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कौन हैं RBI के नए गवर्नर शक्तिकांत दास, जानें-उनसे जुड़ी 10 खास बातें

शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का नया गवर्नर (New RBI Governor) नियुक्त किया गया है.

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कौन हैं RBI के नए गवर्नर शक्तिकांत दास, जानें-उनसे जुड़ी 10 खास बातें

शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) 1980 बैच के तमिलनाडु काडर के आईएएस अधिकारी हैं.

नई दिल्ली : शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का नया गवर्नर (New RBI Governor) नियुक्त किया गया है. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, "कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने आर्थिक मामलों के विभाग के पूर्व सचिव शक्तिकांत दास को रिजर्व बैंक के गवर्नर पद पर तीन साल के लिए नियुक्ति को मंजूरी दे दी." दास 1980 बैच के तमिलनाडु काडर के आईएएस अधिकारी हैं. वह वित्त आयोग के सदस्य रह चुके हैं. आपको बता दें कि उर्जित पटेल ने सोमवार को अचानक गवर्नर पद से इस्तीफा दे दिया था. शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) की पहचान एक ऐसे नौकरशाह के तौर पर है जिन्होंने केन्द्र में तीन अलग अलग वित्त मंत्रियों के साथ सहजता के साथ काम किया. ऐसे में नॉर्थ ब्लॉक से लेकर मिंट स्ट्रीट तक की उनकी यात्रा को एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर देखा जा रहा है जो कि जटिल मुद्दों पर आम सहमति बनाने में विश्वास रखते हैं. शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) को कार्य-क्रियान्वयन में दक्ष और टीम का व्यक्ति माना जाना जाता है.
कौन हैं RBI के नए गवर्नर शक्तिकांत दास?
  1. शक्तिकांत दास 1980 बैच के तमिलनाडु काडर के आईएएस अधिकारी हैं. दास दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नात्कोत्तर हैं. वे अपने 37 वर्ष के लंबे कार्यकाल में  केंद्र और राज्य में ज्यादातर आर्थिक एवं वित्त विभागों में ही तैनात रहे.  
  2. शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) को वित्त मंत्रालय में पहली बार 2008 में संयुक्त सचिव के तौर नियुक्त किया गया, जब पी. चिदंबरम वित्त मंत्री थे. इसके बाद संप्रग सरकार में जब प्रणब मुखर्जी ने वित्त मंत्री का कार्यभार संभाला तब भी वह इसी मंत्रालय में डटे रहे और पहले संयुक्त सचिव के तौर पर और फिर अतिरिक्त सचिव के रूप में लगातार पांच साल वह बजट बनाने की टीम का हिस्सा रहे. यह कार्यकाल चिदंबरम और मुखर्जी दोनों के समय रहा.
  3. शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) को दिसंबर 2013 में रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय में सचिव बनाया गया लेकिन मई 2014 में केन्द्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद उन्हें वापस वित्त मंत्रालय में राजस्व सचिव बनाया गया.
  4. पहले वह मोदी सरकार में कालेधन के खिलाफ उठाये गये कदमों में शामिल रहे और उसके बाद माल एवं सेवाकर को लागू करने में आम सहमति बनाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई.
  5. सितंबर 2015 में शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) आर्थिक मामले विभाग में स्थानांतरित किये गये, जहां उन्होंने नोटबंदी के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. नोटबंदी के बड़े झटके के दौरान सरकार का बचाव करते हुये उन्होंने न केवल आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई बल्कि अर्थव्यवस्था में 500 और 2,000 रुपये का नया नोट जारी करने और इसकी आपूर्ति बढ़ाने में भी अग्रणी भूमिका निभाई.
  6. शक्तिकांत दास को एक शांत स्वभाव के व्यक्ति के रूप में जाना जाता है. अमूमन वह अपना आपा कभी नहीं खोते हैं और आम सहमति से समाधान निकालने पर ज्यादा ध्यान देते हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि रिजर्व बैंक में गवर्नर की भूमिका में वह आम सहमति से काम आगे बढ़ा सकते हैं. 
  7. उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय के बीच कई मुद्दों पर खींचतान बनी हुई है. इन मुद्दों में रिजर्व बैंक में कोष अधिशेष का उपयुक्त आकार क्या हो. सूक्ष्म, लघु और मझोले उपक्रमों सहित विभन्न क्षेत्रों में कर्ज देने के नियमों को उदार बनाना जैसे कई मुद्दे हैं जिनपर वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक आमने सामने रहे हैं.
  8. शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) रिजर्व बैंक के 25वें गवर्नर होंगे. उनकी बेदाग सेवा के दौरान उनके खिलाफ एक प्रतिकूल बात उस समय हुई थी जब भाजपा सांसद सुब्रमणियम स्वामी ने परोक्ष रूप से आरोप लगाया था कि उन्होंने महाबलिपुरम (तमिलनाडु) में एक जमीन को हड़पने के मामले में चिंदबरम की मदद की है. यह मामला उस समय का बताया गया जब दास तमिलनाडु में उद्योग सचिव थे.
  9. सुब्रमणियम स्वामी द्वारा आरोप लगाने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दास का पूरा बचाव किया था और कहा था कि ‘यह एक अनुशासित सरकारी अधिकारी के खिलाफ अनुचित और असत्य आरोप है'. 
  10. आपको बता दें कि उर्जित पटेल ने निजी वजहों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था. उदारीकरण के पिछले तीन दशक में यह पहला मौका है जब वित्त मंत्रालय के साथ तनाव के बीच किसी गवर्नर ने त्यागपत्र दिया है. (इनपुट-भाषा से भी)



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