NDTV Khabar

बिंदास कंगना रानावत का बेबाक इंटरव्यू : 'न मैं शादियों में नाची, न अवॉर्ड फंक्शन्स में गई'

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
बिंदास कंगना रानावत का बेबाक इंटरव्यू : 'न मैं शादियों में नाची, न अवॉर्ड फंक्शन्स में गई'
नई दिल्ली:

बॉलीवुड की क्वीन बिंदास तनुजा त्रिवेदी उर्फ कंगना रानावत ने NDTV को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा है, न तो मैं शादियों में नाचती हूं और न ही शोज़ करती हूं। बातचीत के दौरान वह यह भी बोलीं कि यह जो शब्द 'फेयर' यानी गोरापन है, यह बेहद ही अपमानजनक है।

नौ साल पहले जब कंगना रानावत ने फिल्म 'गैंगस्टर' से अपने करियर की शुरुआत की थी, तब किसी को यह अंदाजा नहीं था कि एक दशक से भी कम समय में वह बॉक्स ऑफिस की क्वीन बन जाएंगी। बॉलीवुड में इस साल की सबसे बड़ी हिट देने वाली 'तनु वेड्स मनु रिटर्न्स' फिल्म से हर ओर कंगना की धूम है।

'न तो मैंने शोज़ किए, न मैं अवॉर्ड फंक्शन्स में गई'

एनडीटीवी ने जब फिल्म रिलीज़ के बाद पहले ही सोमवार को उनसे बातचीत की तो उनकी बेबाकी और स्पष्टता साफ नजर आई। उन्होंने कहा, बहुत ही बढ़िया लग रहा है। यह सब कुछ इतना अच्छा अहसास दे रहा है। हमारी फिल्म इंडस्ट्री इस तरह की चीजों की आदी नहीं है कि फिल्में बिना किसी बहुत ज्यादा जाने-पहचाने चेहरे के भी बहुत अच्छा कर रही हैं। ऐसे में फिल्म का इस कदर हिट होना असल में मेरे लिए भी आश्चर्य है, हालांकि कंगना का कहना है, मुझे यहां तक पहुंचने में 10 साल लगे, क्योंकि न तो मैंने शोज़ किए, न मैं अवॉर्ड फंक्शन्स में गई। न मैं शादियों में नाची... इसलिए कई बार मुझे दरकिनार कर दिया।

'खुद का सुरक्षित स्थान चाहती हूं'


कंगना ने कहा, मैं नंबर गेम से बहुत आगे का काम करना चाहती हूं। मैं अपने लिए सुरक्षित जगह चाहती हूं, क्योंकि नंबर वन का खेल उन लोगों के लिए है, जिनकी कभी बहुत ज्यादा डिमांड होती है, जो बहुत ज्यादा पसंद किए जा रहे हों... वो कहते हैं न फ्लेवर ऑफ द सीजन। लेकिन मैं अपने लिए खुद का सुरक्षित स्थान चाहती हूं। और मुझे लगता है कि एक हद तक मैंने ये हासिल किया है।

'कंगना के पास अपने काम को लेकर दीवानगी थी'

अब भले ही कंगना नंबर गेम के पचड़े से नहीं पड़ना चाहती हों, लेकिन यह सच है कि मोटे बजट की फिल्में भी बॉलीवुड बॉक्स ऑफिस की कलेक्शन गेम में औंधे मुंह गिरीं। 'तनु वेड्स मनु रिटर्न्स' ने दुनियाभर से कलेक्शन के मामले में 55 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। फिल्म के डायरेक्टर आनंद एल राय का कहना है था कि मैंने यह फिल्म इसलिए नहीं बनाई क्योंकि मैं ब्रैंड भुनाना चाहता था बल्कि इसलिए बनाई, क्योंकि मेरे पास एक कहानी थी.. और कंगना के पास अपने काम को लेकर दीवानगी थी। उसे कहानी पसंद आई और इसीलिए वह इस फिल्म में एक कठिन कैरेक्टर की डिमांड को भी पूरा कर पाईं।

फेयरनेस क्रीम की ऐड नहीं की क्योंकि...

'गैंगस्टर' के 2009 में हिट होने के बाद भी कंगना ने न तो बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री के पैरामीटर्स और 'रूल्स' पर खरे उतरने वाले 'सही' कपड़े पहने, न ही 'सही लोगों के साथ' नेटवर्किंग की। उनके उच्चारण की हमेशा आलोचना हुई। कंगना ने स्ट्रगल किया, काम किया और अपनी खुद की जमीन तलाशी। उसने खुद के नियम बनाए- जीवन के भी और फिल्मों के लिए भी। 2 साल पहले वह फेयरनेस क्रीम की ऐड करने से मना कर चुकी हैं।

इस पर उनका कहना है- मैं कभी यह नहीं समझ पाई कि सांवले लोगों को क्यों गोरा हो जाना चाहिए? यह जो शब्द है फेयर.. यह मुझे बिल्कुल स्वीकार नहीं। लोग मुझे कहते हैं कि मुझे इंग्लिश बोलनी नहीं आती, लेकिन उन्हें पता होना चाहिए कि क्या स्वीकारा जाए और क्या नकारा जाए...। आप काले हो सकते हैं, आप थोड़ा पीलेपन वाली रंगत लिए हो सकते हैं, आप सांवले हो सकते हैं और आप सांवले हो सकते हैं.. दरअसल, फेयर जैसा कुछ है ही नहीं।

टिप्पणियां

गोरेपन के प्रॉडक्ट्स बैन कर देने चाहिए...

कंगना का कहना है- गोरेपन के प्रॉडक्ट्स बैन कर देने चाहिए। यह अपमानजनक हैं...। मैंने ऐसे कई प्रॉडक्ट्स को नकारा है.. और यही वजह है कि आप मुझे एंडोर्समेंट्स कार्यक्रमों आदि में काफी कम देखते हैं। मुझे लगता है ये चीजें हमारे युवाओं, हमारी महिलाओं और हमारे पुरुषों में इनफीरियॉरिटी कॉम्प्लैक्स पैदा करती हैं। यह सब बस बेवकूफाना है।



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


 Share
(यह भी पढ़ें)... कैटरीना कैफ ने स्टेज पर किया धमाकेदार डांस, Video हुआ वायरल

Advertisement