टीम इंडिया का यह पूर्व खिलाड़ी था सलमान खान का क्रिकेट कोच, लेकिन सल्लू चाहते थे कुछ और...

टीम इंडिया का यह पूर्व खिलाड़ी था सलमान खान का क्रिकेट कोच, लेकिन सल्लू चाहते थे कुछ और...

सलमान की नई फिल्म सुल्तान का एक दृश्य...

खास बातें

  • सलमान ने हाल ही में रिलीज हुई फिल्म सुल्तान में पहलवान की भूमिका निभाई है
  • सानिया मिर्जा की ऑटोबायोग्राफी के विमोचन पर किया पिता की इच्छा का खुलासा
  • सलमान खान ने कहा, उन्हें सुबह जल्दी उठने में थी समस्या
मुंबई:

सुपरस्टार सलमान खान ने अब एक नया खुलासा किया है। दरअसल उनके पिता नहीं चाहते थे कि सल्लू बॉलीवुड में काम करें, बल्कि वह चाहते थे कि सलमान कुछ ऐसा करें जिससे देश का नाम रोशन हो। पर सलमान को यह रास नहीं आया और उन्होंने टीम इंडिया के एक पूर्व खिलाड़ी को कोच बनाए जाने और उनकी अच्छी रिपोर्ट के बावजूद पिता के सामने जानबूझकर खराब प्रदर्शन किया। जानिए आखिर सलमान के पिता उन्हें क्या बनाना चाहते थे और सलमान का कोच कौन था...

हाल ही में रिलीज हुई अपनी फिल्म ‘‘सुल्तान’’ में एक पहलवान की भूमिका निभाने वाले सलमान ने कहा कि उनके पिता सलीम खान उन्हें फिल्मी दुनिया में बिल्कुल भी नहीं देखना चाहते थे। गौरतलब है कि सल्लू के पिता सलीम खान खुद बहुत बड़े स्क्रिप्ट राइटर रहे हैं। उनकी और जावेद अख्तर की जोड़ी 'सलीम-जावेद' के नाम से मशहूर थी। फिर भी वे सलमान को बॉलीवुड से दूर रखना चाहते थे।

यह खिलाड़ी बना सल्लू का कोच
सलीम खान की क्रिकेट में रुचि थी। इतना ही नहीं वह चाहते थे कि सलमान क्रिकेटर बनें और देश के लिए खेलें। उन्होंने पूर्व भारतीय क्रिकेटर सलीम दुर्रानी को उनका कोच बनाया था और दुर्रानी ने सलीम से कहा था कि क्रिकेट के मैदान में उनका भविष्य उज्जवल है।

सलमान ने कहा, ‘‘मेरे पिता चाहते थे कि मैं क्रिकेट खेलूं। यह आसानी से हो सकता था, लेकिन मैं सुबह साढ़े पांच बजे क्रिकेट के अभ्यास के लिए नहीं जा सकता था। मेरे लिए यही जीवन बहुत मुश्किल है, क्रिकेट तो और भी मुश्किल हो जाता।’’ अभिनेता रविवार शाम को टेनिस स्टार सानिया मिर्जा की आत्मकथा ‘‘एस अगेंस्ट ऑड्स’’ को लांच करने के अवसर पर बोल रहे थे।

‘‘बजरंगी भाईजान’’ स्टार ने कहा कि वह बहुत अच्छा क्रिकेट खेलते थे, लेकिन जिस दिन उनके पिता उन्हें देखने आए, उन्होंने जानबूझकर खराब प्रदर्शन किया।

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जान-बूझकर खराब खेले
50 वर्षीय अभिनेता ने कहा, ‘‘सलीम दुर्रानी को मेरा कोच बनाया गया था। पहले दिन, उन्होंने मुझे खेलते हुए देखा, मैंने बहुत अच्छा खेला था। दूसरे दिन, मैंने वास्तव में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था, इसलिए तीसरे दिन उन्होंने मेरे पिता को बुलाया और कहा कि आपके बेटे का भविष्य बहुत उज्जवल है। उस दिन मुझे एहसास हुआ कि मेरे पिता के सामने मुझे खराब प्रदर्शन करना चाहिए।’’

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सलमान ने कहा कि उनके लिए समय पर स्कूल पहुंचना ही बहुत मुश्किल काम था इसलिए क्रिकेट के अभ्यास के लिए सुबह उठना असंभव था। उन्होंने कहा, ‘‘समय पर स्कूल पहुंचना ही एक बड़ी समस्या थी। सुबह नौ बजे मुझे अपनी क्लास में पहुंचना होता था। इसलिए मैं सुबह करीब साढ़े आठ बजे उठता था और बहुत मुश्किल से समय पर स्कूल पहुंच पाता था। मैं दरअसल निर्देशक बनना चाहता था।’’
(इनपुट भाषा से भी)