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नाम शबाना रिव्यूः तापसी पन्नू का अभिनय काबिले तारीफ पर कहानी है कमजोर, 2.5 स्टार

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नाम शबाना रिव्यूः तापसी पन्नू का अभिनय काबिले तारीफ पर कहानी है कमजोर, 2.5 स्टार

नाम शबाना के एक दृश्य में तापसी पन्नू और अक्षय कुमार.

नई दिल्ली: इस फिल्मी फ्राइडे को रिलीज हुई है शिवम नायर के निर्देशन में बनी नाम शबाना, इस फिल्म के निर्माता और लेखक नीरज पांडे हैं. तापसी पन्नू, अक्षय कुमार, मनोज वाजपेयी, अनुपम खेर, पृथ्वीराज, वीरेंद्र सक्सेना और डैनी डेंजोग्पा फिल्म के मुख्य कलाकार हैं. सबसे पहले यह बताना जरूरी है कि नाम शबाना के विषय का जन्म फिल्म बेबी से हुआ है, जिसका निर्देशन नीरज पांडे ने किया था, नाम शबाना की कहानी शबाना खान के टीम बेबी में शामिल होने से पहले की कहानी है.

फिल्म में शबाना (तापसी पन्नू) अपनी मां के साथ रहती है, वह मार्शल आर्ट्स में निपुण है. उस पर देश की एक सुरक्षा एजेंसी की नजर पड़ती है. उसकी जिंदगी में एक हादसा होता है जिससे उसकी जिंदगी का मकसद बदल जाता है और ऐसे वक्त में वह इस सुरक्षा एजेंसी के साथ एक सौदा करती है. वह सौदा क्या है, क्या शबाना इस सौदे के लिए तैयार है, क्या वह एजेंसी की कसौटी पर खरी उतर पाएगी? इन सभी सवालों के जवाब फिल्म देखकर ही मिलेंगे. फिल्म देखनी है या नहीं इसका फैसला आप इस रिव्यू के बाद कर सकते हैं.

शुरू करते हैं फिल्म की खामियों से. फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी है इसकी कहानी. फिल्म एक एक्शन थ्रिलर की तरह प्रचारित की गई इस वजह से आप उसी तरह की उम्मीद लेकर फिल्म देखने जाते हैं. लेकिन मध्यांतर से पहले फिल्म में एक्शन बहुत कम देखने को मिलेगा. लम्बे दृश्य, क्लीशे मोमेंट्स और जबरदस्ती का थ्रिल देने के लिए रचे गए दृश्य आपके अंदर बेचैनी पैदा कर देते हैं. इस फिल्म में मोंताजों की भरमार है जो फिल्म की अवधि को लंबा करते हैं और कहानी के लिए असरदार साबित नहीं होते. मेरे ख्याल से फिल्म के एक किरदार की पिछली जिंदगी पर एक अलग फिल्म गढ़ना एक अच्छा आइडिया है पर कहानी पर अगर गहराई से सोचा गया होता तो यह एक बेहतर फिल्म हो सकती थी. फिल्म की एक और खामी है इसका बैकग्राउंड म्यूजिक जो काफी लाउड है और दृश्यों को सहारा देने से ज्यादा शोर प्रतीत होता है. फिल्म के गाने भी कमजोर हैं जो जुबान पर नहीं टिकते.

अब फिल्म की कुछ खूबियां. फिल्म का आइडिया अपने आप में अच्छा है और इसमें तापसी का अभिनय सधा हुआ और डायलॉग डिलीवरी काबिले तारीफ है. फिल्म में वह बेहद सहज लगी हैं, उनका एक्शन कमाल का है. उनके किरदार में उनकी मेहनत और अभ्यास का असर साफ दिखता है. तापसी के बाद अक्षय कुमार अपने अभिनय की छाप छोड़ते हैं, फिल्म में वह बेहद कम समय के लिए हैं लेकिन उनकी भूमिका दमदार है. फिल्म के एक्शन दृश्य असरदार हैं, पृथ्वी का भी काम अच्छा है. इंटरवल के बाद फिल्म बेहतर और अधिक नियंत्रण में नजर आती है और फिल्म की गति बेहतर हो जाती है. मेरी तरफ से इस फिल्म को 2.5 स्टार्स.  


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