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शरद यादव ने कहा, मुझे 'बेघर' करने की कोशिश की जा रही, जनता तय करेगी किसकी राह सही - 10 खास बातें

शरद यादव ने कहा कि बिहार की जनता ने महागठबंधन को पांच सालों के लिए जनादेश दिया था, लेकिन इसे बीच में ही तोड़ दिया गया.

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शरद यादव ने कहा, मुझे 'बेघर' करने की कोशिश की जा रही, जनता तय करेगी किसकी राह सही - 10 खास बातें

शरद यादव (फाइल फोटो)

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में जेडीयू ने शनिवार को अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया, जिससे पार्टी के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में औपचारिक तौर पर शामिल होने का रास्ता साफ हो गया. नीतीश के बीजेपी के साथ मिलकर बिहार में सरकार बनाने से जेडीयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव नाराज हैं. उनकी अगुवाई में पार्टी के एक गुट ने पटना में अपनी अलग बैठक की.
मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :
  1. जेडीयू नेता केसी त्यागी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि पार्टी कोई दरार नहीं हैं. उन्होंने बागी हुए नेता शरद यादव पर निशाना साधा और कहा कि नीतीश कुमार की मुहिम में शरद यादव बाधा बन रहे थे, जिसके चलते उन्हें राज्यसभा में पार्टी के नेता पद से हटाया गया.  
  2. बिहार के मुख्यमंत्री आवास पर जेडीयू कार्यकारिणी की बैठक से अलग पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में शरद गुट ने 'जनअदालत' कार्यक्रम आयोजित किया.
  3. इस बैठक में शरद यादव ने कहा कि बिहार में जबसे महागठबंधन टूटा है, देश विकट परिस्थिति में फंस गया है.
  4. शरद यादव ने कहा कि जिस घर को उन्होंने बनाया था, आज उसी के बारे में लोग कह रहे हैं कि यह घर उनका नहीं है. उन्होंने कहा कि उनको 'बेघर' करने की कोशिश की जा रही है.
  5. शरद यादव ने कहा कि बिहार की जनता ने बीजेपी के विजयी रथ को रोकते हुए महागठबंधन को पांच सालों के लिए जनादेश दिया था, लेकिन इसे बीच में ही तोड़ दिया गया.
  6. शरद यादव ने कहा कि आने वाले वक्त में जनता तय करेगी कि किसकी राह ठीक है.
  7. उन्होंने इस जनादेश को धरोहर बताते हुए कहा कि इसे छोड़ना सही नहीं है. यह जनादेश का अनादर है.
  8. शरद यादव ने यह भी कहा कि कि जिस वक्त एनडीए को तोड़ा जा रहा था, तब भी उन्हें दुख हुआ था, उसे भी बचाने की कोशिश की थी, लेकिन यह गठबंधन टूट गया था.
  9. शरद ने कहा, 'हमारे पुरखों ने जो संविधान के रूप में विरासत दी है, उससे बड़ी चीज आज कुछ नहीं है. जब तक सांस रहेगी पुरखों के बताए रास्ते पर चलूंगा.'
  10. देश की हालत पर चर्चा करते हुए उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा, 'आज देश की हालत बदतर है. किसान आत्महत्या कर रहे हैं, धर्म के नाम पर हत्याएं हो रही हैं.'



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