फिल्म समीक्षा : 'ग्रेट ग्रैंड मस्ती' की कहानी कमजोर, 1.5 स्टार

फिल्म समीक्षा :  'ग्रेट ग्रैंड मस्ती' की कहानी कमजोर, 1.5 स्टार

उर्वशी ग्लैमरस लगी हैं मगर अभिनय कमज़ोर है...

खास बातें

  • हंसी आने वाले सीन गिनेचुने ही
  • उर्वशी ग्लैमरस लगीं लेकिन एक्टिंग कमजोर
  • कहानी और स्क्रीनप्ले कमजोर
मुंबई:

2004 में रिलीज़ हुई हिट फिल्म 'मस्ती' का तीसरा भाग है 'ग्रेट ग्रैंड मस्ती'। इसका दूसरा भाग 'ग्रैंड मस्ती' 2013 में आया था और यह फिल्म भी हिट हुई थी। अब तीसरा भाग 'ग्रेट ग्रैंड मस्ती' के नाम से आया है। इस फिल्म का बेसिक प्लॉट भी वैसा ही है, जिसमें तीन पति अपनी पत्नियों से किन्हीं कारणों की वजह से प्यार नहीं पाते और वे निकल पड़ते हैं, ग्रेट ग्रैंड मस्ती करने।

यहां तक कि फिल्म के तीन मुख्य कलाकार भी वही हैं, विवेक ओबेरॉय, रितेश देशमुख और आफ़ताब शिवदसानी। फिल्म की अभिनेत्रियां इस बार भी बदली हुई हैं, जिनका नाम है उर्वशी राउतेला, मिष्टी मुखर्जी, पूजा बनर्जी और श्रद्धा।

निर्देशक इंद्र कुमार की फिल्म 'ग्रेट ग्रैंड मस्ती' एक सेक्स कॉमेडी है। कई सीन और सिचुएशन को देखकर हंसी आती है, लेकिन वे गिनेचुने हैं। फिल्म की कहानी, खासतौर पर स्क्रीनप्ले बेहद कमज़ोर है। फिल्म का ज्यादातर हिस्सा बोर करता है। तीनों एक्टर्स विवेक, रितेश और आफताब भी जरूरत से ज्यादा लाउड नज़र आते हैं, ख़ास तौर से आफताब शिवदसानी। उर्वशी ग्लैमरस लगी हैं मगर अभिनय कमज़ोर है। बाकी तीनों अभिनेत्रियां सह-कलाकार लगती हैं।

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निर्देशक इंद्र कुमार ने कई लाजवाब फिल्में बनाई हैं और कॉमेडी पर बतौर निर्देशक उनकी अच्छी पकड़ है। मगर 'ग्रेट ग्रैंड मस्ती' की कमज़ोर कहानी के साथ वह भी कमज़ोर पड़ गए।

कहने को यह एक सेक्स कॉमेडी फिल्म है मगर कुछ ही दृश्य हैं जिन पर हंसी आती है बाक़ी सब सिर्फ कहानी को खींचने के लिए हैं। इसलिए 'ग्रेट ग्रैंड मस्ती' के लिए मेरी रेटिंग है 1.5 स्टार