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क्या सोनिया गांधी के जीवन पर आधारित फिल्म कभी बन पाएगी...

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क्या सोनिया गांधी के जीवन पर आधारित फिल्म कभी बन पाएगी...

टीम इंडिया के कप्तान धोनी पर फिल्म 'धोनी - दि अनटोल्ड स्टोरी' बन रही है

यह बायोपिक का मौसम है, आने वाले कुछ महीनों में भारत की कई चर्चित हस्तियों के जीवन पर आधारित फिल्में रिलीज़ होनी हैं। लिस्ट में अज़हर, वीरप्पन, सचिन (वृत्तचित्र), एम एस धोनी, सरबजीत, दंगल शामिल हैं। जहां क्रिकेट की दुनिया के तीन धुरंधर सचिन तेंदुलकर, अज़हरुद्दीन और धोनी की फिल्मों का उनके प्रशंसकों को बेताबी से इंतज़ार है, वहीं एक वक्त सरकार की नाक में दम करने वाले वीरप्पन पर राम गोपाल वर्मा ने फिल्म बनाई है जिसका टीज़र भी काफी पसंद किया जा रहा है।
 


हरियाणा के पहलवान महावीर सिंह फोगाट और उनकी पहलवान बेटियों के संघर्षों को दिखाती 'दंगल' का भी इंतज़ार रहेगा जिसमें आमिर खान ने पिता की भूमिका निभाई है। यह तो बात हुई उन फिल्मों की जो सिनेमा हॉल में दस्तक देने वाली हैं लेकिन ऐसी कई भारतीय शख्सियतें हैं जिन पर फिल्में बन जानी चाहिए थीं लेकिन अभी तक मामला अधर में लटका हुआ है। एक नज़र ऐसी ही कुछ महिला शख्सियतों पर जिनके बायोपिक के लिए दर्शक टकटकी बांध कर बैठे हैं -

इंदिरा गांधी


भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की शख्सियत इतनी प्रभावशाली थी कि वह किसी भी फिल्मकार के 'ड्रीम प्रोजेक्ट' का हिस्सा हो सकती हैं। 1975 में गुलज़ार द्वारा निर्देशित 'आंधी' फिल्म आई थी जिसके लिए कहा जाता रहा कि वह इंदिरा गांधी के जीवन पर आधारित है। हालांकि फिल्मकार ने ऐसी किसी बात का दावा नहीं किया था, इसके बावजूद फिल्म पर इमरजेंसी के वक्त प्रतिबंध लगा दिया गया था लेकिन 1977 में जनता दल के सरकार बनाने के बाद 'आंधी' को टेलीविज़न पर रिलीज़ किया गया।
 

AFP Photo

हालांकि अभी भी दर्शकों को एक ऐसी बायोपिक का इंतज़ार है जो आधिकारिक रूप से पूर्व प्रधानमंत्री के जीवन पर आधारित होने के दावा कर सके। 2015 में ख़बर आई थी कि निर्देशक मनीष गुप्ता ने गांधी पर फिल्म बनाने का फैसला किया है और इसमें विद्या बालन को कास्ट करने की बात भी कही गई थी। विद्या ने भी एक इंटरव्यू में माना कि उन्हें इंदिरा के रोल का प्रस्ताव दिया गया है लेकिन अभी तक उन्होंने कुछ तय नहीं किया है। बताया जाता है कि पूर्व पीएम से जुड़ी फिल्म की स्क्रिप्ट सोनिया गांधी के पास भी स्वीकृति के लिए भेजी गई है। वैसे समय समय पर इंदिरा गांधी द्वारा लगाई गई 'इमरजेंसी' और उस वक्त के हालातों पर फिल्में बनती रही हैं लेकिन उन्हें काफी राजनीतिक दख़ल का सामना करना पड़ा है।
 

सोनिया गांधी

इंदिरा गांधी के बाद उनकी बहू सोनिया गांधी का जीवन भी फिल्मकारों के लिए दिलचस्पी की वजह बना हुआ है। कांग्रेस अध्यक्ष की जिंदगी से जुड़ी उठा पटक पर फिल्म बनने की ख़बर आती रहती है लेकिन अभी तक यह मौका किसी निर्देशक के हाथ नहीं लग पाया है। ब्रिटेन के फिल्मकार जगमोहन मुंदरा ने बार बार इस बायोपिक को बनाने में रुचि दिखाई है लेकिन अभी तक वह इस फिल्म को अमली जामा पहनाने में नाकाम रहे हैं। एक इंटरव्यू में मुंदरा ने बताया था कि सोनिया गांधी से मिलकर उन्होंने इस फिल्म के मकसद को सामने रखा था और साफ किया था कि इसके पीछे किसी तरह का राजनीतिक एजेंडा नहीं है। फिल्म में सोनिया के रोल के लिए इतालवी सिनेमा की अभिनेत्री मोनिका बलूची से संपर्क किया गया था लेकिन उन्होंने ख़राब स्क्रिप्ट की वजह से रोल के लिए मना कर दिया।

सुचित्रा सेन

हिंदी और बांग्ला फिल्मों की दिग्गज अभिनेत्री सुचित्रा सेन के कथित रहस्यमयी जीवन पर भी फिल्मकारों की नज़र है। उन्होंने हिंदी फ़िल्मों में भी काम किया है लेकिन उनकी असल पहचान बांग्ला फ़िल्मों से ही बनी थी। हालांकि सुचित्रा सेन को हिंदी फ़िल्म प्रेमी सबसे ज़्यादा 1975 में रिलीज़ हुई 'आंधी' से जानते हैं। फिल्म में कथित तौर पर सुचित्रा का किरदार तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से मिलता-जुलता बताया जाता था। लेकिन 1978 में बांग्ला फ़िल्म 'प्रनॉय पाशा' के बाद उन्होंने सिनेजगत से दूरियां बना ली थीं। वह सार्वजनिक जीवन से काफी दूर चली गईं थी और अपने नज़दीकी परिवार के अलावा वह किसी से नहीं मिलती थीं।
 


यहां तक की 2014 में उनकी मृत्यु से पहले तीन दशक तक वह किसी भी सार्वजनिक मंच पर नहीं देखी गईं। सुचित्रा के जीवन से जुड़े इसी रहस्य को फिल्मकार पर्दे पर उतारना चाहते हैं और इसके लिए उनकी नातिन राइमा सेन से बातचीत भी हुई थी। लेकिन राइमा के मुताबिक अंतिम समय में डेट को लेकर नाराज़ फ़िल्मकार विद्या बालन के पास चले गए। हालांकि विद्या ने भी इस रोल के यह कहते हुए ना कह दिया कि सुचित्रा सेन के रोल के लिए राइमा ही मुनाबिस रहेंगी।

अमृता प्रीतम

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पंजाबी साहित्य जगत का जाना माना नाम अमृता प्रीतम जिनकी कविताएं तो दिल को सुकून पहुंचाती ही थी, साथ ही हिंदी फिल्म गीतकार साहिर लुधियानवी के साथ उनकी दोस्ती भी चर्चा का केंद्र रही है। बंबई में बैठे साहिर और पंजाब में बैठी अमृता के रिश्ते की गहराई फिल्मकारों को काफी लुभाती है। सिर्फ यही नहीं प्रीतम के अंतिम समय तक उनके साथी रहे चित्रकार इमरोज़ के साथ भी उनके रिश्ते की खूबसूरती को पर्दे पर उतारना और दुनिया तक पहुंचाना जरूरी सा जान पड़ता है। वैसे देखा जाए तो साहिर, अमृता और इमरोज़ तीनों की ही कहानी अपने आप में दिलचस्प है और सिनेमा पर दिखाए जाने के लायक है लेकिन अभी तक किसी को भी मूर्त रूप नहीं दिया जा सका है। कुछ साल पहले ख़बर आई थी कि अमृता के जीवन पर नवोदित निर्देशक जसमीत रीन बायोपिक बनाने जा रही हैं जिसमें सोनाक्षी सिन्हा मुख्य भूमिका में होंगी लेकिन इसके बाद इस विषय से संबंधित कोई बयान सामने नहीं आया है।

यह चार नाम उस लंबी फेहरिस्त का एक छोटा सा हिस्सा हैं जिसमें कई ऐसी भारतीय हस्तियां शामिल हैं जिनके नाम अगर एक एक करके लिए जाएं और उन पर ईमानदारी से फिल्म बनाई जाए तो बॉलीवुड को किसी काल्पनिक कहानी की जरूरत ही नहीं पड़े। क्या आपकी नज़र में है कोई ऐसी शख्सियत जिस पर फिल्म बनाई जानी चाहिए...



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