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  • Navratri 2017: गर्भवती महिलाएं इस नवरात्र किस प्रकार अपनाएं सेहतमंद व्रत के तरीके
    नवरात्र के दौरान व्रत रखना हर किसी को पसंद होता है. पर कुछ लोग इन नौ दिनों तक व्रत के दौरान अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन, जो लोग हृदय रोग, डायबिटीज़ और उच्च रक्तचाप जैसी समस्या से पीड़ित हैं, उन्हें और गर्भवती महिलाओं को इस दौरान अपनी खास देखभाल करनी चाहिए. व्रत रखना अच्‍छी बात है लेकिन अपनी सेहत को दरकिनार करना सही नहीं है. ऐसे मरीजों में दिन में केवल एक बार भोजन करना समस्याएं पैदा कर सकता है. ऐसे में व्रत के दौरान भी से फिट रहा जाए, आइए जानते हैं.
  • Navratri 2017:नवरात्रों में फूड पॉइज़निंग से बचने के लिए खाने में शामिल करें ये चीज़ें
    देशभर में नवरात्रि का त्‍योहार पूरे जोर-शोर से मनाया जा रहा है. नौ दिन तक चलने वाले इस त्‍योहार के दौरान लोग प्याज़, लहसुन, अनाज, मीट, अंडा आदि चीज़ों से परहेज करने लगते हैं. जो लोग व्रत रखते हैं वह पूरे दिन फल, कूट्टू, सिंघाड़े का आटा जैसी फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को अपने खाने में शामिल करते हैं, जिसे सात्विक भोजन के नाम से जाना जाता है. कुछ लोग व्रत के दौरान पूरे दिन तो कुछ नहीं खाते लेकिन रात को हैवी मील लेते हैं, जिसका नतीजा उन्‍हें कई बार फूड पॉइज़निंग का सामना करना पड़ता है.
  • अब बिना टेंशन खुलकर खाएं मीठा, 'आम' नहीं बढ़ने देगा वजन
    भारतीय होने के नाते हमें 'मीठा' बचपन से ही पसंद होता है. फिर चाहे वो हलवा, गुलाब जामुन या फिर फैमिली डिनर के बाद आइस क्रीम ही क्यों न हो. लेकिन ज्यादा मीठा सेहत के लिए ठीक नहीं होता है. मीठे का सबसे ज्यादा कहीं असर दिखता है तो वो है हमारे वजन पर. ज्यादा मीठा खाने से फैट तेजी से बढ़ता है. ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आपका वजन न बढ़े और आपको मीठा भी न छोड़ना पड़े, तो इसके लिए आपको जरूर ट्राई करनी चाहिए 'आम' से बनीं ये लजीज डिशेज...​
  • गरीब महिलाओं को होता है दिल का दौरा पड़ने का ज्यादा खतरा: रिसर्च
    आपकी आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य की सीधा संबंध है. अगर गरीब तबके की बात करें तो कई मामलों में यहां पुरुषों के मुकाबले महिलाएं ज्यादा प्रभावित होती हैं. एक नई रिसर्च में यह दावा किया गया है कि गरीब वर्ग के पुरुषों की तुलना में गरीब महिलाओं को दिल का दौरा पड़ने का खतरा 25 फीसदी ज्यादा रहता है. 
  • दमा पीडि़त बच्‍चे भविष्‍य में हो सकते हैं मोटापे के शिकार: सर्वे
    अगर आपका बच्चा दमा से पीड़ित है, तो उसके बचपन या किशोरावस्था के बाद मोटापे के शिकार होने की संभावना ज्यादा है. शोध के निष्कर्षो से पता चलता है कि सामान्य बच्चे की तुलना में दमा से पीड़ित छोटे बच्चों में अगले एक दशक में मोटापे के शिकार होने की संभावना 51 फीसद ज्यादा है.
  • डायबिटीज है, तो इस बातों का रखें खास ख्‍याल...
    मधुमेह यानी डायबिटीज भारत में तेजी से महामारी का रूप लेती जा रही है. डायबिटीज धीमे जहर की तरह काम करती है. इसकी एक वजह यह भी है कि ज्‍यादातर डायबिटीज के मरीजों को पता ही नहीं होता कि वह इसका शिकार बन चुके हैं. और जाने अनजाने वे अपने आहार और आदतों से खुद को ही और नुकसान पहुंचाते रहते हैं.
  • समय से पहले जन्मे बच्चे जल्द सीखते हैं भाषा
    समय पूर्व प्रसव से जन्मे बच्चे भाषा और संज्ञानात्मक कौशलों को सीखने में पूर्ण कालिक प्रसव के जरिए पैदा हुए बच्चों की तुलना में ज्यादा बेहतर होते हैं। शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में पाया कि समय पूर्व पैदा हुए बच्चों ने भाषा और अनुभूति को लेकर जल्दी संबंध विकसित किया।
  • सेहतमंद दिमाग के लिए खूब खाएं फल और सब्जियां
    कहते हैं कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे हमारा दिमाग सिकुड़ता जाता है और कोशिकाएं नष्ट होती जाती हैं। सामान रखकर भूल जाते हैं या सही समय पर कार्य करना याद नहीं रख पाते हैं। क्या आप जानते हैं कि इसका असर हमारे सीखने और याददाश्त पर पड़ता है।
  • ज्यादा सामाजिक होने से मरीजों की हालत सुधर सकती है : अध्ययन
    डॉक्टरों के पास भागने या क्लीनिकों में समय गुजारने की बजाए दोस्तों और परिवार के साथ संबंध ठीक करने से मरीजों की हालत में असरदार तरीके से सुधार हो सकता है ।
  • नए साल के पहले दिन चीन में प्रदूषण को लेकर अलर्ट जारी
    उत्तर चीन के बीजिंग समेत कुछ हिस्सों में नववर्ष का पहला दिन धुंध और प्रदूषण के बीच बीता। राष्ट्रीय वेधशाला ने रविवार को वायु प्रदूषण के लिए नए सिरे से नारंगी अलर्ट जारी किया।
  • यंग जेनरेशन इस बारे में ले रहे विशेषज्ञों की सलाह
    डायबिटीज़, दिल की समस्याएं, तो आम बीमारियां हो गई हैं। अस्वस्थ जीवनशैली और अनहेल्दी डाइट, ये दोनों वज़हें इन समस्याओं का सबसे बड़ा कारण हैं। युवा पीढ़ी आज के समय में जितना अनहेल्दी फूड अपनी डाइट में शामिल कर रही है, उतना ही इन बीमारियों से घिरती जा रही है।
  • सुपरस्टार सलमान खान का फिटनेस फंडा और उनकी स्वस्थ जीवनशैली
    सलमान खान की फैन फॉलोइंग का क्या कहना। उनकी फिटनेस के बारे में बात की जाए, तो वह भी तारीफ के काबिल है। आइए जानें सुपरस्टार सलमान खान के फिटनेस फंडा और स्वस्थ जीवनशैली की कुछ ख़ास बातें।
  • ड्रमस्टिक की पत्तियों से बने बिस्कुट देंगे आपको कई सेहतमंद फायदे
    अब मार्केट में आपको ड्रमस्टिक और इसकी पत्तियां से बनने वाले बिस्कुट भी जल्द ही उपलब्ध होने वाले हैं। यह सेहत के लिए काफी अच्छे हैं। स्वाद की अगर बात की जाए, तो इसमें भी यह पीछे नहीं होंगे।
  • कंधे का दर्द देता है दिल की बीमारी का संकेत, जानें कैसे
    अमेरिका के यूटा यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मेडिसीन के प्रोफेसर कुर्ट हेगमैनन के अनुसार, "यदि किसी को कंधा घुमाने में समस्या है तो यह कुछ दूसरी ही दिक्कत का संकेत है। उन्हें दिल की बीमारी होने के जोखिम कारकों पर नजर रखने की जरूरत है।"
  • प्रेग्नेंसी के दौरान रखें अपनी सेहत का ख्याल, डाइट में शामिल करें ये चीज़ें
    मां बनने का अहसास ही अनोखा होता है। गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान अपने खान-पान का खास ध्यान रखना चाहिए। गर्भवती महिला को यह नहीं भूलना चाहिए कि वह जो भी खाती हैं उससे बच्चे को पोषण मिलता है, इसलिए गर्भावस्था के दौरान स्वस्थ आहार का सेवन करना चाहिए।
  • सर्दियों में होने वाले फ्लू से बच्चों को बचाएं, रखें इन बातों का ध्यान
    एनफ्लुएंजा (फ्लू) वायरल बुखार है जो सर्दियों के दौरान बच्चों में आम तौर पर हो जाता है। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता होने की वजह से बच्चे इसका शिकार जल्दी हो जाते हैं। अचानक बुखार हो जाना, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और बेचैनी के साथ साथ खराब गला, सरसराहट, नाक बहना और सांस प्रणाली की समस्याएं होना आदि सामान्य फ्लू के लक्षण हैं।
  • अब नई तकनीक से हो सकेगी आंखों के रोगों की पहचान
    एक नई तकनीक आई है, जिससे आंखों का इलाज और आसान हो जाएगा। एक सॉफ्टवेयर के विश्लेषण से स्वस्थ और रोगग्रस्त रेटिना के बीच सूक्ष्म अंतर का पता चल जाएगा। इस तकनीक की मदद से आंखों की बीमारियों का पता शुरुआत में ही लग जाएगा।
  • विटामिन डी के हैं बड़े फायदे, डायबिटीज़ और दिल के रोगों को रोकने में है मददगार
    वैज्ञानिकों ने अनुसंधान में पाया कि विटामिन डी की कमी चूहों में मेटाबॉलिक सिंड्रोम की प्रगति के लिए जरूरी होती है, जो पेट में होने वाली गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार है। हाल ही में एक शोध से यह बात सामने आई है।
  • क्या आप जानते हैं अप्रत्यक्ष धूम्रपान से डिमेंशिया का खतरा
    इंग्लैंड के एग्जिटर स्थित पैनिनसुला मेडिकल स्कूल के ब्रिटिश मेडिकल जरनल में प्रकाशित अध्ययन में धूम्रपान न करने वाले 50 साल से कम उम्र के 4800 लोगों के थूक के नमूने लिए गए, जिनमें कोटिनाइन की जांच की गई। यह निकोटीन में शामिल एक तत्व होता है जो धूम्रपान के 25 घंटे बाद तक थूक में मौजूद रहता है।
  • बढ़ती ठंड से बढ़ सकती हैं दिल की समस्या, रखें खास ख्याल
    एक ताजा शोध में यह बात सामने आई है कि दिल के मरीजों में 26 दिसंबर को समस्याएं अचानक बढ़ जाती हैं। यह भी पता चला है कि क्रिसमिस के चार दिनों के बाद दिल फेल होने के मामले 33 फीसदी बढ़ जाते हैं।

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