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अर्जुन कपूर: इंडस्‍ट्री के भी कई लोग ऐसे हैं जो हिंदी न आने पर गर्व महसूस करते हैं...

अर्जुन ने कहा, 'मैं बहुत लकी हूं कि मेरे माता पिता, दादा दादी , नाना नानी ने मुझे हिंदी में ठीक से बोलना सिखाया और मेरी हिंदी बेहतरीन है. लेकिन ऐसे लोग हैं जिन्हें हिंदी में या अपनी भाषा में बात नहीं कर पाने पर समस्‍या नहीं होती.

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अर्जुन कपूर: इंडस्‍ट्री के भी कई लोग ऐसे हैं जो हिंदी न आने पर गर्व महसूस करते हैं...
नई दिल्‍ली: भारत में हिन्दी भाषा बोलने वालों को हीन भावना से देखा जाता है. यह कहना है बॉलीवुड ऐक्टर अर्जुन कपूर का. अर्जुन कपूर इन दिनों अपनी फिल्म 'हाफ गर्लफ्रेंड' के प्रमोशन में लगे हुए हैं. इसी मौके पर एनडीटीवी इंडिया से से बात करते हुए अर्जुन कपूर ने कहा कि शहरों के कॉलेजों और यूनीवर्सिटीस में छोटे शहरों और गांवों से आये उन छात्रों के साथ भेदभाव किया जाता है जिन्हें अंग्रेजी ठीक से बोलनी नहीं आती है. अर्जुन ने कहा, 'अंग्रेजी बोलने में कोई गलत बात नहीं है और यह भाषा सबको आनी भी चाहिये. लेकिन हैरानी की बात ये है की जिन्हें अंग्रेजी नहीं आती या जो लोग अपनी मातृभाषा में बात करते हैं, उन्हें दूसरों से कम माना जाता है और उनके साथ बर्ताव ठीक नहीं होता है.

अर्जुन ने इस मौके पर कहा, 'मैं बहुत लकी हूं कि मेरे माता पिता, दादा दादी , नाना नानी ने मुझे हिंदी में ठीक से बोलना सिखाया और मेरी हिंदी बेहतरीन है. लेकिन ऐसे लोग हैं जिन्हें हिंदी में या अपनी भाषा में बात नहीं कर पाने पर प्रॉबलम नहीं होती. उन्हें लगता है की सिर्फ अंग्रेजी आनी चाहिये. ऐसे लोगों की संख्या शहरों में कॉलेजों में ज्यादा है.

चेतन भगत की किताब पर आधारित मोहित सूरी के निर्देशन में बनी अर्जुन कपूर और श्रद्धा कपूर की नई फिल्म 'हाफ गर्लफ्रेंड' में अर्जुन, माधव झा नाम के ऐसे लड़के का किरदार निभा  रहे हैं जो बिहार से है और जिसे अंग्रेजी बोलनी नहीं आती है. यह लड़का दिल्ली यूनीवर्सिटी में अडमिशन लेना चाहता है. अर्जुन बताते हैं, 'फिल्म में मेरा एक डायलोग है जब मुझे कॉलेज में अडमिशन नहीं मिलता है क्योंकी मुझे अंग्रेजी  नहीं आती तब मैं कॉलेज के प्रॉफेसर को कहता हूं की आपको कैसा स्टूडेंट चाहिये, जो काबिल हो या वो जो दूसरे देश की भाषा अच्छी बोलता हो? मुझे विश्‍वास है की बहुत सारे लोग इस डायलोग से जुड़ेंगे.'
 
half girlfriend

अर्जुन कपूर दूसरी बार चेतन भगत की किताब पर आधारित फिल्म में नजर आने वाले हैं. उनका मानना है की लेखक ने अपनी किताब में हिंदी-अंग्रेजी डिवाइड को अच्छे से बताया है और हाफ गर्लफ्रेंड में भी यही कोशिश की गई है. एक लकीर सी खिंच गई है सिर्फ हिंदी और अंग्रेजी बोलने वालों के बीच. इंडस्ट्री में भी ऐसे लोग हैं जो हिंदी नहीं जानने में गर्व महसूस करते हैं. मैं हिंदी फिल्म ऐक्टर हूं मेरे लिये हिंदी जानना और बी ज्यादा अनिवार्य है. अर्जुन और श्रद्धा की यह फिल्‍म 19 मई को रिलीज हो रही है.


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