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सेना और स्वच्छता के केंद्र में रहा इस बार पीएम मोदी की 'मन की बात' कार्यक्रम, 20 बड़ी बातें

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में स्त्री और पुरूष की समानता सुनिश्चित करने में वायुसेना ने मिसाल कायम की है और उसने अपने प्रत्येक विभाग के द्वार बेटियों के लिये खोल दिये हैं.

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सेना और स्वच्छता के केंद्र में रहा इस बार पीएम मोदी की 'मन की बात' कार्यक्रम, 20 बड़ी बातें

पीएम मोदी ने आद 48वीं बार मन की बात को किया संबोधित

नई दिल्ली: पीएम मोदी ने आज अपने 48वें मन की बात कार्यक्रम में देश को संबोधित करते हुए कहा कि हम शांति में विश्वास करते हैं, और इसे बढ़ावा देने के लिये प्रतिबद्ध हैं लेकिन सम्मान से समझौता करके राष्ट्र की सम्प्रभुता की कीमत पर कतई नहीं. प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे एक लाख से अधिक सैनिकों ने शांति के प्रति अपना सर्वोच्च बलिदान तब दिया था जब हमारा युद्ध से कोई वास्ता नहीं था। हमारी नजर किसी और की धरती पर कभी नहीं थी बल्कि यह शांति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता थी. इसके बाद उन्होंने कहा कि जब हम महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहे हैं तब हम यह जरूर देखें कि हमारी खरीदी से किसी न किसी देशवासी का भला होना चाहिए. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में स्त्री और पुरूष की समानता सुनिश्चित करने में वायुसेना ने मिसाल कायम की है और उसने अपने प्रत्येक विभाग के द्वार बेटियों के लिये खोल दिये हैं.
20 बड़ी बातें
  1. शायद ही कोई भारतीय हो सकता है जिसको हमारे सशस्त्र बलों पर, हमारे सेना के जवानों पर गर्व न हो. प्रत्येक भारतीय चाहे वो किसी भी क्षेत्र, जाति, धर्म, पंथ या भाषा का क्यों न हो- हमारे सैनिकों के प्रति अपनी समर्थन दिखाने के लिए हमेशा तत्पर रहता है. 
  2. कल भारत के सवा-सौ करोड़ देशवासियों ने पराक्रम पर्व मनाया था. हमने 2016 में हुई उस सर्जिकल स्ट्राइक को याद किया, जब हमारे सैनिकों ने हमारे राष्ट्र पर आतंकवाद की आड़ में प्रॉक्सी वॉर की धृष्टता करने वालों को मुंहतोड़ ज़वाब दिया था.   
  3. पराक्रम पर्व जैसा दिवस युवाओं को हमारी सशस्त्र सेना के गौरवपूर्ण विरासत की याद दिलाता है और देश की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने के लिए हमें प्रेरित भी करता है. 
  4. अब यह तय हो चुका है कि हमारे सैनिक उन सबको मुंहतोड़ ज़वाब देंगे जो हमारे राष्ट्र में शांति और उन्नति के माहौल को नष्ट करने का प्रयास करेंगे.
  5. भारत सदा ही शांति के प्रति वचनबद्ध और समर्पित रहा है. 20वीं सदी में दो विश्वयुद्धों में हमारे एक लाख से अधिक सैनिकों ने शांति के प्रति अपना सर्वोच्च बलिदान दिया. आज भी UN की अलग-अलग पीस कीपिंग फोर्सेज में भारत सबसे अधिक सैनिक भेजने वाले देशों में से एक है. 
  6. 8 अक्टूबर को हम वायुसेना दिवस मनाते हैं. 1932 में छह पायलट और 19 वायु सैनिकों के साथ एक छोटी सी शुरुआत से बढ़ते हुए हमारी वायुसेना आज 21वीं सदी की सबसे साहसिक और शक्तिशाली एयर फोर्स में शामिल हो चुकी है. यह अपने आप में एक यादगार यात्रा है 
  7. देश में जेंडर इक्वलिटी यानी स्त्री और पुरुष की समानता सुनिश्चित करने में एयर फोर्स ने मिसाल कायम की है. 
  8. भारत गर्व से कह सकता है कि भारत की सेना में सशस्त्र बलों में पुरुष शक्ति ही नहीं, स्त्री शक्ति का भी उतना योगदान बनता जा रहा है.
  9. पिछले दिनों नेवी के हमारे एक अधिकारी अभिलाष टॉमी अपने जीवन और मृत्यु की लड़ाई लड़ रहे थे. मैंने अभिलाष से टेलीफोन पर बात की. इतने संकट से बाहर आने के बाद भी उनका जो ज़ज्बा था, हौसला था और फिर एक बार ऐसा ही कुछ पराक्रम करने का जो संकल्प उन्होंने बताया, देश की युवा-पीढ़ी के लिए वो हमारे देश की युवा-पीढ़ी को ज़रूर प्रेरणा देगी.
  10. इस वर्ष 2 अक्टूबर का एक विशेष महत्व है. अब से 2 साल के लिए हम महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के निमित्त विश्वभर में अनेक विविध कार्यक्रम करने वाले हैं. महात्मा गाँधी के विचार ने पूरी दुनिया को प्रेरित किया है. 
  11. आज की 'मन की बात' में मैं आपके साथ पूज्य बापू के एक और महत्वपूर्ण कार्य की चर्चा करना चाहता हूँ, जिसे अधिक-से-अधिक देशवासियों को जानना चाहिए. पूज्य बापू लोक संग्राहक थे. 
  12. उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति को ये अनुभव कराया कि वह देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण और नितांत आवश्यक है. स्वतंत्रता संग्राम में उनका सबसे बड़ा योगदान ये रहा कि उन्होंने इसे एक व्यापक जन-आंदोलन बना दिया. 
  13. गांधी जी का एक जंतर आज भी उतना ही महत्वपूर्ण है. क्या हम खरीदारी करते समय सोच सकते हैं कि मैं जो चीज़ खरीद रहा हूँ उससे मेरे देश के किस नागरिक का लाभ होगा.
  14. पूज्य बापू के साथ ही हम शास्त्री जी की भी जयंती मनायेंगे. शास्त्री जी का नाम आते ही हम भारत वासियों के मन में एक असीम श्रद्धा का भाव उमड़ पड़ता है. उनका सौम्य व्यक्तित्व हर देशवासी को सदा ही गर्व से भर देता है.
  15. हर किसी के जीवन में स्वच्छता का अपना महत्व है और 'स्वच्छ भारत अभियान' के तहत आपके घर में शौचालय बना और उससे अब आपको सुविधा हो रही है. हम सब के लिए इससे ज्यादा ख़ुशी की बात और क्या हो सकती है
  16. इस बार भारत इतिहास में दुनिया का सबसे बड़ा स्वच्छता सम्मेलन आयोजित कर रहा है. 'महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छता सम्मेलन'. 
  17. डॉ. बाबा साहब अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान में ग़रीबों के मूल अधिकारों की रक्षा के लिए कई प्रावधान किये गए हैं. अंबेडकर के विजन से प्रेरित होकर 12 अक्तूबर 1993 को 'राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग' यानी एनएचआरसी  का गठन किया गया था.
  18.  हमारे प्राण-प्रिय नेता हमारे देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमान अटल बिहारी वाजपेयी जी ने स्पष्ट रूप से कहा था कि मानव अधिकार हमारे लिए कोई परायी अवधारणा नहीं है.
  19. 31 अक्तूबर सरदार साहब की जयंती है. मैं अगली 'मन की बात' में विस्तार से बात करूंगा. मैं आप सब से आग्रह करता हूं कि 31 अक्तूबर को 'रन फॉर यूनिटि' के ज़रिये समाज के हर वर्ग को, देश की हर इकाई को एकता के सूत्र में बांधने के हमारे प्रयासों को हम बल दें और यही उनके लिए अच्छी श्रद्धांजलि होगी. 
  20. नवरात्रि, दुर्गापूजा और विजयादशमी जैसे पवित्र पर्वों के लिए मैं आप सब को हृदयपूर्वक बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं. 



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