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​ईद मुबारक: जानिए ईद-उल-फितर को आखिर क्यों कहा जाता हैं मीठी ईद..

रमजान का पवित्र माह खत्म हो चुका है और 30 दिनों तक रोजा रखने के बाद आज के दिन यह त्यौहार देश भर में पूरे जोश और उत्साह से मनाया जा रहा है. मुसलमानों में ईद का त्यौहार मूलरूप से भाईचारे को बढ़ावा देने वाला त्यौहार है.

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​ईद मुबारक: जानिए ईद-उल-फितर को आखिर क्यों कहा जाता हैं मीठी ईद..

खास बातें

  1. आज के दिन सभी लोग अल्लाह से सुख शांति और बरक्कत के लिए दुआएं मांगते हैं
  2. ईद का त्यौहार देश भर में पूरे जोश और उत्साह से मनाया जा रहा है
  3. ईद के दिन गले मिलकर पुराने गिले-शिकवे दूर किए जाते हैं
रमजान का पवित्र माह खत्म हो चुका है और 30 दिनों तक रोजा रखने के बाद आज के दिन यह त्यौहार देश भर में पूरे जोश और उत्साह से मनाया जा रहा है. मुसलमानों में ईद का त्यौहार मूलरूप से भाईचारे को बढ़ावा देने वाला त्यौहार है. ईद के दिन हर मुसलमान के घर में मिठाइयों का सेवन किया जाता है और मिठाइयों का आदान-प्रदान भी किया जाता है. यही वजह है कि इसे मीठी ईद के नाम से भी जाना जाता है. 

पूरे माह रोजा रखने के बाद ईद के अगले दिन से सामान्य दिनों की तरह ही खाना खाया जाता है और सभी मुसलमान अल्लाह का शुक्रिया अदा भी करते है कि उन्होंने महीने भर का रोजा रखने की ताकत दी. इसके साथ-साथ ईद के दिन गले मिलकर पुराने गिले-शिकवे दूर किए जाते हैं. 

जिस तरह ईद उल-अज़हा, जिसे बकरा ईद भी कहा जाता है, पर मांस का सेवन किया जाता है, उसी तरह  ईद उल फितर पर परंपरागत मिठाइयों का सेवन किया जाता है. आज के दिन सभी लोग अल्लाह से सुख शांति और बरक्कत के लिए दुआएं मांगते हैं. जैसे मांस के बिना बकरा ईद को अधूरा माना जाता है उसी तरह ईद उल फितर को किमामी सेवईं और शीर खुरमा के सेवन के  बिना अधूरा माना जाता है. शीर खुरमा सेवइयों को दूध में भिगोकर उसमें ड्राई फ्रूट्स को डालकर बनाया जाता है और किमामी सेवईं सेवइयों को दूध में भिगोकर उसपर शीरे का मिश्र और नारियल,खोये का मिश्र डालकर बनाया है.
 


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