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कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर सोनिया गांधी की ये आखिरी 10 बातें जिनके आगे राहुल गांधी का भाषण रहा फीका

आजादी के बाद सोनिया गांधी ही एक ऐसी ही अध्यक्ष थीं जो विपरीत विचारधारा वाले दलों को साथ लेकर चल सकीं.

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कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर सोनिया गांधी की ये आखिरी 10 बातें जिनके आगे राहुल गांधी का भाषण रहा फीका

सोनिया गांधी ने कहा आज कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर उनका आखिरी भाषण है

नई दिल्ली: कांग्रेस की कमान अब राहुल गांधी संभालेंगे. लेकिन आज कांग्रेस के अध्यक्ष के तौर पर सोनिया गांधी का भाषण पार्टी और भारत की राजनीति में हमेशा याद किया जाएगा. दरअसल सोनिया गांधी ही वह शख्सियत थीं जिन्होंने डूबती हुई कांग्रेस को फिर से उबारा था जिस समय सोनिया गांधी ने कांग्रेस की संभाली थी उस समय पार्टी के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े हो रहे थे माना जा रहा था कि कांग्रेस की हालत क्षेत्रीय पार्टियों जैसी ही हो जाएगी. लेकिन उनके आने के बाद से ही कांग्रेस दोबारा उठ खड़ी हुई. आजादी के बाद सोनिया गांधी ही एक ऐसी ही अध्यक्ष थीं जो विपरीत विचारधारा वाले दलों को साथ लेकर चल सकीं. लेकिन आज उन्होंने जो भाषण दिया और उसके राहुल गांधी के कुछ बयान बेहद फीके लगे.
सोनिया गांधी के भाषण की 10 खास बातें
  1. सोनिया ने कहा, 'मैं आज आखिरी बार कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में बोल रही हूं ही हैं'. इसके बाद पटाखों की गड़ग़ड़ाहट के बीच उन्होंने अपना भाषण रोक दिया और कहा कि इसको बंद करवाओ..लेकिन इसके बाद भी पटाखों की गड़गड़ाहट होती रही और राहुल गांधी ने उनको समझाया कि यह थोड़ी देर में रुक जाएगा. 
  2. फिर थोड़ी देर बाद सोनिया गांधी ने कहा कि इसी तरह मैंने भी कांग्रेस की कमान एक दिन संभाली थी और ऐतिहासिक संगठन को संभालने की चुनौती थी. 
  3. सोनिया ने कहा कि जिस परिवार में आई थी वह एक क्रांतिकारी परिवार था और इंदिरा जी उसी क्रांतिकारी परिवार की बेटी थीं.  उन्होने कहा कि मेरे परिवार के हर सदस्य का मकसद देश था. मैंने भारत के संस्कारों को इंदिरा गांधी जी से सीखा है. जब उनकी हत्या हुई तो मुझे लगा कि मेरी मां की हत्या की गई है.
  4. सोनिया ने राजीव गांधी की याद करते हुए कहा कि फिर मेरे पति की हत्या कर दी गई और मेरा सहारा छीन लिया गया. मैं राजनीति से दूर रहना चाहती थी. 
  5. मेरे यहां तक कि सफर में कांग्रेस के कार्यकर्ता हमारे हमसफर और मार्गदर्शक बने. हमने 10 सालों तक एक जिम्मेदार और प्रगतीशील सरकार दी जिसका नेतृत्व डॉ. मनमोहन सिंह ने पूरी ईमानदारी से किया. 
  6. उन्होंने कहा कि हम 2014 से विपक्ष में हैं. हमारे सामने चुनौती है. हमारे संवैधानिक मूल्यों पर हमला किया जा रहा है. लेकिन हम डरने वाले नही हैं. हम संघर्ष जारी रहेगा. सत्ता, शोहरत और स्वार्थ हमारा मकसद नहीं है. 
  7. सोनिया गांधी ने कहा, इस देश के मूल्यों की रक्षा करना हमारा मकसद है. हम सब जानते हैं कि हमारी मिली जुली संस्कृति पर वार हो रहा है. 
  8. उन्होंने कांग्रेस नेताओं को भी नसीहत देते हुए कहा कि कांग्रेस को भी अपने अंर्तमन से जागकर आगे बढ़ना पड़ेगा. यह एक नैतिक लड़ाई है. जिसमें जीत हासिल करने के लिए तैयार रहना पड़ेगा. 
  9. सोनिया गांधी ने उम्मीद जताते हुए कहा कि एक युवा नेतृत्व से पार्टी में नया जोश आएगा.
  10. ​उन्होंने कहा कि राहुल मेरा बेटा है उसकी तारीफ करना उचित नहीं है. लेकिन राजनीति में आने पर उसने एक ऐसे भयंकर शख्स का सामना किया है जिससे वह निडर बन गया है.  



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