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Holi 2018: होली पर इस बार जरूर करें ट्राई ये पांच भारतीय लोकप्रिय व्यंजन, घर आए मेहमानों को करें इम्प्रेस

होली का त्योहार सिर्फ कुछ ही दिन दूर है. दुकानों पर रंग-बिरंगे गुलाल और पिचकारियां देखी जा सकती हैं. इस बार होली का पर्व 2 मार्च 2018 को मनाया जाएगा.

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Holi 2018: होली पर इस बार जरूर करें ट्राई ये पांच भारतीय लोकप्रिय व्यंजन, घर आए मेहमानों को करें इम्प्रेस

Holi 2018: इस बार होली का पर्व 2 मार्च 2018 को मनाया जाएगा.

खास बातें

  1. इस बार होली का पर्व 2 मार्च 2018 को मनाया जाएगा.
  2. होली वसंत ऋतु आने का प्रतीक है.
  3. होली के मौके पर भी अलग-अलग क्षेत्रों के व्यंजन काफी लोकप्रिय हैं. 
होली का त्योहार सिर्फ कुछ ही दिन दूर है. दुकानों पर रंग-बिरंगे गुलाल और पिचकारियां देखी जा सकती हैं. इस बार होली का पर्व 2 मार्च 2018 को मनाया जाएगा. होली वसंत ऋतु के दौरान आता है, होली वसंत ऋतु आने का प्रतीक है. होली का त्योहार इसलिए भी खास होता है क्योंकि विभिन्न क्षेत्र और समुदाय के लोगों को भी नजदीक लाता है. इस दिन लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर त्योहार की बधाई देते हैं. अन्य भारतीय त्योहारों की तरह, होली के मौके पर भी अलग-अलग क्षेत्रों के व्यंजन काफी लोकप्रिय हैं. 
 


यहां हम ऐसे ही कुछ पारंपरिक व्यंजनों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके बिना होली का त्योहार अधूरा है:
 

गुजिया 



होली के मौके पर गुजिया बहुत ही लोकप्रिय है. गुजिया की बाहरी परत मैदे से तैयार की जाती है जिसके अंदर खोया, नट्स और गुड़ की फीलिंग भरी जाती है. फ्राई करने के बाद गुजिया को चीनी की चाशनी में भिगोया जाता है. होली के मौके पर गुजिया हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और बिहार में मुख्य रूप से बनाएं जाते हैं, हालांकि इसकी उत्पति राजस्थान से हुई. राजस्थान में गुजिया सिर्फ होली के मौके पर ही नहीं बल्कि, तीज और दिवाली पर भी बनाई जाती है.
 
 

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पूरन पोली 




पूरन पोली महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली मिठाई है जिसे होली के मौके पर बड़े ही चाव से बनाया जाता है. पूरन पोली एक पतली ब्रेड की तरह होती है जिसमें चने की दाल, जायफल और इलाइची का मिश्रण भरा जाता है. पूरन पोली बहुत ही स्वादिष्ट होती है जिसे एक बार खाने के बाद आप दोबारा खाना चाहेंगे.
 
puran poli
पूरन पोली महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली मिठाई है​.

 

दही वड़ा 




होली का मौका हो और किसी के घर में दही वड़े (दही भल्ले) न बनें इस बात कि कल्पना भी नहीं की जा सकती है. चाट की संस्कृति की शुरूआत उत्तर प्रदेश से हुई. 18वी शताब्दी के बाद चाट बहुत लोकप्रिय हुई, जो अवध की गलियों से निकल सीधा आम लोग के बीच पॉपुलर हो गई. उड़द दाल से तैयार किए गए दही वड़ों को फ्राई किया जाता है. इसके बाद इन पर दही, चाट मसाला, इमली की चटनी और हरी चटनी डाली जाती है जिससे इसका स्वाद दोगुना हो जाता है.
 
dahi bhalla
चाट की संस्कृति की शुरूआत उत्तर प्रदेश से हुई.

 

जिलीपी 




बंगाल में होली का पर्व अधिकांश भारतीय क्षेत्रों से थोड़ा अलग तरीके से मनाया जाता है. बंगाल में होली का पर्व डोल जत्रा के रूप में मनाया जाता है जो भगवान श्रीकृष्ण और राधा के प्रेम से जुड़ा है. हालांकि की गुलाल इस पर्व का हिस्सा है. डोल जत्रा के इस पर्व को जो बात अलग बनाती है वह है स्विंग फेस्टिवल. इस त्योहार के दौरान झूले में भगवान श्रीकृष्ण और राधा की प्रतिमा रखकर उनकी पूजा की जाती है. लोग इस मौके पर कलरफुल कपड़े पहनकर झूला झूलते हैं और पर्व का आनंद लेते हैं. इस दौरान बंगाल में जिलीपी भोग का लोकप्रिय हिस्सा है. यह दिखने में जलेबी जैसे ही होती है जिसे पनीर से तैयार करके चीनी की चाशनी लगाई जाती है.
 
 

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मालपुआ





होली के मौके पर गुजिया जहां स्टार डिश के रूप छाई रहती है वहीं मालपुआ भी उससे पीछे नहीं है. मालपुआ को वैसे सबसे पुरानी मिठाई माना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि कि मालपुआ 3000 से 3500 सालों भी ज्यादा भारतीय त्योहरों का हिस्सा रहा है. बिहार में होली के त्योहार की तैयारियों के दौरान मालपुआ बड़े पैमाने पर बनाएं जाते हैं. मालपुआ भारतीय पैनकेक डिज़र्ट है, जिसे घी में तलने के बाद चाशनी में डुबोया जाता है. मालपुआ की खास बात यह है कि आप इसे ऐसे भी खा सकते हैं या फिर रबड़ी के साथ भी सर्व कर सकते हैं.
 
malpua
होली के मौके पर गुजिया जहां स्टार डिश के रूप छाई रहती है .
 

Happy Holi 2018

 



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