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तकनीक के इस्तेमाल से 10 अरब डॉलर की बचत, पढ़ें पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें

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तकनीक के इस्तेमाल से 10 अरब डॉलर की बचत, पढ़ें पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के वैश्विक साइबर स्पेस सम्मेलन में साइबर स्पेस को आतंकवाद और कट्टरपंथ का मैदान बनने के खतरे को रोकने के लिए दुनिया के देशों के बीच सूचना के आदान प्रदान और समन्वय स्थापित करने की अपील की. उन्होंने कहा कि हम अपने नागरिकों को सशक्त बनाने के लिए मोबाइल पावर या एम-पावर का इस्तेमाल कर रहे हैं. पीएम ने आगे कहा कि डिजिटल टेक्‍नोलॉजी बहुत से काम करने में सक्षम है. यह कुशल सेवा वितरण और प्रशासन के लिए रास्ता बनाती है. पीएम मोदी ने सम्मेलन में जन धन बैंक अकाउंट, आधार प्‍लेटफार्म और मोबाइल माध्यम पर जोर दिया और कहा कि इससे भ्रष्‍टाचार को कम कर पारदर्शिता लाने में मदद मिल रही है.
पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें
  1. पीएम मोदी ने कहा कि सरकार डिजिटल पहुंच के माध्यम से लोगों का सशक्तिकरण करने के लिए प्रतिबद्ध है और आधार की मदद से सब्सिडी को लक्षित लोगों तक बेहतर तरीके से पहुंचाने से दस अरब डालर की राशि बचाने में मदद मिली है.
  2. 'वैश्विक साइबर स्पेस सम्मेलन' को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इंटरनेट अपने आप में समावेशी प्रकृति का है, लेकिन खुले और सुलभ इंटरनेट की खोज अक्सर खतरे को बुलावा देती है. वेबसाइट की हैकिंग और उसे विकृत बनाने की खबरें तो छोटी बात हैं. इनसे स्पष्ट होता है कि साइबर हमले एक बड़ा खतरा हैं विशेष तौर पर लोकतांत्रिक विश्व में. 
  3. पीएम ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि हमारे समाज के संवेदनशील वर्ग साइबर अपराधियों के दुष्ट साजिशों के जाल में नहीं फंसें. हमें इसके लिए सजग रहने की जरूरत है. 
  4. मोदी ने कहा कि इसके लिए इस बात पर काफी ध्यान देने की जरूरत है कि साइबर खतरों से निपटने के वास्ते हमारे पास अच्छी तरह से प्रशिक्षित और सक्षम पेशेवर हों.
  5. बता दें कि इस वर्ष मई और जून में वैश्विक स्तर पर साइबर हमले में 3 लाख कम्प्यूटर प्रभावित हुए. इसके कारण बैंकों, मल्टीनेशनल कंपनियों और कई प्रतिष्ठानों का कामकाज बाधित हुआ. 
  6. पीएम मोदी ने कहा कि 'हैकिंग' शब्द ने आज रोमांचक रूप ले लिया है, हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि साइबर सुरक्षा हमारे युवाओं के कैरियर के लिये आकर्षक और व्यवहार्य विकल्प बने. 
  7. पीएम ने कहा कि इसी के साथ सभी देशों को यह जिम्मेदारी लेना सुनिश्चित करना चाहिए कि डिजिटल स्पेस आतंकवाद और कट्टरपंथ की अंधकारपूर्ण ताकतों का मैदान नहीं बनना चाहिए. सूचनाओं का आदान प्रदान और सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल इस खतरे के सतत रूप से बदलते स्वरूप से निपटने के लिए महत्वपूर्ण है. 
  8. प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि देशों को इस बात की जिम्मेदारी लेना सुनिश्चित करना चाहिए कि डिजिटल स्पेस आतंकवाद और कट्टरपंथ का मैदान नहीं बने. साइबर योद्धाओं को ऐसे साइबर हमलों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है. 
  9. पीएम मोदी ने कहा कि साइबर हमले खतरे के सतत रूप से बदलते स्वरूप से निपटने के लिये सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान और समन्वय करना जरूरी है.
  10. दुनिया के अनेक देशों के प्रतिनिधियों एवं साइबर विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए पीएम कहा कि निश्चित तौर पर एक तरफ हम निजता और खुलेपन के बीच बारीक संतुलन बनाने के साथ साथ दूसरी तरफ राष्ट्र की सुरक्षा मजबूत कर सकेंगे. इसके अलावा हम एकसाथ मिलकर वैश्विक एवं मुक्त व्यवस्था और हर देश से जुड़ी कानूनी जरूरतों के विषय पर हमारे मतभेदों को दूर कर सकेंगे.



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