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फैक्‍ट फाइल

  • मेघालय: मजदूरों को बचाने आए गोताखोर भी नहीं उतर पा रहे हैं खदान में, जानें 10 बड़ी बातें
    एनडीआरएफ के कर्मी हादसे के एक दिन बाद 14 दिसंबर से खदान में बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं. पहाड़ी के शीर्ष पर स्थित इस खदान में 13 दिसंबर को पानी भर गया था जब पास की लितेन नदी का पानी इसमें घुस गया था जिससे 15 खनिक अंदर ही फंसे रह गए. राहत और बचाव कार्य में कई संस्थाओं ने आगे हाथ बढ़ाया लेकिन समय बीतने के साथ श्रामिकों को बचाने की चुनौती बढ़ती जा रही है.
  • अगस्ता वेस्टलैंड मामला: 'मिसेज गांधी' का जिक्र आने पर शुरू हुआ सियासी घमासान, 10 प्वाइंट में जानें कोर्ट में क्या कुछ हुआ
    अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाला मामले में शनिवार का दिन महत्वपूर्ण रहा. ईडी ने जहां दावा किया कि कथित बिचौलिया क्रिस्चन मिशेल ने 'श्रीमती गांधी' और 'इटैलियन महिला के बेटे' का नाम लिया था, वहीं कोर्ट ने मिशेल और उसके वकील के बीच मुलाकात को लेकर कुछ पाबंदियां और शर्तें तय कर दी. वहीं इस मामले पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच घमासान शुरू हो गया है. बीजेपी जहां इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेर रही है तो वहीं कांग्रेस, बीजेपी पर मुद्दों से भटकाने का आरोप लगाया है. इस पूरी घटना के मद्देनजर यहां 10 बिंदुओं में जानिए कि कोर्ट में क्या कुछ हुआ.
  • 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' के ट्रेलर से ही मचा सियासी घमासान, 10 प्वाइंट में जानें हंगामा है क्यों बरपा...
    पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रहे संजय बारू की किताब पर बनी फ़िल्म 'द ऐक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टिर' पर बनी फ़िल्म पर हंगामा बरपा है. इस फिल्म को एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी अपना सियासी हथियार बनाना चाहती है, वहीं काग्रेस इस फिल्म को बनाने की मंशा पर सवाल खड़े कर रही है. द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर फिल्म को कांग्रेस ने बीजेपी की साज़िश बताते हुए पार्टी को फ़िल्म दिखाए जाने की मांग की है. हालांकि, ऐसी खबर है कि इस मांग को कांग्रेस ने वापस ले लिया है. वहीं अनुपम कहते हैं कांग्रेस फ़िल्म का जितना विरोध करेगी उतना ही प्रचार होगा. बीजेपी इस फिल्म के ट्रेलर को अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर जगह देकर सियासी पारे को बढ़ा दिया. इसके बाद द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर पर विवाद गहरा गया. दरअसल, गुरुवार को 'द ऐक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टिर' का ट्रेलर जारी हुआ और इसके बाद से इस पर हंगामा की परत चढ़ती गई. तो चलिए जानते हैं कि ट्रेलर लॉन्च के बाद की अब तक की 10 बड़ी बातें...
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी और गाजीपुर के दौरे पर, सियासी समीकरणों पर रहेगी नजर, जानें 10 बड़ी बातें
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी का दौरा किया, इस दौरान उन्होंने गाजीपुर में एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया. पिछले दो महीने में अपने निर्वाचन क्षेत्र में उनकी यह दूसरी यात्रा थी. अपने पूरे कार्यकाल में पीएम मोदी ने कुल 16 बार वाराणसी का दौरा किया है. वैसे तो इस दौरे में पीएम मोदी गाजीपुर में कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया लेकिन राजनीतिक जानकार उनके इस दौरे के सियासी मायने निकाल रहे हैं. 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने पूर्वांचल में बड़ी जीत हासिल की थी. लिहाजा उस जीत को बरकरार रखने के इरादे से आज एक बार फिर वाराणसी और गाजीपुर में थे.
  • आखिर डॉ. मनमोहन सिंह क्यों नहीं थे 'एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर'? जानें- पूरा मामला
    फिल्म द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर (The Accidental Prime Minister) का ट्रेलर रिलीज हो गया है. ट्रेलर रिलीज होते ही इस पर विवाद भी शुरू हो गया है. कांग्रेस नेताओं ने अनुपम खेर (Anupam Kher) अभिनीत फिल्म ‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर' को अपनी पार्टी के खिलाफ भाजपा का दुष्प्रचार करार दिया है. हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) ने इस फिल्म को लेकर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा का यह दुष्प्रचार काम नहीं करेगा और सच की जीत होगी. आपको बता दें कि यह फिल्म 2004 से 2008 तक मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रहे संजय बारू की पुस्तक पर आधारित है. पुस्तक का नाम भी द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर (The Accidental Prime Minister) ही है. एनडीटीवी के औनिन्द्यो चक्रवर्ती बता रहे हैं कि आखिर डॉ. मनमोहन सिंह क्यों 'एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर' नहीं थे.
  • Meghalaya Rescue Operation: खदान में फंसे हैं 15 मजदूर, एयरफोर्स की मदद से बचाव कार्य तेज, 10 बातें
    मेघालय में एक कोयले की खदान से पानी भरने से उसमें पिछले दो सप्ताह से फंसे 15 लोगों को निकालने की कोशिशें जारी हैं. कोयला खदान में फंसे लोगों को बचाने के लिए अब एयरफोर्स भी आगे आ गया है. इतना ही नहीं, इस बचाव कार्य में मदद करने के लिए निजी पंप निर्माता कंपनी मौके पर पहुंच गए हैं. भारतीय वायु सेना और कोल इंडिया के बचावकर्मी ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में स्थित इस खदान में अब उपकरणों के साथ बचाव कार्य में जुट गए हैं. मेघालय की खदान में पिछले 15 दिनों से फंसे हुए खनिकों को बचाने के कार्य में पंप उत्पादन करने वाली दिग्गज भारतीय कंपनी किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड ने मदद की पेशकश की है. कंपनी ने खदान से पानी निकालने में जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने को कहा है. इससे पहले किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड की दो टीम मदद के लिए बृस्पतिवार को यहां पहुंची. 
  • लोकसभा में पेश होगा तीन तलाक विधेयक, कांग्रेस-बीजेपी ने सांसदों को जारी किया व्हिप, 10 बड़ी बातें
    मुस्लिम समाज से जुड़ी एक बार में तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) की प्रथा पर रोक लगाने के मकसद से लाए गए विधेयक पर बृहस्पतिवार को लोकसभा में चर्चा हो सकती है. पिछले सप्ताह सदन में इस पर सहमति बनी थी कि 27 दिसंबर को विधेयक पर चर्चा होगी. इससे पहले कांग्रेस ने इस पर सहमति जताई थी कि वह 'मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक-2018' पर होने वाली चर्चा में भाग लेगी. दरअसल, लोकसभा में पिछले हफ्ते जब मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक- 2018 चर्चा के लिए लाया गया तो सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सुझाव दिया कि इस पर अगले हफ्ते चर्चा कराई जाए। इस पर संसदीय कार्य मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने विपक्ष से आश्वासन मांगा कि उस दिन बिना किसी बाधा के चर्चा होने दी जाएगी. इस पर खड़गे ने कहा, 'मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस विधेयक पर 27 दिसंबर को चर्चा कराइए. हम सभी इसमें हिस्सा लेंगे. हमारी पार्टी और अन्य पार्टियां भी चर्चा के लिए तैयार हैं'
  • 'डबल डेकर' पुल का PM ने किया उद्घाटन : अरुणाचल सीमा पर चीन की हरकतों का तुरंत दिया जा सकेगा जवाब, टैंक भी गुज़र सकेंगे - 10 खास बातें
    असम और अरुणाचल प्रदेश का 21 साल का लंबा इंतज़ार ख़त्म हो गया. ब्रह्मपुत्र नदी पर डबल डेकर रेल और रोड ब्रिज बनकर तैयार हो गया है, जिसके जरिए दोनों राज्यों के बीच आवागमन आसान हो जाएगा. साथ ही इस पुल से उत्तर पूर्वी सीमा पर तैनात सेना को बड़ी सहूलियत मिलेगी. क्रिसमस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पुल को देश को सौंपेंगे. इसकी आधारशिला 1997 में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने रखी थी. गुवाहाटी से तकरीबन 442 किलोमीटर दूर ये पुल 4.94 किलोमीटर लंबा है, ये देश का सबसे लंबा रेल-रोड ब्रिज है. इलाके के लोगों के लिए ये पुल एक सपना पूरा होने जैसा है.
  • दिल्ली सरकार ने इन 5 कारणों से पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी के आदेश को लिया वापस
    दिल्ली सरकार ने कारों पर एक बार लगने वाले पार्किंग शुल्कों और व्यावसायिक वाहनों के लिए वार्षिक शुल्कों को एक जनवरी 18 गुना बढ़ाने के अपने आदेश को वापस ले लिया है. दिल्ली परिवहन विभाग ने शुक्रवार को शहर के तीनों नगर निगमों द्वारा बढ़ोतरी की एक सिफारिश को मंजूरी दे दी थी. दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने इसमें ‘अनियमितताओं’ के चलते अपने विभाग के पूर्व आदेश को सोमवार को वापस लेने का निर्देश दिया. मंत्री ने अपने आदेश में कहा, ‘‘दक्षिण/उत्तर/पूर्वी दिल्ली नगर निगमों में पार्किंग शुल्कों में बढ़ोतरी के सिलसिले में उप लेखा नियंत्रक प्रदीप कुमार के 21 दिसंबर 2018 के हस्ताक्षर से परिवहन विभाग की ओर से जारी आदेश कई कारणों से अनियमितता प्रतीत हो रहा है’’. गहलोत ने ट्वीट कर कहा, ‘‘परिवहन विभाग को दक्षिण/उत्तर/पूर्वी दिल्ली नगर निगमों में पार्किंग शुल्क बढ़ाने के संबंध में 21 दिसंबर के आदेश को वापस लेने के लिए कहा गया है. आइये आपको बताते हैं वे पांच कारण जिनके चलते दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने पार्किंग चार्ज पर खुद अपने ही नियंत्रण वाले परिवहन विभाग का आदेश वापस लेने का निर्देश दिया. 
  • राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने की मांग पर AAP में घमासान, 10 प्वाइंट में जानें किसकी क्या हैं दलीलें
    दिल्ली विधानसभा में शुक्रवार का दिन घमासान वाला रहा. विधानसभा में 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर एक प्रस्ताव को पास किया गया, जिसमें केंद्र सरकार से यह मांग की गई है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को दिया गया भारत रत्न सम्मान वापस लिया जाए. हालांकि, अब इस मामले पर आम आदमी पार्टी के भीतर ही घमासान हो गया है. शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा में ये प्रस्ताव पास तो हो गया, मगर अब आम आदमी पार्टी इससे पीछे हटती दिख रही है. हालांकि, इस पर आम आदमी पार्टी के भीतर से ही दो दलीलें सामने आ रही हैं. एक ओर कहा जा रहा है कि विधायक अलका लांबा दिल्ली विधानसभा में 1984 के सिख दंगों को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने की मांग वाले प्रस्ताव को पास कराने पर अड़ी थीं, वहीं दूसरी और खुद अलका लांबा का दावा है कि उन्होंने खुद इस प्रस्ताव को पास करने के लिए अपना समर्थन देने से मना कर दिया और सदन से वाक आउट कर दिया. बता दें कि आम आदमी पार्टी ने विधायक अलका लांबा से उनकी विधायकी और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा मांगा है. 
  • Flashback 2018: नेताओं के वो विवादित बयान, जो 2018 में बने सुर्खियां
    भाजपा हो या कांग्रेस, सपा हो या बसपा या कोई और दल, इस साल भी नेताओं की बदजुबानी पर लगाम नहीं लग सका. नेताओं के विवादित बोल हर तरफ चर्चा का विषय बने. भाजपा नेताओं के बिगड़े बोल पर तो खुद पीएम मोदी ने संज्ञान लिया और उन्हें फटकार लगाई. पीएम ने भाजपा नेताओं को संयम बरतने की सलाह दी, लेकिन नेताओं के विवादित बोल जारी रहे. कभी बीजेपी के सांसद अश्विनी कुमार चौबे ने पीएम मोदी की तारीफ करते-करते राहुल गांधी को 'नाली का कीड़ा' बता दिया. तो कभी सुरेंद्र सिंह ने अधिकारियों की तुलना वेश्या से की. यही हाल कांग्रेस के नेताओं का भी रहा. कभी पीएम के पिता पर सवाल उठाए तो कभी उनकी तुलना बिच्छू से की.
  • सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस: अमित शाह की गिरफ्तारी से लेकर अंतिम फैसले तक, जानें इस पूरे मामले में कब,कहां,क्या-क्या हुआ?
    गैंगस्टर सोहराबुद्दीन शेख, उसकी बीवी कौसर बी और सहयोगी तुलसी प्रजापति के कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में 21 पुलिसकर्मियों समेत सभी 22 आरोपियों को यहां सीबीआई की विशेष अदालत ने शुक्रवार को बरी कर दिया. कथित फर्जी मुठभेड़ के पूरे घटनाक्रम को यहां पढ़ें. कब,कहां, क्या-क्या हुआ?
  • 'सोहराबुद्दीन मुठभेड़ फर्जी नहीं था', कोर्ट ने सभी 22 आरोपियों को बरी किया, पढ़ें मामले की 10 बड़ी बातें
    सोहराबुद्दीन शेख और तुलसी प्रजापति मुठभेड़ मामले में आखिरकार 13 साल बाद सीबीआई की स्पेशल कोर्ट का फैसला आ गया. सीबीआई की विशेष अदालत ने अपने फैसले में किसी तरह की साजिश से इनकार करते हुए सभी 22 आरोपियों को बरी कर दिया है. विशेष अदालत ने कहा कि है कि जो भी साक्ष्य और सबूत पेश किए गए, उसमें किसी तरह की साजिश नहीं दिखती. इस मामले में शुरुआत में कुल 38 आरोपी थे, लेकिन मुकदमा शुरू होने से पहले ही आरोपी नेता और IPS अधिकारी आरोप मुक्त हो गए. बचे 22 आरोपियों में 21 जूनियर पुलिसकर्मी और एक बाहरी व्यक्ति हैं. हालांकि, अब इस मामले में सभी को कोर्ट ने बरी कर दिया है. 
  • Isro's GSLV-F11/Gsat-7A: संचार उपग्रह सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित, मिलिट्री की ऐसे करेगा मदद- 10 खास बातें
    भारतीय वायुसेना (IAF) के सभी एसेट्स को जोड़ने में मदद करने तथा फोर्स मल्टीप्लायर की तरह काम करने वाला संचार उपग्रह भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO का वर्ष 2018 के दौरान 17वां और आखिरी मिशन है. बुधवार शाम को श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपित हुए बहुप्रतीक्षित GSAT-7A भारतीय वायुसेना के सभी एसेट्स, यानी विमान, हवा में मौजूद अर्ली वार्निंग कंट्रोल प्लेटफॉर्म, ड्रोन तथा ग्राउंड स्टेशनों को जोड़ देगा, और केंद्रीकृत नेटवर्क बना देगा. GSAT-7A उपग्रह सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित हो गया. GSAT-7 और GSAT-6 के साथ मिलकर 'इंडियन एन्ग्री बर्ड' कहा जाने वाला यह नया उपग्रह संचार उपग्रहों का एक बैन्ड तैयार कर देगा, जो भारतीय सेना के काम आएगा.
  • छत्तीसगढ़ : भूपेश बघेल ने सीएम की कुर्सी संभालते ही बदल डाले अधिकारियों के विभाग, 6 बड़ी बातें
    छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शपथ लेने के साथ ही व्यापक रूप से प्रशासनिक फेरबदल किया. इसमें चार आईपीएस अफसरों और छह आईएएस अफसरों के प्रभार में परिवर्तन किया गया है. रविवार को उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कहा कि नक्सली समस्या एक सामाजिक,आर्थिक और राजनीतिक समस्या है और इससे इसी तरह से ही निपटा जाएगा. उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने बंदूकों के माध्यम से नक्सल समस्या को हल करने की कोशिश की थी, जो उचित तरीका नहीं है. यह एक सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक समस्या है और इससे इसी तरह से निपटा जाना चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार उन लोगों और जनजातियों के साथ बातचीत करेगी जो इस समस्या के कारण सबसे अधिक प्रभावित हैं. जो माओवादियों और सुरक्षा कर्मियों के बीच लड़ाई में पीड़ित हैं.
  • राफेल मामले पर कांग्रेस ने मोदी सरकार, BJP नेताओं से पूछे यह अहम 11 सवाल...
    राफेल सौदे (Rafale Deal) पर कांग्रेस मोदी सरकार (Modi Govt) पर लगातार हमलावर है. सुप्रीम कोर्ट से मोदी सरकार को क्लीनचिट मिलने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित पार्टी के बड़े नेता लगातार सरकार पर हमला बोल रहे हैं. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों ने एकमत से अपने फैसले में राफेल सौदे को लेकर सभी याचिकाएं खारिज कर दी और मोदी सरकार को पूरी तरह से क्लीनचिट दे दी है. बता दें कि राफेल पर मोदी सरकार काफी समय से घिरी थी और विपक्ष ने इसे चुनावी हथियार बनाया था. इस बीच मंगलवार को इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. राफेल डील मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी तो पीएम मोदी सरकार के टाइपो एरर निकलने शुरू हुए हैं. मोदी सरकार के अभी कई और टाइपो एरर निकलेंगे. इस बीच कांग्रेस ने राफेल मामले में कांग्रेस ने मोदी सरकार और बीजेपी नेताओं से 11 सवाल पूछे हैं. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट किया, राफ़ेल घोटाले में भ्रष्टाचार छिपाने के लिए मोदी सरकार पत्रकार वार्ताओं से एक नई 'झूठ की फैक्ट्री' चालू करेगी. इसे कहते है 'पहले चोरी, फिर सीना ज़ोरी' हमारी चुनौती, भाजपा के नेता आज इन 11 सवालों का जवाब दें. 
  • मुंबई और पुणे में बनेगा नया मेट्रो कॉरिडोर, पीएम आज रखेंगे आधारशिला,10 बड़ी बातें 
    पीएम पुणे में हिंजेवाड़ी से शिवाजी नगर के बीच चलने वाले नए मेट्रो कॉरिडोर का भी शिलांयास करेंगे. जानकारों के अनुसार इन रूट पर चलने वाले मेट्रो ट्रेन की वजह से यातायात को सुगम बनाने में मदद मिलेगी. इसके अलावा मोदी नवी मुंबई शहरी नियोजन प्राधिकरण और महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम की आवासीय योजना का भी शुभारंभ करेंगे. इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18,000 करोड़ रुपये की लागत से 89,771 किफायती आवासों का निर्माण किया जाना है. यहां से मोदी पुणे जाएंगे, जहां वह हिंजेवाड़ी और शिवाजी नगर के बीच तीसरी मेट्रो लाइन की आधारशिला रखेंगे.
  • कौन हैं सज्जन कुमार, जिन्हें 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में मिली उम्रकैद की सजा, 10 खास बातें
    1984 के सिख विरोधी दंगों के एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की डबल बेंच ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए कांग्रेस नेता सज्जन कुमार (Sajjan Kumar) को दोषी करार दिया है. सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा और पांच लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. निचली अदालत ने सज्जन कुमार को बरी कर दिया था. फैसला जस्टिस एस. मुरलीधर और विनोद गोयल ने सुनाया है. सज्जन कुमार (Sajjan Kumar) को हत्या, साजिश, दंगा भड़काने और भड़काऊ भाषण देने का दोषी पाया गया. कुमार को 31 दिसंबर तक सरेंडर करना होगा और तब तक वह दिल्ली नहीं छोड़ सकते. सज्जन कुमार के अलावा नेवी के रिटायर्ड अधिकरी कैप्टन भागमल, पूर्व कांग्रेस पार्षद बलवान खोकर और गिरधारी लाल को भी दोषी करार दिया है. इन तीनों को निचली अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इनके अलावा पूर्व विधायक महेंद्र यादव और किशन खोकर को भी दोषी करार पाया गया, जिन्हें निचली अदालत ने तीन साल की सजा सुनाई थी. अब हाईकोर्ट ने सज्जन कुमार (Sajjan Kumar) के अलावा कैप्टन भागमल, गिरधारी लाल तथा पूर्व कांग्रेस पार्षद बलवान खोखर को भी उम्रकैद की सजा सुनाई है. आइये आपको बताते हैं सज्जन कुमार से जुड़ी खास बातें.
  • दफ्तर संभालते ही कमलनाथ ने राहुल गांधी के कर्ज माफी के वायदे पर किया दस्तखत, 5 खास बातें... 
    कमलनाथ (Kamal Nath) मध्यप्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री बन गए हैं. पद और गोपनियता की शपथ (Kamal Nath Oath Ceremony) लेने के तुरंत बाद ही उन्होंने अपने वादे के मुताबिक किसानों के कर्ज़ माफ (Loan Waiver) करने वाली फाइल पर दस्तखत कर दिए. बता दें कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शपथ लेने से पहले ही कहा कि था कि वे 10 दिनों से पहले ही किसानों का कर्ज माफ करेंगे. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दस्तखत के बाद किसानों के दो लाख रुपये तक के ऋण माफ हो गए. मध्यप्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. राजेश राजोरा ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा कर्जमाफी की फाइल पर हस्ताक्षर करने के बाद इस संबंध में आदेश जारी कर दिये गए हैं. उन्होंने कहा, 'सोमवार शाम जारी आदेश में कहा गया है कि मध्यप्रदेश शासन एतद् द्वारा निर्णय लिया जाता है कि मध्यप्रदेश राज्य में स्थित राष्ट्रीयकृत तथा सहकारी बैंकों में अल्पकालीन फसल ऋण के रूप में शासन द्वारा पात्रता अनुसार पात्र पाए गए किसानों के दो लाख रुपये की सीमा तक का 31 मार्च 2018 की स्थिति में बकाया फसल ऋण माफ किया जाता है.'
  • कौन हैं एचएस फुल्का, जिन्होंने बगैर फीस लिये लड़ा 1984 के दंगा पीड़ितों का केस
    दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को 1984 के सिख-विरोधी दंगों के एक मामले में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. दिल्ली हाई कोर्ट की डबल बेंच ने निचली अदालत का फैसला पलट दिया और कांग्रेस नेता सज्जन कुमार (Sajjan Kumar) को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा और पांच लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. सज्जन कुमार को हत्या, साजिश, दंगा भड़काने और भड़काऊ भाषण देने का दोषी पाया गया. कुमार को 31 दिसंबर तक सरेंडर करना होगा और तब तक वह दिल्ली नहीं छोड़ सकते. जस्टिस एस. मुरलीधर और विनोद गोयल ने जब फैसला सुनाया तो पीड़ितों का मुकदमा लड़ रहे एचएस फुल्का (HS Phoolka) और अन्य वकील रो पड़े. यह तीन दशक से ज्यादा वक्त के बाद मिले न्याय की खुशी में छलके आंसू थे. निचली अदालत ने जब सज्जन कुमार को बरी किया था, तो एकबारगी पीड़ितों ने न्याय की उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन एचएस फुल्का (HS Phoolka) ने हार नहीं मानी और सज्जन कुमार को सजा दिलवाकर ही दम लिया. 
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