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'पटना से दिल्ली दूर नहीं, 2 घंटे में चीफ सेक्रेट्री को यहां खड़ा कर सकते हैं': SC ने बिहार सरकार को ऐसे फटकारा, 10 बड़ी बातें

सुप्रीम कोर्ट ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले का ट्रायल दिल्ली ट्रांसफर कर दिया. अब दिल्ली की साकेत कोर्ट में इसका ट्रायल होगा.

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नई दिल्ली: मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को कड़ी फटकार लगाई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम सरकार नहीं चला रहे है लेकिन हम ये जानना चाहते हैं कि आप कैसे सरकार चला रहे हैं? इसके साथ ही कहा कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि आप दुर्भाग्यशाली बच्चों के साथ इस तरह बर्ताव करते हैं. कम से कम बच्चों को तो बख्श दीजिए. जिन लोगों ने यह किया है वो सजा से बच नहीं पाएंगे. कानून अपना काम करेगा. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले का ट्रायल दिल्ली ट्रांसफर कर दिया. अब दिल्ली की साकेत कोर्ट में इसका ट्रायल होगा. कोर्ट ने कहा कि दो हफ्ते में सारे रिकॉर्ड ट्रांसफर हो जाएं और ट्रायल छह महीने में पूरा हो जाना चाहिए. अब साकेत की POCSO कोर्ट में मामला चलेगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्याय के हित में ट्रायल का ट्रांसफर किया जा रहा है.
10 बड़ी बातें
  1. मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (CJI Ranjan Gogoi) ने कहा कि आप दुर्भाग्यशाली बच्चों के साथ इस तरह बर्ताव करते हैं. आप इस तरीके की चीजों की इजाजत नहीं दे सकते. 
  2. बिहार सरकार को फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि हम सरकार नहीं चला रहे है लेकिन हम ये जानना चाहते हैं कि आप कैसे सरकार चला रहे हैं?
  3. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली से पटना दो घंटे का रास्ता है. हम चीफ सेक्रेटरी को भी यहां खड़ा कर सकते हैं. .
  4. कोर्ट ने बिहार सरकार के वकील से कहा कि अगर सारी जानकारी नहीं दे सकते तो किसी अफसर को बुलाइए. अब बहुत हो गया. वरना हम जानते हैं कि जानकारी कैसे हासिल करनी है? 
  5. सीजेआई ने कहा ने कम से कम बच्चों को तो बख्श दीजिए. जिन लोगों ने यह किया है वो सजा से बच नहीं पाएंगे. कानून अपना काम करेगा. 
  6. शेल्टर होम में जो चल रहा था, उसे इजाजत नहीं दी जा सकती.
  7. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले का ट्रायल दिल्ली ट्रांसफर कर दिया. अब दिल्ली की साकेत कोर्ट में इसका ट्रायल होगा. 
  8. कोर्ट ने कहा कि दो हफ्ते में सारे रिकॉर्ड ट्रांसफर हो जाएं और ट्रायल छह महीने में पूरा हो जाना चाहिए. अब साकेत की POCSO कोर्ट में मामला चलेगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्याय के हित में ट्रायल का ट्रांसफर किया जा रहा है.
  9. सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम की निगरानी कर रहे ज्वाइंट डायरेक्टर एक शर्मा के ट्रांसफर पर कड़ी नाराजगी जताई. चीफ जस्टिस ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि बिना अनुमति के उनका ट्रांसफर नहीं होगा तो यह ट्रांसफर क्यों किया गया. 
  10. क्या कैबिनेट कमेटी को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसफर ना करने के आदेश दिए हैं. केंद्र इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब देगा.
     



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