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गिरफ्तारी वारंट निरस्त करने कोर्ट पहुंचे संजय दत्त, निर्माता को धमकाने का है आरोप

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गिरफ्तारी वारंट निरस्त करने कोर्ट पहुंचे संजय दत्त, निर्माता को धमकाने का है आरोप

संजय दत्त एक साल पहले ही पूणे की यरवदा जेल से रिहा हुए हैं.

मुंबई: अंधेरी कोर्ट ने अभिनेता संजय दत्त के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट निरस्त कर दिया है. हालांकि वारंट निरस्त कराने के लिए अभिनेता को अदालत जाकर हाजिरी लगानी पड़ी, सोमवार को संजय दत्त करीब 11 मिनट तक कोर्ट में रहे. फिल्म निर्माता शकील नूरानी द्वारा दायर किए एक मामले की सुनवाई में हाजिर नहीं होने पर कोर्ट ने शनिवार 15 अप्रैल को संजय दत्त के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. नूरानी ने दत्त पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अंडरवर्ल्ड द्वारा फोन पर धमकी देकर एक पुराना मामला वापस लेने के लिए कहा था.

नूरानी और संजय दत्त के बीच विवाद साल 2002 में शुरू हुआ था. दत्त ने नूरानी के प्रोडक्शन की फिल्म 'जान की बाजी' बीच में ही छोड़ दी थी. नूरानी ने फिल्म के लिए दत्त को 50 लाख रुपये एडवांस में दिए थे. शकील का आरोप है कि दत्त के फिल्म छोड़ने से उन्हें करीब 5 करोड़ का नुकसान हुआ. इसके बाद उन्होंने संजय से नुकसान की भरपाई की मांग की जिसे देने से संजय दत्त ने इनकार कर दिया. बाद में नूरानी ने इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (आईएमपीपीए) से संपर्क किया जिसने संजय को पैसे लौटाने के निर्देश दिए.

निर्माता ने आरोप लगाया कि इसी दौरान उनको अंडरवर्ल्ड से जुड़े कुछ लोगों के धमकी भरे फोन आने लगे, जिन्होंने उनसे मामला वापस लेने की मांग की. इससे पहले भी मामले को लेकर अदालत में हाजिर नहीं होने के कारण दत्त के खिलाफ वारंट जारी किया गया था लेकिन तब उनको जमानत मिल गयी थी.

बताते चलें कि संजय दत्त 1993 में मुंबई में हुए बम धमाकों के दौरान अवैध हथियार रखने के दोषी पाए गए थे, इसके लिए उन्हें पांच साल की सजा सुनाई गई थी. वह पिछले साल फरवरी में ही अपनी सजा पूरी कर जेल से बाहर आए हैं.


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