 'एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर'? जानें- पूरा मामला
    फिल्म द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर (The Accidental Prime Minister) का ट्रेलर रिलीज हो गया है. ट्रेलर रिलीज होते ही इस पर विवाद भी शुरू हो गया है. कांग्रेस नेताओं ने अनुपम खेर (Anupam Kher) अभिनीत फिल्म ‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर' को अपनी पार्टी के खिलाफ भाजपा का दुष्प्रचार करार दिया है. हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) ने इस फिल्म को लेकर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा का यह दुष्प्रचार काम नहीं करेगा और सच की जीत होगी. आपको बता दें कि यह फिल्म 2004 से 2008 तक मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रहे संजय बारू की पुस्तक पर आधारित है. पुस्तक का नाम भी द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर (The Accidental Prime Minister) ही है. एनडीटीवी के औनिन्द्यो चक्रवर्ती बता रहे हैं कि आखिर डॉ. मनमोहन सिंह क्यों 'एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर' नहीं थे.
  • Meghalaya Rescue Operation: खदान में फंसे हैं 15 मजदूर, एयरफोर्स की मदद से बचाव कार्य तेज, 10 बातें
    मेघालय में एक कोयले की खदान से पानी भरने से उसमें पिछले दो सप्ताह से फंसे 15 लोगों को निकालने की कोशिशें जारी हैं. कोयला खदान में फंसे लोगों को बचाने के लिए अब एयरफोर्स भी आगे आ गया है. इतना ही नहीं, इस बचाव कार्य में मदद करने के लिए निजी पंप निर्माता कंपनी मौके पर पहुंच गए हैं. भारतीय वायु सेना और कोल इंडिया के बचावकर्मी ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में स्थित इस खदान में अब उपकरणों के साथ बचाव कार्य में जुट गए हैं. मेघालय की खदान में पिछले 15 दिनों से फंसे हुए खनिकों को बचाने के कार्य में पंप उत्पादन करने वाली दिग्गज भारतीय कंपनी किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड ने मदद की पेशकश की है. कंपनी ने खदान से पानी निकालने में जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने को कहा है. इससे पहले किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड की दो टीम मदद के लिए बृस्पतिवार को यहां पहुंची. 
  • लोकसभा में पेश होगा तीन तलाक विधेयक, कांग्रेस-बीजेपी ने सांसदों को जारी किया व्हिप, 10 बड़ी बातें
    मुस्लिम समाज से जुड़ी एक बार में तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) की प्रथा पर रोक लगाने के मकसद से लाए गए विधेयक पर बृहस्पतिवार को लोकसभा में चर्चा हो सकती है. पिछले सप्ताह सदन में इस पर सहमति बनी थी कि 27 दिसंबर को विधेयक पर चर्चा होगी. इससे पहले कांग्रेस ने इस पर सहमति जताई थी कि वह 'मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक-2018' पर होने वाली चर्चा में भाग लेगी. दरअसल, लोकसभा में पिछले हफ्ते जब मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक- 2018 चर्चा के लिए लाया गया तो सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सुझाव दिया कि इस पर अगले हफ्ते चर्चा कराई जाए। इस पर संसदीय कार्य मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने विपक्ष से आश्वासन मांगा कि उस दिन बिना किसी बाधा के चर्चा होने दी जाएगी. इस पर खड़गे ने कहा, 'मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस विधेयक पर 27 दिसंबर को चर्चा कराइए. हम सभी इसमें हिस्सा लेंगे. हमारी पार्टी और अन्य पार्टियां भी चर्चा के लिए तैयार हैं'
  • 'डबल डेकर' पुल का PM ने किया उद्घाटन : अरुणाचल सीमा पर चीन की हरकतों का तुरंत दिया जा सकेगा जवाब, टैंक भी गुज़र सकेंगे - 10 खास बातें
    असम और अरुणाचल प्रदेश का 21 साल का लंबा इंतज़ार ख़त्म हो गया. ब्रह्मपुत्र नदी पर डबल डेकर रेल और रोड ब्रिज बनकर तैयार हो गया है, जिसके जरिए दोनों राज्यों के बीच आवागमन आसान हो जाएगा. साथ ही इस पुल से उत्तर पूर्वी सीमा पर तैनात सेना को बड़ी सहूलियत मिलेगी. क्रिसमस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पुल को देश को सौंपेंगे. इसकी आधारशिला 1997 में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने रखी थी. गुवाहाटी से तकरीबन 442 किलोमीटर दूर ये पुल 4.94 किलोमीटर लंबा है, ये देश का सबसे लंबा रेल-रोड ब्रिज है. इलाके के लोगों के लिए ये पुल एक सपना पूरा होने जैसा है.
  • दिल्ली सरकार ने इन 5 कारणों से पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी के आदेश को लिया वापस
    दिल्ली सरकार ने कारों पर एक बार लगने वाले पार्किंग शुल्कों और व्यावसायिक वाहनों के लिए वार्षिक शुल्कों को एक जनवरी 18 गुना बढ़ाने के अपने आदेश को वापस ले लिया है. दिल्ली परिवहन विभाग ने शुक्रवार को शहर के तीनों नगर निगमों द्वारा बढ़ोतरी की एक सिफारिश को मंजूरी दे दी थी. दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने इसमें ‘अनियमितताओं’ के चलते अपने विभाग के पूर्व आदेश को सोमवार को वापस लेने का निर्देश दिया. मंत्री ने अपने आदेश में कहा, ‘‘दक्षिण/उत्तर/पूर्वी दिल्ली नगर निगमों में पार्किंग शुल्कों में बढ़ोतरी के सिलसिले में उप लेखा नियंत्रक प्रदीप कुमार के 21 दिसंबर 2018 के हस्ताक्षर से परिवहन विभाग की ओर से जारी आदेश कई कारणों से अनियमितता प्रतीत हो रहा है’’. गहलोत ने ट्वीट कर कहा, ‘‘परिवहन विभाग को दक्षिण/उत्तर/पूर्वी दिल्ली नगर निगमों में पार्किंग शुल्क बढ़ाने के संबंध में 21 दिसंबर के आदेश को वापस लेने के लिए कहा गया है. आइये आपको बताते हैं वे पांच कारण जिनके चलते दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने पार्किंग चार्ज पर खुद अपने ही नियंत्रण वाले परिवहन विभाग का आदेश वापस लेने का निर्देश दिया. 
  • राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने की मांग पर AAP में घमासान, 10 प्वाइंट में जानें किसकी क्या हैं दलीलें
    दिल्ली विधानसभा में शुक्रवार का दिन घमासान वाला रहा. विधानसभा में 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर एक प्रस्ताव को पास किया गया, जिसमें केंद्र सरकार से यह मांग की गई है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को दिया गया भारत रत्न सम्मान वापस लिया जाए. हालांकि, अब इस मामले पर आम आदमी पार्टी के भीतर ही घमासान हो गया है. शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा में ये प्रस्ताव पास तो हो गया, मगर अब आम आदमी पार्टी इससे पीछे हटती दिख रही है. हालांकि, इस पर आम आदमी पार्टी के भीतर से ही दो दलीलें सामने आ रही हैं. एक ओर कहा जा रहा है कि विधायक अलका लांबा दिल्ली विधानसभा में 1984 के सिख दंगों को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने की मांग वाले प्रस्ताव को पास कराने पर अड़ी थीं, वहीं दूसरी और खुद अलका लांबा का दावा है कि उन्होंने खुद इस प्रस्ताव को पास करने के लिए अपना समर्थन देने से मना कर दिया और सदन से वाक आउट कर दिया. बता दें कि आम आदमी पार्टी ने विधायक अलका लांबा से उनकी विधायकी और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा मांगा है. 
  • Flashback 2018: नेताओं के वो विवादित बयान, जो 2018 में बने सुर्खियां
    भाजपा हो या कांग्रेस, सपा हो या बसपा या कोई और दल, इस साल भी नेताओं की बदजुबानी पर लगाम नहीं लग सका. नेताओं के विवादित बोल हर तरफ चर्चा का विषय बने. भाजपा नेताओं के बिगड़े बोल पर तो खुद पीएम मोदी ने संज्ञान लिया और उन्हें फटकार लगाई. पीएम ने भाजपा नेताओं को संयम बरतने की सलाह दी, लेकिन नेताओं के विवादित बोल जारी रहे. कभी बीजेपी के सांसद अश्विनी कुमार चौबे ने पीएम मोदी की तारीफ करते-करते राहुल गांधी को 'नाली का कीड़ा' बता दिया. तो कभी सुरेंद्र सिंह ने अधिकारियों की तुलना वेश्या से की. यही हाल कांग्रेस के नेताओं का भी रहा. कभी पीएम के पिता पर सवाल उठाए तो कभी उनकी तुलना बिच्छू से की.
  • सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस: अमित शाह की गिरफ्तारी से लेकर अंतिम फैसले तक, जानें इस पूरे मामले में कब,कहां,क्या-क्या हुआ?
    गैंगस्टर सोहराबुद्दीन शेख, उसकी बीवी कौसर बी और सहयोगी तुलसी प्रजापति के कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में 21 पुलिसकर्मियों समेत सभी 22 आरोपियों को यहां सीबीआई की विशेष अदालत ने शुक्रवार को बरी कर दिया. कथित फर्जी मुठभेड़ के पूरे घटनाक्रम को यहां पढ़ें. कब,कहां, क्या-क्या हुआ?
  • 'सोहराबुद्दीन मुठभेड़ फर्जी नहीं था', कोर्ट ने सभी 22 आरोपियों को बरी किया, पढ़ें मामले की 10 बड़ी बातें
    सोहराबुद्दीन शेख और तुलसी प्रजापति मुठभेड़ मामले में आखिरकार 13 साल बाद सीबीआई की स्पेशल कोर्ट का फैसला आ गया. सीबीआई की विशेष अदालत ने अपने फैसले में किसी तरह की साजिश से इनकार करते हुए सभी 22 आरोपियों को बरी कर दिया है. विशेष अदालत ने कहा कि है कि जो भी साक्ष्य और सबूत पेश किए गए, उसमें किसी तरह की साजिश नहीं दिखती. इस मामले में शुरुआत में कुल 38 आरोपी थे, लेकिन मुकदमा शुरू होने से पहले ही आरोपी नेता और IPS अधिकारी आरोप मुक्त हो गए. बचे 22 आरोपियों में 21 जूनियर पुलिसकर्मी और एक बाहरी व्यक्ति हैं. हालांकि, अब इस मामले में सभी को कोर्ट ने बरी कर दिया है. 
  • Isro's GSLV-F11/Gsat-7A: संचार उपग्रह सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित, मिलिट्री की ऐसे करेगा मदद- 10 खास बातें
    भारतीय वायुसेना (IAF) के सभी एसेट्स को जोड़ने में मदद करने तथा फोर्स मल्टीप्लायर की तरह काम करने वाला संचार उपग्रह भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO का वर्ष 2018 के दौरान 17वां और आखिरी मिशन है. बुधवार शाम को श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपित हुए बहुप्रतीक्षित GSAT-7A भारतीय वायुसेना के सभी एसेट्स, यानी विमान, हवा में मौजूद अर्ली वार्निंग कंट्रोल प्लेटफॉर्म, ड्रोन तथा ग्राउंड स्टेशनों को जोड़ देगा, और केंद्रीकृत नेटवर्क बना देगा. GSAT-7A उपग्रह सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित हो गया. GSAT-7 और GSAT-6 के साथ मिलकर 'इंडियन एन्ग्री बर्ड' कहा जाने वाला यह नया उपग्रह संचार उपग्रहों का एक बैन्ड तैयार कर देगा, जो भारतीय सेना के काम आएगा.
  • छत्तीसगढ़ : भूपेश बघेल ने सीएम की कुर्सी संभालते ही बदल डाले अधिकारियों के विभाग, 6 बड़ी बातें
    छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शपथ लेने के साथ ही व्यापक रूप से प्रशासनिक फेरबदल किया. इसमें चार आईपीएस अफसरों और छह आईएएस अफसरों के प्रभार में परिवर्तन किया गया है. रविवार को उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कहा कि नक्सली समस्या एक सामाजिक,आर्थिक और राजनीतिक समस्या है और इससे इसी तरह से ही निपटा जाएगा. उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने बंदूकों के माध्यम से नक्सल समस्या को हल करने की कोशिश की थी, जो उचित तरीका नहीं है. यह एक सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक समस्या है और इससे इसी तरह से निपटा जाना चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार उन लोगों और जनजातियों के साथ बातचीत करेगी जो इस समस्या के कारण सबसे अधिक प्रभावित हैं. जो माओवादियों और सुरक्षा कर्मियों के बीच लड़ाई में पीड़ित हैं.
  • राफेल मामले पर कांग्रेस ने मोदी सरकार, BJP नेताओं से पूछे यह अहम 11 सवाल...
    राफेल सौदे (Rafale Deal) पर कांग्रेस मोदी सरकार (Modi Govt) पर लगातार हमलावर है. सुप्रीम कोर्ट से मोदी सरकार को क्लीनचिट मिलने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित पार्टी के बड़े नेता लगातार सरकार पर हमला बोल रहे हैं. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों ने एकमत से अपने फैसले में राफेल सौदे को लेकर सभी याचिकाएं खारिज कर दी और मोदी सरकार को पूरी तरह से क्लीनचिट दे दी है. बता दें कि राफेल पर मोदी सरकार काफी समय से घिरी थी और विपक्ष ने इसे चुनावी हथियार बनाया था. इस बीच मंगलवार को इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. राफेल डील मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी तो पीएम मोदी सरकार के टाइपो एरर निकलने शुरू हुए हैं. मोदी सरकार के अभी कई और टाइपो एरर निकलेंगे. इस बीच कांग्रेस ने राफेल मामले में कांग्रेस ने मोदी सरकार और बीजेपी नेताओं से 11 सवाल पूछे हैं. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट किया, राफ़ेल घोटाले में भ्रष्टाचार छिपाने के लिए मोदी सरकार पत्रकार वार्ताओं से एक नई 'झूठ की फैक्ट्री' चालू करेगी. इसे कहते है 'पहले चोरी, फिर सीना ज़ोरी' हमारी चुनौती, भाजपा के नेता आज इन 11 सवालों का जवाब दें. 
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