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'कान खोलकर सुन लें, देश के दुश्मन भी.. हम डरने वाले नहीं, डटने वाले हैं', रुद्रपुर में PM मोदी की 10 खास बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narnedra Modi) मेरठ के बाद उत्तराखंड के रुद्रपुर में पहुंचे, जहां उन्होंने जनसभा रैली को संबोधित किया. पीएम मोदी ने कहा कि देश के चौकीदार को आशीर्वाद देने के लिए इतने सारे चौकीदार एक साथ निकल पड़े हैं.

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रुद्रपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) मेरठ के बाद उत्तराखंड के रुद्रपुर में पहुंचे, जहां उन्होंने जनसभा रैली को संबोधित किया. पीएम मोदी ने कहा कि देश के चौकीदार को आशीर्वाद देने के लिए इतने सारे चौकीदार एक साथ निकल पड़े हैं. मेरे साथ पूरे ताकत से बोलिए, 'मैं भी चौकीदार हूं'. क्रांतिवीर को उधमसिंह को नमन करता हूं. गुरुनानक जी के कदम जहां पड़े हैं मैं वहां की धरती को प्रमाण करता हूं. उन्होंने आगे कहा, जिस उत्तराखंड का सपना हम सबके श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने देखा था. वो आज साकार होता दिख रहा हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मैं याद दिलाना चाहता हूं कि हमारे देश के वीर सैनिक को अपमानित किया जा रहा है, उन्हें नीचा दिखाने का प्रयास हो रहा है, देश के सेनानायक को अपशब्द कहे जा रहे हैं.
रुद्रपुर में PM मोदी की 10 खास बातें
  1. जो सपना अटल बिहारी वाजपेयी ने देखा था वो सपना अब साकार होता दिख रहा है. इस क्षेत्र के विकास के लिए देश के अलग-अलग हिस्से से आए यहां के लोगों ने मिलकर जो काम किया है वो बहुत सराहनीय है. ऐसे ही एकजुट होकर हम हर चुनौती का सामना कर सकते हैं. अपने देश को नई ऊंचाईयों पर ले जाया जा सकता है. 
  2. यहां के जो पुराना साथी हैं उन्होंने तमाम उतार चढ़ाव देखें हैं. आपने 2014 से पहले के केंद्र की सरकार और 2017 के पहले, उत्तराखंड के पहले की सरकार को भली भांति देखी है. आप सभी बीजेपी और कांग्रेस के सरकारों के बारे में भलि भाति परिचित हैं. 
  3. वो दिन याद करिए जब सड़कें खराब रहती थी. सड़कों के अभाव में खेती की स्थिति दयनीय थी. इसलिए पलायन उत्तराखंड की कड़वी सच्चाई कोई नकार नहीं सकता. कभी राहत के नाम पर घोटाला, आबकारी के नाम पर घोटाला और खनन घोटाला, कांग्रेस के कल्चर ने उत्तराखंड को तबाह कर दिया. 
  4. आज जब नई आशा नई उम्मीद की तरफ उत्तराखंड बढ़ चला है तब यहां के युवाओं को पलायन करने के लिए मजबूर किसने किया था. घोटाले किसने किया था, बर्बादी कौन लाया था. 7 दशक तक भी उत्तराखंड के अधिकतर गांवों वंचित रखने वाले कौन थे. जिन लोगों ने ऐसी नाकामी की थी क्या ऐसी कांग्रेस को मौका मिलना चाहिए. ऐसे झूठे, वादाखिलाफी करने वालों को सजा मिलनी चाहिए या नहीं?
  5. साथियों, 2014 में जब आपने इस चौकीदार को अवसर दिया था, तब मैंने उत्तराखंड के कोने-कोने तक उत्तराखंड के विकास का प्रण लिया था. लेकिन कांग्रेस ने मेरे तमाम कामों में अड़ंगे लगाने का काम किया. 
  6. जो पूर्व मुख्यमंत्री थे उनके पास दिल्ली दरबार में हाजिरी लगाने के अलावा फुरसत ही नहीं था. उनको उत्तराखंड के लोगों के लिए चिंता नहीं थी. हमने यहां बुनियादी सुविधाओं, सड़कों और कनेक्टिविटी करने में व्यापक प्रयास किए. चारधाम का कार्य तेजी से चल रहा है. हाइवे, ऋषिकेष रेल लाइन, पर काम किया जा रहा है. बाबा केदार के धाम को भव्य बनाने के लिए हमारी सरकार काम कर रही है.
  7. नमामि गंगे के तहत उत्तराखंड में गंगा के सफाई करने में जुटी है. आज उत्तराखंड नए रास्ते पर निकल पड़ा है. अटल जी के नए विजन के तहत नए राह पर निकल पड़ा है. उत्तराखंड में और अधिक निवेश की संभावनाए हैं. 
  8. उत्तराखंड भारत की सुंदर परिभाषा जैसा है. यहां गंगा है, यमुना है. भागीरथी से संगम को आतुर अलकनंदा है, पंचकेदार है और बद्री-केदार मिलाएं तो चार धाम बनते हैं. मैं इनमें पांचवा धाम जोड़ता हूं सैनिक धाम. यह देव भूमि इंडियन मिलिट्री एकेडमी है. यह सभी मां भारती की रक्षक भुजाएं हैं. यहां हर दूसरा घर सैनिक है. इस सैनिक धाम, उत्तराखंड को कोटि कोटि प्रणाम. 
  9. आपसे गंभीर सवाल पूछने का मन कर रहा है. सर्जिलक स्ट्राइक के बाद हमारे वीर जवानों की वीरता पर सवाल उठाना सही था क्या. जब आतंकियों को घर में घुसकर मारा गया तो हमारे वीर जवानों पर सवाल करना ठीक था क्या. क्या सेना अध्यक्ष को गाली देना सही था क्या? पाकिस्तान का हीरो बनने के लिए देश विरोधी बयान देना सही था क्या. कांग्रेस के नामदारों के कारीगर कहते हैं कि ऐसी बातें मोदी को नहीं करनी चाहिए. मोदी को बालाकोट एयर स्ट्राइक, आतंकवाद के खिलाफ, देश की रक्षा और सुरक्षा का मुद्दा नहीं उठाना चाहिए? ये सही है क्या?
  10. साथियों डरने वाले संस्कार आपके इस चौकीदार में नहीं है. कान खोलकर सुन लें, देश के दुश्मन भी सुन लें. हम डरने वाले नहीं, डटने वाले हैं. डरने और झुकने का काम कांग्रेस का है और कांग्रेस का नामदारों का है. ये वो लोग हैं जिनका खून तब भी नहीं खौला जब देश के वीर जवानों का खून बहा. 



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