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Diabetic Diet: डायबिटीज के लक्षण दिखने पर आहार में शामिल करें ये, डायबिटीज होगी कंट्रोल में

Diabetic Diet: डायबिटीज को कंट्रोल करने के भोजन को समझना जरूरी है. लेकिन उससे पहले यह समझ लेना जरूरी है कि डायबिटीज के कारण (Diabetes Causes) क्या हैं और डायबिटीज के लक्षण कैसे होते हैं. डायबिटीज का पूरी तरह से इलाज (Diabetes Treatment) कर पाना या इसे जड़ से खत्म कर पाना एक ऐसा सवाल है जिसका सही जवाब डॉक्टर दे सकते हैं. लेकिन यहां इस लेख में हम आपको बता सकते हैं कि आप किस तरह अपने आहार में बदलाव कर डायबिटीज को कंट्रोल कर सकते हैं.

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Diabetic Diet: डायबिटीज के लक्षण दिखने पर आहार में शामिल करें ये, डायबिटीज होगी कंट्रोल में

Blood Sugar Levels: डायबिटीज के कारण (Diabetes Causes) और डायबिटीज के लक्षण समझना जरूरी है.

खास बातें

  1. किस तरह अपने आहार में बदलाव कर डायबिटीज को कंट्रोल कर सकते हैं?
  2. आप कैसे भोजन ले रहे हैं इस बात पर ध्यान देना भी जरूरी है.
  3. डायबिटीज दो प्रकार की होती हैं: टाइप 1 डायबिटीज और टाइप 2 डायबिटीज.

Diabetic Diet: डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए डाइट और व्यायास को सही तरह से समझना जरूरी है. अगर आप सही डाइट और सही व्यायाम को चुन पाने और कर पाने में सक्षम हो जाते हैं तो यकीन मानिए आप डायबिटीट को कंट्रोल कर पाने में भी सफल हो जाएंगे. सबसे पहले यह समझ लेना जरूरी है कि डायबिटीज के कारण (Diabetes Causes) क्या हैं और डायबिटीज के लक्षण कैसे होते हैं. डायबिटीज का पूरी तरह से इलाज (Diabetes Treatment) कर पाना या इसे जड़ से खत्म कर पाना एक ऐसा सवाल है जिसका सही जवाब डॉक्टर दे सकते हैं. लेकिन यहां इस लेख में हम आपको बता सकते हैं कि आप किस तरह अपने आहार में बदलाव कर डायबिटीज को कंट्रोल कर सकते हैं. डायबिटीज के लिए भोजन यानी डायबिटीज डाइट (Diabetes Diet) सही हो तो आप मधुमेह यानी डायबिटीज के स्तर को कंट्रोल में कर सकते हैं. आप कैसे भोजन ले रहे हैं इस बात पर ध्यान देना भी जरूरी है. असल में मधुमेह या डायबिटीज एक आम मेडिकल कंडिशन है. डायबिटीज के प्रकार (Types Of Diabetes) पर चर्चा करें. यह दो प्रकार की होती हैं: टाइप 1 डायबिटीज और टाइप 2 डायबिटीज. इन दोनों में से, टाइप 2 डायबिटीज है. इस स्थिति में शरीर या तो इंसुलिन का प्रतिरोध करता है या यह इंसुलिन का उत्पादन करने में सक्षम नहीं होता. इंसुलिन एक हार्मोन है जो आपके अग्न्याशय द्वारा निर्मित होता है. यह आपकी कोशिकाओं में शुगर की गति को कंट्रोल करने में मदद करता है. यह बॉडी के मेटाबॉलिज्‍म में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. Blood Sugar लेवल को इन कंट्रोल करने के लिए कई बार डॉक्टरी दवाएं लेनी होती हैं, तो कई बार ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए हम आसान तरीकों को तलाशते हैं. डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए आसान नुस्खे यहां आपको बताएंगे.


डायबिटीज के लक्षण, कैसे जानें ब्लड शुगर लेवल को | Diabetes Symptoms and Best Foods to Control Diabetes

- टाइप 2 डायबिटीज के चलते ब्‍लड शूबर के लेवल में वृद्धि होती है. आपकी किडनी ब्‍लड से इस एक्‍स्‍ट्रा शुगर को निकालने की कोशिश करती है. जिसके चलते, आपको बार-बार पेशाब आने लगता है (विशेषकर रात के समय). यह टाइप 2 डायबिटीज का शुरुआती संकेत हो सकता है.

- टाइप 2 डायबिटीज ब्‍लड सर्कुलेशन को प्रभावित कर सकती है. नतीजतन, आपके घावों को ठीक होने में हफ्तों या महीनों लग सकते हैं. घावों के कारण आपको इंफेक्‍शन होने का खतरा भी हो सकता है.

- डायबिटीज के लक्षण समझने में देर न करें. हाथ या पैर का सुन्‍न होना या दर्द होना भी डायबिटीज का लक्षण हो सकता है. टाइप 2 डायबिटीज से न्यूरोपैथी हो सकती है. चूंकि हाई ब्‍लड शुगर ब्‍लड सर्कुलेशन को प्रभावित कर सकता है, आपकी नसें उसी के कारण खराब हो सकती हैं. नतीजतन, पैरों या हाथों के सुन होने की शिकायत होने लगती है. 

- बार-बार पेशाब जाने के कारण आपके शरीर को पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता है. किडनी द्वारा ब्‍लड से एक्‍स्‍ट्रा चीनी को निकालने से डिहाइड्रेशन हो सकता है, जिससे आप सामान्य से अधिक प्यास लगने की शिकायत कर सकते हैं.

- मधुमेह का एक लक्षण है लगातार थकान महसूस करना. टाइप 2 डायबिटीज आपके एनर्जी के लेवल को प्रभावित कर सकती है. चूंकि इस स्थिति में शरीर की कोशिकाएं पर्याप्त ऊर्जा प्राप्त करने में सक्षम नहीं हैं, इसलिए इससे थकान हो सकती है.

- मधुमेह के शुरुआती लक्षणों में से एक है बार-बार भूख लगना. असल में हमारा पाचन तंत्र शर्करा को ग्लूकोज में बदलता है, जो आपके शरीर के लिए एक ईंधन होता है. इस वजह से पर्याप्त ग्लूकोज ब्‍लड सर्कुलेशन से कोशिकाओं तक नहीं पहुंचाया पाता, नतीजतन, आपको पूरा खाना खाने के तुरंत बाद भी भूख लगने लगती है.

- टाइप 2 डायबिटीज के कारण आपके ब्‍लड में शुगर की अधिक मात्रा आपकी आंखों में छोटी रक्त वाहिकाओं को प्रभावित कर सकती है. ऐसे में कई बार दोनों आंखों से धुंधला दिखाई देने लगता है. अगर आपको भी धुंधला दिख रहा है तो, तुरंत डॉक्‍टर से सलाह लें.

डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए क्या खाएं, कैसी हो डाइट?

मधुमेह को नियंत्रित करने यानी डायबिटीज को कंट्रोल करने में दालचीनी आपकी मदद कर सकती है. दालचीनी एक लोकप्रिय जड़ी बूटी है, जो डायबिटीज या मधुमेह के रोगियों के लिए बहुत काम की साबित हो सकती है. यह एक ऐसी बूटी है जो एक पेड़ की छाल से तैयार की जाती है. जैसा कि हम जानते हैं डायबिटीज या मधुमेह के रोगियों को चीनी से परहेज करना होता है, ऐसे में डायबिटीज के रोगी चीनी की जगह किसी चीज में मिठास जोड़ने के लिए इसे चीनी के विकल्प के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं. यही कारण है कि यह टाइप -2 मधुमेह रोगियों के बीच काफी लोकप्रिय है. दालचीनी कई मायनों में अच्छी है. यह ग्लूकोज, पाचन, इंसुलिन, इंसुलिन संवेदनशीलता, रक्तचाप के स्तर, एंटीऑक्सिडेंट की स्थिति और कई अन्य लोगों के स्तर में सुधार करने में मदद करती है.
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Diabetic Diet: दालचीनी डायबिटीज या मधुमेह के रोगियों के लिए बहुत काम की साबित हो सकती है.

डायबिटीज के लिए भोजन में शामिल करें मेथी 

डायबिटीज से लड़ने के लिए आहार में शामिल करें मेथी. जी हां, मेथी को रक्त शर्करा (Fenugreek Control Blood Sugar) के स्तर को कम करने में मदद करने के लिए जाना जाता है. यह फाइबर और रसायनों में भरपूर है, जो कार्बोहाइड्रेट और ब्लड शुगर लेवल को कम कर पाचन में मदद करते हैं. शोधकर्ताओं ने पाया है कि सही मात्रा में मेथी का सेवन कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है और इंसुलिन के स्तर को बढ़ाने में भी मदद करता है, जिससे रक्त शर्करा के स्तर में कमी आती है. मेथी का सेवन कई अलग-अलग तरीकों से किया जा सकता है जैसे कि इसे गर्म पानी में मिलाकर, इसे कुछ खाद्य पदार्थों में एक जड़ी बूटी के रूप में मिलाएं, इसे पीसकर या पाउडर के रूप में इसके चूर्ण के रूप में सेवन कर सकते हैं. 

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Diabetic Diet Tips:  मेथी को रक्त शर्करा (Blood Sugar) के स्तर को कम करने में मदद करने के लिए जाना जाता है.

अदरक

अदरक का इस्तेमाल कई भारतीय व्यंजनों में किया जाता है. अदरक को कई बीमारियों के घरेलू उपचारों में उपयोग किया जाता है. अदरक को आयुर्वेद का खजाना माना जाता है. आमतौर पर अदरक को अल्‍टी और अपचन से जुड़ी बीमारियों के में एक घरेलू नुस्खे के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है. अदरक ब्‍लड शूगर के लेवल को कंट्रोल करने और डायबिटीज को कंट्रोल करने में भी मददगार है. डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है, जिसमें पैनक्रिया इंसुलिन उत्पन्न करने में सक्षम नहीं होती. अदरक इंसुलिन के उत्पादन को ठीक करके डायबिटीज कंट्रोल करने में मदद करती है.

नोट : आहार में किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें. 

(यह लेख डॉक्टर स्वाति भरद्वाज से बातचीत पर आधारित है.)



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