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PM मोदी ने राम मंदिर, सर्जिकल स्ट्राइक, चुनावी हार समेत कई मुद्दों पर की बात -Interview की 10 खास बातें...

चुनावी साल 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi Interview) ने समाचार एजेंसी ANI को दिए 95 मिनट के इंटरव्यू में कई मुद्दों पर बात की.

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PM मोदी ने राम मंदिर, सर्जिकल स्ट्राइक, चुनावी हार समेत कई मुद्दों पर की बात -Interview की 10 खास बातें...

PM Narendra Modi Interview: पीएम मोदी ने समाचार एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में कई मुद्दों पर बात की.

नई दिल्ली: चुनावी साल 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi Interview)ने समाचार एजेंसी ANI को दिए 95 मिनट के इंटरव्यू में कई मुद्दों पर बात की. इसमें राम मंदिर (Ram Temple), RBI बनाम सरकार, नोटबंदी (Demonetisation), जीएसटी (GST), मॉब लिंचिंग (Mob Lynching), तीन राज्यों में BJP की हार, कांग्रेस द्वारा की गई किसानों की कर्जमाफी, सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical Strike), सीमापार आतंकवाद (Cross Border Terrorism) प्रमुख रूप से शामिल रहे. पीएम मोदी ने कहा कि हमारे लिए साल 2018 बेहद सफल रहा. साल के अंत में 5 राज्यों में चुनावी हार से मोदी लहर खत्म होने की बात को भी उन्होंने खारिज कर दिया. पीएम ने कहा कि हमनें कोई भी ऐसा कार्य नहीं किया है, जिससे देश की जनता हमारी सरकार से दूर जाने की कोशिश करे, मेरा देश की जनता जनार्दन और देश के युवाओं पर पूरा भरोसा है. पीएम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सबका साथ-सबका विकास के मंत्र को लेकर के जनविश्वास को जीतते हुए प्रगति कर रही है और पूरे आत्म विश्वास से आगे बढ़ रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने पर फैसला न्यायिक प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही लिया जाएगा. आइये जानते पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें...
चुनावी साल में पीएम मोदी का पहला इंटरव्यू
  1. पीएम मोदी ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए कोई अध्यादेश तभी लाया जा सकता है, जब इसपर कानूनी प्रक्रिया पूरी हो जाए. राम मंदिर पर अदालती कार्यवाही में देरी को लेकर पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वकील सुप्रीम कोर्ट में बाधाएं उत्पन्न कर रहे हैं, इसके चलते राम मंदिर मसले की सुनवाई की गति धीमी हो गई है. मैं कांग्रेस के वकीलों से कहना चाहूंगा कि इस मामले में अड़ेंगे डालना बंद करें और कानून को अपना काम करने दें.
  2. नोटबंदी पर पीएम मोदी ने कहा कि यह झटका नहीं है. नोटबंदी अचानक नहीं थी. हमने कालेधन को लेकर साल भर पहले आगाह किया था लेकिन कम लोग आगे आए. इसके बाद भी हमने कड़े कदम उठाने की बात कही थी. हमने यह फैसला सोच-समझकर लिया था. वहीं, आरबीआई के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल के इस्तीफे को लेकर पीएम मोदी ने कहा है कि उन्होंने खुद इस्तीफा देने का अनुरोध किया था. 'मैं इस बात का पहली बार खुलासा कर रहा हूं कि वे (उर्जित पटेल) पिछले 6-7 महीनों से इसके लिए कह रहे थे और लिखित में भी दिया था. ऐसे में राजनैतिक दबाव का तो प्रश्न ही नहीं बनता है.
  3. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2019 में होने वाला चुनाव 'जनता vs गठबंधन होगा'. राजनीतिक पंडितों द्वारा 2019 (2019 Elections) में बीजेपी के 180 से ज्यादा सीटें न पाने के दावे को पीएम मोदी ने पूरी तरह खारिज कर दिया और कहा कि 2014 के चुनाव में भी इसी तरह के दावे किये जा रहे थे. उन्होंने कहा कि 'यह चुनाव उनलोगों के बीच है जो जनमानस की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रयासरत हैं और जो इन्हें रोकने में लगे हुए हैं'.
  4. पांच राज्यों में बीजेपी (BJP) की हार पर पीएम मोदी ने कहा, 'तेलंगाना और मिजोरम दोनों ही राज्यों ने बीजेपी को मौका नहीं दिया. छत्तीसगढ़ में बीजेपी हार गई. लेकिन बाकी के 2 राज्यों में किसी भी पार्टी को सीधा बहुमत नहीं मिला था. हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में मोदी लहर कम होने के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि, जो लोग ये कहते हैं कि मोदी लहर नाम की कोई चीज़ नहीं है, वही आज ये कह रहे हैं की मोदी लहर ख़त्म हो गई, इसका अर्थ है कि वो ये तो मान गए की मोदी लहर थी.
  5. राफेल मुद्दे पर कांग्रेस और राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों पर पीएम मोदी बोले ने कहा कि यह सरकार पर आरोप है. यह मेरे ऊपर व्यक्तिगत आरोप नहीं है. संसद में मैंने विस्तार से इसका जवाब दिया है. सुप्रीम कोर्ट तक मसला क्लियर हो चुका है. सुप्रीम कोर्ट ने इसकी सभी चीजे सामने निकालकर रख दी हैं. दूध का दूध और पानी का पानी हो चुका है. कांग्रेस जो आरोप लगा रही है, उसे साबित करे..उन्हें बार-बार बोलने की बीमारी है, तो मुझे बार-बार बोलने की जरूरत है क्या? 
  6. तीन तलाक पर पीएम मोदी ने कहा कि इस्लामिक देशों में ट्रिपल तलाक प्रतिबंधित है, ये सामाजिक न्याय का मामला है न कि आस्था का. सबरीमाला पर सुप्रीम कोर्ट की महिला जज के फैसले को बारीकी से पढ़ना चाहिए. उन्होंने एक महिला के नाते भी इस फैसले में अपने सुझाव दिए हैं.
  7. पीएम मोदी ने कहा कि उरी में हुए आतंकी हमले में भारतीय सेना के कई जवानों को जिंदा जला दिया गया था. इसकी वजह से मेरे साथ-साथ भारतीय सेना के जवान भी बहुत गुस्से में थे, जिसके बाद सर्जिकल स्ट्राइक की योजना बनाई गई. उरी की घटना ने मुझे बहुत बेचैन बना दिया था. उन्होंने कहा कि दो बार हमें सर्जिकल स्ट्राइक की डेट बदलनी पड़ी. मुझे पता था कि इसमें बहुत बड़ा रिस्क था. सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान मेरी पहली प्राथमिकता थी की हर जवान वापस लौटे. PM मोदी ने कहा कि सभी जवानों को यह निर्देश दिए गए थे कि मिशन सफल हो या असफल सूर्योदय से पहले वे लौट आएं.
  8. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर कर्जमाफी से किसानों की समस्या हल होती है तो बिल्कुल किया जाना चाहिए, लेकिन झूठ और भ्रम नहीं फैलाया जाना चाहिए. पीएम ने कहा कि, 'मैं झूठ और भ्रम को लॉलीपॉप कहता हूं. क्या सभी किसानों का कर्ज माफ हुआ?'. पीएम ने कहा कि पहले की सरकारों ने भी किसानों की कर्जमाफी की है. देवीलाल के जमाने में भी कर्जमाफी की गई थी. 2009 का चुनाव जीतने के लिए भी कर्जमाफी की गई थी, लेकिन व्यवस्था में ऐसी क्या दिक्कत है कि किसान हमेशा कर्जदार बनता रहता है? इसका उपाय यह है कि किसान को मजबूत बनाना होगा. उन्हें सशक्त बनाना होगा. 
  9. पीएम नरेंद्र मोदी सीमापार आतंकवाद (Cross Border Terrorism) पर भी बात की. सर्जिकल स्ट्राइक के बावजूद पाकिस्तान से हो रहे हमलों पर पीएम मोदी ने कहा कि पाकिस्तान एक लड़ाई से नहीं सुधरेगा. पीएम मोदी ने कहा कि यह सोचना बहुत बड़ी गलती होगी कि पाकिस्तान एक लड़ाई से सुधर जाएगा. पाकिस्तान को सुधरने में अभी और वक्त लगेगा'. भारत के सभी प्रधानमंत्रियों ने, चाहे वो किसी भी दल के रहे हों, किसी ने भी बातचीत का विरोध नहीं किया. मोदी ने कहा, 'बम और बंदूक के शोर में बातचीत नहीं सुनी जा सकती.
  10. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान अपनी विदेश यात्राओं के बारे में भी बात की. विदेश यात्राओं की संख्या को लेकर पीएम मोदी (PM Modi On His Foreign Visits) ने कहा कि लगभग हर पीएम की यात्राएं करीब-करीब इतनी ही रही हैं, इसमें कोई ज्यादा फर्क नहीं रहा है. कई तरह के फोरम बनने के चलते ऐसा करना पड़ता है. आपको समिट में जाना ही पड़ता है. यह एक प्रकार से अनिवार्य हो गया है. अगर प्रधानमंत्री से नीचे के लेवल के लोग जाते हैं तो वहां हमारी आवाज नहीं सुनाई देती है. पहले एक यूएन जेनरल असेंबली हुआ करती थी और वहां दुनिया के लोगों के सामने अपनी बात रख के वापस आ जाते थे. 



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