यह ख़बर 25 अक्टूबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

जसपाल भट्टी : मौत ने सब 'उल्टा-पुल्टा' कर दिया

खास बातें

  • जसपाल भट्टी सिर्फ हास्य कलाकार नहीं, बल्कि जीवन की विडंबनाओं पर चुटीली टिप्पणियां करने वाले सधे हुए व्यंग्यकार थे। महंगाई, भ्रष्टाचार, नेताओं के पाखंड या जीवन के दूसरे सवालों पर उन्होंने बहुत सधे हुए कमेंट किए।
नई दिल्ली:

मशहूर व्यंग्य कलाकार जसपाल भट्टी की गुरुवार सुबह सड़क हादसे में मौत हो गई। जालंधर के पास शाहकोट में उनकी होन्डा सिटी कार एक पेड़ से टकरा गई। गंभीर हालत में उन्हें जालंधर के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इस हादसे में जसपाल भट्टी के बेटे जसराज और उनकी फिल्म की अभिनेत्री भी घायल हो गए। भट्टी अपनी फिल्म 'पॉवर कट' के प्रमोशन में जुटे थे और मोगा से चंडीगढ़ लौट रहे थे।

जसपाल भट्टी सिर्फ हास्य कलाकार नहीं थे। वह जीवन की विडंबनाओं पर चुटीली टिप्पणियां करने वाले सधे हुए व्यंग्यकार थे। महंगाई, भ्रष्टाचार, नेताओं के पाखंड या जीवन के दूसरे सवालों पर उन्होंने बहुत सधे हुए कमेंट किए। 80 और 90 के दशक में दूरदर्शन पर उनके कार्यक्रम 'फ्लॉप शो' और 'उल्टा−पुल्टा' बेहद चर्चित हुए।

जसपाल भट्टी ने व्यंग्य का अपना निहायत निजी मुहावरा विकसित किया। चंडीगढ़ में उन्होंने नॉनसेंस क्लब बनाया और शहर के ट्रैफिक से लेकर सुखना झील तक को लेकर मुहिम छेड़ी। जसपाल भट्टी ने अपनी तरह से व्यंग्य के जरिए कई लड़ाइयां लड़ीं। आम आदमी के मुद्दों और परेशानियों को बहुत सीधे-सरल, लेकिन असरदार तरीके से उठाया। जब पूरे देश में लोकपाल की चर्चा हो रही थी, तब जसपाल भट्टी अपना 'सेव द करप्ट' बिल लेकर आए थे।

3 मार्च, 1955 को अमृतसर में जन्मे जसपाल भट्टी ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर की डिग्री हासिल की थी। कॉलेज के दिनों में वह अपने नुक्कड नाटकों के लिए काफी लोकप्रिय थे। हास्य से भरपूर उनके नाटकों में समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार पर करारा व्यंग्य होता था, जो आम आदमी के दिल को छू जाता था।

टेलीविजन में अपने कार्यक्रम प्रस्तुत करने से पूर्व वह चंडीगढ़ से प्रकाशित 'द ट्रिब्यून' में कार्टूनिस्ट थे। उन्होंने पंजाब पुलिस पर करारा व्यंग्य करते हुए 'माहौल ठीक है' का निर्देशन किया और उनका यह पहला निर्देशन ही काफी चर्चित रहा। उन्होंने 'फना' फिल्म में एक गार्ड जाली गुड सिंह की भूमिका अदा की थी। उन्होंने पंजाबी की हास्य फिल्म 'जीजाजी' में भी अभिनय किया था। भट्टी और उनकी पत्नी सविता ने 2008 में रियलिटी शो 'नच बलिये' में भी भाग लिया था और दोनों में अपने नृत्य एवं हास्य के जरिये दर्शकों का खूब मनोरंजन किया था।

बहुत छोटे बजट की शृंखला 'फ्लॉप शो' तो मध्यम वर्ग के लोगों की समस्याओं को एक विशिष्टता के साथ उठाने के लिए आज भी याद की जाती है। भट्टी की पत्नी सविता भट्टी इस शो की न सिर्फ निर्माता थीं, बल्कि इसकी सभी कड़ियों में उन्होंने उनकी पत्नी की भूमिका भी निभाई थी। छोटे पर्दे पर अपने शो की सफलता के बाद भट्टी ने हिन्दी और पंजाबी फिल्मों में काम किया।

वर्ष 1999 में वह फिल्म ‘जानम समझा करो’ में सलमान खान के निजी सचिव बने और इस भूमिका में लोगों ने उन्हें खूब पसंद किया। आमिर खान, काजोल अभिनीत 'फना' में वह जॉली गुड सिंह नामक गार्ड बने। उन्होंने हास्य प्रधान पंजाबी फिल्म 'जीजाजी' में भी काम किया। दर्शकों को हंसा-हंसाकर लोटपोट करने की कला में माहिर भट्टी ने पंजाबी भाषा में बनी 'माहौल ठीक है' फिल्म का निर्देशन किया। पंजाब पुलिस पर बनी यह फिल्म दर्शकों को बहुत अच्छी लगी।

भट्टी कई रियलिटी शो में नजर आए। 'कॉमेडी का किंग कौन' में वह अभिनेत्री दिव्या दत्ता के साथ सह-निर्णायक बने। 'नच बलिये' में उन्हें पत्नी के साथ अपना नृत्य कौशल दिखाते देखा गया। चंडीगढ़ के समीप मोहाली में उन्होंने अपना एक प्रशिक्षण स्कूल स्थापित किया, जिसका नाम 'जोक फैक्टरी' रखा।

यहीं उनका एक एनीमेशन स्कूल 'मैड आर्ट्स' भी है, जहां उन्होंने 52 कड़ियों वाली हास्य शृंखला 'थैंक यू जीजाजी' भी तैयार की। इस स्कूल ने बालिका भ्रूण हत्या पर एक एनीमेशन फिल्म भी बनाई, जिसे वन टेक मीडिया द्वारा आयोजित 'एडवान्टेज इंडिया' में दूसरा पुरस्कार प्रदान किया गया। भट्टी की नवीनतम फिल्म 'पॉवर कट' है, जो पंजाब में लगातार की जाने वाली बिजली कटौती पर आधारित है। यह फिल्म शुक्रवार को रिलीज होने वाली है।

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(इनपुट भाषा से भी)