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फैक्‍ट फाइल

  • भारत में प्रवेश करते ही राफेल को मिला सुखोई का साथ, 'Golden Arrows' का बनेंगे हिस्‍सा, 10 बातें..
    फ्रांस के साथ हुई 36 राफेल फाइटर जेट्स (Rafale Fighter Jets) की डील के तहत बुधवार को पहले पांच राफेल विमान आखिरकार भारत आ गए हैं. ये पांच विमान बुधवार की दोपहर 3 बजे के आस-पास हरियाणा के अंबाला के एयरफोर्स स्टेशन पर उतरे. इन विमानों ने मंगलवार को फ्रांस के बोर्डू के मैरिंग्या एयरफोर्स बेस से भारत के लिए उड़ान भरी थी, जिसके लिए उन्हें 7,000 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ी. इस बीच में ये विमान बस संयुक्त अरब अमीरात के अल धाफरा के फ्रेंच एयरबेस पर रुके थे. इन विमानों को अगले महीने औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना में शामिल किया जाना है.
  • रेलवे ने यात्रियों के लिए जारी की गाइडलाइन, इन 9 'नियमों' का करना होगा पालन..
    Coronavirus Pandemic: कोरोना वायरस की महामारी के दौर में भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने ट्रेन से यात्रा करने वाले लोगों के लिए जरूरी गाइडलाइंस (Important guidelines)जारी की है.रेलवे ने किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए इन गाइडलाइंस का पालन करने का आग्रह यात्रियों से किया है. रेलवे के इन गाइडलाइंस में मास्‍क पहनने और आरोग्‍य सेतु एप डाउनलोड करने जैसी अहम सलाहें दी गई हैं.
  • कितना ताकतवर है हमारा Rafale? जानें, दुनिया के 'सबसे ताकतवर' लड़ाकू विमान की खूबियां
    भारतीय एयरफोर्स में अगले महीने शामिल हो रहे बहुचर्चित राफेल फाइटर जेट (Rafale Fighter Jets) का पहला बैच बुधवार को भारत पहुंच रहा है. दुनिया का सबसे ताकतवर फाइटर जेट (Powerful Jets in the World) माना जाने वाला राफेल विमान भारतीय वायुसेना की क्षमता को अगले स्तर पर ले जा सकता है. राफेल अपनी मारक क्षमता के लिए जाना जाता है, ऐसे में वायुसेना में इस विमान के बेड़े को शामिल किया जाना बहुत अहम है. लेकिन आम उत्सुकता का विषय है कि आखिर राफेल कितना ताकतवर है और वायुसेना की क्षमता को किस स्तर तक बढ़ाएगा.
  • राजस्‍थान: विधानसभा सत्र के लिए राज्‍यपाल ने दी 'रजामंदी' लेकिन रखीं खास शर्तें, 10 बातें
    Rajasthan Political Crisis: राजस्‍थान के सियासी संकट के मामले में हर रोज नए ट्विस्‍ट आ रहे हैं. सोमवार को यह सवाल सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना कि क्‍या राज्यपाल कलराज मिश्र ने विधानसभा का सत्र बुलाने को हरी झंडी दिखा दी है? राजभवन की ओर से जारी एक बयान के बाद यह सवाल उठ रहा है, जिसमें कहा गया है कि राज्यपाल की मंशा यह कतई नहीं है कि विधानसभा का सत्र न बुलाया जाए. राजभवन की ओर से जारी बयान में राज्य सरकार से कहा गया है कि वो सत्र बुलाने की कार्यवाही शुरू करें, लेकिन तीन शर्तों का खास ध्‍यान रखें.
  • गहलोत vs पायलट : राजस्थान की सियासी जंग में SC में कौन मारेगा बाजी? 10 प्वाइंट में समझें, क्या हैं संभावनाएं
    Sachin Pilot vs Ashok Gehlot: राजस्थान की सियासी बिसात पर शह और मात का खेल जारी है. अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच की तकरार कई पड़ावों से होते हुए आज सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुकी है. जहां आज स्पीकर सीपी जोशी (Speaker CP Joshi) की याचिका पर सुनवाई होनी है. यह सियासी संग्राम बाहर से सिर्फ अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच नजर आ रहा है लेकिन अलग अलग नजरिए से देखा जाए तो यह कांग्रेस बनाम बीजेपी और गहलोत बनाम गर्वनर भी है. गहलोत ने रविवार को राज्यपाल कलराज मिश्र (Kalraj Mishra) को नया प्रस्ताव भेज कर विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की है. उन्होंने अपने इस नए प्रस्ताव में विश्वास मत का जिक्र ही नहीं किया है बल्कि इसका एजेंडा कोरोना वायरस (Coronavirus) और आर्थिक संकट को बताया है. गहलोत हर मोर्चे पर लड़ने की तैयारी के साथ उतरे हैं. दूसरी तरफ वह बीजेपी पर लगातार आक्रामक रवैया भी अख्तियार किए हुए हैं. इन 10 प्वाइंट्स से समझिए अब तक क्या क्या हुआ.
  • मन की बात : PM मोदी ने कारगिल से कोरोना तक पर की बात, बोले- खतरा अभी टला नहीं; जानें 10 बड़ी बातें
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने आज मन की बात (Mann Ki Baat) कार्यक्रम के जरिये देश को संबोधित किया. उन्होंने 'मन की बात' कार्यक्रम की शुरुआत कारगिल विजय दिवस (Kargil Vijay Diwas) से की और कोरोना महामारी का भी जिक्र किया. प्रधानमंत्री ने कहा, "आज ‘कारगिल विजय दिवस’ है. 21 साल पहले आज के ही दिन कारगिल के युद्ध में हमारी सेना ने भारत की जीत का झंडा फहराया था. साथियों, कारगिल का युद्ध जिन परिस्थितियों में हुआ था, वो, भारत कभी नहीं भूल सकता." पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने बड़े-बड़े मनसूबे पालकर भारत की भूमि हथियाने और अपने यहां चल रहे आन्तरिक कलह से ध्यान भटकाने को लेकर दुस्साहस किया था. 
  • अशोक गहलोत ने विधायकों से कहा,
    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को कांग्रेस विधायकों से कहा कि भाजपा की साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा, चाहे इसके लिए उन्हें राष्ट्रपति भवन तक क्यों ना जाना पड़े, राष्ट्रपति से गुहार क्यों ना लगानी पड़े.  आज शाम होने वाली कैबिनेट बैठक से पहले गहलोत ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक ली. वहीं आज सीएम गहलोत और राज्यपाल कलराज मिश्र की भी मुलाकात होनी है जिसमें उम्मीद की जा रही है कि गहलोत सोमवार से  विधानसभा सत्र आहूत करने के लिए नए पत्र के साथ राजभवन जाएंगे. इससे पहले शुक्रवार राजभवन में गहलोत और उनके समर्थक विधायकों ने प्रदर्शन किया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि राज्यपाल किसी के दवाब में सदन आहूत करने की अनुमति नहीं दे रहे हैं. राजभवन में घंटों चले इस ड्रामे के बाद गहलोत ने देर रात कैबिनेट की बैठक ली. काफी लंबे समय तक चली बैठक में कैबिनेट ने विधानसभा सत्र के आह्वान के संबंध में राज्यपाल द्वारा उठाए गए छह बिंदुओं पर चर्चा की. आज सुबह राज्यपाल को एक प्रस्ताव भेजा गया, जिसमें यह बताया गया कि विधानसभा सत्र का फोकस, कोरोनावायरस का प्रकोप और परिणामी आर्थिक संकट होगा.
  • राजस्थान में जारी है शह और मात का खेल, 10 बातों से जानिए अब तक क्या-क्या हुआ?
    राजस्थान (Rajasthan Politics) में सियासी उठापटक का खेल जारी है. प्रदेश के तत्कालीन उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) को भेजे गए SOG के एक नोटिस के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई. पायलट ने बगावती तेवर दिखाते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. वह मुख्यमंत्री को हटाने की मांग को लेकर दिल्ली पहुंच गए लेकिन बात नहीं बनी. दूसरी ओर गहलोत ने आरोप लगाया कि पायलट पिछले 6 महीनों से उनकी सरकार को गिराने की कोशिश कर रहे थे. इस सियासी जंग के पहले राउंड में गहलोत ने बाजी मारी और कांग्रेस ने तत्काल प्रभाव से सचिन पायलट को डिप्टी सीएम व प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटा दिया. फिलहाल उन्हें कांग्रेस पार्टी से निष्कासित नहीं किया गया है. पायलट समेत 19 कांग्रेसी विधायक अपनी विधायकी बचाने के लिए हाईकोर्ट की शरण में पहुंचे हैं.
  • राजस्थान में सचिन पायलट मामले का फैसला इन 5 बड़े मुद्दों को करेगा तय...
    अपनी ही पार्टी के खिलाफ मामले में सचिन पायलट और 18 अन्य विधायकों ने विधानसभा सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की गहलोत सरकार की कोशिशों को रद्द करने की मांग की है. राजस्थान हाइकोर्ट ने आज सचिन पायलट और 18 विधायकों के खिलाफ किसी भी कार्रवाई पर रोक लगा दी. हालांकि कोर्ट ने यह संकेत नहीं दिया है कि वह मामले की सुनवाई कब करेगा. कांग्रेस ने पहले ही सुप्रीम कोर्ट को अपनी याचिका पर विचार करने के लिए कहा है. पार्टी का कहना है कि स्पीकर द्वारा निर्णय लेने से पहले कोई भी अदालत मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकती है. इस मामले में, कांग्रेस का तर्क है, स्पीकर ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि वह टीम पायलट को अयोग्य ठहराने के लिए कदम उठाएंगे या नहीं. उन्होंने केवल उन्हें यह बताने के लिए कहा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बैठक में भाग लेने के पार्टी के आदेशों की अवहेलना क्यों की ? जो हाल ही में पायलट के भी नेता थे.
  • सचिन पायलट क्या घिरते नजर आ रहे हैं? आसान शब्दों में समझें दल-बदल कानून सिर्फ 7 प्वाइंट में
    जब भी राज्य सरकारों पर कोई संकट आता है तो हमेशा दल-बदल कानून की चर्चा जरूर होती है. इससे पहले जब मध्य प्रदेश सरकार पर संकट आया था तो भी इस कानून की बहुत चर्चा हुई थी. अब जब राजस्थान में राज्य सरकार पर संकट आया है तो भी यह कानून चर्चा में है. राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष ने सचिन पायलट और उनके साथ 18 बागी विधायको को इस कानून के तहत नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए. इस पर सचिन पायलट की ओर से अदालत में दलील दी गई है कि उनके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई या नोटिस नहीं दिया जा सकता है क्योंकि नियम के मुताबिक पार्टी व्हिप का उल्लंघन तभी माना जा सकता है जब विधानसभा चल चल रही हो. लेकिन सवाल इस बात का है कि दल-बदल कानून आखिर कहता क्या है. क्या सचिन पायलट इस कानून के दायरे में फंसते नजर आ रहे हैं?
  • राजस्थान का सियासी संग्राम:  इन 10 प्वाइंट्स से समझिए HC के फैसले से क्या होगा और क्या नहीं?
    Rajasthan Crisis: राजस्थान का सियासी संग्राम (Sachin Pilot vs Ashok Gehlot) कई पड़ावों से होते हुए हाईकोर्ट (Rajasthan HC) की चौखट पर पहुंचा है. बुधवार को हुई पिछली सुनवाई में राजस्थान हाईकोर्ट ने बागियों को फौरी राहत देते हुए पर स्पीकर द्वारा किसी तरह का एक्शन पर रोक लगा दी थी. रोक लगने के स्पीकर ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया लेकिन उच्चतम न्यायलय ने भी हाईकोर्ट के फैसले को टालने से इनकार कर दिया. ऐसे में अब सबकी निगाहें आज के फैसले पर टिकी हुई हैं. आज के फैसला कई मायनों में अहम है. जिसे समझने के लिए इन बातों को समझना जरूरी है.
  • राजस्थान मामले में कांग्रेस को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से कैसे हुआ नुकसान - जानें पांच प्वाइंट में
    Rajasthan Political Crisis : सचिन पायलट (Sachin Pilot) और अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) कैंप के विधायकों का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है. राजस्थान सियासी संकट मामले (Rajasthan Politics Crisis) में राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ स्पीकर सीपी जोशी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार किया, लेकिन कहा कि हाईकोर्ट का फैसला सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अधीन होगा. हाईकोर्ट कल फैसला सुनाएगा, जबकि सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा. अब बात आती है कि आखिर सुप्रीम कोर्ट की इस सुनवाई से कांग्रेस पार्टी को कैसे नुकसान हुआ. आइए इस मामले में हम आपको पांच अलग-अलग प्वाइंट में बताते हैं.
  • पायलट बनाम गहलोत : SC में सचिन पायलट की जीत, अब हाईकोर्ट का फैसला कल - 10 बातें
    राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ राजस्थान स्पीकर सीपी जोशी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी की बेंच ने राजस्थान स्पीकर की याचिका पर सुनवाई की. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार किया, लेकिन कहा कि हाईकोर्ट का फैसला सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अधीन होगा. हाईकोर्ट कल फैसला सुनाएगा और सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट इस बाबत सुनवाई करेगा कि क्या हाईकोर्ट स्पीकर के नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर सकता है या नहीं. सुप्रीम कोर्ट कानून के बड़े सवाल पर विचार करेगा. सुप्रीम कोर्ट स्पीकर के अधिकार बनाम कोर्ट के क्षेत्राधिकार पर विचार करेगा.
  • सचिन पायलट बनाम अशोक गहलोत : स्पीकर की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज - 10 बातें
    राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और बर्खास्त उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) के बीच अभी भी घमासान मचा हुआ है. सचिन पायलट समेत कांग्रेस के बागी विधायकों के खिलाफ पहले हाईकोर्ट और अब सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंच चुका है. वहीं, सीएम अशोक गहलोत ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) को पत्र लिखा है. उन्होंने ट्विटर पर पत्र के साथ लिखा, ''मैं आपका ध्यान राज्यों में चुनी हुई सरकारों को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत हॉर्स ट्रेडिंग के माध्यम से गिराने के लिए किये जा रहे कुत्सित प्रयासों की ओर आकृष्ट करना चाहूंगा.'' राजस्थान में सियासी संकट का दौर अभी भी जारी है.
  • बागी विधायकों ने HC से कहा, कोरोना के बीच नोटिस का जवाब देने के लिए स्पीकर ने दिया सिर्फ 3 दिन का वक्त, जानें 10 अहम बातें
    Rajasthan Political Crisis Updates: राजस्थान हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद चीज़ों से नहीं लगता कि राजस्थान विधानसभा के स्पीकर ने सचिन पायलट और 18 अन्य कांग्रेस के बागी विधायकों को अयोग्यता का नोटिस जारी करते समय 'बुद्धि का इस्तेमाल' किया. एक ओर कोर्ट ने 'पार्टी-विरोधी गतिविधियों' के आरोप में पिछले सप्ताह जारी किए गए नोटिसों को चुनौती देने वाली याचिका पर टीम पायलट का पक्ष सुना. उधर, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर स्थित एक रिसॉर्ट में कांग्रेस विधायकों की तीसरी बैठक बुलाई, जहां वह अपने समर्थकों की निगरानी कर रहे हैं. 
  • राजस्थान में आर-पार की लड़ाई : कांग्रेस विधायकों की तीसरी बैठक, अदालती जंग जारी - जानें 10 बड़ी बातें
    राजस्थान में जारी सियासी संकट (Rajasthan Crisis) के बीच जयुपर के रिजॉर्ट में आज कांग्रेस विधायकों की एक बैठक होनी है. च्च न्यायालय में बागी विधायकों की याचिका पर सुनवाई के बीच यह बैठक अहम मानी जा रही है. कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत फ्लोर टेस्ट के विकल्प पर जा सकते हैं. वहीं, सचिन पायलट और 18 अन्य बागी विधायकों के लिए आज का दिन काफी अहम माना जा रहा है. पायलट खेमे के विधायकों की अर्जी पर आज हाईकोर्ट में फिर सुनवाई होनी है. उम्मीद जताई जा रही है कि आज कुछ ठोस फैसला आ सकता है. 
  • राजस्थान : एक फैसला जो अशोक गहलोत सरकार को कर सकता है मजबूत, 7 प्वाइंट में समझिए
    राजस्थान सीएम अशोक गहलोत और उनकी सरकार में उप मुख्यमंत्री रहे सचिन पायलट के बीच जारी घमासान पर आज हाईकोर्ट अपना फैसला सुना सकता है. कांग्रेस के व्हिप प्रमुख की शिकायत के बाद विधानसभा अध्यक्ष के ओर से सचिन पायलट और 18 विधायकों को भेजे गए नोटिस पर आज हाईकोर्ट फैसला सुना सकता है. इस नोटिस में पूछा गया था कि पार्टी का उल्लंघन करते हुए विधायक दल की बैठक में न आने पर दल-बदल विरोधी कानून के तहत विधानसभा की सदस्यता क्यों न रद्द की जाए. इस नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट में बागी विधायकों की दलील है कि विधानसभा सत्र नहीं चल रहा है इसलिए ऐसा नोटिस भेजना विधानसभा अध्यक्ष के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है. यह पार्टी का आंतरिक मामला है. विधायकों की बैठक में न आना विधायकों के 'फ्री स्पीच' (बोलने की स्वतंत्रता ) के अधिकार का हनन है. फिलहाल इस राजस्थान के राजनीतिक घमासान में विधायकों की संख्या को लेकर जो खींचतान चल रही है इसमें तीन में से एक ही ऐसी संभावना है जिसमें अशोक गहलोत की सरकार के पास ठीक-ठाक बहुमत हो सकता है.
  • तेजी से होते घटनाक्रमों के लिए आंख बंद नहीं कर सकते स्पीकर- बागी विधायकों पर अभिषेक मनु सिंघवी की 10 दलीलें
    Rajasthan Crisis: राजस्थान के सियासी संकट के बीच सचिन पायलट (Sachin Pilot) गुट की याचिका पर सोमवार को उच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है. विधानसभा अध्यक्ष सी पी जोशी का पक्ष रखते हुए वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सचिन पायलट और अन्य बागी विधायक तब तक अदालत का दरवाजा नहीं खटखटा सकते जब तक स्पीकर अपना फैसला नहीं सुना दें. सिंघवी ने कहा कि यह केस ज्यूडिशियल रिव्यू के दायरे में नहीं आता है. स्पीकर के आदेश को लिमिटेड ग्राउंड पर ही चुनौती दी जा सकती है, लेकिन याचिका में वो ग्राउंड मौजूद नहीं है. विधायकों की याचिका अपरिपक्व है. 
  • क्या बिहार में कोरोना की विस्फोटक स्थिति के लिए CM नीतीश कुमार जिम्मेदार? इन 10 कारणों से समझिए
    कोरोना वायरस (coronavirus) से बिहार में स्थिति दिन पर दिन बिगड़ते जा रहे हैं. इसका अंदाज़ा आप तीन बातों से लगा सकते हैं. पहला हर दिन जांच की संख्या और पॉज़िटिव पाए जाने वाले मरीज़ों का प्रतिशत लगभग पंद्रह प्रतिशत से ऊपर है. हालांकि राज्य सरकार के तरफ़ से इस आंकड़े को हर दिन उलट-पलट कर पेश किया जाता है ताकि लोगों में भ्रम बना रहे. दूसरा, जांच की क्या गति है- कई जिलो में सैम्पल जांच के अभाव में या ख़राब हो जाते हैं या जांच की रिपोर्ट तीन से पांच दिन में आती हैं. तीसरी राज्य में मुख्य राजनीतिक दल भाजपा के दफ़्तर को इसलिए सील करना पड़ा क्योंकि वहां 70 से अधिक व्यक्ति संक्रमित पाये गये और खुद उनके राज्य इकाई के अध्यक्ष डॉक्टर संजय जायसवाल फ़िलहाल पॉज़िटिव पाये जाने पर अस्पताल में भर्ती हैं.  यही नहीं, बिहार सरकार का कोई भी, किसी भी स्तर का अधिकारी हो, मंत्री हो या अन्य दल के नेता कोई भी बिहार सरकार के अस्पताल में अपना इलाज नहीं कराना चाहते बल्कि सब एम्स पटना में अपनी पहुंच और पद के आधार पर भर्ती हो रहे हैं, जो यह साबित करता है कि बिहार की स्वास्थ्य सेवा और अस्पताल की हालत कितनी ख़राब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने सम्बंधी के इलाज लिए भी AIIMS पटना जाना बेहतर समझते हैं.  इस बीच, यह सवाल उठता है कि क्या कारण है कि आख़िर केंद्र को अपनी विशेष टीम रविवार को पटना भेजनी पड़ी और वर्तमान स्थिति के लिए आख़िर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कैसे दोषी हैं. उनके ऊपर हर दिन विपक्ष जो आरोप लगाता है आख़िर वो कितना जायज़ है.
  • राजस्थान : केंद्रीय मंत्री तक पहुंची सरकार गिराने की साजिश रचने की 'आंच', पायलट को राहत; सियासी संग्राम से जुड़ी 10 अहम बातें
    राजस्थान का सियासी घमासान (Rajasthan Crisis) थमने का नाम नहीं ले रहा है. राज्य के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पालयट (Sachin Pilot) के खेमे ने स्पीकर के नोटिस को हाईकोर्ट में चुनौती देकर स्पष्ट कर दिया है कि वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. हाईकोर्ट ने पायलट खेमे को राहत देते हुए फिलहाल कार्रवाई पर रोक लगा दी है. सचिन पायलट और अन्य बागी विधायकों को कांग्रेस की ओर से अयोग्य ठहराए जाने संबंधी नोटिस पर चुनौती देने वाली याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए प्रस्तावित कार्रवाई को मंगलवार तक के लिए टाल दिया है. इस बीच, कांग्रेस ने एक ऑडियो टेप जारी करके केंद्र सरकार में मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर राजस्थान में अपनी सरकार के खिलाफ बागी विधायकों के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप लगाया. इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई है. 
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