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फैक्‍ट फाइल

  • अवमानना केस : क्या माफी मांगेंगे प्रशांत भूषण या फिर सजा को हैं तैयार? 10 बड़ी बातें
    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के जाने-माने वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण (Prashant Bhushan) से जुड़े अदालत की अवमानना मामले में बहस के बाद शीर्ष अदालत ने बीते गुरुवार अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि 24 अगस्त तक प्रशांत भूषण चाहें तो बिना शर्त माफीनामा दाखिल कर सकते हैं. कोर्ट ने कहा कि अगर वह माफीनामा दाखिल करते हैं तो 25 अगस्त को इस पर विचार किया जाएगा. अगर वह माफीनामा दाखिल नहीं करते हैं तो अदालत सजा पर फैसला सुनाएगी. इस सुनवाई से एक हफ्ते पहले ही भूषण को उनके दो ट्वीट को लेकर कोर्ट की अवमानना का दोषी करार दिया गया था. आज (सोमवार) अदालत द्वारा दी गई डेडलाइन का आखिरी दिन है.
  • गुजरात में मूसलाधार बारिश से सामान्य जनजीवन प्रभावित, बिहार में बाढ़ से हालात गंभीर, 10 बड़ी बातें...
    गुजरात के कई इलाकों में रविवार को मूसलाधार बारिश के कारण नदियां उफान पर रहीं और 100 से अधिक बांधों को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया. वहीं बिहार में शनिवार से किसी नये इलाके में बाढ़ का प्रकोप सामने नहीं आया लेकिन राज्य में इस आपदा से हालात गंभीर हैं.
  • चिट्ठी विवाद के बाद सोनिया गांधी ने सहयोगियों से कहा, मैं पद पर नहीं रहूंगी: 10 बड़ी बातें
    सोमवार को कांग्रेस कार्य समिति (Congress Working Committee) की बैठक होने वाली है जिसे लेकर सूत्रों के हवाले से महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है. कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने कहा है कि सोमवार को होने वाली कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में वो पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देंगी. सूत्रों ने बताया है कि सोनिया गांधी ने पार्टी के अन्य नेताओं से नया अध्यक्ष ढूंढने को कहा है. पार्टी के 20 से ज्यादा नेताओं ने चिट्ठी ल‍िखकर पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाए जाने की मांग की है. चिट्ठी लिखने वालों में आनंद शर्मा, गुलाम नबी आजाद, कपिल सिब्बल, विवेक तनखा, पृथ्वीराज च्वहाण, वीरप्पा मोइली, शशि थरूर, भूपेंद्र हुड्डा, राज बब्बर, मनीष तिवारी, मुकुल वासनिक समेत कई पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी शामिल हैं.
  • प्रशांत भूषण के वकील बोले, इतिहास बीते वर्षों को बार-बार देखेगा, तो SC ने कहा - हम ज्योतिषी नहीं
    वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ कोर्ट की अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई. एक हफ्ते पहले ही भूषण को कोर्ट के अवमानना का दोषी घोषित किया गया था. कोर्ट ने उन्हें आज की सुनवाई में उन्हें अपने लिखित बयान पर पुनर्विचार करने के लिए दो दिन का वक्त दिया है. भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उनको सजा दिए जाने का दुख नहीं है, उन्हें इस बात का दुख है कि उन्हें गलत समझा जा रहा है. उन्होंने अपने हलफनामे पर विचार न किए जाने के कोर्ट के फैसले पर निराशा जताई. उनके वकील राजीव धवन ने कहा कि 'इतिहास इन वर्षों को बार-बार देखेगा'. इसपर मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा कि 'हम ज्योतिषी नहीं है, यह कोर्ट तय करेगा'.
  • सुप्रीम कोर्ट की अवमानना मामले में प्रशांत भूषण की सजा पर सुनवाई आज, 10 बड़ी बातें
    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के मशहूर वकील प्रशांत भूषण (Prashant Bhushan) दो ट्वीट के आधार पर अदालत की अवमानना के मामले में दोषी करार दिए गए थे. शीर्ष अदालत ने उन्हें दोषी करार दिया था. जस्टिस अरूण मिश्रा, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी की बेंच ने यह फैसला सुनाया था. आज यानी 20 अगस्त को इस मामले में सजा पर सुनवाई होगी.
  • सुशांत सिंह केस में पटना में FIR दर्ज करना सही, महाराष्ट्र सरकार इस फैसले को चुनौती नहीं दे सकती : SC
    सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सुशांत सिंह राजपूत केस में फैसला सुनाते हुए मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है. कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार की ओर से की गई अपील के खिलाफ फैसला सुनाते हुए कहा कि मामले की जांच सीबीआई करेगी. कोर्ट ने कहा कि इस बारे में कोई भ्रम नहीं होना चाहिए कि यह केस अब सीबीआई के पास है. शीर्ष अदालत ने पटना में सुशांत के परिवार की ओर से दर्ज एफआईआर को सही ठहराया है और कहा है कि बिहार सरकार की ओर से सीबीआई जांच के लिए की गई अनुशंसा भी सही थी. कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को फैसले को चुनौती देने की अनुमति भी नहीं दी है.
  • सुशांत सिंह राजपूत केस : SC देगी CBI को जांच की मंजूरी? रिया चक्रवर्ती की याचिका पर फैसला आज
    Sushant Singh Rajput Death Case: बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के सिलसिले में पटना में दर्ज केस मुंबई ट्रांसफर करने के लिये एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) आज फैसला सुनाएगा. दो राज्यों के बीच उलझे इस मामले पर आज 11 बजे फैसला जस्टिस हृषिकेश रॉय की बेंच सुनाएगी. जस्टिस रॉय ने 11 अगस्त को इस याचिका पर सुनवाई पूरी की थी. आज के इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को ये तय करना है कि इसकी जांच आगे कौन करेगा. केस की जांच CBI को दी जा चुकी है और CBI ने FIR दर्ज तक जांच शुरु कर दी है. बताते चलें कि सुशांत सिंह राजपूत 14 जून को मुंबई के अपने घर में मृत अवस्था में पाए गए थे.
  • 'फेसबुक और नफरत फैलाने वाले भाषण' : इस बड़े विवाद की 10 अहम बातें
    सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने भारत में केंद्र में सत्तारूढ़ दल का समर्थन करने के आरोपों के बीच सोमवार को सफाई कि उसके मंच पर नफरत या द्वेष फैलाने वालों ऐसे भाषणों और सामग्री पर अंकुश लगाया जाता है, जिनसे हिंसा फैलने की आशंका रहता है. इसके साथ ही कंपनी ने कहा कि उसे ये नीतियां वैश्विक स्तर पर लागू की जाती हैं और इसमें यह नहीं देखा जाता कि यह किस राजनीतिक दल से संबंधित मामला है. फेसबुक के पक्षपातपूर्ण रवैये को लेकर सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्योरोप चल रहे हैं. इन घटनाक्रम के बीच फेसबुक का यह बयान आया है.
  • Independence Day 2020: कोरोना से आत्मनिर्भर भारत तक - PM मोदी के संबोधन की बड़ी बातें
    Independence Day 2020 Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस के इस मौके पर लगातार 7वीं बार देश को संबोधित किया. पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए की. पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए की. उन्होंने कोरोना वॉरियर्स को नमन करते हुए कहा कि इस कोरोना के काल में कई परिवार प्रभावित हुए हैं. अपने भाषण में उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर, कोरोना संकट और आत्मनिर्भर भारत तक का आह्वान किया. इससे पहले उन्होंने राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धाजंलि अर्पित की, अपने सरकारी आवास से निकलने के बाद वह सीधे राजघाट पहुंचे और बापू की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए. बता दें कि Covid-19 महामारी के साये में लाल किले पर आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोहों के लिए चार हजार से अधिक लोगों को आमंत्रित किया गया था जिनमें अधिकारी, राजनयिक और मीडियाकर्मी शामिल थे. इसके मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. 
  • 74th Independence Day: 15 अगस्त 1947 के आसपास हुए कुछ अहम घटनाक्रमों के रोचक तथ्य
    भारत आज अपना स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. 15 अगस्त 1947 को भारत एक देश के रूप में स्वतंत्र हुआ था. 1947 में 20 फरवरी को ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री क्लेमेंट एटली ने भारत को अलग राष्ट्र के रूप में स्वीकार किया था. जिसके बाद ब्रिटेन ने भारत को 30 जून, 1948 तक का समय नयी सरकार बनाने के लिए दिया था. 14 और 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान के रूप दो नए राष्ट्र का उदय हुआ था. लेकिन भारत और पाकिस्तान की आजादी अपने साथ कई समस्याओं को भी साथ लेकर आयी थी. भारतीय स्वतंत्रता से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें. 
  • स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का देश के नाम संबोधन, 10 खास बातें
    राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद (President Ram Nath Kovind) ने 74वें स्वतंत्रता दिवस (74th Independence Day) की पूर्व संध्या पर देश के नाम संबोधन दिया. राष्ट्रपति ने सबसे पहले हिंदी और फिर अंग्रेजी में देश को संबोधित किया. इस साल कोरोनावायरस महामारी के बीच स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है.
  • पायलट की
    Rajasthan Floor Test: करीब एक महीने तक चली सियासी खींचतान (Rajasthan Crisis) और बगावत के थमने के बाद राजस्थान विधानसभा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के नेतृत्‍व वाली कांग्रेस सरकार ने आज बहुमत साबित कर दिया है. मुख्यमंत्री गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच सुलह के बाद विश्वास प्रस्ताव (Confidence Motion) पेश किया गया. शुक्रवार को विधानसभा का सत्र शुरू होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने ट्वीट में लिखा, "विधानसभा का सत्र आज से शुरू हो गया है. इसमें राजस्थान के लोगों और कांग्रेस विधायकों की एकता की जीत होगी. यह सच की जीत होगी. सत्यमेव जयते." 
  • राजस्थान : कांग्रेस ने पेश किया विश्वास प्रस्ताव, हमने यहां गोवा-MP नहीं बनने दिया : शांति धारीवाल
    राजस्थान (Rajasthan) में कांग्रेस (Congress) के बीच मची आंतरिक कलह का पटाक्षेप हो चुका है. बीते सोमवार राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) से मुलाकात की थी. जिसके बाद वह एक बार फिर कांग्रेस के हाथ से हाथ मिलाते हुए नजर आए. राजस्थान में आज (शुक्रवार) से विधानसभा का विशेष सत्र शुरू हो चुका है, यानी एक ओर गहलोत सरकार के एजेंडों में कई बिलों को पास कराना होगा, तो वहीं अविश्वास-विश्वास प्रस्ताव को लेकर सियासी संग्राम भी शुरू हो गया है. दरअसल भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Govt) के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का ऐलान किया था. जिसके बाद मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा था कि वह सदन में विश्वास प्रस्ताव लेकर आएंगे. दोपहर में सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के प्रमुख व्हिप महेश जोशी ने विश्वास प्रस्ताव को लेकर स्पीकर को नोटिस दिया. जिसके बाद गहलोत सरकार में कानून और संसदीय कार्य मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने सदन में विश्वास प्रस्ताव रखा. उन्होंने कहा कि हमने यहां (राजस्थान) गोवा, एमपी नहीं बनने दिया.
  • राजस्थान के सियासी संकट के बीच 6 प्वाइंट्स में जानिए- क्या है विश्वास और अविश्वास प्रस्ताव?
    राजस्थान कांग्रेस में चली महीने भर की खींचतान के बाद अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार से शुरू हो रही विधानसभा के विशेष सत्र में भारतीय जनता पार्टी की चुनौती का सामना कर रहे हैं. बीजेपी ने गुरुवार को घोषणा की थी कि पार्टी गहलोत सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएंगी. यानी अब गहलोत को सदन में अपना बहुमत साबित करना होगा. गहलोत शुरू से ही दावा करते रहे हैं कि उनके पास बहुमत का आंकड़ा है. यहां तक कि सचिन पायलट सहित 19 विधायकों के बगावत कर देने के बावजूद भी वो गवर्नर से इस दावे के साथ मिले थे कि उनके पास बहुमत है. लेकिन ये तो तय था कि विधानसभा सत्र शुरू होने के बाद उन्हें अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ सकता है.
  • टैक्स सिस्टम को लेकर मोदी सरकार का बड़ा कदम : 6 प्वाइंट में समझें, क्या है Faceless Tax Scheme
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश में टैक्स सुधारों को लेकर कुछ नई घोषणाएं की हैं. उन्होंने देश में पहली बार टैक्सपेयर्स चार्टर जारी किया है. ईमानदार टैक्सपैयर्स यानी करदाताओं के लिए एक नए मंच 'Transparent Taxation- Honoring the Honest' यानी 'पारदर्शी कराधान- ईमानदार का सम्मान' का उद्घाटन किया है.पीएम मोदी ने नया चार्टर जारी करने की घोषणा करते हुए कहा कि भारत इस प्रकार का चार्टर अपनाने वाले दुनिया के कुछ गिने चुने देशों में आ गया है. इसके साथ ही उन्होंने नई फेसलेस असेसमेंट स्कीम की भी घोषणा की है. इस नई योजना के तहत टैक्सपेयर्स को टैक्सेशन के पूरे प्रोसेस में बड़ी राहत दी गई है. इसके तहत नो-ह्यूमन कॉन्टैक्ट को बढ़ावा दिया जा रहा है.
  • राजस्थान कांग्रेस के लिए बड़ा दिन, MLA बैठक के बीच BSP MLAs की याचिका पर कोर्ट में सुनवाई - 10 बड़ी बातें
    राजस्थान कांग्रेस (Rajasthan Congress) के लिए गुरुवार का दिन काफी बड़ा है. महीने भर चली सियासी उठापटक के बाद मामला शांत हो गया है और शुक्रवार को कांग्रेस-बीजेपी दोनों विधायकों की बैठक कर रहे हैं. शुक्रवार से राजस्थान विधानसभा सत्र की शुरुआत हो रही है, ऐसे में अशोक गहलोत को विश्वास मत पेश करना पड़ सकता है. इसके अलावा गहलोत की चिंता में सुप्रीम कोर्ट और राजस्थान हाईकोर्ट में आज होने वाली एक सुनवाई भी शामिल होगी. सुप्रीम कोर्ट और राजस्थान हाईकोर्ट में आज कांग्रेस में बीएसपी विधायकों के विलय पर (BSP MLAs merger in congress) सुनवाई होनी है. इस मामले इस विलय को अवैध घोषित किए जाने की मांग वाली याचिका डाली गई है. अगर आज फैसला आता है और गहलोत को अपने समर्थन के छह विधायकों से हाथ धोना पड़ सकता है.
  • राजस्‍थान: राहुल गांधी की सचिन पायलट से भेंट के बाद बन गई बिगड़ी बात, अब 'ऑल इज वेल!', 10 बातें
    राजस्‍थान में करीब एक माह से चल रहे सियासी संकट का समाधान निकलने से कांग्रेस ने राहत की सांस ली है. पूर्व कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी की बागी तेवर अख्तियार किए हुए सचिन पायलट के साथ चर्चा के बाद पूरी तरह से बिगड़ती लग रही बात बन गई और पूर्व उपमुख्‍यमंत्री की ससम्‍मान 'घरवापसी' का रास्‍ता साफ हुआ. इसके घटनाक्रम के साथ ही अशोक गहलोत की सरकार पर मंडरा संकट टल गया और राजस्‍थान में सियासी उलटफेर की उम्‍मीद लगा रही बीजेपी की उम्‍मीदों पर पानी फिर गया.
  • राजस्थान : खत्म नहीं हुई खटास, सचिन पायलट की 'घर वापसी' के बाद अब अशोक गहलोत खेमा नाराज, 10 बड़ी बातें
    कांग्रेस आलाकमान के दखल के बाद राजस्थान का सियासी घमासान (Rajasthan Political Crisis) तो सुलझ गया लेकिन कांग्रेस के विधायकों की नाराजगी अभी बरकरार है. मंगलवार को जैसलमेर में गहलोत समर्थक विधायकों (Gehlot Camp MLA) की मीटिंग में इसका नजारा देखने को मिला. ऐसे में आज का दिन कांग्रेस के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. पायलट और गहलोत खेमे के विधायक आज विधायक दल (CLP) की बैठक में आमने सामने होंगे.ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस बैठक में हंगामा होता है या फिर गिले शिकवे मिटाकर गहलोत और पायलट एक दूसरे को गले लगाते हैं. वहीं इससे पहले कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मंगलवार को कहा था कि उन्होंने पार्टी से किसी पद की मांग नहीं की है लेकिन वह चाहते हैं कि उनके साथ आवाज उठाने वाले विधायकों के खिलाफ कोई द्वेषपूर्ण कार्रवाई नहीं हो. अपने बगावती व्यवहार से राज्य की राजनीति में घमासान मचाने के बीच लगभग एक महीने बाद जयपुर लौटे पायलट ने उम्मीद जताई कि पार्टी आलाकमान द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति जल्द ही अपना काम शुरू करेगी.
  • 'स्वागत है सचिन' : कांग्रेस में 'खुशी की लहर', 8 प्वाइंट में पढ़ें किसने क्या कहा
    राजस्थान में सरकार बचाने की जद्दोजहद से जूझ रही कांग्रेस के लिए सोमवार को राहत भरा दिन लेकर आया. शाम करीब 3 और चार बजे के करीब खबर आई कि सचिन पायलट, कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात करने वाले हैं. हालांकि इस खबर की पुष्टि नहीं हुई थी और पायलट खेमा इस बात से इनकार कर रहा था. लेकिन थोड़ी देर बाद फिर खबर आई है कि सचिन पायलट से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात कर रहे हैं. इसके बाद फिर खबर आई कि सचिन पायलट को मना लिया गया है. इसके बाद तो मानों कांग्रेस में खुशी की लहर दौड़ पड़ी. वहीं सचिन पायलट ने कहा कि यह एक वैचारिक मुद्दा था. उन्होंने प्रियंका गांधी को उनकी बात सुनने के लिए धन्यवाद भी कहा. पायलट ने आगे, 'मैं शुरू से ही कह रहा हूं कि सभी चीजों का आधार सैद्धांतिक है. मैंने हमेशा यही सोचा कि पार्टी हित में इस मुद्दे को उठाना जरूरी है'. इसके बाद देर रात किए गए एक ट्वीट में सचिन पायलट ने लिखा, 'मैं सोनिया गांधी जी, राहुल गांधी जी, प्रियंका गांधी जी और कांग्रेस नेताओं को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने हमारी समस्याओं को सुना है. मैं अच्छे भारत के लिए सदा काम करता रहूंगा साथ ही मैं अपने विश्वास के साथ दृढ़निश्चय के साथ राजस्थान के लोगों से उनसे किए गए वादों को निभाने और लोकतंत्रिक मूल्यों बचाने के लिए खड़ा हूं' इसके साथ ही सचिन पायलट की कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के बाद मंगलवार को कांग्रेस के कई नेताओं ने पार्टी में उनकी 'वापसी का स्वागत' किया. इससे पहले कांग्रेस ने बयान जारी कर कहा कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पायलट और अंसतुष्ट विधायकों के मुद्दों पर ध्यान देने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन करने का फैसला किया है.
  • दो कंपनियों में काम करने के बाद 26 साल की उम्र में सांसद बने थे सचिन पायलट
    राजस्थान में बागी सचिन पायलट ने दिल्ली में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात की है. अचानक हुई इस मुलाकात के कई अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं. क्योंकि जैसलमेर में रविवार को अशोक गहलोत ने विधायकों से कहा था विधानसभा में एकता दिखाने की जरूरत है इस लड़ाई में जीत होगी. कांग्रेस से जुड़े सूत्रों की मानें तो पार्टी एक अंदर एक खेमा सचिन पायलट सहित बागियों की वापसी चाहता है तो दूसरी ओर दूसरा गुट ये नहीं चाहता है. आपको बता दें कि सचिन पायलट और सीएम अशोक गहलोत के बीच रस्साकसी राज्य में सरकार बनने के बाद ही शुरू हो गई थी. उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट अपनी ही सरकार पर निशाना साधते देखे गए. दरअसल उनको पूरी उम्मीद थी कि वह विधानसभा चुनाव के बाद उन्हीं को सीएम बनाया जाएगा. लेकिन पार्टी आलाकमान ने अशोक गहलोत पर ही भरोसा जताया. इसके बाद लोकसभा चुनाव में हुई हार के बाद दोनों के बीच तनाव और बढ़ गया. इसी बीच राज्यसभा चुनाव में विधायकों की खरीद-फरोख्त की बात सामने आई. जिसकी जांच के लिए बनाई गए एसओजी ने सचिन पायलट को समन भेज दिया. पायलट ने इसे अपमान और गहलोत की नीचा दिखाने की साजिश बताकर बगावत का झंडा बुलंद कर दिया. फिलहाल अब राजस्थान में नया घटनाक्रम 14 अगस्त को बुलाए गए विधानसभा सत्र के पहले का है.
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