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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कपिल सिब्बल से सवाल : बाबरी प्रकण में आप हैं किस तरफ, साफ करें

मोदी ने कहा, ‘राममंदिर का मुद्दा उन्नीसवीं सदी से लंबित है. उन्नीसवीं सदी चली गई, बीसवीं सदी चली गई और इक्कीसवीं सदी के कई साल गुजर गये हैं.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कपिल सिब्बल से सवाल : बाबरी प्रकण में आप हैं किस तरफ, साफ करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. मोदी ने कहा, ‘राममंदिर का मुद्दा उन्नीसवीं सदी से लंबित है.
  2. मोदी ने कहा, उन्नीसवीं सदी चली गई, बीसवीं सदी चली गई.
  3. मोदी ने कांग्रेस के काम को अटकाना, लटकाना और भटकाना कहा.
कालोल (गुजरात): कपिल सिब्बल की इस मांग पर कि रामजन्मभूमि मामले की सुनवाई टाल दी जाए, उन पर प्रहार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को उनसे और उनके ‘नये नेता’ से इस बात पर स्पष्टीकरण मांगा कि वे मंदिर के समर्थकों के पक्ष में हैं या बाबरी मस्जिद के समर्थकों के पक्ष में. मोदी ने कहा, ‘कांग्रेस ने अब तक जो कुछ किया है, वह अटकाना, लटकाना और भटकाना है. वे या तो चीजों को बाधित कर देते हैं या मुद्दा लटकाये रखते हैं या ध्यान बंटाने का प्रयास करते हैं.’ उन्होंने कहा कि यानी कांग्रेस को लोगों की समस्याओं का हल करने में दिलचस्पी नहीं है.

मोदी ने कहा, ‘राममंदिर का मुद्दा उन्नीसवीं सदी से लंबित है. उन्नीसवीं सदी चली गई, बीसवीं सदी चली गई और इक्कीसवीं सदी के कई साल गुजर गये हैं. अब जब यह मामला अंतिम सुनवाई के लिए उच्चतम न्यायालय में आया है तब एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता, जो वकील भी हैं, कहते हैं कि इसे 2019 चुनाव तक टाला जाए.’

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मोदी ने कहा, ‘देखिए, यह वह तरीका है कि उन्होंने कैसे काम किया है, यानी अटकाना, लटकाना और भटकाना. पिछले 70 साल में उन्होंने बस चुनाव को ध्यान में रखकर काम किया है.’ उन्होंने कहा, ‘अब पूरा देश इस मुद्दे का समाधान चाहता है, सुन्नी वक्फ बोर्ड, शिया वक्फ बोर्ड, राम मंदिर के प्रतिनिधि सभी शीघ्र फैसला चाहते हैं.

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फैसला चाहे जैसा हो, सभी चाहते हैं कि अदालत इस मामले की तेजी से सुनवाई करे और फैसला दे.’ सिब्बल का परोक्ष जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस नेता मेरे सवालों का जवाब देने के बजाय कह रहे हैं कि वह सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील नहीं हैं.’ कांग्रेस अध्यक्ष बनने जा रहे राहुल का नाम लिये बगैर उन्होंने कहा, ‘जवाब दीजिए, क्या आप उन लोगों के साथ हैं जो राममंदिर का निर्माण चाहते हैं या उन लोगों के साथ जो बाबरी मस्जिद के पक्ष में हैं. यदि आप जवाब नहीं दे सकते तो आप अपने नये नेता को जवाब देने के लिए कहिए कि आप किस तरफ हैं.’

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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